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4.9.13

देश के युवाओं को श्रीकृष्ण के विराट चरित्र से सीखने की जरूरत - कृष्ण कुमार यादव


अखिल भारतीय श्री कृष्ण चेतना संस्थान के तत्वाधान में 1 सितम्बर, 2013 को श्री कृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन इलाहाबाद में किया गया। इस अवसर पर जहाँ भगवान श्री कृष्ण के विचारों को पुनः रेखांकित किया गया, वहीँ श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ एवं चर्चित साहित्यकार  कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण साधारण व्यक्ति न होकर युग पुरुष थे। उनके व्यक्तित्व में भारत को एक प्रतिभासम्पन्न राजनीतिवेत्ता ही नहीं, एक महान कर्मयोगी और दार्शनिक प्राप्त हुआ, जिसका गीता-ज्ञान समस्त मानव-जाति एवं सभी देश-काल के लिए पथ-प्रदर्शक है। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस बात पर जोर दिया कि आज देश के युवाओं को श्रीकृष्ण के विराट चरित्र के बृहद अध्ययन की जरूरत है। राजनेताओं को उनकी विलक्षण राजनीति समझने की दरकार है और धर्म के प्रणेताओं, उपदेशकोंको यह समझने की आवश्यकता है कि श्रीकृष्ण ने जीवन से भागने या पलायन करने या निषेध का संदेश कभी नहीं दिया। श्री यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण ने कभी कोई निषेध नहीं किया। उन्होंने पूरे जीवन को समग्रता के साथ स्वीकारा है। 

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में इलाहाबाद के पूर्व जिलाधिकारी श्री महावीर यादव ने कहा कि हमारे अध्यात्म के विराट आकाश में श्रीकृष्ण ही अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जो धर्म की परम गहराइयों व ऊंचाइयों पर जाकर भी गंभीर या उदास नहीं हैं। इलाहाबाद विश्विद्यालय के प्रो. उमाकांत यादव ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण की स्तुति लगभग सारे भारत में किसी न किसी रूप में की जाती है। यहाँ तक कि वे लोग जिन्हें हम साधारण रूप में नास्तिक या धर्म निरपेक्ष की श्रेणी में रखते हैं, वे भी निश्चित रूप से भगवतगीता से प्रभावित हैं। जिला सूचना अधिकारी जे. एस. यादव ने श्री कृष्ण के विचारों को सदैव प्रासंगिक बताया। संस्थान के अध्यक्ष इं. राम किशोर यादव ने सभी का स्वागत करते हुए भगवान श्री कृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। संस्थान के महामंत्री जगदम्बा सिंह यादव ने सभी का आभार ज्ञापन किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। 

17.7.09

राष्ट्रीय युवा समागम : आवश्यक सूचना एवं आग्रह

3,4 अक्टूबर 2009


1. जिन युवाओं ने राष्ट्रीय युवा समागम में सहभागिता हेतु अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है लेकिन अभी तक अपना शुल्क जमा नहीं किया है उनसे आग्रह है की यथासंभव जल्द से जल्द अपना शुल्क जमा कर कृतार्थ करें . आप अपना शुल्क (२०० rs. ) स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में vijay kumar mishra के नाम से a/c no. 30724170910 में जमा कर सकते हैं . किसी दुसरे प्रकार से शुल्क जमा करने के लिए आप 09868463946 or vijayvijaymishra@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं.

२. जो लोग conclave में भाग लेने दरभंगा जाने वाले हैं उनसे आग्रह है कि जल्द से जल्द अपना रिज़र्वेशन करवा लें क्योंकि उन दिनों रिज़र्वेशन की समस्या हो सकती है . रिज़र्वेशन के लिए लिंक www.indianrail.gov.in . रिज़र्वेशन इस प्रकार से करवाएं कि २ अक्टूबर २००९ को दरभंगा पहुच जाएँ . जिनके जाने में अभी किसी प्रकार की समस्या हो किन्तु आगे जाने की कोई सम्भावना बनने वाली हो वे लोग भी कृपया अपना रिज़र्वेशन समय रहते करवाकर सूचित करने का कष्ट करें

३. आप अपना रिज़र्वेशन करवा लेने के बाद कृपया vijayvijaymishra@gmail.com पर अपनी यात्रा के प्लान की जानकारी जरुर दे दें ताकि दरभंगा पहुचने पर आपको कोई समस्या न हो और आपको जरुरी निर्देश भी दिया जा सके .

