Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

Loading...

: जय भड़ास : दुनिया के सबसे बड़े हिंदी ब्लाग में आपका स्वागत है : 888 सदस्यों वाले इस कम्युनिटी ब्लाग पर प्रकाशित किसी रचना के लिए उसका लेखक स्वयं जिम्मेदार होगा : आप भी सदस्यता चाहते हैं तो मोबाइल नंबर, पता और प्रोफाइल yashwantdelhi@gmail.com पर मेल करें : जय भड़ास :

28.7.15

शहर में दो गर्ल्स कॉलेज हैं या सरकार के मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने सदन में मुनमुन के सवाल का गलत जवाब दिया है? 
   सिवनी के विधायक दिनेश मुनमुन राय ने नेता जी सुभाषचंद्र बोस कन्या महाविद्यालय के संबंध में विधानसभा में प्रश्न पूछा। इसका जवाब देते हुये प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने जवाब दिया कि,सिवनी के नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्या माविद्यालय के पास भवन नहीं हैं इस वजह से यूजीसी से राशि नहीं मिल पा रही है। जबकि बींझावाड़ा की भूमि पर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वोरा ने गर्ल्स कालेज का भूमिपूजन किया था जिसमें कालेज भवन के साथ साथ पचास पचास सीट के दो हास्टल भी बनाये गये थे। लेकिन शहर से दूरी को मुद्दा बनाकर जब विरोध पुनः हुआ तो तत्कालीन भाजपा विधायक नरेश दिवाकर की पहल पर उस अपने खुद के भवन को छोड़कर इस कालेज को एक बार फिर उसी जेल भवन में ले जाया गया।इसी दौरान शासकीय कन्या महाविद्यालय का नामकरण नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्या महाविद्यालय के रूप में कर दिया गया। लेकिन कालेज का स्थापना वर्ष तो एक ही है। व्यापम के विरोध में प्रदेश कांग्रेस के आव्हान पर 16 जुलाई को जिले में भी बंद का आव्हान किया गया था। कांग्रेस के इस बंद को जिल मुख्यालय लगभग सभी बड़े कस्बों में आशातीत सफलता मिलने से जिले के कांग्रेसी उत्साहित है। प्रदर्शनकारी युवा कांग्रेसी कार्यकर्त्ताओं पर पुलिस ने अश्रु गैस के गोलों के साथ जम कर लाठी भी भांजी जिसमें सिवनी जिले के बरघाट विस क्षेत्र के युवक कांग्रेस के अध्यक्ष देवेन्द्र ठाकुर भी घायल हो गये और उनके हाथ की हड्डी टूट गयी।

