cancer - cause and cure
Based on Quantum Physics developed by Dr. Johanna Budwig
Paperback – December 18, 2014
अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...
Posted by
Shri Sitaram Rasoi
0
comments
Posted by
ब्रजकिशोर सिंह
0
comments
प० राजेश कुमार शर्मा
29 अगस्त शनिवार को पूर्णिमा है और इसी दिन रक्षाबंधन भी है। ज्योतिष में पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन किए गए उपायों से सभी दुख दूर हो सकते हैं और कार्यों में सफलता मिल सकती है। यहां जानिए शनिवार की पूर्णिमा पर कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं...
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
-डॉ. पुष्पेन्द्र मुनि
रक्षा का अर्थ है प्रेम, दया, सहयोग और सहानुभूति। रक्षा जीवन में मधुरता का संचार करती है, भाईचारे की भव्य भावना को उजागर करती है। दूसरों के दुःखों से द्रवित होकर उनकी रक्षा के लिए अपने सुःखों का बलिदान करना और कष्टों को स्वीकारना यह रक्षा के साथ जुड़ा है। रक्षा की भव्य भावना से उत्प्रेरित होकर ही मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने धनुष उठाया, और कर्मयोगी श्रीकृष्ण ने सुदर्षन चक्र धारा था।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'
दो दशक पहले सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे से अनेकानेक असंवैधानिक और मनमाने फैंसले जारी हुए। जिनके कारण अजा एवं अजजा के आरक्षण को मृतप्राय कर दिया गया था। हमने अजा/अजजा संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ के बैनर पर देशभर में जनान्दोलन करके, संसद और सु्प्रीम कोर्ट का घेराव करके अधिकांश फैसलों को संसद द्वारा संविधान संशोधन करवाकर निष्प्रभावी करवा दिया था। अब जब कि परिसंघ के अध्यक्ष को संघ/भाजपा ने अपने पाले में बिठा लिया है और परिसंघ भी संघ की भाषा बोलने लगा है तो देशभर का अजा एवं अजजा संगठन बिखर सा गया है। ऐसे में बेशक हमने 'हक रक्षक दल सामाजिक संगठन' का गठन किया है, लेकिन हम अभी प्रारम्भिक दौर में हैं। इसके अलावा हमारे विरोध में मनुवादियों द्वारा संचालित धनकुबेर समता आन्दोलन समिति खुद है और उसके इशारों पर चलने वाले सजातीय मनुवादी, समता आन्दोलन के हित साधन के लिये काम कर रहे हैं। इसके बावजूद चुप तो नहीं ही रहा जा सकता!
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
नई दिल्ली। फ़िलिस्तीन पर इज़रायली कब्जे़ और लगातार जारी नरसंहारक मुहिम के ख़िलाफ़ जारी फ़िलिस्तीनी जनता के प्रतिरोध के प्रति भारतीय जन की एकजुटता दर्शाने के लिए नई दिल्ली के ग़ालिब संस्थान में चल रहा दो-दिवसीय कन्वेंशन रविवार देर रात को सम्पन्न हुआ। कन्वेंशन के दौरान प्रधानमंत्री की प्रस्तावित इज़रायल यात्रा को रद्द करने एवं भारत के कूटनीतिक, सैन्य एवं व्यापार संबन्धों को तोड़ने की माँग को लेकर एक हस्ताक्षर अभियान शुरू करने का फैसला लिया गया। यह कन्वेंशन गाज़ा पर इज़रायली हमले की पहली बरसी के मौके पर आयोजित किया गया था जिसमें 502 बच्चों सहित 2200 से भी ज़्यादा लोग मारे गए थे।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
Posted by
ब्रजकिशोर सिंह
0
comments
प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित कराने के लिए सरकार द्वारा सकारात्मक कदम उठाने के लिए जनता की ओर से अनुरोध के साथ साझा संस्कृति मंच, शिक्षा का अधिकार अभियान, सूचना का अधिकार अभियान उ. प्र एवं आशा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान आज से प्रारंभ हुआ. वाराणसी में गोलघर कचहरी चौराहे के निकट एक फ्लेक्स और माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन पर सैकड़ों लोगो के हस्ताक्षर लिए गए.
