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2.4.08

नींद गायब है इस कारण पागल न हो जाऊं ...... (आयुषवेद से साभार)

डाक्टर साहब मैं पेशे से वकील हूं । आप अंदाज लगा सकते हैं कि मैं किस कदर मानसिक श्रम करता हूं और चौबीसो घंटे मानसिक दबाव बना रहता है । इस मानसिक उद्वेग और उत्तेजना के चलते नींद गायब है और अब लगता है कि कहीं इस कारण पागल न हो जाऊं । एलोपैथी की दवा "डायजेपाम" के दुष्प्रभावों से वाकिफ़ हूं इसलिये हिम्मत नहीं होती लेने की । कोई नशा नहीं करता हूं । कोई कारगर इलाज बताइये ताकि डायजेपाम ए बच सकूं क्योंकि एलोपैथी वाले डाक्टर को दिखाया तो उसने यही दवा लिख दी है । मेरी उम्र ५९ वर्ष है ।
एडवोकेट नरेन्द्र सिंह,आगरा

--सिंह साहब आपकी तकलीफ़ भली प्रकार से समझ रहा हूं । चलिये सीधे आपका उपचार बताता हूं..

१ . चिन्तामणि चतुर्मुख रस आधी गोली(१२५ मिलीग्राम की गोली को तोड़ कर आधा कर लें यानि लगभग ६१ मिलीग्राम ) + वातकुलान्तक रस १ गोली + माहेश्वर रसायन १ ग्राम ,इन सबको मिला कर एक चम्मच शहद से दिन में दो बार चाटें ।

२ . संभव है कि यह दवा मंहगी लगे तो एकदम सरल और सस्ता उपाय बताता हूं ,तीन ग्राम भांग को गाय के घी में डाल कर पका लीजिए और उस घी को छान लीजिए । इस घी की दोनो पैरों के तलवों में हलके हाथ से मालिश करिये ।

३ . दिन में दो बार चंद्रासव + अश्वगंधारिष्ट को मिला कर दो दो चम्मच लें (अगर चंद्रासव नहीं मिलता है तो अश्वगंधारिष्ट ही लिया जा सकता है )

४ . सर्पगन्धा चूर्ण ५० ग्राम + रस सिन्दूर ३ ग्राम ,इस कुल ५३ ग्राम दवा को रस सिन्दूर की चमक समाप्त होने तक घुटवा लें अधिकतम दस मिनट लगेंगे । एक-एक रत्ती दवा दिन में तीन बार गाय के दूध से लें (ध्यान रहे दवा खाली पेट न लें)

५ . यदि अनिद्रा के साथ रक्तचाप भी बढ़ा हो तो ऊपर लिखी दवा में थोड़ा बदलाव करेंगे ,सर्पगन्धा चूर्ण ५० ग्राम + जहरमोहरा पिष्टी ६ ग्राम + प्रवाल पिष्टी ६ ग्राम + गिलोय सत्व ६ ग्राम ,इन सबको लेकर कस कर खरल करा लें । आधा-आधा ग्राम मात्रा दिन में तीन बार गुलकंद के साथ लीजिए । (सर्पगन्धा को स्थानीय भाषा में सफ़ेद चांद,छोटी चांदड़,धवल बरुआ नामों से भी जाना जाता है)

६ . सोंठ + छोटी पीपर + काली मिर्च + पीपरामूल इन सबको समभाग लेकर बारीक पीस लीजिए । चूर्ण में शहद मिला कर २५० मिलीग्राम की गोलियां बना लें और ऊपर से इन गोलियों को सोंठ के बारीक चूर्ण में लपेट लें ताकि ये आपस में चिपकें नहीं । दिन में तीन बार २-२ गोलियां लीजिए ।
इनके नियमित प्रयोग से आपको अच्छी नींद तो आयेगी ही और साथ में मस्तिष्क भी पित्त की शान्ति के कारण ठंडा रहेगा । जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाइए और ईश्वर को धन्यवाद करिए ।

आयुर्वेद के विशेषज्ञ डाक्टर रूपेश श्रीवास्तव की फ्री मेडिकल एडवाइजरी ब्लाग आयुषवेद http://aayushved.blogspot.com से साभार, आप भी अपनी दिक्कतों के स्थायी हल के लिए डाक्टर साहब से उनके ब्लाग पर जाकर उनकी मेल आईडी के जरिए संपर्क कर उपचार पा सकते हैं

26.2.08

डाक्टर साहब, मैं दारू छोड़ना चाहता हूं....

कमाल का ब्लाग है आयुषवेद, जिसे डाक्टर रूपेश श्रीवास्तव ने शुरू किया है। दिल्ली के किन्हीं विनय ने एक सवाल किया है, जो लगभग मेरे जैसा ही सवाल है, ये कहना गलत न होगा कि उन्होंने मेरे ही सवाल को, जो मैं लगभग पूछने ही वाला था डाक्टर साहब से, विनय ने कर दिया है।

वो सवाल ये है.....