मुनमुन के सवाल से उठे कई सवाल-सिवनी के विधायक दिनेश मुनमुन राय ने नेता जी सुभाषचंद्र बोस कन्या महाविद्यालय के संबंध में विधानसभा में प्रश्न पूछा। इसका जवाब देते हुये प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने जवाब दिया कि,सिवनी के नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्या माविद्यालय के पास भवन नहीं हैं इस वजह से यूजीसी से राशि नहीं मिल पा रही है। जेल भवन की भूमि को महाविद्यालय को देने के लिये उच्च शिक्षा विभाग ने अर्धशासकीय पत्र लिखकर इस संबंध में कार्यवाही करने को लिखा है। विधायक के प्रश्न और मंत्री के द्वारा दिये गये जवाब से यह सवाल पैदा हो गया है कि क्या शहर के दो गर्ल्स कॉलेज है? ऐसा सवाल इसलिये उठ खड़ा हुआ क्योंकि सन 1980 के दशक में जिले में छात्राओं को उच्च शिक्षा मिले इसकी मांग उठने लगी थी। प्रदेश की तत्कालीन दबंग कांग्रेस सरकार की मंत्री कु. विमला वर्मा की पहल पर जिले के सिवनी मुख्यालय में शासकीय कन्या महाविद्यालय खोला गया था जो अपने शुरुआती दिनों में एमएलबी स्कूल में लगा था। फिर कुछ समय बाद इसे जेल के भवन में स्थानान्तरित कर दिया गया था। जब प्रदेश के मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा थे तब प्रदेश के उच्चशिक्षा मंत्री चित्रकांत जैसवाल जिले के प्रभारी मंत्री थे। उसी समय इस कालेज के भवन के लिये राशि स्वीकृत हुयी और जिले की प्रथ महिला कलेक्टर श्रीमती आभा अस्थाना ने निकटवर्ती ग्रात बींझावाड़ा की लगभग 40 एकड़ शासकीय भूमि चिन्हित की जिसमें से 15 एकड़ जमीन गर्ल्स कालेज के लिये आवंटित की गयी एवं शेष जमीन कलेक्टरेट सहित ऐसे शासकीय कार्यालयों को आवंटित कर दी थी जिनके स्वयं के भवन नहीं थे। इसी भूमि पर प्रदेश के मुख्यमंत्री वोरा ने गर्ल्स कालेज का भूमिपूजन किया था जिसमें कालेज भवन के साथ साथ पचास पचास सीट के दो हास्टल भी बनाये गये थे। छुट पुट स्थानीय विरोध के बाद भी गर्ल्स कॉलेज नये भवन में ले जाया गया एवं आवागमन की दिक्कत को देखते हुये एक कालेज बस भी सरकार ने दिलायी थी।लेकिन शहर से दूरी को मुद्दा बनाकर जब विरोध पुनः हुआ तो तत्कालीन भाजपा विधायक नरेश दिवाकर की पहल पर उस अपने खुद के भवन को छोड़कर इस कालेज को एक बार फिर उसी जेल भवन में ले जाया गया। और कालेज के उस भवन का तो कुछ उपयोग हो भी रहा है लेकिन हास्टल के दोनों भवन बिना चालू हुये ही खंडहर में तबदील होते जा रहे है। तात्कालिक राजनैतिक लाभ के लिये गये इस निर्णय से कालेज का कितना नुकसान हुआ इसका अंदाज तो सदन में दिये गये उच्च शिक्षा मंत्री के बयान से ही लग रहा है खुद का भवन ना होने के कारण यूजीसी के अनुदान प्राप्त नहीं हो सकते है। इससे कालेज का पूरा विस्तार ही थम गया है। इसी दौरान शासकीय कन्या महाविद्यालय का नामकरण नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्या महाविद्यालय के रूप में कर दिया गया। लेकिन कालेज का स्थापना वर्ष तो एक ही है। सदन में उच्च शिक्षा मंत्री गुप्ता द्वारा दिये गये बयान से प्रतीत होता है कि शहर में या तो दो गर्ल्स कॉलेज हैं या फिर उन्होंने सदन में गलत बयानी की है कि जिले के कन्या महाविद्यालय के पास अपना खुद का भवन नहीं हैं क्योंकि नेता जी सुभाषचंद्र बोस कन्या महाविद्यालय के रूप में जिले के शासकीय कन्या महाविद्यालय का ही नामकरण किया गया था। अब यह एक शोध का विषय बन गया है कि जिस कालेज का एक भवन हो और वह अपने भवन में नहीं लग रहा है तो क्या यूजीसी उसी कालेज के लिये दूसरा भवन बनाने के लिये राशि देगी? और क्या जिले की छात्राओं को दिखाये जा रहे सपने पूरे होंगें? इनके जवाब भविष्य की गर्त में छिपे हुये हैं।
व्यापम के विरोध में कांग्रेस का बंद रहा सफल-व्यापम के विरोध में प्रदेश कांग्रेस के आव्हान पर 16 जुलाई को जिले में भी बंद का आव्हान किया गया था। कांग्रेस के इस बंद में जिले भर में व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रखने का आव्हान कांग्रेस ने किया था। कांग्रेस के इस बंद को जिला मुख्यालय लगभग सभी बड़े कस्बों में आशातीत सफलता मिलने से जिले के कांग्रेसी उत्साहित है। जिस तरह से भाजपा के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर बंद का विरोध किया था उससे ऐसा लगता था कि भाजपा के लोग सड़क पर उतरकर शायद बंद का विरोध करें। कुछ जानकारों का ऐसा मानना है कि भाजपा के कुछ नेताओं की ऐसी तैयारी भी थी लेकिन शहर में कांग्रेस के सभी गुट के लोगों के एक साथ सड़क पर उतर कर बंद में सहयोग देने के लिये की गयी अपील अधिक कारगर साबित हुयी और लोगों ने स्वयं ही अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। प्रदेश के युवाओं की योग्यता के साथ किये गये शिवराज सरकार के व्यापम के खूनी खिलवाड़ के खिल
ाफ लोगों में आक्रोश था और इसी के चलते कांग्रेस को अपने बंद में सफलता मिली। राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर कांग्रेस जिस आक्रामक तरीके से इस मामले को उठा रही है उससे प्रदेश में पहली बार भाजपा और शिवराज सिंह बेकपुट पर दिखायी दे रहे हैं। इस मामले में भाजपा आला कमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के स्तीफे को लेकर चाहे जो भी निर्णय ले लेकिन इस मामले से प्रदेश में भाजपा की साख को जरूर धक्का लगा है।  
घेराव के दौरान देवेन्द्र ठाकुर की हड्डी टूटी-व्यापम के विरोध की श्रृंखला में प्रदेश युवक कांग्रेस ने मुख्यमंत्री निवास के घेराव की घोषणा की थी। इसमें जिले से कई युवा कांग्रेसी शरीक हुये थे। प्रदर्शनकारी युवा कांग्रेसी कार्यकर्त्ताओं पर पुलिस ने अश्रु गैस के गोलों के साथ जम कर लाठी भी भांजी जिसमें सिवनी जिले के बरघाट विस क्षेत्र के युवक कांग्रेस के अध्यक्ष देवेन्द्र ठाकुर भी घायल हो गये और उनके हाथ की हड्डी टूट गयी। कांग्रेस शासनकाल में कभी ये ही भाजपा के कार्यकर्त्ता गला फाड़ फाड़ कर नारे लगाते थे कि लाठी गोली की सरकार नहीं चलेगी चलेगी और आज भाजपा की सरकार ही अपने मुख्यमंत्री के निवास तक लोग ना पहुंच पाये इसके लिये लाठियां भांज रही है। “मुसाफिर” 
दर्पण झूठ ना बोले सिवनी
28 जुलाई 2015 से साभार 







