एक होनहार नवयुवक बीमारी की चपेट में हो और इसका पता भड़ासियों को लग जाए और वह हाथ-पर- हाथ धरे बैठे रहें ऐसा हो ही नहीं सकता। भाई यशवंत और डॉ.रूपेश श्रीवास्तव ने इस संदर्भ में मदद करने के लिए जो बीड़ा उठाया है,वह प्रशंसनीय है। हमें इसमें अपनी मनुष्यता का परिचय देना ही चाहिए। मेरा एक विनम्र सुझाव है कि उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री और केद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की ईमेल आई.डी भड़ास पर यदि दे दी जाए और हर भड़ासी करुणाकर की मदद के लिए मुख्य मंत्री और केद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से गुहार करे तो सरकारी खर्चे पर न केवल इनका इलाज हो सकेगा बल्कि कुछ आर्थिक अनुदान भी मिल जाएगा क्योंकि मुख्य मंत्री के पास एक विवेकाधीन कोटा होता है और इस प्रकार के प्रकरण में मदद करने का प्रावधान भी है। और जब तक यह व्यवस्था नहीं होती है,व्यक्तिगत स्तर पर हमें अपने प्रयास जारी रखने चाहिए।
पं. सुरेश नीरव
1.7.08
करुणाकर के लिए
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Labels: प्रयास
26.4.08
भड़ास की पोस्टिंग अब दैट्सहिन्दी पर भी
दैट्स हिन्दी के होम पेज पर अब भड़ास की लेटेस्ट पोस्टिंग भी देखी जा सकती है। www.thatshindi.in ने पिछले दिनों हिन्दी में ब्लागर्स की एक्टीविटी को भी एक प्लेटफार्म देने की कोशिश की है। इसके स्पेशल सेक्शन ब्लागर्स ट्रैफिक में बड़ी संख्या में हिन्दी ब्लाग्स की लिस्ट देखी जा सकती है। इसमें ब्लाग्स को सर्च करने के कई आप्शन मौजूद हैं। कोई भी अपना ब्लाग इसमें सबमिट कर सकता है। इतना ही नहीं इसके होम पेज पर कुछ चुनिंदा ब्गाल्स की लेटेस्ट पोस्टिंग भी दिखती रहती है। इनमें भड़ास भी शामिल हैं। इनका चयन कंटेट के महत्व, ब्लाग की नियमितता और उसकी मौलिकता और विविधता के आधार पर किया गया है। ((pls see http://thatshindi.oneindia.in))
अक्तूबर में लांचिंग के बाद संतुलित रफ्तार से आगे बढ़ने वाला हिन्दी न्यूज पोर्टल दैट्स हिन्दी देखते-देखते बीते कुछ महीनों में हिन्दी के प्रमुख न्यूज पोर्टल्स में शामिल हो गया है। खास बात यह है कि सिर्फ दैट्स हिन्दी आईटी प्रोफेशनल्स और मीडिया कर्मियों द्वारा संचालित होने वाला स्वायत्त न्यूज पोर्टल है, जबकि बीबीसी हिन्दी, एनडीटीवी खबर, जोश18, जागरण याहू और वेबदुनिया जैसे पोर्टल किसी न किसी बड़े समूह का एक अतिरिक्त उप्रकम हैं, मगर इस सबके वाबजूद गूगल सर्च इंजन में दैट्स हिन्दी ने इनके समकक्ष अपनी मौजूदगी दिखाई है, न सिर्फ खबरों की तात्कालिकता में बल्कि उनके दिलचस्प प्रस्तुतिकरण में भी।
दैट्स हिन्दी ने पहले से बने-बनाए फारमेट की बजाय यूजर की दिलचस्पी के आधार पर अपना प्रोफाइल और लेआउट तय किया और उसके सकारात्मक नतीजे सामने आए। इस पोर्टल में वीडियो देखने, गाने सुनने, खबरें, मनोरंजन, ज्योतिष जैसे तमाम सेक्शन हैं। इसके अलावा इसके बुकमार्क सेक्शन में यूजर अपना यूनीक बुकमार्किंग यूआरएल बना सकता है।
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यशवंत सिंह yashwant singh
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