नई दिल्ली स्थित गांधी शांति प्रतिष्टान में आयोजित काव्य गोष्टी में मंच संचालन करते अरविंद पथिक, आशीर्वाद देते पंडित सुरेश नीरव, मंचासीन पीएन सिंह और यशवंत सिंह।भड़ासियों को काव्य गोष्ठी का न्योता पं. रामप्रसाद बिस्मिल फाउंडेशन के महासचिव अरविंद पथिक की ओर से काफी पहले मिल चुका था। रविवार शाम छह बजे से शुरू हुई काव्य गोष्टी साढ़े आठ बजे तक चली और उसके बाद भोजन का दौर चला। लगभग दर्जन भर कवियों ने अपनी रचनाओं के जरिए खचाखच भरे हाल के श्रोताओं को भाव विभोर किया। पंडित सुरेश नीरव ने पर्यावरण जैसे मुद्दे पर अपनी कविता के जरिए काफी वाहवाही लूटी। इसके अलावा श्लोक अधर...वाली अपनी मशहूर कविता का गायन कर जमकर तालियां लूटीं। मेरे लिए खास यह रहा कि बहुत दिनों बाद किसी काव्य गोष्ठी का हिस्सा बना और इस मौके पर क्रांतिकारी कविताओं की काकटेल को मंच से सुनाया। इस काव्य गोष्ठी की विस्तृत रिपोर्ट अरविंद पथिक जी भड़ास पर डालेंगे पर मैं यहां इतना जरूर कहना चाहूंगा कि रविवार की यह शाम कई मायनों में मेरे लिए काफी फायदेमंद रहे। भड़ास संचालन समिति के सदस्य रजनीश के झा मुंबई से बिहार गए हुए थे और वापसी में दिल्ली आए तो उनसे भी प्रथम मुलाकात का मौका यह कवि सम्मेलन ही बना। कविवर भगवान सिंह हंस के जन्मदिन के मौके पर आयोजित इस कवि सम्मेलन में मेरे मित्र गोपाल राय, अमित द्विवेदी, मनीष राज आदि भी पहुंचे। यहां भारतीयम ब्लाग वाले अरविंद चुतर्वेदी जी से भी मुलाकात हुई। साथ ही प्रवासी संसार मैग्जीन के संपादक राकेश पांडेय जी से परिचय हुआ। ऐसे ढेरों नाम हैं जिनसे पहली दफा मुलाकात का मौका मिला। पंडित सुरेश नीरव को पहली बार मंच से कविता पढ़ते गाते सुनने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ। कई बड़े कवि भोपाल से पधारे, उन्हें भी सुनने का मौका मिला।
फिलहाल इसे प्राथमिक रिपोर्ट समझा जाए। विस्तृत रिपोर्ट के लिए हम अरविंद पथिक जी के पोस्ट का इंतजार करेंगे।
जय भड़ास
यशवंत