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
कुमार कृष्णन
आजादी के बाद जिस अनुपात में महानगरों से लेकर छोटे—छोटे कस्वों का विकास हुआ उस अनुपात में गांव पिछड़ता चला गया और शुरु हो गया गांव से शहरों की ओर पलायन का सिलसिला। फलस्वरूप गांव में खेती,पशुपालन और घरेलु उद्योग चौपट हो गए। कल और आज के गांव में बुनियादी फर्क आ गया है जिससे हमारे लोकजीवन में विकृतियां बढ़ी है। धीरे—धीरे लोक संस्कृति,लौकिक रीति— रिवाज और परंपराओं में भारी बदलाव के कारण गॉव में रहनेवालों की जीवन—शैली बदल गयी है।शिक्षा,स्वास्थ्य और पेयजल,रोजगार के मसले का समाधान आजादी के सड़सठ वर्षों बाद भी नहीं हो पाया है। लोकतंत्र खत्म हो गया और विकास की किरणें पहुंची नहीं।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
तारकेश कुमार ओझा
बचपन में अपने हमउम्र बिगड़ैल रईसजादों को देख कर मुझे उनसे भारी ईष्या होती थी। क्योंकि मेरा ताल्लुक किसी प्रभावशाली नहीं बल्कि प्रभावहीन परिवार से था। मैं गहरी सांस लेते हुए सोचता रहता ... काश मैं भी किसी बड़े बाप का बेटा होता , या एट लिस्ट किसी नामचीन मामा का भांजा अथवा किसी बड़े चाचा का भतीजा ही होता तो मैं भी ऐसी शरारतें कर पाता। फिर आशावादी दृष्टिकोण मेरे मन को समझाता ... अभी तो पूरी पिक्चर बाकी है मेरे दोस्त... इतना निराश होने की भी जरूरत नहीं है। किसी बड़ी हस्ती का बेटा, भतीजा या भांजा न बन सका तो क्या हुआ ... क्या पता कल को मेरा रिश्ता किसी बड़े ससुराल से जुड़ जाए। मैं किसी बड़ी हस्ती का दामाद, जीजा या साढ़ू ही बन जाऊं। लिहाजा जिंदगी की लाख जिल्लतें झेलता हुआ मैं अभी ख्याली पुलाव में उलझा हुआ ही था कि धुर्तों की एक टोली मेरे घर शादी का रिश्ता लेकर आ धमकी।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
प्रकाशनार्थ
सेवा में
संपादक महोदय
विषय : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा 40 कर्मचारियों को निकालने के विरोध में सिंघद्वार पर शुरू हुयी भूख हड़ताल।
महोदय , आज दिनाँक 27 अगस्त 2015 को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के जल एवं विद्युत विभाग में कार्यरत 40 संविदा कर्मचारियों ने पिछले 3 दिन से चल रही भूख हड़ताल को जारी रखा , ज्ञातव्य है की इन आंदोलनकारियों में 2 से लेकर 20 वर्ष तक अपनी सेवाएं देने वाले कर्मचारी भी शामिल है। परीक्षा लेकर और असफल करके इन्हे कार्यमुक्त करना इनके श्रम अधिकारों एवं मानवाधिकारों के साथ घोर अन्याय है। इनके अनुभव को ध्यान में रखते हुए इन्हे किसी भी समुचित योग्य स्थान पर समायोजित किया जा सकता था।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
-गणि राजेन्द्र विजय:-
जैन धर्म की सबसे प्राचीन आत्म उन्नयन की परम्परा है संथारा (संलेखना)। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है और इसे अपराध घोषित किया है। जबकि संथारा आत्महत्या नहीं, आत्मसाधना है। संथारा एक अहिंसक और आध्यात्मिक साधना पद्धति है इसलिए इसके समर्थन में होने वाले उपक्रम भी अहिंसक एवं आध्यात्मिक ही होने चाहिए। मनुष्य जीवन निवृत्ति प्रधान जीवन है। निवृत्तिमूलक प्रवृत्तियां सांसारिक एवं शारीरिक विषय भोगों से अनासक्त/विरक्त और रत्नत्रय के संवर्द्धन का हेतु होने से भव भ्रमण करने में समर्थ कारण हैं।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
