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25.2.17

प्रभु की ट्रेल का बुरा हाल... हिमगिरी एक्सप्रेस का हाल जानिए




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Plz delete mentioned items in view of High Court Order

Dear Mr. Yashwant,

While surfing net, I just accidently observed below two articles (Links mentioned), which violates Bombay High Court Interim Order, and I request you to delete them immediately, as we all should maintain the highest order of regards for judiciary.

23.2.17

स्ट्रिंगरों का आधा कमीशन हड़प गया हिन्दुस्तान मुरादाबाद का जीएम, बगावत हुई

हिन्दुस्तान मुरादाबाद के जीएम गौरव बिसारिया ने विधानसभा चुनावों के
दौरान कड़ी मेहनत से विज्ञापन इकट्ठा करने वाले स्ट्रिंगरों के हिस्से का
आधा कमीशन हड़प लिया है। स्ट्रिंगरों को इसकी जानकारी तब हुई, जब
मुरादाबाद मुख्यालय में वह अपनी गाढ़ी मेहनत की कमाई का हिस्सा लेने
पहुंचे। वहां पर जीएम ने सभी स्ट्रिंगरों को कमीशन का आधा हिस्सा देने का
फरमान सुना दिया।

पांचवां चरण : बदला-बदला नजर आ रहा है चुनावी नजारा

अजय कुमार, लखनऊ

2012- सपा-37, बसपा-03,भाजपा-05,कांग्रेस-05,पीस पार्टी-02


उत्तर प्रदेश विधान सभा के पांचवें चरण में 27 फरवरी को 11 जिलों(बलरामपुर, गोण्डा, फैजाबाद, अम्बेडकरनगर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीर नगर, सुलतानपुर और अमेठी) की 52 सीटों पर एक करोड़ 84 लाख मतदाता 617 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। 2012 के विधान सभा चुनाव में यह इलाका सपा के दबदबे वाला रहा था। सपा ने 37 सीटों पर जीत हासिल की थी,जबकि बसपा-3,भाजपा-5 कांग्रेस-05 और पीस पार्टी को 2 सीट पर ही जीत हासिल हो पाई थी। यह क्षेत्र कई मायनों में बाकी इलाकों से अलग-थलग नजर आता है। पांचवें चरण में वह जिला (अबंडेकरनगर) भी शामिल है जहां से कभी बसपा मुखिया चुनाव लड़ चुकी है। यहां बसपा का प्रभुत्व था लेकिन 2012 में जनता ने इन्हें पटखनी दे दी। वहीं अयोध्या के नाम पर राजनीति करने वाले भाजपा को अयोध्या की सीट तक नहीं मिली। इसी तरह अमेठी गांधी परिवार की परंपरागत सीट रही है,लेकिन यहां से 2012 में मतदाताओं ने उनके प्रत्याशियों को विधानसभा तक पहुंचने नहीं दिया।

भारत में विभिन्न समुदाय द्वारा बरती जाने वाली भाषाओं को संवैधानिक दर्जा दिया जाना चाहिए


कैम्पेन फॉर लैंग्यवेज एक्टवलिटी एंड राइटस (क्लीयर), भारतीय भाषा समूह, और मैथली भोजपुरी अकादमी इस मांग में आपनी साझेदारी व्यक्त करती है कि भारत में विभिन्न समुदाय द्वारा बरती जाने वाली भाषाओं को संवैधानिक दर्जा दिया जाना चाहिए और दिल्ली स्थित आकाशवाणी से भारतीय भाषाओं के समाचार प्रसारण की व्यवस्था को देश भर में फैले ऑल इंडिया रेडियों के विभिन्न केन्द्रों में स्थानांतरित करने के फैसले का कड़े शब्दों में विरोध करती है। यह फैसला भारतीय भाषाओं का दर्जा स्थानीय भाषाओं के स्तर पर ले जाने की लंबी योजना का हिस्सा है।

21.2.17

राजनीति के बिगड़े बोल

-संजय द्विवेदी

     भारतीय राजनीति में भाषा की ऐसी गिरावट शायद पहले कभी नहीं देखी गयी। ऊपर से नीचे तक सड़कछाप भाषा ने अपनी बड़ी जगह बना ली है। ये ऐसा समय है जब शब्द सहमे हुए हैं, क्योंकि उनके दुरूपयोग की घटनाएं लगातार जारी हैं। राजनीति जिसे देश चलाना है और देश को रास्ता दिखाना है,वह खुद गहरे भटकाव की शिकार है। लोग निरंतर अपने ही बड़बोलेपन से ही मैदान जीतने की जुगत में हैं और उन्हें लगता है कि यह ‘टीवी समय’ उन्हें चुनावी राजनीति में स्थापित कर देगी। दिखने और बोलने की संयुक्त जुगलबंदी ने टीवी चैनलों को कच्चा माल उपलब्ध कराया हुआ है तो राजनीति में जल्दी स्थापित होने की त्वरा में लगे नए नौजवान भी भाषा की विद्रूपता का ही अभ्यास कर रहे हैं।