श्रद्धा और विश्वास की जीत

इस महान पुस्तक के बारे में आपको एक छोटी सी बात बताना चाहती हूँ। पिछले दिनों मेरे ब्रेस्ट में एक बड़ी गांठ हुई, स्पाइन में भी कई जगह बहुत दर्द रहने लगा। मेरा चेकअप हुआ। तीन एम.आर.आई. स्केन करवाए गए। डॉक्टर्स को पूरा शक था कि मुझे कैंसर हुआ है। एम.आर.आइ. स्केन की रिपोर्ट आने में समय था। तभी मैंने अमेज़ोन से डॉ.ओ.पी.वर्मा की पुस्तक कैंसर कॉज़ एंड क्योर मंगवाई। यह मेरे लिए ईश्वर का एक तोहफ़ा था। मैं डरी हुई थी और अपने उपचार की तैयारी कर रही थी। एक रात को मैं परेशान थी और नींद भी नहीं आ रही थी। तभी मैं उठी और अपनी प्यारी पुस्तक को सीने से चिपका लिया। मुझे लगा जैसे मैं बडविग की बाहों में हूँ और उनके शरीर से निकले इलेक्ट्रोन्स मुझे ठीक कर हे हैं। मैं जानती थी कि बडविग महान है और वे ही मुझे जीवन दे सकती है। यह सोचते-सोचते पता ही नहीं चला कब मेरी आँख लग गई। दूसरे दिन डॉक्टर ने मुझे बताया कि मुझे कोई कैंसर नहीं है। मैं बहुत खुश थी। मुझे इस पुस्तक की ताकत पर भरोसा था। मैं बडविग और उनकी क्वांटम फिजिक्स से बहुत प्रभावित हूँ। ऐसी बेमिसाल पुस्तक लिखने के लिए मैं डॉ. ओ.पी.वर्मा की बहुत आभारी हूँ। दोस्तों, आज मैं परी की तरह हवा में उड़ रही हूँ। 
मेरेडिथ गुडरिच, न्यू फील्ड्स   यह सचमुच गौरव और प्रसन्नता की बात है। अलसी मैया की विशेष अनुकंपा है। मेरी पुस्तक कैंसर – कॉज़ एंड क्यौर एमेजोन पर सफलता के नई उँचाइयां छू रही है और बहुत प्रशंसा एवम् प्रतिक्रिया बटोर रही है। नित नई कहानियां सामने आ रही हैं। किताब को पूरी श्रद्धा से सीने से लगाने और डॉ बडविग के प्रति पूरी भक्ति रखने मात्र से सारी रिपोर्ट्स ठीक आई, जबकि पूरी पूरी संभावना थी कि गुडरिच को ब्रेस्ट और हड्डियों में कैंसर पूरी तरह फैल चुका है। अलसी मां और बडविग मां ने उसे जीवन दान दिया है। सचमुच दिव्य है यह पुस्तक। यह खुशी मैं आपके साथ साझा करने में आनंद महसूस कर रहा हूँ।
मेरेडिथ गुडरिच 
न्यू फील्ड्स, न्यू हैम्पशायर  


