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23.2.08

कानून के पिछवाड़े उंगली नही डालनी चाहिए वहां दांत होते हैं

मुझे बताया गया कि जी न्यूज के जिस जांबाज और दिलेर संवाददाता विजयशेखर ने कानून के पुरोधाओं की एक स्टिंग आपरेशन चला कर यह सिद्ध करा था कि जुडीशियरी में कितना कुत्तापन व्याप्त है ,उसे ही सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस दिया है कि छह सप्ताह के भीतर माफ़ीनामा प्रस्तुत करो वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहो । सारे भड़ासी भाई बहन जान लीजिए कि इस बहादुर ने क्या किया था ,इस पट्ठे ने अपनी खून पसीने की कमाई के मात्र चलीस हजार रुपए खर्च करे और एक थाने में झूठी रपट लिखवा कर वहां के जज महोदय से चार लोगों के खिलाफ़ वारंट निकलवा दिये ;जानते हैं उनमें से दो कौन थे भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति महामहिम श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और भारत के चीफ़ जस्टिस वी.एन.खरे । चार्ज लगाया था कि इन लोगों ने एक सोने के व्यापारी को ठगा है .....भौं भौं भौं ....भूं भूं भूं ... कांय कांय कांय...... अभी फटी होगी ।
अबे कितनी बार बोला कि कानून के पिछवाड़े में उंगली नहीं करने का ,अबी भुगत साला ; जैसे एक शाणा वो है जस्टिस आनंद सिंह जिसने जुडीशियरी में व्याप्त भ्रष्टाचार की तरफ उंगली उठाई तो आज तक भोग रहा है पूरे परिवार समेत .....
लेकिन भड़ासी लोग अपना एक सल्ला है कि तुम लोग बस होली-बीली का पोस्ट लिखने का ,रंग गुलाल वगैरे का ;जास्ती शाणा बन कर पत्रकारिता करके ऐसा प्रोबलेम में उंगली डाला तो मालुम क्या तेरे कूं ,उंगली इच गायब हो जाएंगी बाप । ये कानून वाला लोग के पिच्छू बी दांत होता है साला उंगली करने वाले की उंगली चबा लेते हैं । अबी सीरियसली होली मनाने का कांयकूं फुकट का टेन्चन लेने का जब अपनी फटेगी तबी चिल्लाने का नईं तो गपचिप बैठ कर औरत लोग का मुक्ति-बिक्ति पर बात करने का ऐसा भंकस में क्या रखेला है भिड़ू, अपन को तो अक्खा लाइफ़ उदर मूं इच नईं करने का । ठी है ना भाई लोग ? चल अबी होली मनाने का........
जय जय भड़ास