शराब छोड़ना चाहता हूं .....
डाक्टर साहब, मेरा एक सवाल है। शराब छोड़ना चाहता हूं पर छोड़ नहीं पाता। सुबह कसम खा लेता हूं रोज कि नहीं पीनी। शाम होते ही सिर भारी होने लगता है और तलब महसूस होने लगती है। कोई ऐसी दवा या तरकीब बतायें ताकि शराब की तलब महसूस न हो।दूसरा सवाल है कि अगर मैं पिछले 15 साल से लगभग रोजाना पांच पैग दारू पी रहा हूं तो मेरा लीवर इस वक्त किस स्थिति में होगा। इसे ठीक रखने के क्या क्या देसी उपाय हो सकते हैं। मैं बहुत झिझकते हुए ये सवाल पूछ रहा हूं। कृपया उत्तर विस्तार से देने की कृपा करें। आपका आभारी रहूंगा। विनय, नई दिल्ली

इस सवाल का जो उत्तर दिया है डाक्टर रूपेश ने, जिन्हें आयुर्वेद में महारत हासिल है, वो काफी डराने चौकाने वाला है। मैं तो पढ़कर घबरा गया। बाप रे, दारू पीने के इत्ते गंभीर नतीजे। विश्वास न हो तो आप इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ लीजिए.....

दारू पीने के कितने नुकसान हैं, जान लो


इसके बाद आप पढ़िए....
लीवर तुझसे बदला लेगा बेटा, सुन बे...बड़ा आसान है शराब छोड़ना बोले तो बिलकुल शहद माफिक मीठा


और अंतिम पीस पढ़िए....

शराब छोड़ने के साधुओं के आजमाए नुस्खे


यकीन मानिए, आप अगर अव्वल दर्जे के दारूबाज हैं (मेरे जैसे) तो निश्चित ही ये तीनों पोस्टें पढ़कर पहले तो आपकी पूरी की पूरी फट जाएगी, भड़ाम हो जाएगी, पुर्जे पुर्जे बिखर जाएंगे, उसके बाद में थोड़ा साहस व ऊर्जा का संचार होगा, आखिर में आपके अंदर एक ऐसा जज्बा पैदा होगा कि आप तय कर लेंगे, अमां यार, इतना आसान है तो चलो एक बार देख ही लेते हैं डाक्टर साहब के इस चूतियापे के सुझाव को। और भाई जान, हो सकता है ये चूतियापे के सुझाव मेरे व आप जैसों की जिंदगी में किसी चमत्कार की तरह लौट आए।

आपको मालूम है, किन चीजों के सहारे दारू छोड़ सकते हैं हम, वो ये हैं....


शहद की एक शीशी,
शिमला मिर्च,
सल्फ्यूरिक एसिड,
शिवाम्बु बोले तो स्वमूत्र,
गुलकंद,
SPIRTAS GLANDIUM QUERCUS नामक चर्चित होम्योपैथी दवा जिसको बेचकर कई लोगों ने करोड़ों रुपये कमाए हैं,
पूजा अर्चना,
परिजनों के साथ शाम बिताने की तमन्ना....

जैसी चीजों के जरिए आप शराब को टाटा बायबाय कह सकते हैं। उपरोक्त चीजौं को कैसे करना है, कब लेना है, क्यूं लेना है, इसके बारे में पहले आप पढ़ें फिर तय करें। और पढ़ने के लिए उपर दिये गये तीनों लिंक पर क्लिक करें।

मैंने तो इन नियमों को आजमाने की ठान ली है क्योंकि आदमी से कभी बड़ी शराब नहीं होती और इच्छा शक्ति से कभी बड़ी चीज कोई बुराई नहीं होती। हां, ये सही है कि मैं दारू को प्यार करता हूं लेकिन पिछले कई महीनों से हर सुबह दारू से घृणा करने लगता हूं और शाम होते होते दारू तलाशने लगता हूं। मतलब एक अच्छे खासे शराबी और नशेबाज जैसा हो चुका हूं। इससे पिंड छुड़ाने के लिए अपने दिल्ली वाले किसी विनय नामक साथी के सवाल पूछने पर डाक्टर रूपेश ने जी कीमती सलाह दी है, वो वाकई काबिलेतारीफ है। अगर डाक्टर साहब अनुमति देंगे तो मैं उपरोक्त तीनों पोस्टों को भड़ास पर अलग अलग हेडलाइन के साथ डालना चाहता हूं।

और हां, भाई भड़ासियों, देखा भड़ास का कमाल, डाक्टर रूपेश जैसा जो साथी भड़ास को मिला है, उसी की बदौलत हम ये नेक काम कर पा रहे हैं जिसमें अपन जैसे दरूहल साथियों को दारू छुड़ाने के लिए इतने अच्छे सलाह मिलने लगे हैं। तो जोर से बोलो...
जय भड़ास,
जय डा. रूपेश,
जय मनुष्यता....

अगर भड़ास के फेमिली डाक्टर ब्लाग आय़ुषवेद पर अपने व अपने परिजनों व मित्रों की किसी चिकित्सा समस्या का हल चाहते हैं तो आप डाक्टर साहब से सीधे सवाल कर सकते हैं, उनकी मेल आईडी पर भेजकर, वो उसका जवाब आयुषवेद पर प्रकाशित कर देंगे। डाक्टर साहब की मेल आईडी है...
rudrakshanathshrivastava7@gmail.com


यशवंत