रमेश सर्राफ धमोरा
झुंझुनू,25 अगस्त। राजस्थान हाइकोर्ट के आदेश की पालना में पुलिस एवं
प्रशासन ने मंगलवार को जिले के पचेरीकलां गांव स्थित सिंघानिया
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन को सीज कर दिया है। पुलिस व प्रशासन की
संयुक्त रूप से हुई कार्रवाई के दौरान विवि परिसर में भारी संख्या में
पुलिस जाब्ता तैनात रहा। प्रशासनिक भवन सीज होने से विवि में अध्ययनरत
करीब छह हजार विद्यार्थी प्रभावित होंगे।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
पिथौरागढ़, 26 अगस्त। ढ़ाई वर्शो से गोरीनदी पर पुल का इन्तजार कर रही गोरीपार क्षेत्र की जनता की अगवाई कर रहे भाजपा नेताओं के खिलाफ किये गये फर्जी मुकदमें की आग को भाजपा ठण्डा नहीं होने देना चाहती। भाजपा ने इसके लिए कांग्रेस पर करारा प्रहार करने के लिए अपनी रणनीति बना ली है। भाजपा मुख्यमन्त्री की विधान सभा में लोकतन्त्र बचाओं अभियान चला कर मुख्यमन्त्री पर निषाना साधेगी। भाजपा एक सितम्बर को मुनस्यारी में धरना-प्रदर्षन और सभा कर इसकी षुरूआत करेगा। अभियान चलाकर विधान सभा के 159 ग्राम पंचायतों में इसी तरह के कार्यक्रम होंगे।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
- सुधांशु बाजपेयी-
शिक्षा ही वो सीढ़ी है जिसके द्वारा वर्तमान समाज मे कोई आगे बढ़ सकता,सम्मानजनक जीवनयापन और रोजगार के बारे मे सोच सकता है, मगर जब शिक्षा कमोडिटी बन जाए तो स्वभविक ही है की वो सीढ़ी सिर्फ समर्थ लोगो के लिए ही होगी ! यू तो भारत मे शिक्षा के बाजारीकरण का प्रस्थान बिन्दु 1990 का वो दौर है ,जब शिक्षा को अघोषित रूप से सरकारी दायित्व से बाहर कर बाजार की वस्तु बना दिया गया,देश के दरवाजे उदारीकरण के नाम पर लुटेरी पूंजी के लिए खोल दिये गए ! परंतु आज जब उदारीकरण अपनी चरम अवस्था मे है,और उसे अब समाजवाद का भय भी उतना नही सता रहा,तब वो अपने ही “वेलफेयर स्टेट” के वादे से भी पीछे हट चुका है।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
सेवा में,
आदरणीय मुख्य सचिव, उ०प्र० सरकार
एवं आदरणीय प्रमुख सचिव समाज कल्याण विभाग उ०प्र० ,
माननीय मानवाधिकार आयोग, UBI गाजीपुर उ०प्र० |
आप से सविनय अनुरोध है कि "श्री आनंद प्रकाश PMV फतेहउल्लाहपुर गाजीपुर उ०प्र०" में एक ही नाम के एक ही कक्षा में 100 से अधिक छात्रों का भुगतान छात्रवृत्ति के वेबसाइट एवं UBI गाजीपुर की जाँच टीम (दिनांक 21/07/2015 एवं 12/08/2015) के अनुसार हुआ है; जबकि एक ही विद्यालय के एक ही कक्षा में एक ही वर्ष में 100 से अधिक एक ही नाम के छात्रों का होना असंभव है; अतः इस छात्रवृत्ति प्राप्ति हेतु प्रयुक्त लगभग सभी दस्तावेजों के फर्जी होने की संभावना जबरदस्त रूप में है| इसी प्रकार इसी प्रबंधन द्वारा चलाये जा रहे "बुद्धं शरणं आईटीआई फतेहउल्लाहपुर गाजीपुर उ०प्र०" में भुगतान की गई छात्रवृत्ति एवं शुल्क की भरपाई की रक़म जो दी गई है वह अमर उजाला (लखनऊ) के दिनांक 19 मई 2015 के अनुसार, सभी छात्र फर्जी थे और इन सभी छात्रों का सम्पूर्ण विवरण उ०प्र० के छ्त्रवृत्ति की वेवसाइट पर भी मौजूद है|
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
सोसायटी फॉर एजुकेषन डेमोक्रेसी मध्यप्रदेश
श्रीमान् प्रभारी अधिकारी
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो
(सी.बी.आई.)
केम्पस भोपाल, म.प्र.