ज्योति जासवाल ने एबीपी न्यूज़ को कहा अलविदा, इंडिया टीवी पहुंची


राम और बुद्ध की प्राचीन धरा पर हिंदी की अनुगूँज

पटना । “रचनाकर्म और रचनाकार की मंशा एवं दिशा स्पष्ट रहनी चाहिए। नये रचनाकारों के प्रतिबद्ध लेखन एवं सरोकार से आशा बनी हुई है कि साहित्य की उत्तरजीविता संभावनाओं से अभी भी लबरेज़ है।” ये बात हिंदी के प्रतिष्ठित एवं प्रगतिशील आलोचक डॉ. खगेन्द्र ठाकुर ने 13 वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कही।

राजिम महाकुंभ घूम आए टीवी पत्रकार अश्विनी शर्मा






चौथा चरणः नेहरू-इंदिरा के गढ़ से बुंदेलखंड तक की जंग

मतदान 23 फरवरी, 12 जिले 53 सीटें : उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में चौथे चरण की जंग भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। पश्चिम से शुरू हुई चुनावी जंग अवध होते हुए बुंदेलखंड (सात जिलों की 19 सीटें) के साथ-साथ नेहरू-इंदिरा खानदान के सियासी विरासत वाले जिलों रायबरेली और इलाहाबाद पहुंची तो नेताओं का सियासी मिजाज भी बदल गया। बुंदेलखड प्रदेश का सबसे पिछड़ा हुआ इलाका है। यहां की गरीबी, भुखमरी, पिछड़ापन आजादी के 70 वर्षो के बाद भी दिल को झंझोर देता है।

गलत जानकारी प्रकाशित कर रहा हिंदुस्तान अखबार

हिंदुस्तान अखबार गलत खबर छापकर लोगों को कर रहा है भ्रमित. मंगलवार को हिंदुस्तान अखबार ने मेरठ अंक के पेज तीन पर खबर छापी कि आज मेरठ से इलाहाबाद जाने वाली संगम एक्सप्रेस रद्द रहेगी। स्टेशन पहुंचकर जब लोग अपना टिकट कैंसल कराने को बोले तो जानकारी मिली कि संगम एक्सप्रेस अपने नियत समय पर मेरठ स्टेशन से रवाना होगी।

ashtwayik Sharma
ashtwayik@gmail.com

ये ब्रजेश पांडेय एनडीटीवी वाले रवीश कुमार के भाई हैं!


चर्च तले अंधविश्वास





किताब 'ये है मुंबई' पर मुंबई में हुई परिचर्चा



मर्डर केस में फंसे शाह को बचाने मुझे लाए थे : राम जेठमलानी






19.2.17

‘समाज का आज’ किताब के लेखों में कोई भी पीड़ा सघन रूप से अभिव्यक्त नहीं हो पाई है

जयपुर : पीस फाउण्डेशन के तत्वावधान में आज मानसरोवर स्थित उनके संगोष्ठी कक्ष में डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल की नव प्रकाशित पुस्तक 'समाज का आज' पर चर्चा गोष्ठी आयोजित की गई. प्रारम्भ में फाउण्डेशन के अध्यक्ष प्रो. नरेश दाधीच ने पुष्प गुच्छ देकर लेखक का स्वागत किया  और फिर कृतिकार डॉ अग्रवाल ने अपनी पुस्तक के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मूलत: एक अपराह्न दैनिक के स्तम्भ के रूप में लिखे गए ये आलेख समकालीन देशी-विदेशी समाज की एक छवि प्रस्तुत करते हैं. डॉ अग्रवाल ने कहा कि ये लेख विधाओं की सीमाओं के परे जाते हैं और बहुत सहज अंदाज़ में हमारे समय के महत्वपूर्ण सवालों से रू-ब-रू कराने  का प्रयास करते हैं.