बडविग कैंसर चिकित्सा की इस महान पुस्तक को आप सीधे हमसे या पोथी.कॉम से खरीद सकते हैं    http://pothi.com/pothi/book/dr-o-p-verma-cancer-cause-and-cure 
Dr. O.P.Verma
M.B.B.S., M.R.S.H.(London)
7-B-43, Mahaveer Nagar III, Kota Raj. 
+919460816360

Most Helpful Customer Reviews for this book

This is the best book on Budwig protocol i know of! Its hard to read original Burwig books as they are not translated well and seem complicated. Here you are given exact details of Budwig protocol which seems to be the most natural protocol and rellly easy to follow. The book also suggests some more natural methods of helping your body fight off cancer. I would highly recomend this book for someone who is affected by cancer or whose relative or friend is fighting it. It is very encouraging and gives hope as well as amazes you on how easily curable cancer can be despite all the scares that traditional mesicine and doctors put on you. Stay strong and believe in Gods given natural medicine which is in plants all around us!
Format: Kindle Edition
I have to say that I'm so impressed by Dr. Om's knowledge and research and strong efforts in promoting the Budwig Diet in India as well as around the world! He explains the oil-protein diet in incredible details, and focuses not only on writing but illustrating, teaching and producing instructional videos as well. His work has helped numerous people worldwide and helped so many understand the importance of a healthy diet and lifestyle. 
Format: Kindle Edition Verified Purchase
Dr. O. P. Verma's book is highly recommended to every cancer patient and to anyone interested in prevention of cancer.
The book is a very thorough and easy readable introduction to Dr. Johanna Budwig's method, which starts with bringing oxygen to the cells and energy to the body.
The book gives a lot of supplemental possibilities to fortify the method and bring it into a modern perspective.
The language used is formed by Dr. O. P. Verma's clinical experience and his contact with Mr. Lothar Herneise, who was educated by Dr. Johanna Budwig, and he has found a balance between explanations and transparency.
The book supports the 3E-Program developed by Lothar Herneise.
Eat well (Raw Organic Diet)
Eliminate toxins (Detoxification)
Energy (Balance the flow of life force)
It also contains: Eldi oil, Coffee Enema, Epsom bath, Sun Therapy, Energy Healing, Budwig-Compatible Natural Alternatives to Pain Medication, Remedy for Bone pain.
Several methods to strengthen the spirit, as emotional problems must be overcome.
Dr. Ryke Geerd Hamer's astonishing discovery of a emotional trauma - brain - cancer connection is nicely explained.
A dozen important herbs are highlighted and their positive impact described.
The chapter about Ligians gives flax seeds a unique position. Ligian health benefits extend beyond hormone-dependent breast cancer, osteoporosis, and prostate cancer to include brain function, cardiovascular disease, immune function, inflammation and reproduction.
The chapters about omega 3, 6, 9 fatty acids and corresponding Series 1, 2, 3 prostaglandins contain vital information also expressed with unusual clarity.
This is the best book on Budwig Protocol
The information provided in this book is both true and well explained. The Budwig protocol is the single most effective treatment for cancer patients, as well as those suffering from a wide range of other chronic diseases. In fact, healthy people will notice an immediate benefit from simply combining high quality (preferably organic) refrigerated flax seed oil with cottage cheese in a high speed hand blender and consuming it daily.
It's interesting to learn why this combination is effective. What's happening is actually a chemical change bonding of sulfurated protein and the oil. When combined with the sulfurated protein, the oil actually becomes water soluble. This is incredibly important because it allows the electron and lignan rich omega-3 fatty acids to penetrate the tissues, where they exponentially increase the ability of the cells to attract oxygen from the blood stream.
Lothar Hirneise strongly supports holistic and spiritual approach and includes Visualization, Meditation and Detoxification in his 3 E Program. Author has covered all these therapies in detailed. He explained other subjects related to cancer e.g. EFT, stress management, herbs, herbal teas and Essiac tea etc.
This is an interesting book. A lot of the ideas seem pretty farfetched and some of the cures use strange ingredients, but there are also some good ideas and things that are definitely worth knowing. Dr. Budwig and Ms. Caisse had some impressive cures but it would be difficult to follow their recommendations in 21st century America

