Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

4.10.13

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-नितिन सबरंगी
,d rjQ okrkZ nwljh rjQ ?kqliSB vksj Qk;fjax! ihB esa [katj ?kksaius dh ;g fQrjr ikfdLrku dh cgqr iqjkuh gSA ;g vc cgl dk eqík ugha jgk fd ikfdLrku vkradokfn;ksa dks iukg nsdj mUgsa gj rjg dh enn djrk gSA lhek ikj ls fgUnqLrku dh ljteha ij vkdj vkradokn dh f?kukSuh gjdrsa djus ds fy;s ?kqliSfB;ksa dh la[;k yxkrkj btkQk fpark dk fo’k; gSA vkradoknh tc ?kqliSB djrs gSa] rks ikfdLrkuh lSfud mudh enn djrs gSaA ;g gekjh “kku vksj lqdwu ds fy;s cgqr gS fd viuh lsuk ,slh gjdrksa dk eqagrksM+ tokc nsrh gSA ?kqliSfB;ksa ls fuiVuk ;dhuu fdlh pqukSrh ls de ugha gSA ;g ,sls xans dhM+s gSa tks iwjs eqYd esa tgj ?kksyus dk dke dj ldrs gSaA vkadM+ksa ij utj Mkysa] rks o’kZ 2012 esa 120 ?kqliSfB, nkf[ky gq, tcfd bl lky ;g la[;k 90 rd igqap pqdh g
SA lsuk bls cM+s [krjs ds :i esa ns[kdj eqdkcyk Hkh dj jgh gSA ikfdLrku dks njvly eqagrksM+ djkjk tokc lsuk vksj eqYd ds yksx dHkh dk ns pqds gksrs ysfdu gekjh fl;k;r dk uje :[k bls BaMk djus dk dke djrk gSA  आकाओं की नरमी ही है कि घुसपैठियों की संख्या पहले की मुकाबले बढ़ी है। पाकिस्तान अपनी खंजर मारने की फितरत नहीं छोड़ता ओर हम जान की कीमत पर उदारता। हमारे वतन ओर हमारी हिम्मत बहादुर सैनिकों से है, सफेदपोश नेताओं से नहीं! वतन के रखवाले सैनिक जागते हैं इसलिए हम महफूज सोते हैं! जनरल बिक्रम सिंह ने कहा है कि "घुसपैठ के लिहाज से यह काफी मुश्किल वक्त है. अतीत में भी घुसपैठ होती रही है. लेकिन निश्चित रूप से अब अधिक घुसपैठ हो रही है." पाकिस्तान को जरूरत सख्त जवाब की है। जय हिन्द!

