खेल में हार भी नहीं होती हार
खेल में जीत नहीं होती प्यार
मिलती किसे सदा खेल में हार
खेले जाओ सदा यही करो वार
हारने पर भी गले में डलवायें हार
हारना भी है एक अनोखा उपहार
खेलो खेल भावना से करो प्यार
हारो और हारो भारत के सरदार
गिरो तुम भी डरो मत मेरे यार
क्रिकेट भी बन गया है व्यापार
गिरो तुम भी थमो मत लाचार
जैसे गिर रहा रोज़ शेयर बाज़ार
Showing posts with label शेयर. Show all posts
Showing posts with label शेयर. Show all posts
2.2.08
क्रिकेट भी बन गया है व्यापार
Posted by
अविनाश वाचस्पति
2
comments
28.1.08
नेताओं की बक बक देती ताकत
जैसे जैसे बढ़ता रहा है पाला रे
बाजार गिरता रहा है स्साला ये
ब्यान आया है जब सत्ताधारी का
हो गया है गर्म शेयर बाज़ार का
बढ रही सर्दी और गिर रहा बाजार
उठता संभलता फिर मारता बाजार
चढ़ाता बुखार है बाजार कम्बखत
मौसम से परेशान अब हर शख्स
नेताओं की बक बक देती ताकत
बनती बाद में बाज़ार की गिरावट
Posted by
अविनाश वाचस्पति
2
comments
26.1.08
पीस कर रख दिया बाज़ार
सांड का पना
पना आम का
पापड की तरह
पीस कर रख
दिया बाज़ार
अब न जाने
कब और कितने
दिनों में फिर
फूलेगा तब
झूलेंगे निवेशक
पर सांड को
तो दौडाओ
बी एस ई से
परे हटाओ
हे राम जी.
Posted by
अविनाश वाचस्पति
0
comments
Subscribe to:
Posts (Atom)