डीएस कालेज धांधली प्रकरण में कमिश्नर ने दिए जाँच के आदेश

अलीगढ | डीएस कालेज प्रवेश प्रक्रिया में हुई धांधली का मामला कमिश्नर तक पहुँच गया है| कमिश्नर ने छात्र नेता जियाउर्रहमान की शिकायत पर एडीएम सिटी को जांच कर कार्यवाही के आदेश दिए हैं| छात्र नेता जियाउर्रहमान ने शुक्रवार को कमिश्नर सुभाष चन्द्र शर्मा से मिलकर कालेज में व्याप्त धांधली और भ्रष्टाचार की शिकायत की| छात्र नेता ने प्राचार्या की शिकायत करते हुए प्रवेश प्रक्रिया को अवैध वसूली का जरिया बनाने का आरोप लगाया|

हिंदुस्तान रांची ते दो पत्रकारों का जबरन किया गया तबादला, पढ़ें लेटर



रामकृष्ण परमहंस जयन्ती 18 फरवरी : सिद्धि, साधना और संस्कृति के शिखरसंत

- ललित गर्ग-
आज के विश्व में भारत के अध्यात्म की एक अनूठी भूमिका है। क्योंकि भारत का सौभाग्य है कि यहां की रत्नगर्भा माटी में आध्यात्मिक महापुरुषों को पैदा करने की शोहरत प्राप्त है। जिन्होंने अपने व्यक्तित्व और कर्तृत्व से न सिर्फ स्वयं को प्रतिष्ठित किया वरन् उनके अवतरण से समग्र विश्व मानवता धन्य हुई है। इसी संतपुरुषों, गुरुओं एवं महामनीषियों की शृृंखला में एक महापुरुष हैं रामकृष्ण परमहंस। यहां का जन-जन उनकी परमहंसी साधना का साक्षी है, उनकी गहन तपस्या के परमाणुओं से अभिषिक्त है यहां की माटी और धन्य है यहां की हवाएं जो इस भक्ति और साधना के शिखरपुरुष के योग से आप्लावित है। संसार के पूर्णत्व को जो प्राप्त हैं, उन इने-गिने व्यक्तियों में वे एक थे। उनका जीवन ज्ञानयोग, कर्मयोग एवं भक्तियोग का समन्वय था। वे एक महान संत, शक्ति साधक तथा समाज सुधारक थे। इन्होंने अपना सारा जीवन निःस्वार्थ मानव सेवा के लिये व्यतीत किया, इनके विचारों का न केवल बंगाल के बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के बुद्धिजीवियों पर गहरा सकारात्मक असर पड़ा तथा वे सभी इन्हीं की राह पर चल पड़े। उन्होंने भाग्य की रेखाएं स्वयं निर्मित करने की जागृत प्रेरणा दी। स्वयं की अनन्त शक्तियों पर भरोसा और आस्था जागृत की। अध्यात्म और संस्कृति के वे प्रतीकपुरुष हैं। जिन्होंने एक नया जीवन-दर्शन दिया, जीने की कला सिखलाई।



17.2.17

भारत में हिंदुओं की आबादी वाकई कम हो रही है

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू हिन्‍दू आबादी कम होने संबंधी एक ट्वीट क्‍या कर दिया, स्‍वयं को सेक्‍युलर कहने वालों की भीड़ एक साथ उनको कठघरे में खड़ा करने में लग गई । उसमें भी आश्‍चर्य तब अधिक हुआ, जब एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन औवेसी जैसे घोर सान्‍प्रदायिक यह कहते हैं कि रिजिजू देश के मंत्री हैं हिंदुओं के नहीं, इसलिए उन्हें ऐसे बयान नहीं देने चाहिए। वस्‍तुत: सच तो यही है कि वे देश के मंत्री हैं इसलिए उन्‍हें सदैव सत्‍य बोलना चाहिए जो उन्‍होंने इस ट्वीट में बोला भी है ।

मोदी के दो अनमोल पत्रकार रतन : एक बलात्कार का आरोपी, दूसरा सौ करोड़ उगाही का आरोपी


रवीश कुमार बनाम राहुल कंवल


खनन में मौतों के लिए राजनैतिक माफिया जिम्मेदार

वीआईपी लूट के राजनैतिक माफियाओं को जनता सजा दे - स्वराज अभियान

ओबरा-सोनभद्र । खनन में लगातार जारी मौतों के लिए राजनैतिक माफिया जिम्मेदार हैं।ओबरा क्षेत्र में वीआईपी लूट के राजनैतिक माफिया अवैध खनन कर लोगों की जिन्दगी को दांव पर लगाकर भारी लूट को अंजाम दे रहे हैं। उक्त बातें स्वराज अभियान के जयकिसान आन्दोलन के राष्ट्रीय सहसंयोजक अजीत सिंह यादव ने आज जारी बयान में कहीं।उन्होंने कहा कि स्वराज अभियान व आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) वीआईपी लूट के इन राजनैतिक माफियाओं को सजा दिलाने के लिए अभियान तेज करेंगे ।उन्होंने बताया कि हमारी पहल पर ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खनन की सी0बी0आई0जांच का आदेश दिया. प्रदेश की अखिलेश सरकार खनन की सी.बी.आई.जांच काे रूकवाने सुप्रीम काेर्ट गई ताे स्वराज अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत भूषण की पैरवी पर ही सुप्रीम काेर्ट खनन की सी.बी.आई. जांच करवा रहा है.