3.10.13

गांधीगिरी दिखाकर कांग्रेसियों ने शिवराज से पूछे सवाल
सवनी । आज सुबह मु यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जब उर्दू स्कूल में आयोजित आदिवासी सम्मेलन में शामिल होने पहुंच रहे थे उसके पूर्व ही कांग्रेसियों ने अपनी पूर्व घोषणा अनुसार बस स्टेंड में खड़े होकर मुख्यमंत्री को उनके द्वारा की गई अब तक की घोषणाओं का स्मरण पत्र सौंपने का कार्यक्रम निश्चित किया था। कहीं कोई अप्रिय स्थिति न बने इस हेतु कांग्रेस के जमावड़े को देखकर एसडीओपी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल यहां आ गया और एसडीओपी द्वारा कांग्रेसियों को यहां से हटने की समझाईश दी गई लेकिन इंका कार्यकर्ता इसके लिये तैयार नहीं हुये। आखिरकार जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला कार्यक्रम स्थल के लिये यहां पहुंचा तो पुलिस बल ने कांग्रेसियों के समक्ष अपनी दीवार खड़ी कर दी।
इस स्थति को देख मुख्यमंत्री स्वयं रूके और उन्होंने वाहन से उतरकर कांग्रेस के प्रमुख प्रतिनिधियों से वह स्मरण पत्र लिया। जिसमें कांग्रेस के द्वारा दस प्रमुख मांगों का उल्लेख किया गया। इनमें पहली मांग जिले को संभाग का दर्जा देना, दूसरा मेडीकल कालेज तीसरा नर्सिंग कॉलेज तथा लखनादौन अस्पताल का उपनयन, दो आकाशवाणी केन्द्र, छपारा और केवलारी को नगर पंचायत का दर्जा, पलारी में उप तहसील, कान्हीवाड़ा में पूर्ण तहसील एवं उसे विकासखंड बनाना, जिले को प्रदेश में नंबर एक बनाना, फोरलेन के रूके कार्य को पूरा कराना, सिवनी को मॉडल नगर बनाना और दल सागर तालाब को रमणीक स्थल बनाना शामिल हैं।
अंत में सौंपे गये स्मरण पत्र में उल्लेख है कि उक्त स्थितियों के चलते जब आपने सिवनी नगर को कोरी घोषणाओं के अलावा कुछ नहीं दिया तो यहां की जनता आपको अपना आर्शीवाद क्यों दे?
स्मरण पत्र सौंपते समय जिला       अध्यक्ष हीरा आसवनी एवं नगर अध्यक्ष इमरान पटेल ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपकी कोई भी घोषणा अब तक पूरी नहीं हुई है तो  गुलाब का फूल लेते हुये मुस्कुराकर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि जनाब आप निश्चिंत रहें सारी घोषणाएं पूरी होंगी। मुख्यमंत्री जब आगे बढऩे लगे तो कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर जिला इंका अध्यक्ष हीरा आसवानी, वरिष्ठ नेता आशुतोश वर्मा, नेहा सिंह, पप्पू खुराना, असलम खान, ठा. रजनीश सिंह, जिला पंचायत के अध्यक्ष मोहनसिंह चंदेल,जकी अनवर,फिरोज खॉन, शिव सनोडिया, सुरेन्द्र करोसिया, सोहेल अलवी,,  सुबोध मालू,सुनील संजय बघेल, सोहेल पाशा, आनंद व संतोष पंजवानी, शाहिद खान सहित अन्य इंका के लोग उपस्थित थे।

