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23.7.17

दैनिक जागरण फर्जी खबर छापने के बाद थूक कर चाटता है





हिमाचल प्रदेश वर्किंग जर्नलिस्‍टस यूनियन गठित, निर्णायक जंग की तैयारी

मजीठिया वेजबोर्ड अवार्ड को लागू करवाने और प्रबंधन के उत्‍पीड़न के खिलाफ पिछले दिन वर्षों से लड़ाई लड़ रहे वरिष्‍ठ पत्रकार रविंद्र अग्रवाल के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश में पहली बार पत्रकार एवं गैर-पत्रकार अखबार कर्मियों की यूनियन का गठन कर लिया गया है। हिमाचल के कई पत्रकार और गैरपत्रकार साथी इस यूनियन के सदस्‍य बन चुके हैं और अभी भी सदस्‍यता अभियान जारी है। एक जून को इस हिमाचल प्रदेश वर्किंग जर्नलिस्‍टस यूनियन(एचपीडब्‍ल्‍यूजेयू) के नाम से गठित इस कर्मचारी यूनियन में पत्रकार और गैरपत्रकार दोनों ही श्रेणियों के अखबार कर्मियों को शामिल किया जाएगा। नियमित और संविदा/अनुबंध कर्मी भी यूनियन के सदस्‍य बन सकते हैं, बशर्ते इनका पेशा सिर्फ अखबार के कार्य से ही जुड़ा होना चाहिए।



वसूलीबाज पत्रकारों के खिलाफ महिला प्रधान ने की थाने में शिकायत


पत्रकारों के हाथों से खाना छिनवा लिया योगी सरकार ने!





न्यूज इंडिया ट्रस्ट में वैकेंसी, करें अप्लाई


17.7.17

एनकाउंटर की जांच करने पहुंचे पत्रकार के पीछे पड़ी पुलिस


पहाड़ के लिए अभिशाप है 'पलायन'

ओम प्रकाश उनियाल
'पलायन' शब्द पहाड़ के लिए अभिशाप है। राज्य बनने के बाद निरंतर बढ़ते पलायन को थामने में किसी भी सरकार को कामयाबी नहीं मिली। पहाड़ के लोगों को दिवास्वप्न दिखाकर यहां के राजनीतिज्ञ अपना उल्लू सीधा करते रहे हैं। केवल विकास की गिनती कागजों पर ही करते रहे। पहाड़ों में कृषि, बागवानी को बढ़ावा देने, लघु एवं मध्यम उद्योग लगाने, उच्च व तकनीकी रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों को लेकर पहाड़ के भोले-भाले लोगों के हाथों में झुनझुना थमाते रहे उसका परिणाम सबके सामने है। गांव खाली होते जा रहे हैं।  घर उजाड़, खेत बंजर हो चुके हैं। कुछ गांवों में तो उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुके बुजुर्ग ही देखने को मिलेंगे।जो अपने पैतृक निवास नहीं छोड़ना चाहते।

सावन की फुहार में ‘कजरी‘ का महत्व

सावन चल है जो इस भीषण तपिश से राहत ही नहीं प्रदान करेगा बल्‍कि अपनी मखमली हरियाली से मन मयूर को नाचने के लिए विवश कर देगा और फिर सावन नाम आते ही ‘कजरी‘ गीतों का उनसे जुड़ जाना स्‍वाभाविक ही है। गाँवों में जब युवतियाँ सावन में पेड़ों पर झूला झूलते समय समवेत स्‍वर में कजरी गाती है तो ऐसा लगता है कि सारी धरती गा रही हैं, आकाश गा रहा है, प्रकृति गा रही है। न केवल मानव प्रभावित है बल्‍कि समस्‍त जीव-जन्‍तु भी सावन की हरियाली व घुमड़-घुमड़ कर घेर रहे बादलों की उमंग से मदमस्‍त हो जाते हैं।

दो पत्रकारों के खिलाफ गैर जमानती वारंट

इन पत्रकारों के नाम हैं कमलेश सिंह और अभिजीत मिश्रा.

बेरोजगार पत्रकारों के साथ खिलवाड़ करते मीडिया हाउस

मीडिया हाउस नौकरी के लिए विज्ञापन तो इस तरह से देते हैं, जैसे उनको तुरंत बहुत सारे मीडिया कर्मियों की जरूरत है।लेकिन रेज्यूमे भेजने के बाद फोन का इंतजार करते रहो। फोन कहां आता है। फोन तो जुगाड़ वालों के पास जाता है। भड़ास 4 मीडिया पर आप को मीडिया हाउसों  के नौकरी वाले विज्ञापन मिल जाएगें । लेकिन रेज्युमे भेजने के लिये जो ई मेल आईडी दी गई होती है, जरूरी नहीं कि वह सही हो।

जिस पत्रकार के लिए मीडियाकर्मी सड़क पर लड़ रहे थे, वह पुरस्कार पाने में व्यस्त था

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