४. आप लोगों से आग्रह है कि अधिक से अधिक लोगों को उक्त conclave में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें और रजिस्ट्रेशन करवाएं

५, आगे कुछ दिनों बाद आपको लगातार conclave की जानकारी दी जाती रहेगी . फ़िलहाल आप सबसे शुल्क जमा करने और रिज़र्वेशन करवा लेने का विनम्र आग्रह है.. कृपया यथाशीघ्र ये दोनों काम कर लें
विजय कुमार मिश्र

संयोजक
राष्ट्रीय युवा समागम
9868463946
9891417959

vijayvijaymishra@gmail.com

conclave संबन्धी जानकारी के लिए देखें www.meemansa.org

16.5.09

" कविता प्रतियोगिता " का आयोजन

हिन्दी साहित्य मंच " कविता प्रतियोगिता " का आयोजन जून माह से शुरू हो रहा है । इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी कवि , रचनाकार , लेखक से अनुरोध है कि वह इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हमारा सहयोग करें । अन्तरजाल के माध्यम से प्रथम कविता प्रतियोगिता के आप सभी हमें अपनी रचना मई माह के अन्तिम दिन तक भेंजें । सर्वश्रेष्ठ प्रथम तीन रचना को पुरस्कृत किया जायेगा । साथ दो रचनाओं को सांत्वना पुरस्कार भी दिया जायेगा । हिन्दी साहित्य के विकास में अपनी भागीदारी देकर हमारे प्रयास को सफल बनाये ।

हिन्दी साहित्य मंच " हिन्दी प्रेमियों का मंच " है । यहां पर साहित्य से जुड़ी किसी भी विधा का प्रकाशन आप सभी करा सकते हैं । आप हमें इस पते पर ईमेल करे - hindisahityamanch@gmail.com । साथ ही अधिक जानकारी के लिए हिन्दी साहित्य मंच पर आकर देंखें । पता है-www.hindisahityamanch.blogspot.com । हमारे आईये हिन्दी साहित्य में योगदान हेतु । किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए हमसे जुड़े।


संचालक ( हिन्दी साहित्य मंच ) नई दिल्ली

15.5.09

जयशंकर प्रसाद की कविता गाइए और जीतिए रु 2000 के नग़द इनाम

हिन्द-युग्म यूनिकवि एवं यूनिपाठक प्रतियोगिता के माध्यम से हिन्दी में लिखने-पढ़ने वालों का प्रोत्साहन पिछले 29 महीनों से करने का प्रयास कर रहा है। हिन्दी को आवाज़ की दुनिया से जोड़ने की स्थाई शुरूआत 4 जुलाई 2008 को 'आवाज़' के माध्यम से हुई थी। हिन्द-युग्म के संचालक-संपादक शैलेश भारतवासी ने एक नई शुरूआत की सूचना दी- "आज हम पॉडकास्टिंग को प्रोत्साहित करने के लिए 'गीतकॉस्ट' प्रतियोगिता का आयोजन कर रहे हैं। "


इसमें भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित प्रसिद्ध देशगान 'अरुण ये मधुमय देश हमारा' को अपनी आवाज़ में रिकॉर्ड करके हिन्द-युग्म को भेजना होगा। गीत को केवल पढ़ना नहीं बल्कि गाकर भेजना होगा। हर प्रतिभागी इस गीत को अलग-अलग धुन में गाकर भेजे (कौन सी धुन हो, यह आपको खुद सोचना है)।