साप्ताहिक दर्पण झूठ ना बोले सिवनी
1 अक्टूबर 2013 से साभार

शिवराज को जनता से नहीं वरन भाजपा नेताओं से केवलारी विस क्षेत्र में वनवास समाप्त करने की अपील करना चाहिये
अति उत्साही भाजपा कार्यकर्त्ता केवलारी में नारा लगाते समय उसे बदलना भी गये या वो ऐसा ही चाहते जैसा नारा लगा रहे थे। यदि भाजपा नेता ऐसा चाहते थे कि केवलारी क्षेत्र से इस बार भाजपा चुनाव जीते और यदि उनका यह मानना था कि ढ़ाल सिंह चुनाव नहीं जीत सकते हैं तो उन्हें कम से कम नारा तो बदल कर ऐसा कर लेना था कि ढ़ाल सिंह हटाओ, केवलारी लाओ। इसके बावजूद भाजपा की राष्ट्रीय सचिव सुधा मलैया ने यह कहा कि ढ़ाल सिंह प्रदेश के वरिष्ठ नेता हैं और वे ही केवलारी की ढ़ाल बनेंगें। उनका इस कथन का भाजपा नेता अपने अपने तरीके से अर्थ लगा रहें हैं। ़जिला मुख्यालय की सिवनी सीट के लिये भाजपा और कांग्रेस में भारी खींचतान मची हुयी है। एक तरफ भाजपा में वर्तमान विधायक नीता पटेरिया और पूर्व विधायक नरेश दिवाकर के खिलाफ कार्यकर्त्ताओं में भारी आक्रोश दिखायी दे रहा है। भाजपा यदि सुजीत जैन को अपना उम्मीदवार बनाती है तो जिले के चारों विस क्षेत्रों में आदिवासियों की नाराजगी का सामना उसे करना पड़ सकता है। वैसे कांग्रेसी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश चुनाव समिति ने छः नेंताओं के नाम स्क्रीनिंग कमेटी को भेजे है। इनमें हाजी सुहैल पाशा, राजकुमार पप्पू खुराना, नेहा सिंह, राजा बघेल, मोहन चंदेल और असलम भाई के नाम शामिल हैं। केवलारी में भाजपा का वनवास सामप्करने की अपील शिवराज ने जनता से की है जबकि वे भी यह भली भांति जानते है कि भाजपा नेताओं कारण वनवास मिल रहा है।
केवलारी मे नारा बदलना भूले भाजपायी-़अति उत्साही भाजपा कार्यकर्त्ता केवलारी में नारा लगाते समय उसे बदलना भी गये या वो ऐसा ही चाहते जैसा नारा लगा रहे थे। पलारी में आयोजित केवलारी विस क्षेत्र के कार्यकर्त्ता सम्मेलन में भाजपा नेताओं ने सिवनी में लगाये गये नीता नरेश हटाओ सिवनी बचाओ की तर्ज पर ही यह नारा लगाया कि ढ़ालसिंह हटाओ केवलारी बचाओ। अब सवाल यह उठता है कि ढ़ालसिंह को हटाकर ये नेता केवलारी किसके पास बचाये रखना चाहते थे। आजादी के बाद से 1962 में रामराज्य परिषद के दादू योगेन्द्रनाथ सिंह और 1990 में उनकी पुत्र वधू श्रीमती नेहा सिंह भाजपा से जीती थीं। इसके अलावा वहां से कांग्रेस के प्रत्याशी ही चुनाव जीतते रहें है। केवलारी विस क्षेत्र से 1957 में कांग्रेस के एम.पी.जठार, 1967 से 1985 तक के पांच चुनाव कांग्रेस की कु. विमला वर्मा तथा 1993 से 2008 तक के चार चुनाव कांग्रेस के हरवंश सिंह ने जीते थे। ये नारा लगाने वाले भाजपा नेता क्या यह बताना चाह रहे थे कि ढ़ाल सिंह को हटाकर केवलारी क्षेत्र को कांग्रेस के लिये बचाना है। यदि भाजपा नेता ऐसा चाहते थे कि केवलारी क्षेत्र से इस बार भाजपा चुनाव जीते और यदि उनका यह मानना था कि ढ़ाल सिंह चुनाव नहीं जीत सकते हैं तो उन्हें कम से कम नारा तो बदल कर ऐसा कर लेना था कि ढ़ाल सिंह हटाओ, केवलारी लाओ। वैसे भी पिछले बीस सालों से कांग्रेस के स्व. हरवंश सिंह और भाजपा नेताओं की नूरा कुश्ती के किस्से कमो बेश दोनों ही पार्टियों के सभी नेता जानते थे। केवलारी क्षेत्र के भाजपा के कार्यकर्त्ता सम्मेलन में ऐसे नारे लगना क्या इस बात की ओर इशारा कर रहें हैं कि नूरा कुश्ती का दौर आगे भी जारी रहेगा। कार्यकर्त्ताओं में डॉ. बिसेन को लेकर कितना असंतोष है और स्थानीय उम्मीदवार की बात करने वाले इसके पहले स्थानीय को टिकिट मिलने पर कितने एक दूसरे के साथ रहें हैं?नारे बाजी को लेकर जिला भाजपा के महामंत्री श्रीराम ठाकुर और टिकिट मांगने वाले हरिसिंह ठाकुर के बीच हुयी हाथापायी के किस्से भी अखबारों की सुर्खी बने थे। यह तो एक अलग बात है। लेकिन अखबारों में प्रकाशित समाचारों के अनुसार सम्मेलन में पधारी भाजपा की राष्ट्रीय सचिव सुधा मलैया ने यह कहा कि ढ़ाल सिंह प्रदेश के वरिष्ठ नेता हैं और वे ही केवलारी की ढ़ाल बनेंगें। उनके इस कथन का भाजपा नेता अपने अपने तरीके से अर्थ लगा रहें हैं।