27.7.15

आवश्यकता है

उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के सभी जिलों, शहरों में संवाददाताओं की आवश्यकता है। युवाओं को वरीयता दी जाएगी। आपके पास कैमरा अथवा कैमरे वाला फोन, इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए।
संपर्क करें
Email- upuklive@gmail.com
http://www.UPUKLive.com


सत्रारंभ कार्यक्रम से विद्यार्थियों के जीवन का नया अध्याय प्रारम्भ होगा- उमाशंकर गुप्ता

भोपाल। सत्रारम्भ कार्यक्रम से विद्यार्थियों के जीवन का नया अध्याय प्रारम्भ होगा। नवागत विद्यार्थियों के प्रबोधन के लिए प्रारम्भ हुआ सत्रारम्भ कार्यक्रम गुरुकुल परम्परा की तरह है। जिसमें विद्यार्थी को शिक्षा के साथ-साथ भविष्य में किये जाने वाले कार्य की नवीन विधाओं एवं चुनौतियों से परिचित कराया जाता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी पत्रकारिता, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दिग्गज हस्तियों से संवाद करते हैं और उनके जीवन के अनुभव से सीखने का प्रयास करते हैं। यह विचार आज मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सत्रारम्भ कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कहे। कार्यक्रम का उद्घाटन टी.टी. नगर स्थित समन्वय भवन में हुआ। इस अवसर पर प्रख्यात टीवी पत्रकार श्री विनोद कापड़ी एवं पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला उपस्थित थे।

लोकायुक्त को सौंपे आईपीएस अमिताभ ठाकुर की छुपी सम्पत्तियों का ब्योरा


लखनऊ स्थित सामाजिक संगठन 'तहरीर' के मुखिया और  आरटीआई एक्टिविस्ट संजय शर्मा ने आज लोकायुक्त को  यूपी के निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध बीते 21 जुलाई को दायर परिवाद में अमिताभ ठाकुर के परिवार की छुपी सम्पत्तियों, अमिताभ की पत्नी नूतन ठाकुर द्वारा एक सोसाइटी के सचिव के साथ धोखाधड़ी कर गरीबों की जमीन हड़पने और अमिताभ द्वारा अपनी अधीनस्थ महिला कार्मिकों की जासूसी कराने के साक्ष्य सौंपकर इनको जांच में सम्मिलित करने का अनुरोध किया है।

सोसायटी फॉर एज्युकेशन डेमोक्रेसी (म.प्र.)



    डीमेट परीक्षा को आनलाईन करवाने के लिये माननीय जबलपुर उच्च न्यायालय में विपिन उपाध्याय द्वारा लगाये गये आय.ए. नं. 7640 का सिर्फ मेन पिटीशन नं. 8810ॅच्ध्2015 के अन्तर्गत सुब्बाई करके अन्य पिटीशन ॅच्10859 एवं 10860 के बिन्दुओ को न्यायालय के रिकार्ड पर होने के बावजूद भी अधिवक्ता कार्यालय द्वारा डीमेट परीक्षा से सीधा-सीधा सम्बन्ध होने के बावजूद भी माननीय न्यायालय में पक्ष भी रखकर सीधा-सीधा डीमेट एसोसिएशन को ऑनलाईन परीक्षा करवाने में अप्रत्यक्ष सहयोग किया जा रहा है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच करवाकर अधिवक्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही की मांग पिटीशनकर्ता विभोर चोपडा द्वारा की गई।

चैनलों पर बकबकियों की बहस...!!

