कानपुर के नजदीक दिल दहला देने वाला रेल हादसा हो गया। हावड़ा से दिल्ली जा रही तेज रफ्तार वाली कालका मेल का इंजन व बोगियां पटरी से उतर गईं। अफसोस! हादसे में कई लोगों की मौत हो गई जबकि 100 से ज्यादा घायल हो गए। सबक न लेने वाला रेलवे मुआवजे का मरहम लगा रहा है। दुआ करते हैं कि सफर में जिंदगियां महफूज रहें।
यह हेल्पलाइन नंबर यह हैं--
दिल्ली-011-23962389
कानपुर-0512-2323015-16-18
इलाहाबाद-0532-240353
हावड़ा-033-26411416
कोलकाता-033-24613660
धनबाद-0326-2369801
अलीगढ़-0571-2403055
जख्मों पर मुआवजे का मरहम पुराना है। हादसों से सबक लेने का काम कभी नहीं किया जाता है। सरकार ने मरने वालों को 5 लाख, घायलों को 1 लाख व मामूली घायलों को 25 हजार के मुआवजे का ऐलान कर दिया है। रेल का सफर भी सुरक्षित नहीं। जाहिर है इस हादसे की भी जांच होगी। सरकारी जांच के नतीजे हमेशा के लिये फाइलों मंे दफन हो जाते हैं। बेगुनाह लोगों की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा? जिन घरों के चिराग बुझ गए भला उनके दुःख की भरपाई कैसे हो सकती है। हादसों का सिलसिला कभी रूक पायेगा इसमें संदेह है।
Showing posts with label बोगियां. Show all posts
Showing posts with label बोगियां. Show all posts
10.7.11
कब रूकेंगे ऐसे रेल हादसे?
Posted by
Nitin Sabrangi
1 comments
Labels: पटरी, बोगियां, मौत, रेल, सरकार घायल, सर्च इंजन, हादसा
Subscribe to:
Comments (Atom)