कांग्रेस और भाजपा में मची है घमासान सीट पर-़जिला मुख्यालय की सिवनी सीट के लिये भाजपा और कांग्रेस में भारी खींचतान मची हुयी है। एक तरफ भाजपा में वर्तमान विधायक नीता पटेरिया और पूर्व विधायक नरेश दिवाकर के खिलाफ कार्यकर्त्ताओं में भारी आक्रोश दिखायी दे रहा है। पार्टी के विभिन्न मंचों पर कार्यकर्त्ता अपना आक्रोश नारे लगाकर जता दिखा चुके हैं। बताया जा रहा है कि रायशुमारी में सबसे ज्यादा वोट पूर्व जिला अध्यक्ष सुजीत जैन को मिले थे। लेकिन भाजपा के ही सूत्रों के हवाले से यह भी पता चला है कि लखनादौन के एक जमीन खरीदी के सौदे में आदिवासियों के साथ और मारपीट की घटना इनके गले की घंटी बन गयी है। वैसे वह मामला तो जिले के आदिवासी नेता की मध्यस्थता से पुलिस में निपट गया है लेकिन उसकी चिनगारी आदिवायिों के बीच में अभी भी सुलग रही है। सुजीत विरोधियों का दावा है कि भाजपा यदि सुजीत जैन को अपना उम्मीदवार बनाती है तो जिले के चारों विस क्षेत्रों में आदिवासियों की नाराजगी का सामना उसे करना पड़ सकता है।वैसे भाजपा के अंदरूनी हल्कों में यही चर्चा है कि नीता पटेरिया के पार्टी के आलाकमान से संपंर्क उन्हें टिकिट दिलाने में सहायक हो सकते हैं। वहीं भाजपा के प्रादेशिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में भाजपा के चारों विस क्षेत्रों से वही नेता चुनाव लड़ेंगें जिन्होंने पिछला चुनाव लड़ा था। यदि ऐसा होता है तो सिवनी से नीता पटेरिया, केवलारी से डॉ. ढ़ालसिंह बिसेन, लखनादौन से शशि ठाकुर और बरघाट से कमल मर्सकोले ही पार्टी के उम्मीदवार होंगें। दूसरी तरफ कांग्रेस में भी जिला मुख्यालय की सीट के लिये भारी खींचतान मची हुयी है।  अल्पयंख्यकों सहित पार्टी के कई नेता इस बात की पैरवी कर रहें हैं कि इस बार अल्पसंख्यक वर्ग को टिकिट दे दी जाये। वैसे सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश चुनाव समिति ने छः नेंताओं के नाम स्क्रीनिंग कमेटी को भेजे है। इनमें हाजी सुहैल पाशा, राजकुमार पप्पू खुराना, नेहा सिंह, राजा बघेल, मोहन चंदेल और असलम भाई के नाम शामिल हैं। अभी स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक हुयी नहीं है। इस बैठक में एक नाम तय होता है या यहां भी पैनल बनाकर कांग्रेस की सी.ई.सी. में भेजा जाता है यह तो अभी भविष्य की गर्त में ही हैं। लेकिन कांग्रेसी सूत्रों का ऐसा मानना है कि टिकिट इन्हीं में से किसी एक नेता को मिलेगी। 
जनता के बजाय भाजपा नेताओं से शिवराज वनवास समाप्त करने की अपील-़मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केवलारी विधानसभा क्षेत्र में जनता से भाजपा का वनवास समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भगवान राम का वनवास भी 14 सालों में समाप्त हो गया था लेकिन इस क्षेत्र में तो भाजपा के वनवास के बीस साल हो गये हैं। शिवराज की इस अपील का यदि जिले में असर हुआ तो पिछले 23 सालों से सिवनी और बरघाट में कांग्रेस का जो वनवास चल रहा है वह भी भगवान राम के वनवास को ध्यान में रख कर समाप्त हो सकता है। वैसे भी शिवराज को केवलारी में भाजपा का वनवास समाप्त करने के लिये जनता के बजाय भाजपा के नेताओं से ही अपील करना चाहिये था। यह बात जिले में एक ओपन सीक्रेट की तरह है कि केवलारी में भाजपा कांग्रेस और भाजपा नेताओं की नूरा कुश्ती के चलते ही हारती रही है। यदि मुख्यमंत्री वास्तव में ऐसा चाहते है तो कि केवलारी में भाजपा का वनवास समाप्त हो तो उन्हें क्षेत्र के भाजपा नेताओं की लगाम खींचनी होगी और नूरा कुश्ती के लोकप्रिय हो चुके खेल को समाप्त करना होगा। यदि ऐसा नहीं होगा तो  वनवास समाप्त होना तो दूर उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। “मुसाफिर”
साप्ताहिक दर्पण झूठ ना बोले,सिवनी
1 अक्टूबर 2013 से साभार

