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7.1.08

नए साल में मेरे साथ ये क्या खेल हो रहा है?

आज दोपहर बाद से परेशान रहा। ऐसा भी होता है भला? लेकिन कुछ भी संभव है इस दुनिया में। मैं समझ नहीं पा रहा क्या करूं? इस मामले को आप ब्लागरों के सामने रख रहा हूं क्योंकि मेरा मानना है कि इस मुश्किल घड़ी में मेरी मदद ब्लागर मित्र ही कर सकते हैं।

हुआ यूं कि शनिवार को दिन में एक नंबर से मेरे मोबाइल फोन पर अंग्रेजी में दी गई गाली से युक्त एक एसएमएस आया..Who d blody hel ru?। जब उस नंबर पर फोन किया तो एक लड़की ने गुस्से में कहा कि आपके मोबाइल नंबर से मेरे मोबाइल पर एसएमएस आया है। मैंने कहा, भई- मैंने तो कल रात से अब तक कोई एसएमएस ही नहीं किया तो मेरे नंबर से एसएमएस कैसे पहुंच गया। तो उसने कहा कि मुझे नहीं पता, आपके नंबर से आया है इसलिए आपको समझा रही हूं कि आइंदा ये हरकत न करना।

खैर, मैं थोड़ा परेशान रहा और अपने आफिस के साथी रंजन जी से जिक्र किया कि ये गजब मामला है। मैंने एसएमएस नहीं भेजा और वो कह रही है कि एसएमएस भेजा है। हां, मैंने उससे यह भी पूछा था कि एसएमएस में लिखा क्या है, उसने कहा कि हाय लिखा है।

खैर, मैंने उस प्रकरण को एक दुखद दुर्योग मानकर भूल जाना चाहा।

आज फिर दोपहर में उसका फोन आया। उसने कहा कि फिर एसएमएस भेजा है, सुधरोगे नहीं। मैंने कहा, दीदीजी मैंने तो भेजा नहीं और ये क्या हो रहा है मेरी समझ में नहीं आ रहा। उसने खूब जी भर धमकाया और उसने फोन अपने ब्वायफ्रेंड को थमा दिया। उसने भी उठवा लेने से लेकर निपट लेने तक की धमकी दे डाली और मैं उन्हें समझाने की कोशिश करता रहा लेकिन भाई लोग इतने गुस्से में थे कि अगर सामने होता तो बोटी बोटी चबा डाले होते।

मैं बेहद अपसेट। तुरंत वोडाफोन कस्टमर केयर को फोन किया। वहां से उस एक्जीक्यूटिव ने बताया कि पांच तारीख को आपने नंबर से उस लड़की वाले नंबर पर कोई एसएमएस नहीं किया गया है और आप तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराइए क्योंकि वो लोग आपको परेशान करना चाह रहे हैं। उसने यह भी बताया कि आज जो एसएमएस उस लड़की के नंबर भेजे जाने का जो आरोप है उसे मैं कल सुबह चेक कर लूंगा क्योंकि वो डाटा कल अवेलेबल हो जाएगा।

खैर, उसकी बात से जान में जान आई। हां, इससे पहले उस लड़की का वो ब्वायफ्रेंड अपने मोबाइल नंबर से रिंग कर एक बार मुझे फिर हड़का चुका था।

मेरे साथ थे ब्लागर और देलही यूनिवर्सिटी के शोधार्थी विनीत। वो इस प्रकरण और मेरी परेशानी के गवाह बने। जब कस्टमर केयर वाले बंदे से जान में जान आई तो मैंने उस लड़के को फोन मिलाया और बताया कि मेरे इंड से ऐसी कोई हरकत नहीं की गई है और अब मैं जाने वाला हूं थाने, तुम लोग परेशान कर रहे हो, किसी के इशारे पर।

पर दिमाग तो खराब हो ही चुका था और कई तरह के खयाल आऩे लगे....मसलने..

1- क्या ऐसा संभव है कि कोई इंटरनेट से एसएमएस भेजने की प्रक्रिया का इस्तेमाल करके सेंडर में मेरा नंबर डाल करके मुझे फंसाने के लिए एसएमएस भेज रहा हो? ऐसा करना संभव है क्या?

