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10.7.11

कब रूकेंगे ऐसे रेल हादसे?

कानपुर के नजदीक दिल दहला देने वाला रेल हादसा हो गया। हावड़ा से दिल्ली जा रही तेज रफ्तार वाली कालका मेल का इंजन व बोगियां पटरी से उतर गईं। अफसोस! हादसे में कई लोगों की मौत हो गई जबकि 100 से ज्यादा घायल हो गए। सबक न लेने वाला रेलवे मुआवजे का मरहम लगा रहा है। दुआ करते हैं कि सफर में जिंदगियां महफूज रहें।
यह हेल्पलाइन नंबर यह हैं--
दिल्ली-011-23962389
कानपुर-0512-2323015-16-18
इलाहाबाद-0532-240353
हावड़ा-033-26411416
कोलकाता-033-24613660
धनबाद-0326-2369801
अलीगढ़-0571-2403055
जख्मों पर मुआवजे का मरहम पुराना है। हादसों से सबक लेने का काम कभी नहीं किया जाता है। सरकार ने मरने वालों को 5 लाख, घायलों को 1 लाख व मामूली घायलों को 25 हजार के मुआवजे का ऐलान कर दिया है। रेल का सफर भी सुरक्षित नहीं। जाहिर है इस हादसे की भी जांच होगी। सरकारी जांच के नतीजे हमेशा के लिये फाइलों मंे दफन हो जाते हैं। बेगुनाह लोगों की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा? जिन घरों के चिराग बुझ गए भला उनके दुःख की भरपाई कैसे हो सकती है। हादसों का सिलसिला कभी रूक पायेगा इसमें संदेह है।

9.6.08

गुगल करे तो टेक्नोलॉजी, कोई और करे तो अश्लीलता !!

http://paankidukaan.blogspot.com
विनीत खरे
गुगल (http://www.google.co.in/ ) पर जा कर पेज को भाषा को हिन्दी में बदलें, आपका पूरा पेज हिन्दी में हो जाएगा लेकिन सर्च बार में "s" लिखते ही आप चौक जायेंगे। उस में सिर्फ "सेक्स" संबंधित शब्द ही आते है।


गुगल ने एक टेक्नोलॉजी प्रयोग करके user के लिए ऑटो सजेस्ट की टेक्नोलॉजी तैयार की है जिससे user एक वर्ड को लिखते ही आपको उस वर्ड से संबंधित शब्द आ जायगे।


मित्रों, गूगल के लोगो (Google's Logo) के नीचे भारत लिखा है, भारत की संस्कृति पर हमला नहीं है ये? क्या भारत में इतना खुलापन है की "s" लिखते ही सेक्स के शब्द ऑटो सजेस्ट हों?

4.6.08

रफ़्तार आगाज है इंटरनेट पर अंग्रेजी के एकाधिकार की समाप्ति का

पिछले कुछ महीनों में इंटरनेट जगत में हिंदी की पैठ बहुत तेजी से बढ़ी है। दर्जनों नयी वेबसाइट, हजारों नये ब्लॉग के साथ भारी संख्या में हिंदी प्रेमी लोग, लेखक, विचारक, पत्रकार और देश–विदेश के मीडिया समूह इंटरनेट पर हिंदी के इस नये उभार के साथ तेजी से जुड़ते जा रहे हैं। रफ़्तार इन सभी प्रयासों को साझा मंच प्रदान करने तथा हर हिंदीभाषी को इंटरनेट के नये संसार से जोड़ने की सबसे उन्नत तथा अनूठी पहल है

समूचे हिंदी जगत को यदि किसी एक ही साइट पर खंगाला जा सकता है तो वह है रफ्तार डॉट इन। रफ्तार के माध्यम से हिंदी इंटरनेट के अथाह जगत की संपूर्ण गतिविधियों तक सरलता से पहुंचा जा सकता है। इंटरनेट यूजर की जरूरतों और पसंद के साथ रफ्तार ने तारतम्य बिठाया है और इसी के तहत गानों, समाचार, ब्लॉग, मनोरंजन और साहित्य की खोज को रफ्तार में प्रमुखता दी गई है।
रफ़्तार डॉट इन (http://www.raftaar.in/) की अनेकों विशेषताओं में से प्रमुख है कि यह हिंदी का पहला संपूर्ण सर्च इंजन है। एक ऐसा सर्च इंजन जो इंटरनेट उपभोक्ता को हिंदी के असीमित संसार से जोड़ता है। समाचार से ले कर साहित्य तक एवं विज्ञान से ले कर किचन तक, रफ़्तार डॉट इन (http://www.raftaar.in/) इंटरनेट पर मौजूद हिंदी का सारा कंटेट आपको उपलब्ध करवाता है।

सर्च इंजन के अलावा रफ़्तार डॉट इन (http://www.raftaar.in/) पल–पल की घटनाएं और खबरें एक साथ एक होमपेज पर आपको मुहैया करवाता है। देश, दुनिया, खेल, कारोबार, विचित्र, जुर्म, साहित्य, देसी–विदेशी फिल्मी दुनिया से संबंधित समाचार अब देश की राष्ट्रभाषा में एक क्लिक की दूरी पर हैं।
इस पहल के कर्ताधर्ता हैं विख्यात अर्थशास्त्री और कंपनी के चेयरपर्सन डॉक्टर लवीश भंडारी एवं रफ़्तार डॉट इन (http://www.raftaar.in/) के निदेशक और सह संस्थापक पीयूष बाजपेई। डॉक्टर लवीश का कहना है, ''रफ़्तार उस कस्बाई व्यक्ति की जरूरतों को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है जो अंग्रेज़ी नहीं जानता मगर इंटरनेट का प्रयोग करना चाहता है।'' कहते हैं पीयूष, ''रफ़्तार युवाओं को ध्यान में रख कर बनाया गया है जो सूचना और मनोरंजन के असीमित संसार से अपनी भाषा में जुड़ना चाहता है। संभवतः यही वजह है कि इसमें मनोरंजन और जीवनशैली को खास तवज्जो दी गई है।'' पीयूष के अनुसार, भविष्य में इसमें किए जाने वाले बदलाव भी इंटरनेट प्रयोग करने वाले की अभिरुचि एंव जरूरत के अनुसार ही किए जांएगे।

इंटरनेट जगत में हिंदी में मौजूद सभी राशियों का राशिफल एक साथ यहां पढ़ सकते हैं। नए और पुराने, सभी तरह के गानों, के अलावा तस्वीरों (फोटो) संबंधी आपकी खोज यहां आ कर पूर्ण हो जाती है।
हिंदी इंटरनेट जगत का नया प्रयोग यानी ब्लॉगिंग को यहां विशेष स्थान दिया गया है। रफ़्तार के होमपेज का एक महत्वपूर्ण कोना सिर्फ ब्लॉगिंग को समर्पित है।
कारोबार और बाजार पर हिंदी का बढ़ता असर यहां भी दिखाई दे रहा है। इसीलिए, कारोबार और शेयर बाजार की खबरों के अतिरिक्त सेंसेक्स सूचकांक को भी यहां प्रमुखता से जोड़ा गया है।
दरअसल, रफ़्तार आगाज है इंटरनेट पर अंग्रेजी के एकाधिकार की समाप्ति का। अब समय आ गया है कि हम इंटरनेट से अपनी भाषा में अपनी आवश्यकताएं पूरी कर सकें!
(रफ्तार.इन की तरफ से भड़ास को प्रेषित प्रेस विज्ञप्ति)