1) गीत को रिकॉर्ड करके भेजने की आखिरी तिथि 31 मई 2009 है। अपनी प्रविष्टि podcast.hindyugm@gmail.com पर ईमेल करें।
2) इसे समूह में भी गाया जा सकता है। यह प्रविष्टि उस समूह के नाम से स्वीकार की जायेगी।
3) इसे संगीतबद्ध करके भी भेजा जा सकता है।
4) श्रेष्ठ तीन प्रविष्टियों को आदित्य प्रकाश की ओर से क्रमशः रु 1000, रु 500 और रु 500 के नग़द इनाम दिये जायेंगे।
5) सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि को डलास, अमेरिका के एफ॰एम॰ रेडियो स्टेशन रेडियो सलाम नमस्ते के कार्यक्रम'कवितांजलि' में बजाया जायेगा। इस प्रविष्टि के गायक/गायिका से आदित्य प्रकाश (कार्यक्रम के संचालक) कार्यक्रम में सीधे बातचीत करेंगे, जिसे दुनिया में हर जगह सुना जा सकेगा।
6) अन्य 2 प्रविष्टियों को भी कवितांजलि में बजाया जायेगा।
7) सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि को 'हिन्दी-भाषा की यात्रा-कथा' नामक वीडियो/डाक्यूमेंट्री में भी बेहतर रिकॉर्डिंग के साथ इस्तेमाल किया जायेगा।
8) श्रेष्ठ प्रविष्टि के चयन का कार्य आवाज़-टीम द्वारा किया जायेगा। अंतिम निर्णयकर्ता में आदित्य प्रकाश का नाम भी शामिल है।
9) हिन्द-युग्म का निर्णय अंतिम होगा और इसमें विवाद की कोई भी संभावना नहीं होगी।

जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित देशगान

अरुण यह मधुमय देश हमारा।
जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को
मिलता एक सहारा।

सरस तामरस गर्भ विभा पर
नाच रही तरुशिखा मनोहर।
छिटका जीवन हरियाली पर
मंगल कुंकुम सारा।।

लघु सुरधनु से पंख पसारे
शीतल मलय समीर सहारे।
उड़ते खग जिस ओर मुँह किए
समझ नीड़ निज प्यारा।।

बरसाती आँखों के बादल
बनते जहाँ भरे करुणा जल।
लहरें टकरातीं अनंत की
पाकर जहाँ किनारा।।

हेम कुंभ ले उषा सवेरे
भरती ढुलकाती सुख मेरे।
मंदिर ऊँघते रहते जब
जग कर रजनी भर तारा।।

शैलेश ने आगे बताया- "हम समय-समय पर इस तरह का आयोजन करते रहेंगे। आप भी अपनी ओर से हिन्दी के स्तम्भ कवियों की कविताओं को सुरबद्ध करने के काम को प्रोत्साहित करना चाहते हों, अपनी ओर से इनाम देना चाहते हों, तो संपर्क करें।"

14.5.09

चुनाव में मीडिया की भूमिका पर संगोष्ठी

सामयिक विषयों पर चेतना जाग्रत करने के उद्देश्य से कार्यरत समसामयिक अध्ययन केंद्र द्वारा दिनांक 15 मई 2009, शुक्रवार को एक वैचारिक संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। चुनाव में लोकतंत्र के चौथे खंभे एवं महत्वपूर्ण स्तंभ मीडिया की भूमिका पर केंद्रित इस संगोष्ठी में देश के कई दिग्गज पत्रकार भाग लेंगे। समसामयिक अध्ययन केंद्र के मंत्री उमेश पारेख एवं निदेशक बसंत सिंह जौहरी ने बताया कि चुनाव में मीडिया की बदलती भूमिका विषय पर आयोजित संगोष्ठी को इंडियन एक्सप्रेस अखबार के पूर्व संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार जार्ज वर्गीस, जनसत्ता के पूर्व संपादक प्रभाष जोशी, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति अच्युतानंद मश्र एवं बिहार-झारखंड के प्रमुख अखबार प्रभात खबर के संपादक हरिवंश संबोधित करेंगे। यह संगोष्ठी 15 मई 2009, शुक्रवार को प्रातः साढ़े दस बजे हिंदी साहित्य समिति सभागृह में होगी। श्री पारेख एवं श्री जौहरी ने सभी प्रबुद्धजनों से इस संगोष्ठी में भाग लेने का आग्रह किया है।

17.6.08

Owner's side said there should be no Interim Relief

June 16, 2008
Dear friends,

The hearing for recommending the rates of Interim Relief were held for two days by the Wage Boards and at the end of the hearing proposals for the quantum of Interim Relief were made but no decision could be arrived at. The Chairman adjourned the meeting and the declared that the next meeting would be held after 15 days.