विषय - एस टी एफ द्वारा व्यक्तियों को दण्ड से बचाने के आशय से विधि के निदेश की अवज्ञा।
सेवा में,
महोदय, विनम्र निवेदन है कि केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा जबसे अनुसंधान अपने हाथ में लिया है 93 नई एफ.आई.आर. दर्ज की गई। उक्त संदर्भ में इस प्रकार निवेदन है कि -
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
Baljeet Kumar
क्या भारत को अब 1974 की राजनीति के सहारे जीना पड़ेगा, कहीं ये पष्चिम देषों की साजिष तो नहीं ? हां आप सही सुन रहे हैं, भारत को और 20 साल पीछे ढ़केलने की साजिष चल रही है और भारत इसकी चपेट में आ चुका है और भारत की मीडिया इसके इस्तेमाल के लायक भी बन रही है, षायद मीडिया इसको न माने और जिम्मेदारी का हवाला देकर लोगों को यकीन दिलाने में कामयाब भी हो जाये, लेकिन ये भी सत्य है। इस राजनीति को विस्तार से बताने से पहले मीडिया से एक छोटा सा सवाल है.... क्या एक आंदोलनकारी जिसका जमीन से कोई लेना देना या हित न हो और 1974 की लड़ाई, जो भारत के संदर्भ में भारतीयों के हित में था, 2011 में उठाना कितना प्रासांगिक था, जबकि भ्रष्टाचार विकास में बाधक बन सकती है, तो हम विकास में भ्रष्टाचार की बात क्यों नही करते हैं किसी खास की बात क्यों करते हैं ? भ्रष्टाचार की बात तो दूर अब हम मौलिक अधिकार की बात को भी भ्रष्टाचार बताने लग गये, जो कभी बहस का मुद्वा था ही नही, बहस का मुद्वा संजीदगी से बनाया गया। स्वास्थ्य, षिक्षा, पानी, और बिजली जरूरत की चीजें हैं, जो सबको चाहिये, दिल्ली में यह समस्या वर्षों से है, सुलझाया जा सकता है, लेकिन इसे ही मुद्वा बनाया गया।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
priyank dwivedi
आखिरकार पाकिस्तान जो चाहता था वही हुआ। भारत-पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बीच होने वाली मीटिंग रद्द हो ही गई। पाकिस्तान ने इस मीटिंग को रद्द करने के कई असफल प्रयास किए जिसे वो कर सकता था और अपनी इज्जत भी बचा सकता था। लेकिन उसकी हर एक चाल पर भारत ने भी नई चाल चल दी और पाकिस्तान को उसके ही जाल में फंसा दिया। आखिर थक हारकर पाकिस्तान ने अपने एनएसए सरताज अजीज को भारत जाने से मना कर दिया।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
Posted by
Shri Sitaram Rasoi
0
comments
पत्रकारिता में गिने चुने नाम हैं जिन्हें मै पसंद करता हूँ उन्ही में से एक नाम है रवीश कुमार, कल शाम को काफी थका हुआ था टेलीविजन खोला तो रवीश सर को देखा कुछ आम से दिखने वाले चेहरों के साथ वो भी हवाईअड्डे पर, कार्यक्रम देखा तो पता चला कि एनडीटीवी व स्पाईस जेट की साझा मुहिम से 16 परिवारों को पहली बार हवाई यात्रा करायी जिसमे हर उम्र के लोग शामिल थे।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
हैदराबाद के होटल ताज डेक्कन में ग्लोबल माइलिंग कांफ्रेंस का आयोजन किया गया I वर्ष 2050 तक 9 बिलियन लोगो को खाद्य सुरक्षा के लिए संतुष्ट करना ही इस कार्यक्रम का एजेंडा था I गुणवत्ता के उत्पादनों को माइलिंग तकनीक के ज़रिये बढ़ावा देना इस कार्यकम की थीम रखी गई थी I कार्यक्रम का संचालन ग्रेन एंड फीड मायलिंग टेक्नोलॉजी, यू.के और अस्सोकॉम, इंडिया ने किया I
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
लखनऊ : अवध अपने विकास पथ पर न जाने कितने ही कला जगत ,साहित्य ,रंगमंच के क्षेत्र में कई संस्थानों को जन्म दिया है ,उसी श्रृंखला में एक और नाम जुड़ा " कला स्रोत " ,जो अपनी सालगिरह 9 से 23 अगस्त तक मना रहा है इसी लड़ी में 16 अगस्त को सांस्कृतिक संध्या " शाम - ए - इनोवेशन "के नाम से प्रस्तुत किया गया ,जिसमे सभी कलाकार इनोवेशन फॉर चेंज के थे ,इस सांस्कृतिक संध्या का उद्धघाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर संगीता शर्मा ( सामाजिक कार्यकर्ता एवं कॉउंसलर ,चाइल्ड लाइन लखनऊ ) ने किया ,
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
सेवा में
संपादक महोदय,
विषय: सिटी बस में कन्डक्टर ने यात्रियों से की अभद्रता, नही दिया टिकट
-बस तेरे बाप की है जो टिकट बनाऊँ...
-रूट नं0 23 की बस के कन्डक्टर ने यात्रियों से की अभद्रता...