तारकेश कुमार ओझा

फिल्म गदर करीब डेढ़ दशक पहले आई थी। लेकिन यह शायद इस फिल्म की लोकप्रियता का ही परिणाम है कि अक्सर किसी न किसी चैनल यह  प्रदर्शित होती ही रहती है। यूं तो फिल्म में कई रोचक व दिल को छू जाने वाले प्रसंग है। लेकिन इस फिल्म का एक सीन वर्तमान राजनीति पर भी सटीक बैठता है। जिसमें पाकिस्तानी राजनेता बने अमरीश पुरी अपनी बेटी के साथ हुई त्रासदियों में भी राजनैतिक फायदे की संभावना देखते है। वे बेटी बनी अमीषा पटेल से कहते हैं... सब्बो ... हम सियासती लोग है। तुम चाहो तो इसके जरिए सियासत की सबसे ऊंची सीढ़ी तक पहुंच सकती हो।

नि:शुल्क पुस्तिका - "यह आजादी झूठी है"


गीतकार, लेखक और स्वराज को समर्पित चर्चित त्रैमासिक पत्रिका "दाल-रोटी" के संपादक अक्षय जैन की नई पुस्तिका "यह आजादी झूठी है" नि:शुल्क उपलब्ध है। जनहित में जारी इस पुस्तिका में कई रोचक लेख और काव्यांश शामिल किए गए हैं। संपर्क: "दाल-रोटी", 13, रशमन अपार्टमेंट, उपासनी हॉस्पिटल के ऊपर, एस.एल. रोड, मुलुंड (प), मुंबई 400080. मोबाइल 080807 45058


कब तक बर्दाश्त करें आतंक के इस दंश को?

30 जुलाई को मुंबई बम धमाकों के आरोपी याकूब मेनन की प्रस्तावित फांसी, 26 जुलाई को कारगिल विजय का जश्न और सोमवार 27 जुलाई को तड़के पंजाब के गुरदासपुर जिले के दीनानगर पुलिस थाने पर आतंकी हमला; देखने पर ये तीनों घटनाएं भले ही अलग प्रतीत हों किन्तु इनके बीच समानता की एक महीन लकीर नज़र आती है। याकूब मेनन की प्रस्तावित फांसी के विरोध में जिस तरह कथित बुद्धिजीवी पत्र लिखते हुए भारतीय न्याय व्यवस्था का मखौल उड़ा रहे हैं, उसे पूरी दुनिया देख रही है। क्या संभव नहीं कि याकूब के पाकिस्तानी आका भी उसकी फांसी पर देश के भीतर छिड़ी धर्म आधारित बहस का फायदा उठाना चाह रहे हों? क्या भरोसा कि पंजाब के आतंकी हमले को याकूब की फांसी से जोड़कर सियासतदां इस पर भी राजनीतिक रोटियां सेंकने लगें? हो सकता पाक समर्थित आतंकी संगठन याकूब की फांसी का बदला लेने का मंसूबा पाले हों जैसा उन्होंने कसाब की फांसी के बाद कहा और किया।

24.7.15

यूपी में इंसाफ के बदले मुंह बंदकराई का चलन



कृष्ण सिंह


उत्तर प्रदेश ने अपने इतिहास में अराजकता और अव्यवस्था के कई दौर देखे हैं, लेकिन ऐसा दौर कभी नहीं देखा जिसमें सरकार ने मुआवजे और नौकरियों को इंसाफ मांगने वालों की मुंह बंदकराई में बदल दिया हो और उनकी आड़ में की गई डीलों से ‘अपने’ अपराधियों को बचाने में सफलता पाने पर विजयदर्प से मुसकुराती हो! कोई तो समझाए उसे कि यह मुसकुराने का नहीं चुल्लू भर पानी तलाशने का मामला है।

हम हैं, नकलचियों का देश!

डॉ. वेदप्रताप वैदिक

दुनिया के विश्वविद्यालयों की श्रेष्ठता का मूल्यांकन करनेवाले एक विश्व-केंद्र का ताजा मूल्यांकन भारत को चैंकानेवाला है। उसके अनुसार दुनिया के पहले 340 श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में भारत का एक विश्वविद्यालय भी नहीं है। 341 वें नंबर पर है, दिल्ली का ‘इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नाॅलाजी’! 379 नंबर पर है, दिल्ली विश्वविद्यालय और फिर हमारे कई नामी-गिरामी विश्वविद्यालयों का नंबर 400, 500 या 600 पर जाकर टिकता है। क्या वजह है कि हमारा देश पढ़ाई-लिखाई में इतना पिछड़ा हुआ है? ऐसा नहीं है कि दुनिया के सारे श्रेष्ठ विश्वविद्यालय अमेरिका में हैं। वे यूरोप में तो हैं ही, चीन और जापान में भी हैं। इस्राइल, द.कोरिया, बेल्जियम, स्पेन और स्विटजरलैंड जैसे छोटे-छोटे देशों में भी हैं और वे भारत से बहुत आगे हैं।