एक मीडियाकर्मी की दुखभरी कहनी...

आर्थिक संकट से जूझ रहे मीडियाकर्मी अमित नूतन की पत्नी कविता का निधन हो गया...
पूरी स्टोरी यहां पढ़ें..

13.2.17

ज़ी न्यूज़ की एंकर निहारिका माहेश्वरी की जी न्यूज़ से विदाई

ज़ी न्यूज़ की एंकर निहारिका माहेश्वरी की जी न्यूज़ से विदाई. निहारिका यूपी केंद्रित रीजनल न्यूज चैनल ''इंडिया 24x7'' देखती थी. चैनल हेड बाशिंद्र मिश्र और पूरे चैनल के स्टाफ ने निहारिका को विदाई पार्टी दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की.



एकता और अखंण्डता के लिए घातक है ऐसी नारेबाजी

आज सम्पूर्ण भारतवर्ष ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक एवं संवैधानिक दृष्टि से एक है। हमारा संविधान ‘हम भारत के लोग ....... ......’ से शुरू होकर हमारी एकता को रेखांकित करता है। संवैधानिक स्तर पर भारत का कोई भी नागरिक अपने मूल निवास स्थान के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में भी चुनाव लड़ने के लिए अधिकृत है। यह हमारी एकता का भी प्रमाण है। इसी आधार पर आज गुजराती मूल के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी उ.प्र. के वाराणसी संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं। आश्चर्य का विषय है कि देश की ताजा राजनीति देश के अंदर ही देश के नेताओं को बाहरी बता रही है। उ.प्र. विधान सभा के चुनावों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का नारा ‘अपने लड़के बनाम बाहरी मोदी’ इस दुर्भाग्यपूर्ण और राष्ट्रीय एकता के लिए घातक क्षेत्रीय मानसिकता को उजागर करता है।

पत्रकारों को नहीं है मतदान का अधिकार!

बड़ी अजब स्थिति है. लोगों को वोट के लिए प्रेरित करने वाले मीडिया कर्मी स्वयं का वोट नहीं डाल पाते। क्या हमारे लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए? क्या हमको मतदान करने का अधिकार नहीं है? इसके लिए चुनाव आयोग के साथ ही नेताओं को भी ध्यान देना होगा।
Anuj Gupta 
anujgupta.kanpur06@gmail.com
(पत्रकार अनुज गुप्ता एक निजी चैनल में कार्यरत हैं )

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय यानि National School of Drama के भ्रष्टाचार की कहानी उजागर किया अजित राय ने

पूरा आलेख पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें

क्यों तन्हा हो गए हैं प्राइमरी स्कूल....

शालिनी तिवारी की रिपोर्ट पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें

विश्व रेडियो दिवस 13 फरवरी

रेडियो की कहानी पढ़ने के लिए इस पर क्लिक करें


11.2.17

भारत की ज्ञान परंपरा पर केंद्रित है विश्वविद्यालय का कैलेंडर

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सामाजिक जड़ता के विरुद्ध हिन्दी रंगमंच की बड़ी भूमिका


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अनिल यादव की नई किताब 'सोनम गुप्ता बेवफा नहीं है'

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युवा कवियों के कविता शिविर का आयोजन

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9.2.17

शशीकला ने खींच ली सेल्वम की सरकार...

बीजू के छक्के

1.
तमिलनाडु में चल रही है जूतमपैजार।
शशीकला ने खींच ली सेल्वम की सरकार॥
सेल्वम की सरकार कि इस पर मैं बैठूँगी।
जया सहेली की विरासत बस मैं ही लूँगी॥
कह "बीजू" जो रौनक़ यूपी के चुनाव में।
उससे ज़्यादा मज़ा आ रहा तमिलनाडु में॥

इस बहादुर महिला पत्रकार से पुलिसकर्मियों ने की मारपीट

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6.2.17

अमर उजाला लखीमपुर में ये कैसा गड़बड़झाला है!


alok singh 

alok.singhs@rediffmail.com

5.2.17

तेहलका के पूर्व ब्यूरो चीफ ब्रजेश सिंह लांच कर रहे हैं 'द वायर' न्यूज पोर्टल


मेरठ में हिंदुस्तान अखबार के फोटोग्राफर का उत्पीड़न

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मोदी आज भारत में सबसे खतरनाक शख्सियत के रूप में उभरे हैं

बसपा के लिए मुक्त है सामाजिक न्याय की राजनीति का मैदान! 