The employee's side proposed 65% of the basic pay, and the owner's side said there should be no Interim Relief but a proposal for 25% was brought up by the member secretary and was supported by another independent member.

Thus, therefore there are three proposals before the board. An informal attempt for an agreement was made from the employees' side but the chairman was keen on postponing the meeting for two weeks. The matter rests there.

As for as NUJ(I) is concerned it made very impressive power point presentation through a team of Shri Rajendra Prabhu and Shri Ashok Malik. No other organization before the board presented such a detailed and well documented case.

This is all for your information and sharing it with other friends.

With best wishes



(Dr N K Trikha)
In charge, International Affairs, NUJ(I) &
Member, Wage Board for Working Journalists



(भड़ास के लिए आई प्रेस विज्ञप्ति ताकि देश भर के सभी पत्रकार इस मामले के लैटेस्ट अपडेट से अवगत रहें....यशवंत)

11.6.08

शेयर बाजार पर हिंदी पोर्टल मोलतोल डॉट इन

मोलतोल डॉट इन www.moltol.in शेयर बाजार और कारोबार जगत पर दुनिया की पहली हिंदी वेबसाइट आज 7 मई 2008 को लांच हुई। देश में अब तक पूंजी बाजार और निवेश पर अंग्रेजी में अनेक वेबसाइट मौजूद हैं लेकिन देश के एक बड़े हिंदी भाषी निवेशक वर्ग को बरसों से हिंदी की वेबसाइट का इंतजार था जो अब खत्‍म हो गया है।

मोलतोल के कार्यकारी शुभम शर्मा का कहना है कि इस वेबसाइट पर शेयर बाजार के हर पहलू की ऐसी जानकारी है जिसे आम निवेशक जानना चाहता है। सूचनाओं और उनसे समृद्ध होने का खजाना है यहां। मोलतोल डॉट इन आम आदमी को ऐसी सूचनाएं देने का प्रयास है जिससे वह वित्तीय रुप से मजबूत बनने के साथ देश को भी आर्थिक महासत्ता बनाने में अपना योगदान दे सकता है।

(भड़ास के लिए प्रेस विज्ञप्ति)

10.6.08

उत्तराखंडियों के लिए एक नई वेबसाइट - घुघूती

Hi,

I would like to share with a website (www.ghughuti.com) with an objective of providing an interactive platform to Uttarakhandis. We have so many websites on Uttrakhand/ Uttranchal but we never had an interactive website before, which has concept of social networking. This website provides us all that features which we need from an interactive site, chat, blogs, quizz, polls, gallery, news, games, music, video, my village, forum, business director etc..

Regards
Neelkant Dobriyal

(भड़ास के लिए प्रेषित एक मेल)

4.6.08

रफ़्तार आगाज है इंटरनेट पर अंग्रेजी के एकाधिकार की समाप्ति का

पिछले कुछ महीनों में इंटरनेट जगत में हिंदी की पैठ बहुत तेजी से बढ़ी है। दर्जनों नयी वेबसाइट, हजारों नये ब्लॉग के साथ भारी संख्या में हिंदी प्रेमी लोग, लेखक, विचारक, पत्रकार और देश–विदेश के मीडिया समूह इंटरनेट पर हिंदी के इस नये उभार के साथ तेजी से जुड़ते जा रहे हैं। रफ़्तार इन सभी प्रयासों को साझा मंच प्रदान करने तथा हर हिंदीभाषी को इंटरनेट के नये संसार से जोड़ने की सबसे उन्नत तथा अनूठी पहल है