महोदय मैं आज दिनांक 17/08/2015 को अपने आफिस के लिए 3.35 बजे सिटी बस (रूट नं0 23) यूपी 32 डी एन 0687 से निशातगंज से सवार हुए, सवार होने के तुरंत बाद मैनें उक्त बस के कन्डक्टर से जीपीओं तक का टिकट बनाने के लिए 5.00 रुपये दे दिया।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
ललित कलाओं के लिए समर्पित संस्था स्पंदन भोपाल की ओर से स्थापित सम्मानों की श्रंखला में 2014 के सम्मानों की घोषणा कर दी गई है। स्पंदन कथा शिखर सम्मान प्रख्यात कथाकार श्रीमती उषाकिरण खान को, स्पंदन आलोचना सम्मान श्री संतोष चौबे को ( आलोचना कर्म के लिए), स्पंदन साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान श्री प्रभात भट्टाचार्य को ( समावर्तन पत्रिका के लिए), स्पंदन कृति सम्मान श्री प्रेमशंकर शुक्ल को ( 'झील एक नाव है' कविता संग्रह के लिए), स्पंदन कृति सम्मान श्री तरुण भटनागर को ( 'लौटती नहीं हँसी' उपन्यास के लिए), स्पंदन रंगमंच सम्मान श्री देवेन्द्र राज अंकुर ( नाट्य निर्देशन के लिए) के नामों का चयन निर्णायक समिति द्वारा किया गया है।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
तारकेश कुमार ओझा
आज का अखबार पढ़ा तो दो परस्पर विरोधाभासी खबरें मानों एक दूसरे को मुंह चिढ़ा रही थी। पहली खबर में एक बड़ा राजनेता अपनी बिरादरी का दुख – दर्द बयां कर रहा था। उसे दुख था कि जनता के लिए रात – दिन खटने वाले राजनेताओं को लोग धूर्त और बेईमान समझते हैं। उनका वेतन , भत्ता या पेंशन आदि बढ़ने पर शोर – शराबा शुरू हो जाता है। लेकिन उनके खर्चे नहीं देखे जाते। उनका त्याग – बलिदान नहीं देखा जाता। उक्त राजनेता के अनुसार एक डॉक्टर अपने बेटे को डॉक्टर और वकील बेटे को वकील बनाए तो कोई कुछ नहीं कहता, लेकिन एक राजनेता जब अपने बेटे को इस क्षेत्र में लाना चाहता है तो झट उस पर परिवारवाद का आरोप लगा दिया जाता है। मैं उक्त राजनेता के दुख – दर्द को अभी समझने की कोशिश कर ही रहा था कि नजर दूसरी खबर पर पड़ी। जो एक सब असिस्टेंड इंजीनियर साहब से संबंधित थी। जनाब पश्चिम बंगाल के एक छोटे से कस्बे की नगरपालिका में पदास्थापित हैं। लेकिन कमाल ऐसा कि दुनिया की आंखें चौंधिया जाए।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'-
हरियाणा के जींद से खबर मिली है कि गंगाजल की कावड़ लेकर आये दलितों को डिडवाड़ा गांव में मन्दिर पर गंगाजल चढाने से रोका गया। इस घटना के दो दिन बाद दलित समुदाय के लोगों की ओर से जींद के एसडीएम कार्यालय के समक्ष इस बात को लेकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से एसडीएम को ज्ञापन सोंपकर कानूनी कार्यवाही की मांग की गयी। जिस पर हमेशा की भांति एसडीएम की ओर से जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया।
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments
-रामजी मिश्र 'मित्र'-
लखनऊ : आस्था का एक ऐसा सैलाब जो तन मन से लेकर सड़कों तक। गंगाघाट से शिवमंदिरों तक सिर्फ और सिर्फ भक्तिभाव का विचित्र और सुंदर माहौल। नाचते कूदते और भजन कीर्तन करती शिवभक्तों की छोटी-बड़ी टोलियाँ। लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ सुनिश्चित शिवमंदिर। वातावरण अद्भुत सा भक्ति में सराबोर, हो भी क्यों न सावन का महीना जो है। सावन के महीने के शुरू होते ही सड़कों पर कवारियों का समूह ऐसा लगता है जैसे साक्षात भक्ती का अवतार हो गया हो। न तन की सुध न मन की चिंता फिकर बस एक मंजिल शिव के दर्शन। माना जाता है "जो गंगाजलु आनि चढ़ाइहि। सो सानुज्य मुक्ति नर पाइहि॥"
Posted by
यशवंत सिंह yashwant singh
0
comments