2-क्या किसी के इशारे पर यह गेम खेला जा रहा है जिसमें चरित्र हनन की रणनीति बनाई गई हो?

3-क्या किसी ने डुप्लीकेट सिम बनवा कर उसका मिसयूज शुरू कर दिया है?

4-जब चौबीसों घंटे मोबाइल मेरे पास रहता हो और मैंने वाकई एसएमएस नहीं किया तो कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी अन्य तरीके से मेरे नंबर का मिसयूज किया जा रहा हो?

5- कहीं ऐसा तो नहीं कि मेरे हैंडसेट में कोई वायरस हो जो एसएमएस भेज रहा हो लेकिन मेरे फोनबुक में जो नंबर ही नहीं है और जिसे मैं जानता नहीं उस तक यह वायरस मैसेज कैसे पहुंचा देगा?

.....इन्हीं सब खयालों में उलझा हुआ घर लौटा और अपने कुछ करीबी मित्रों को फोन कर इस घटना के बारे में सूचित किया। पुलिस में जाने से पहले जो दो सलाह वोडाफोन और मित्रों से मिले, वो इस प्रकार हैं...

1- कल तक वेट करिए और आज कथित एसएमएस करने के आरोप की वोडाफोन से जांच करवाने के बाद ही पुलिस के पास जाइए।
2- वोडाफोन के स्टोरर पर जाकर लिखित कंप्लेंट दर्ज कराइए कि कोई मेरे मोबाइल नंबर का मिसयूज कर गलत मैसेज भेज रहा है।
3-उस लड़के लड़की को समझाने की कोशिश करिये कि यह अजूबा मामला है और दोनों पक्षों को मिलकर इसकी तहकीकात करनी चाहिए।

खैर, मैं अभी तय नहीं कर पा रहा हूं कि क्या करूं। मैंने उस लड़का और लड़की के मोबाइल नंबर सेव कर लिये हैं और कल हर हालत में पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाना चाहूंगा। उसके पहलेल वोडाफोन से डिटेल पता कर लेते हैं और लिखित कंप्लेंट दर्ज करा देते हैं।

मैं आप ब्लागर मित्रों से जानना चाहूंगा कि इस मामले में क्या खेल हो सकता है और इसे मुझे कैसे फेस करना चाहिए?

मैं थोड़ा परेशान इसलिए हूं क्योंकि एक ऐसे अपराध के लिए मुझे आरोपी बनाया जा रहा है जो मैंने किया ही नहीं? क्या यह किसी की चरित्रहनन की साजिश है, तकनालजी का मिसयूज करके फंसाया जा रहा है या कुछ और?

आप लोग मेरी मदद करें!!

जय भड़ास
यशवंत

6 comments:

विनीत कुमार said...

aapki pareshaani jaayaz hai. meri to salaah hai ki aap har haalat me action le. waise nayee-nayee takneek aane se saazis bhi usme khap jaati hai, aapko dono star par kaarwaayee karni hogi.aur ab to mai kya saare blogger saathi is se abgat ho gayae.

Sanjeet Tripathi said...

जितनी जल्दी हो एक्शन ले लेना ही बेहतर है भाई!!
तकनीक के लोचे इतने बढ़ गए हैं कि झमेले एक से एक हैं!

Jitendra Chaudhary said...

१. सबसे पहले तो अपने मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर के कस्टमर केयर मे जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराइए, ध्यान रखिएगा कि शिकायत मे फोन नम्बर, एसएमएस विवरण, दिनांक, समय और वार्तालाप का विवरण सिलसिलेवार हो।
२. शिकायत मे ही डुप्लीकेट सिमकार्ड के संशय को भी लिख दीजिएगा और अपने सारे वार्तलाप को ट्रेक करने को कह दीजिए, ये तकनीकी जानकारी बाद मे पुलिस के काम आएगी।
३. लिखित शिकायत, की कापी लेकर, पुलिस स्टेशन मे अज्ञात लोगों के खिलाफ़, एफ़आईआर दर्ज करा दीजिए।
4. कुछ दिनो तक, अपने दोस्तों-सम्बंधियों को आपके मोबाइल पर वार्तालाप करने के लिए मना करिए, ताकि ट्रैकिंग मे आसानी रहे।
५. आराम से टेंशन-फ़्री होकर आपने काम मे लग जाइए। अगर कोई दिक्कत आती है, पुलिस को सूचना दीजिए, बाकी वो लोग निबटेंगे।

Anonymous said...

