6.7.12
इन किशन भगवान से तो राम ही बचाए
10.6.08
नीरव जी को समर्पित
कोई कपड़ो में गया, कोई तौलिये में गया
हमाम में हर कोई नहाने ही गया।
जिंदगी में जो भी सीखा था अच्छा बुरा,
हमाम में वो गुनगना के ही गया।
घिन आने लगी है जाने में अन्दर,
कोई इतना हमाम को गंदा कर गया
जल रहा था जो बल्ब वो भी साथ ले गया
उसकी नियत में साथ खोट था तभी तो
बल्ब के साथ बो साबुन भी लेकर गया।
खुद तो खूब नहाया हमाम में वो पर
जाते जाते किसी के न नहाने लायक कर गया।
सीना जोरी तो देखिये उसकी आप
जाते जाते कुंडी भी बन्द कर के गया।
शौक से नहाने वालों के वो दुखी कर गया।
और अजीत धुन में कविता लिख गया।
-अजीत कुमार मिश्रा
शहीद भगत सिंह की कुछ दुर्लभ तस्वीरें
आजादी के दीवानों के नेता, युवाओं के रोल माडल शहीद भगत सिंह की कुछ दुर्लभ तस्वीरें बीबीसी ने अपनी साइट पर जारी की हैं। इन तस्वीरों के दर्शन के लिये यहाँ क्लिक करें।
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Ajit Kumar Mishra
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Labels: अजीत, तस्वीर, भड़ास, शहीद भगत सिंह
27.2.08
दोस्ती में दूरी माने नहीं रखती....
फूलो की खुशबू को चुराया नही जाता
पर लोग चुराने की कोशिश करते है।
सूरज की रोशनी को छुपाया नही जाता
पर छुपाने की कोशिश कर लेते है।
दोस्ती में दूरी माने नहीं रखती है
पर लोग कान भर कर दूरी बढ़ा देते है।
कान के कच्चे दोस्ती को भुला देता है।
मांगी जिसने चांदनी उसे चांदनी मिली
रोशनी मांगने वाले को रोशनी मिली
मैं भगवान से दोस्ती मांगी
मुझे आप जैसे पक्के कान दोस्त मिले।
अजीत
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Ajit Kumar Mishra
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