2.10.13

वक्त किसी का गुलाम नहीं होता

-नितिन सबरंगी
‘वक्त से डरकर रहें, क्या हुकूमत क्या समाज,
कौन जाने किस घड़ी वक्त का बदले मिजाज।’
यकीनन वक्त से बड़ी ताकत कोई दूसरी नहीं होती। वक्त उन लोगों को झटका जरूर देता है जो सत्ता, रसूख ओर ताकत के नशे में वह कर बैठते हैं जो उन्हें नहीं करना चाहिए। अपने सामने उन्हें हर ताकत बौनी लगती है। उनका वक्ती रसूख इस गलतफहमी को ओर भी बढ़ा देता है, लेकिन करवट लेता है, तो फिर मौका नहीं देता। संतुलन बनाये रखने की जिम्मेदारी ऐसे लोगों की ही ज्यादा बनती है जो जनता की रहनुमाई की ताल ठोंकते हैं। अतिमहत्वाकांक्षाओं का बड़बोलेपन के
घोड़े की सवारी भी अच्छी नहीं होती। इनके सवार गिरते जरूर हैं। कोई दोराय नहीं कि जिंदगी में बैलेंस को बनाये रखना बहुत जरूरी है वरना गिरकर उठने में वो बात नहीं रहती। 

श्री मोदी चालीसा-ब्रज की दुनिया

मित्रों, मैंने यह चालीसा देशहित में लिखा है क्योंकि मैं समझता हूँ कि नरेंद्र मोदी इस समय भारत की जरुरत बन गए हैं। इस चालीसा को रचने का यह मतलब कतई नहीं है कि मैं नरेंद्र मोदी का अंधभक्त या अंधसमर्थक हो गया हूँ। जब-जब उन्होंने या उनकी पार्टी ने गलती की है और देशविरोधी कदम उठाया है मैंने विरोध किया है और आगे भी ऐसा करता रहूंगा परन्तु इस समय तो मेरा लक्ष्य मोदी जी को भारत का प्रधानमंत्री बनते हुए देखना है। तो आईए आप भी आनंद लीजिए श्री मोदी चालीसा का
       ***श्री मोदी चालीसा***
जय गणेश गिरिजासुवन,मंगल-मूल सुजान।
कहत ब्रजकिशोर सिंह तुम,देउ मोदी को वरदान।।
जय नरेन्द्र ज्ञान गुन सागर।
जय मोदी तिहुँ लोक उजागर।।
विकासदूत अतुलित साहस धामा।
हीराबेनपुत्र दामोदर सुतनामा।।
महावीर तुम पुराने संघी।
कुराज निवाड़ सुराज के संगी।।
गौर वर्ण विराज सुवेसा।
आँखन चश्मा कुंचित केसा।।
जनप्रदत्त विजयी ध्वजा विराजै।
कांधे भाजपाई अंगोछा साजै।।
अति ओजस्वी दामोदरनंदन।
तेज विकास हेतुजगवंदन।।
विद्यावान गुनी अति चातुर।
जनदुःखभार हरन को आतुर।।
प्रगति चरित्र सुनिबै को रसिया।
देशभक्त भारतीय जनता मनबसिया।।
स्वयंसेवक रूप धरि जनबीच जावा।
मुख्यमंत्री रूप धरि कच्छ बनावा।।
भीम रूप धरि दंगाई संहारे।
भारत माँ के काज संवारे।।
लाये सुराज जनविश्वास जियाये।
भारतजन हरषि उर लाये।।
देशभक्त सब कीन्हीं बहुत बड़ाई।
तुम सर्वप्रिय सब कर भाई।।
सहस वतन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि जनमत कंठ लगावैं।।
भागवतादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
राजनाथ जेटली सहित अहीसा।।
उद्योगपति कुबेर जहाँ ते।
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते।।
सबपर तुम तपस्वी राजा।
जनता के सकल काज तुम साजा।।
तुम उपकार टाटा पर कीन्हा।
भूमि दिलाय जग को नैनो दीन्हा।।
तुम्हरी भक्ति करें अंबानी।
महिमा अमित न जाय बखानी।।
निरंकार है ज्योति तुम्हारी।
तिहूँ लोक फैली उजियारी।।
गांधीनगर में तुम्हीं विराजत।
तिहूँ लोक में डंका बाजत।।
दंगा नियंत्रण कीन्हीं क्षण माहीं।
की शांति स्थापना अचरज नाहीं।।
दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।
सब सुख लहै तुम्हारी शरना।
तुम शासक काहूँ को डरना।।
आपन तेज सम्हारो आपै।
छद्मधर्मनिरपेक्ष हाँकते काँपै।।
अल्पसंख्यकवादी निकट न आवै।
नरेन्द्र मोदी जब नाम सुनाबै।।
साधु संत के तुम रखवारे।
जेहाद निकंदन भारत दुलारे।।
मनमोहन राहुल नृप अति अभिमानी।
सोनिया अघभार भारत अकुलानी।।
तुमपर आशा टिकी भारत को।
दस प्रतिशत पर लाओ विकास दर को।।
तुम बिन और न कोई सहाई।
विनती करत है भारत भाई।।
तिहुँ लोक में तिरंगा जब फहरी।
विश्वगुरू भारत को भविष्य तब सम्हरी।।
आशा तरंग उठि रहि भारत मन पावन।
बरस रहि मन में आशा को सावन।।
कांग्रेस बेच रही भारत को।
कोऊ न सुनै पुकार आरत को।।
हाहाकार मच्यो जग भारी।
सक्यो न जब कोउ संकट टारी।।
शत्रुनाश कीजौ तुम आकर।
देश निहाल होई तुमको पीएम पाकर।।
पूरित सकल ज्ञान विज्ञाना।
तुम सम अधिक न जग में जाना।।
दियो आडवाणी तुमको सन्माना।
जग में छायो सुयश महाना।।
महिमा भूतल पर छाई है।
देशभक्तों ने लीला गाई है।।
गुजरात को तुमने कियो विकास।
मुख्यमंत्री बने चौथी बार।।
बनकर पीएम सम्हारो भारत को।
तुम बिन और सूझत नहिं हमको।।
जो कोई पढ़े मोदी चालीसा।
भारत को विकास को देवे दिशा।।
ब्रजकिशोर ने देशहित में रच्यो यह चालीसा।
देशरक्षा हेतु मोदी की होय जय-जय चहुँ दिशा।।