अलीगढ़ के डीएस कालिज में जमकर हुआ हंगामा

अलीगढ़! शुक्रवार को डीएस कालिज में प्रवेश मेरिट लगने से पहले जमकर हंगामा हुआ,प्रवेश मैरिट प्रवेश परीक्षा के साथ हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट के अंक मिलाकर बनायी जा रही थी तो सभी छात्र नेताओं ने मिलकर इसका विरोध किया,छात्र नेताओं की प्राचार्य से जमकर नोंकझोंक हुई तथा चीफ प्राक्टर ने छात्र नेताओं को समझाने का खूब प्रयास किया लेकिन जब बात न बनी तो प्रचार्य ने पुलिस को खबर दे दी तो मौके पर पुलिस भी कालिज कैम्पस में पहुँच गई,अचल चौकी इन्चार्ज ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया परन्तु छात्रों की हठ थी कि प्राचार्य से मिल कर ही इस मुद्दे पर बात होगी अन्यथा कोई समझौता नहीं इसके पश्चात सभी छात्र नेताओं की प्राचार्य से बात कराई गयी और इस पर प्राचार्य ने अपना बचाव करते हुए कहा कि यह विश्वविधालय का आदेश है और इसकी एक प्रति छात्रनेताओं को देने की बात कही तब जाकर मामला शांत हुआ।

विवेक अग्रवाल ‘यंग एंटरप्रन्योर अवार्ड-2015’ से सम्मानित

नई दिल्ली : भारतीय उद्योग जगत के उभरते हुए युवा उद्यमी श्री विवेक अग्रवाल को ‘यंग एंटरप्रन्योर अवार्ड-2015’ से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड उन्हें केन्द्रीय कौशल विकास मंत्री श्री राजीव प्रताप रूढि़ ने प्रदत्त किया। विदित हो श्री अग्रवाल को यह पुरस्कार युवा व्यवसायी के रूप में  विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों के लिए दिया गया है। 28 वर्षीय श्री विवेक अग्रवाल रियल स्टेट, दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा से जुड़े विभिन्न उद्यमों में सक्रिय हैं एवं उनके पास दो हजार से अधिक कर्मियों की ताकत है। वे आईटी और टेलिकाम में भी सफलता के नये कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। इस अवसर पर प्रख्यात व्यावसायिक हस्तियों एवं कारपोरेट दिग्गजों को उनकी उत्कृष्ट व्यावसायिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

इस्लामिक स्टेट का झण्डा फूंका

चंडीगढ़। (कलसी): - आज वीएचपी-बजरंग दल चंडीगढ़ की टोली ने भारत में मुस्लिम युवकों के इस्लामिक स्टेट के प्रति बढ़ते रुझान और कश्मीर में मुस्लिम युवकों द्वारा बार बार इस्लामिक स्टेट और पाकिस्तान का झण्डा लहराने की वारदात का विरोध करने के लिए आज ट्रिब्यून चौक पर इस्लामिक स्टेट और पाकिस्तान का झण्डा फूंका और विरोध प्रदर्शन किया।

Hon’ble Mr. Justice S.J. Vazifdar, Acting Chief Justice of Punjab & Haryana High Court has inaugurated the E-filing counter

PRESS RELEASE DATED

Chandigarh : (Kulbir Singh Kalsi) : Today Hon’ble Mr. Justice S.J. Vazifdar, Acting Chief Justice of Punjab & Haryana High Court has inaugurated the E-filing counter, Law Research and Information Kiosks and free software for the members of the High Court Bar Association, in the Judges conference hall. The large number of Advocates has attended the function. Sh. Harpreet Singh Brar, President, G.B.S. Dhillon, Vice President and Sumit Jain,Honorary Secretary,  thanked to the Hon’ble Acting Chief Justice  S.J. Vazifdar and spoke that this is a great step towards the technical up gradation  and modernization.

23.7.15

Anganbadi Workers of Delhi begin their indefinite hunger strike outside Kejriwal's Residence.

