Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

Showing posts with label अजीत. Show all posts
Showing posts with label अजीत. Show all posts

6.7.12

इन किशन भगवान से तो राम ही बचाए


महोदय ऐसा लगता है कि आप ने ऐसा इसी लिए लिखा है कि ताकि कमेंट रुप कुछ दिन के लिए एक बढिया मसाला मिल जाये आपके उठाये हर सवाल का उत्तर है परन्तु कुछ सवाल है। 1. यदि आप की आप बदसूरत है तो क्या आप किसी यह कहते कि मैं शर्मिंदा हूँ? 2. क्या आपने कभी इस बात की किसी से तुलना की क्या हमारे बाप ने यह किया और तुम्हारे बाप ने यह गलत किया। 3. क्या कभी आपने अपने माँ बाप की इस लिए पसंद नहीं किया कि दूसरे के माँबाप ज्यादा अमीर। आपने लिखी कहानी में से तो यही अर्थ निकलता कि आप किसी दूसरे को नीचा दिखा कर ऊंचे होना चाहते है। दूसरे शब्दो में एक लाइन को बड़ा करने के लिए आप दूसरी लाइन को काटकर छोटा करना चाहते हैँ। मित्र दूसरे कमी निकाल कर कुछ लोगों को आकर्षित तो क्या जा सकता है। पर खुद को ऊचा नहीं उठाया जा सकता है। रही बात आर्य समाजी बनने की तो बनने के बाद यदि उसमे कोई कमी मिली तो फिर कुछ और अपनाइयेंगे क्या और यह सिलसिला कब तक चलेगा।

10.6.08

नीरव जी को समर्पित

कोई कपड़ो में गया, कोई तौलिये में गया
हमाम में हर कोई नहाने ही गया।
जिंदगी में जो भी सीखा था अच्छा बुरा,
हमाम में वो गुनगना के ही गया।
घिन आने लगी है जाने में अन्दर,
कोई इतना हमाम को गंदा कर गया
जल रहा था जो बल्ब वो भी साथ ले गया
उसकी नियत में साथ खोट था तभी तो
बल्ब के साथ बो साबुन भी लेकर गया।
खुद तो खूब नहाया हमाम में वो पर
जाते जाते किसी के न नहाने लायक कर गया।
सीना जोरी तो देखिये उसकी आप
जाते जाते कुंडी भी बन्द कर के गया।
शौक से नहाने वालों के वो दुखी कर गया।
और अजीत धुन में कविता लिख गया।


-अजीत कुमार मिश्रा

शहीद भगत सिंह की कुछ दुर्लभ तस्वीरें

आजादी के दीवानों के नेता, युवाओं के रोल माडल शहीद भगत सिंह की कुछ दुर्लभ तस्वीरें बीबीसी ने अपनी साइट पर जारी की हैं। इन तस्वीरों के दर्शन के लिये यहाँ क्लिक करें।

27.2.08

दोस्ती में दूरी माने नहीं रखती....

फूलो की खुशबू को चुराया नही जाता

पर लोग चुराने की कोशिश करते है।

सूरज की रोशनी को छुपाया नही जाता

पर छुपाने की कोशिश कर लेते है।

दोस्ती में दूरी माने नहीं रखती है

पर लोग कान भर कर दूरी बढ़ा देते है।

कान के कच्चे दोस्ती को भुला देता है।

मांगी जिसने चांदनी उसे चांदनी मिली

रोशनी मांगने वाले को रोशनी मिली

मैं भगवान से दोस्ती मांगी

मुझे आप जैसे पक्के कान दोस्त मिले।

अजीत