समूचे हिंदी जगत को यदि किसी एक ही साइट पर खंगाला जा सकता है तो वह है रफ्तार डॉट इन। रफ्तार के माध्यम से हिंदी इंटरनेट के अथाह जगत की संपूर्ण गतिविधियों तक सरलता से पहुंचा जा सकता है। इंटरनेट यूजर की जरूरतों और पसंद के साथ रफ्तार ने तारतम्य बिठाया है और इसी के तहत गानों, समाचार, ब्लॉग, मनोरंजन और साहित्य की खोज को रफ्तार में प्रमुखता दी गई है।
रफ़्तार डॉट इन (http://www.raftaar.in/) की अनेकों विशेषताओं में से प्रमुख है कि यह हिंदी का पहला संपूर्ण सर्च इंजन है। एक ऐसा सर्च इंजन जो इंटरनेट उपभोक्ता को हिंदी के असीमित संसार से जोड़ता है। समाचार से ले कर साहित्य तक एवं विज्ञान से ले कर किचन तक, रफ़्तार डॉट इन (http://www.raftaar.in/) इंटरनेट पर मौजूद हिंदी का सारा कंटेट आपको उपलब्ध करवाता है।

सर्च इंजन के अलावा रफ़्तार डॉट इन (http://www.raftaar.in/) पल–पल की घटनाएं और खबरें एक साथ एक होमपेज पर आपको मुहैया करवाता है। देश, दुनिया, खेल, कारोबार, विचित्र, जुर्म, साहित्य, देसी–विदेशी फिल्मी दुनिया से संबंधित समाचार अब देश की राष्ट्रभाषा में एक क्लिक की दूरी पर हैं।
इस पहल के कर्ताधर्ता हैं विख्यात अर्थशास्त्री और कंपनी के चेयरपर्सन डॉक्टर लवीश भंडारी एवं रफ़्तार डॉट इन (http://www.raftaar.in/) के निदेशक और सह संस्थापक पीयूष बाजपेई। डॉक्टर लवीश का कहना है, ''रफ़्तार उस कस्बाई व्यक्ति की जरूरतों को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है जो अंग्रेज़ी नहीं जानता मगर इंटरनेट का प्रयोग करना चाहता है।'' कहते हैं पीयूष, ''रफ़्तार युवाओं को ध्यान में रख कर बनाया गया है जो सूचना और मनोरंजन के असीमित संसार से अपनी भाषा में जुड़ना चाहता है। संभवतः यही वजह है कि इसमें मनोरंजन और जीवनशैली को खास तवज्जो दी गई है।'' पीयूष के अनुसार, भविष्य में इसमें किए जाने वाले बदलाव भी इंटरनेट प्रयोग करने वाले की अभिरुचि एंव जरूरत के अनुसार ही किए जांएगे।

इंटरनेट जगत में हिंदी में मौजूद सभी राशियों का राशिफल एक साथ यहां पढ़ सकते हैं। नए और पुराने, सभी तरह के गानों, के अलावा तस्वीरों (फोटो) संबंधी आपकी खोज यहां आ कर पूर्ण हो जाती है।
हिंदी इंटरनेट जगत का नया प्रयोग यानी ब्लॉगिंग को यहां विशेष स्थान दिया गया है। रफ़्तार के होमपेज का एक महत्वपूर्ण कोना सिर्फ ब्लॉगिंग को समर्पित है।
कारोबार और बाजार पर हिंदी का बढ़ता असर यहां भी दिखाई दे रहा है। इसीलिए, कारोबार और शेयर बाजार की खबरों के अतिरिक्त सेंसेक्स सूचकांक को भी यहां प्रमुखता से जोड़ा गया है।
दरअसल, रफ़्तार आगाज है इंटरनेट पर अंग्रेजी के एकाधिकार की समाप्ति का। अब समय आ गया है कि हम इंटरनेट से अपनी भाषा में अपनी आवश्यकताएं पूरी कर सकें!
(रफ्तार.इन की तरफ से भड़ास को प्रेषित प्रेस विज्ञप्ति)