23 July| New Delhi |  Anganbaadi workers of Delhi who have been protesting for the past 16 days today begun their indefinite Hunger strike outside Arvind Kejriwal's Residence.  The Anganbadi Workers of Delhi have been on strike since the 7 of July this month. But the Government has paid no attention to their demands whatsoever. The anganbadi workers have declared to continue their indifinite hunger strike till their short term demands are not met. The striking workers are demanding that their back wages be paid immediately without delay, they should be paid by the 10th of every month, every anganbadi worker should be given an I.D, they should be given Anganbadi worker insurance, the workers kept on Panel should get full wage, they should be given benefits covered under the SABLA scheme. The workers have been protesting outside Kejriwal's residence since 7 july demanding that they be regularized and given permanent appointments, 8 hour work day, minimum wage and other benefits given to a government employee.

विश्व कीर्तिमान बनाकर लौटे बिहार के निसक्त खिलाडिओं का हुआ सम्मान

पटना । विश्व कीर्तिमान बना कर पटना लौटे विकलांग खिलारी अनूराग चंद्रा और संतोष मिश्रा का नया टोला गोपाल मार्केट स्थित अदम्या अदिती गुरुकूल में डा. एम. रहमान व एम. सिवल सर्विसेज के मुन्ना जी ने मेमेंटो और शौल दे कर सम्मानीति किया। इस अवसर पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। डा. रहमान ने इस अवसर पर कहां कि अगर दिल में कुछ कर गुजरने का हौशला हो तो तमाम बाधाओ के बावजूद विजय मिल ही जाती है। इस कहावत को अक्षरसः सत्य सिद्ध कर दिखाया है बिहार के दो निशक्त खिलाडिओं अनुराग चन्द्र और संतोष मिश्रा ने । दोनों खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। दिल्ली से लेह का सफर 1267 किलोमीटर का है।

तीस्ता सीतलवाड एवं अन्य व्हिसल ब्लोवरों पर मोदी सरकार में हो रहे सतत उत्पीड़न के खिलाफ NSUI द्वारा चर्चा की गयी एवं नियमित सूचनाधिकार सहायता शिविर की प्रेस विज्ञप्ति


आज दिनाँक 23 / 07 / 2015 बृहस्पतिवार को लंका स्थित टंडन टी स्टॉल ( हेरिटेज हॉस्पिटल के ठीक नीचे ) लंका बी एच यू रोड पर NSUI द्वारा नियमित सूचनाधिकार सहायता शिविर लगाया गया एवं प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्त्री तीस्ता सीतलवाड एवं अन्य व्हिटसल ब्लोवरों पर मोदी सरकार में हो रहे सतत उत्पीड़न के खिलाफ चर्चा की गयी। वर्तमान मोदी सरकार ने पिछले एक साल के कार्यकाल में हजारो सामाजिक संस्थाओं पर प्रतिबन्ध लगाया है और उनकी वित्तीय श्रोतों एवं सामाजिक कामों पर नजर बनाये रखे हुए है।

"राष्ट्र निर्माता शिक्षक"


 बहुत कुछ कहना चाहता हूँ इस बारे में , पर आज की घटना अप्रत्यक्ष रूप से ही काफी कुछ कह जाती है ... जहां अधिकतम निजी विद्यालय एक बड़े व्यवसाय के रूप में उभर रहे हैं.. वहीँ सरकारी विद्यालयों की स्थितियां उन्ही के लोग बिगाड़ने में लगे हैं ....

संचार माध्यमों की नजर में भारतीय डायस्पोरा

सक्षम द्विवेदी

पांच सौ छियासी ई0पू0 ग्रीक भाषा से उत्पन्न शब्द डायस्पोरा आज भी जनमानस के बीच एक प्रचलित शब्द नहीं कहा जा सकता है। परन्तु इतना तो स्पष्ट है कि भारत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं के लिए डायस्पोरा एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में हमारे समक्ष उपस्थित है। दरअसल डायस्पोरा का सामान्य अर्थ प्रवासन से है परन्तु ‘डायस्पोरा’ शब्द इसलिए प्रचलित है क्यों कि यहूदियों द्वारा बेबीलोन को छोड़कर जाने की घटना को इसी शब्द द्वारा परिभाषित किया गया। अर्थात जो लोग किन्ही कारणांे से अपने मूल निवास को छोड़कर किन्ही अन्य स्थानों पर गये तथा वहां रहकर भी अपने मूल स्थान व संस्कृति से न सिर्फ जुड़े रहे बल्कि उसको सांस्कृतिक,भाषाई और राजनैतिक स्तर पर प्रभावित भी करते रहे।