एच.एल.दुसाध 

विभिन्न पार्टियों का घोषणापत्र जारी होने के बाद यूपी विधानसभा चुनाव के मुद्दे अब लगभग स्पष्ट हो चुके हैं.भाजपा विकास के साथ ही डॉ.हेडगेवार के फार्मूले ,हिन्दू धर्म-संस्कृति के उज्जवल पक्ष और मुस्लिम विद्वेष के प्रसार के जरिये सत्ता पर काबिज होने की कोशिश करेगी ,जबकि अखिलेश की सपा पूरी तरह विकास के मुद्दे पर निर्भर रहेगी.वैसे सपा की पहचान मुख्यतः सामाजिक न्यायवादी दल के रूप में है पर, नई सदी में उसने कभी सामाजिक न्याय  का मुद्दा स्पर्श किया ही नहीं.इस बीच विगत वर्षों में जिस तरह सपा सरकार में कुछ सड़कों ,फ्लाई ओवर,मेट्रो इत्यादि का निर्माण हुआ और पब्लिक की ओर से अच्छा रेस्पोंस मिला उससे अखिलेश यादव विकास के नाम पर चुनाव जीतने के प्रति कुछ ज्यादे ही आशावादी हो उठे हैं.किन्तु विकास के रास्ते पर सरपट दौड़ रहे अखिलेश यादव पर हाल के दिनों में जिस तरह पिछड़े समुदाय के बुद्धिजीवियों द्वारा सामाजिक न्याय की राजनीति की ओर लौटने का दबाव बना था,उससे लगा था कि अखिलेश यादव सरकारी ठेंकों में एससी/एसटी के आरक्षण ,प्रमोशन में आरक्षण तथा त्रि-स्तरीय आरक्षण पर अपने सरकार की भूमिका के लिए खेद प्रकट करते हुए, इस चुनाव में सामाजिक न्याय का मुद्दा भी उठाएंगे.किन्तु खेद प्रकट करना तो दूर, उन्होंने जिस तरह संघ प्रचारक मनमोहन वैद्य के आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्समीक्षा संबंधी बयान पर ख़ामोशी अख्तियार किया,उससे तय हो गया कि सपा पूरी तरह विकास के मुद्दे पर ही निर्भर रहेगी.बहरहाल सपा द्वारा पूरी तरह विकास की राजनीति पर निर्भर रहने के बाद यूपी में सामाजिक न्याय की राजनीति का पूरा क्षेत्र बसपा के लिए मुक्त हो गया है और वह इसे एक अवसर के रूप लेती प्रतीत हो रही है.

यूपी वाले कैसे बचायेंगे देश!

एच.एल.दुसाध 

हाल ही में मशहूर पत्रकार पलास बिश्वास का एक खास लेख छपा था जिसमें उन्होंने यूपी के लोगों से संघी शासन के विरुद्ध लामबंद होने की कातर अपील करते हुए लिखा था -‘यूपी में सामाजिक बदलाव की दिशा बनी है.यूपी ने ही बदलाव के लिए बाकी देश का नेतृत्व किया है.तो अब यूपी के हवाले देश है.देश का दस दिगंत सर्वनाश करने के लिए सिर्फ यूपी जीतने की गरज से अर्थव्यवस्था के साथ –साथ करोड़ों लोगों को बेमौत मारने का जो चाक चौबंद इंतजाम किया है संघ परिवार ने ,उसके हिंदुत्व एजेंडे का प्रतिरोध यूपी से ही होना चाहिए.यूपी वालों के पास ऐतिहासिक मौका है प्रतिरोध का.देश आपके हवाले है.’बहरहाल सिर्फ पलास विश्वास ही नहीं सोशल और प्रिंट मीडिया पर सक्रिय ढेरों जागरूक लोग ही यूपी वालों से विशेष प्रत्याशा करने लगे हैं.ऐसे में यूपी वालों के सर पर एक ऐतिहासिक जिम्मेवारी आन पड़ी है और अगर वे इसके निर्वहन में आगे बढ़ना चाहते तो उन्हें जिस आरएसएस का भाजपा राजनीतिक संगठन है उसके निर्माण की पृष्ठभूमि,रणनीति और उद्देश्यों को ठीक से समझ लेना होगा.

एक महिला सिपाही की दास्तान