क्या ऐसा संभव है कि कोई इंटरनेट से एसएमएस भेजने की प्रक्रिया का इस्तेमाल करके सेंडर में मेरा नंबर डाल करके मुझे फंसाने के लिए एसएमएस भेज रहा हो? ऐसा करना संभव है क्या?

जी हाँ ऐसा संभव है लेकिन ऐसा हर कोई नहीं कर सकता। सेन्डर मन-माफिक दिखलाने के लिए आपको एक एसएमएस गेटवे आदि की सेवा किराए पर लेनी होगी जो कि मुफ़्त में या सस्ती नहीं आती। यानि कि यदि ऐसा हो रहा है तो जो कर रहा है वो या तो समर्थ बंदा है जिसके पास पहले से ऐसा सैटअप है या फिर आपसे पंगा लेने की खातिर पैसा खर्च कर रहा है।

क्या किसी ने डुप्लीकेट सिम बनवा कर उसका मिसयूज शुरू कर दिया है?

डुप्लिकेट सिम बनवाने के लिए या तो आपके टेलिकाम ऑपरेटर के यहाँ बढ़िया सी सैटिंग होनी चाहिए या फिर आपकी सिम की आवश्यकता होगी जिसका डुप्लिकेट बनाया जाएगा। इन दोनों के अतिरिक्त डुप्लिकेट सिम बनाने का कोई तरीका नहीं होता। वैसे भी जहाँ तक मेरी जानकारी है, डुप्लिकेट सिम में सिर्फ़ इनकमिंग होती है यानि कि उससे बाहर कुछ नहीं जा सकता, न फोन कॉल और न ही संदेश, वैसे इस बारे में विश्वास के साथ नहीं कह सकता।

कहीं ऐसा तो नहीं कि मेरे हैंडसेट में कोई वायरस हो जो एसएमएस भेज रहा हो

ऐसा हो सकता है। साथ ही यह भी हो सकता है कि जो सॉफ़्टवेयर/वायरस आदि ऐसा संदेश भेजे उसको आपके sent फोल्डर से मिटा दे ताकि आपको पता न चले कि आपके मोबाइल से कोई संदेश गया है। लेकिन ऐसी हालत में भी आपके टेलीकॉम ऑपरेटर के पास बिलिंग के लिए रिकॉर्ड अवश्य रहेगा। तो जब आपके टेलीकॉम ऑपरेटर के यहाँ से ही आपको उत्तर मिल गया कि कोई संदेश उस कथित नंबर पर नहीं गया है तो यकीन मानिए आपके मोबाइल से नहीं गया है।

ऐसी स्थिति में यदि आपके डुप्लिकेट सिम वाले पिछले संदेह को भी सत्य मान लें तब भी आपके ऑपरेटर के पास इसका रिकॉर्ड अवश्य होता क्योंकि चाहे ओरिजिनल से भेजो या डुप्लिकेट से, ऑपरेटर तो एक ही रहेगा और नंबर भी, तो इसलिए दर्ज तो उस एक ही खाते में होगा। :)

मैं तो यही सुझाव दूँगा कि अपने ऑपरेटर से दूसरी बार की बाबत भी कन्फर्म कर लीजिए और फिर आराम से बैठिए। यदि आपको परेशान महज़ मज़ाक के लिए किया जा रहा था तो अब दूसरे बंदों को समझ आ गया होगा कि उनका मज़ाक पकड़ा गया है इसलिए आपको वे दोबारा फोन नहीं करने वाले। लेकिन यदि यह मामला कुछ और है और आपको उन बंदों का फोन पुनः आता है तब उस स्थिति में आपको पुलिस के पास अवश्य जाना चाहिए और harassment & threat of physical harm का चार्ज लगा के कंप्लेंट दर्ज करानी चाहिए।

राजीव जैन said...

वैसे कई वेबसाइट से एसएमएस तो हो जाते हैं और उसमें आपका डाला गया नंबर तो दिखाता है, पर सेंडर में मोबाइल की लास्‍ट डिजिट 88888 या 00000 टाइप की होती हैं।

Anonymous said...

shaandaar article .....ashish