1.10.13

गाँधी : संत से भी गलती हो सकती है - इस सदी के तीन गुजराती : गाँधी, पटेल व् मोदी - Learning from Mahatma Gandhi's mistakes : लाल बहादुर शाश्त्री - देश का लाल - . रूस में ह्त्या - राज को राज ही रहने दो

इस सदी के तीन गुजराती : गाँधी,     पटेल    व्    मोदी 

लाल बहादुर शाश्त्री - देश का लाल 

रूस में ह्त्या  -  राज को राज ही रहने दो 

Dead Silence on the killers and contract killers of Lal Bahadur Shastri : 
even by b.j.p.

कुछ भी कहो गाँधी गाँधी था : 


      

आइये महात्मा गाँधी को याद करें 


महात्मा गाँधी : संत से भी गलती हो सकती है 


link : पूरा ब्लॉग पढने के लिए क्लिक करें : 
http://worldisahome.blogspot.in/2013/10/learning-from-mahatma-gandhis-mistakes.html

yours
ashok gupta
dilli


30.9.13

उमा दारु जोषित की नाईं। सबहिं नचावत रामु गोसाईं : राम चरित मानस

दारु जोषित = लकड़ी की नारी = कठपुतली ,    

हम सब कठपुतलियां हैं , भगवान् के हाथों मे, 

कठपुतली की कोई इच्छा नहीं, कर्तव्या  नहीं , 

कठपुतली ही तो होना हैं मुझ्कॊ .

फिर कोई दुःख नहीं तकलीफ नहीं 

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क्या रुकावट हैं कठपुतली होने में  !

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पूरा पढने के लिए निचे लिंक पर क्लिक करें !

28.9.13

हिन्दू कौन ! हिन्दू क्या करता हैं , एक नए हिन्दू को क्या करने से वो हिन्दू कहलायेगा क्या जन्मजात हिन्दू वह सब करता हैं !

who is a hindu ! how to become a hindu, what a hindu is supposed to be !!

   
this was the mail i got from my freind in usa:
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GOOD NEWS FOR HINDUS:
362 Christians and Muslims return back to Hindu Dharma

175 practicing Christians returned back to Hinduism in Paravartan Ceremony by VHP at Palakonda

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this was my reply to this news: 

that is great, 
but when the all hindus will return to hinduism, as most of them are hindu for name sake only. 

they do not practice anything, 
they do not know anything about hinduism.
they critisize the hindu rituals,
they condemn the hindu saints,
they have not any scripture in their life time, 
their children do not know anything about hinduism
they never support , even verbally any hindu cause,
and so on..........
and these people are actually from upper class of hindus
how we consider them hindus.

actually what is hindu ?, 

just they have a hindu looking name ! 
then  what more  ?......
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click at down the url for reading the full blog....if you wish........