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12.10.21

जयप्रकाश नारायण और अमिताभ बच्चन का जन्मदिन : एक फिल्मी महानायक तो दूसरा जननायक

संजय सक्सेना, लखनऊ

देश आज दो महानायकों का जन्मदिन मना रहा है। एक रूपहले पर्दे के महानायक अमिताभ बच्चन हैं तो दूसरे जननायक जय प्रकाश नारायण हैं। एक का जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जो अब प्रयागराज हो गया में तो दूसरे  का जन्म बिहार के सिताब दियारा में हुआ था। दोनों में अगर कोई समानता थी तो यही थी कि दोनों ने ही कायस्थ परिवार में जन्म लिया था। अमिताभ को फिल्मी पर्दे का एंग्री मैन कहा जाता था तो जयप्रकाश नारायण जेपी’ को स्वतंत्रा सेनानी का रूतबा हासिल था।1975 में  जयप्रकाश नारायण का लोहा देश की जनता ने तब माना जब उन्होंने कांग्रेस की आयरन लेडी कही जाने वाली इंदिरा गांधी के खिलाफ बिगुल फूंक दिया था।  

1975 में इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की जिसके अन्तर्गत जे॰ पी॰ सहित 600 से भी अधिक विरोधी नेताओं को बन्दी बनाया गया और प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी गयी। जिस समय जेपी को बंदी बनाया गया उस समय उनकी तबियत खराब चल रही थी। जेल में जे॰ पी॰ की तबीयत और भी खराब हो गई तो सात महीने बाद उनको मुक्त कर दिया गया। जेल से निकलकर जेपी इंदिरा विरोधियों को एकजुट करने में लग गए। 1977 जेपी के प्रयासों से एकजुट विपक्ष ने इंदिरा गांधी की सरकार को उखाड़ फेंका यहां तक कि इंदिरा गांधी तक को एक छोटे से नेता से चुनाव में हरा का सामना करना पड़ गया था। ऐसे जननायक का जन्म 11 अक्टूबर 1902 में एक कायस्थ परिवार में हुवा था। बिहार के प्रसिद्ध गांधीवादी बृज किशोर प्रसाद की पुत्री प्रभावती के साथ जेपी का विवाह अक्टूबर 1920 में हुआ। प्रभावती विवाह के उपरान्त कस्तूरबा गांधी के साथ गांधी आश्रम में रहीं। वे डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद और सुप्रसिद्ध गांधीवादी डॉ॰ अनुग्रह नारायण सिन्हा द्वारा स्थापित बिहार विद्यापीठ में शामिल हो गये। 1929 में जब जेपी अमेरिका से लौटे, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम तेज़ी पर था। उनका सम्पर्क गांधी जी के साथ काम कर रहे जवाहर लाल नेहरु से हुआ। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा बने। 1932 में गांधी, नेहरु और अन्य महत्त्वपूर्ण कांग्रेसी नेताओं के जेल जाने के बाद, जेपी ने भारत में अलग-अलग हिस्सों में संग्राम का नेतृत्व किया। अन्ततः उन्हें भी मद्रास में सितम्बर 1932 में गिरफ्तार कर लिया गया और नासिक के जेल में भेज दिया गया। यहाँ उनकी मुलाकात मीनू मसानी, अच्युत पटवर्धन, एन॰ सी॰ गोरे, अशोक मेहता, एम॰ एच॰ दाँतवाला, चार्ल्स मास्कारेन्हास और सी॰ के॰ नारायण स्वामी जैसे उत्साही कांग्रेसी नेताओं से हुई। जेल में जेपी द्वारा की गयी चर्चाओं ने कांग्रेस सोसलिस्ट पार्टी (सी॰ एस॰ पी॰) को जन्म दिया। सी॰ एस॰ पी॰ समाजवाद में विश्वास रखती थी। जब कांग्रेस ने 1934 में चुनाव में हिस्सा लेने का फैसला किया तो जे॰ पी॰ और सी॰ एस॰ पी॰ ने इसका विरोध किया था।

जयप्रकाश नारायण ने 1939 में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान, अंग्रेज सरकार के खिलाफ लोक आन्दोलन का नेतृत्व किया। उन्होंने सरकार को किराया और राजस्व रोकने के अभियान चलाये। टाटा स्टील कम्पनी में हड़ताल कराके यह प्रयास किया कि अंग्रेज़ों को इस्पात न पहुँचे। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 9 महीने की कैद की सज़ा सुनाई गयी। जेल से छूटने के बाद उन्होंने गांधी और सुभाष चंद्र बोस के बीच सुलह का प्रयास किया। उन्हें बन्दी बनाकर मुम्बई की आर्थर जेल और दिल्ली की कैम्प जेल में रखा गया। 1942 भारत छोडो आन्दोलन के दौरान वे आर्थर जेल से फरार हो गये।उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हथियारों के उपयोग को सही समझा। उन्होंने नेपाल जाकर आज़ाद दस्ते का गठन किया और उसे प्रशिक्षण दिया। उन्हें एक बार फिर पंजाब में चलती ट्रेन में सितम्बर 1943 में गिरफ्तार कर लिया गया। 16 महीने बाद जनवरी 1945 में उन्हें आगरा जेल में स्थान्तरित कर दिया गया। इसके उपरान्त गांधी जी ने यह साफ कर दिया था कि डॉ॰ लोहिया और जे॰ पी॰ की रिहाई के बिना अंग्रेज सरकार से कोई समझौता नामुमकिन है। दोनों को अप्रील 1946 को आजाद कर दिया गया। 19 अप्रील, 1954 में गया, बिहार में उन्होंने विनोबा भावे के सर्वाेदय आन्दोलन के लिए जीवन समर्पित करने की घोषणा की। 1957 में उन्होंने लोकनीति के पक्ष में राजनीति छोड़ने का निर्णय लिया। 1960 के दशक के अंतिम भाग में वे राजनीति में पुनः सक्रिय रहे। 1974 में किसानों के बिहार आन्दोलन में उन्होंने तत्कालीन राज्य सरकार से इस्तीफे की मांग की।

बात फिल्मी महानायक अमिताभ बच्चन की कि जाए तो अमिताभ का जन्म11 अक्टूबर, 1942 को इलाहाबाद में हुआ था,जो प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन के सुपुत्र हैं। 1970 के दशक के दौरान अमिताभ का सितारा चमकना शुरू हुआ था,जो आज भी चमक रहा है।  अमिताभ भारतीय सिनेमा के इतिहास में प्रमुख व्यक्तित्व बन गए है। अमिताभ ने अपने करियर में अनेक पुरस्कार जीते हैं, जिनमें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, तीन राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और बारह फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार सम्मिलित हैं। उनके नाम सर्वाधिक सर्वश्रेष्ठ अभिनेता फ़िल्मफेयर अवार्ड का रिकार्ड है। अभिनय के अलावा बच्चन ने पार्श्वगायक, फ़िल्म निर्माता, टीवी प्रस्तोता और भारतीय संसद के एक निर्वाचित सदस्य के रूप में 1984 से 1987 तक भूमिका निभाई है। भारतीय टीवी का लोकप्रिय शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में कई वर्षों से मेजबान की भूमिका भी ये निभाते आए हैं। अमिताभ बच्चन का विवाह अभिनेत्री जया भादुड़ी से हुआ और इनकी दो संतानें हैं, श्वेता नंदा और अभिषेक बच्चन। अभिषेक बच्चन सुप्रसिद्ध अभिनेता हैं, जिनका विवाह पूर्व विश्वसुन्दरी और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय से हुआ है।

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