13.11.08
मेरी ब्लॉग यात्रा!
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9.1.08
हर तरफ हिलेरी क्लिंटन ही क्लिंटन
न्यूयार्क टाइम्स के पहले पन्ने पर मिस क्लिंटन के जीत की खबर छाई हुयी है। लीड स्टोरी में उनके बयान को छपा गया है, जिसमे उसने कहा है कि बहस निर्णायक मोड़ साबित हुआ। पूरी बातचीत एन बी सी पर प्रसारित सुबह के सो के दौरान लिया गया इंटरव्यू है।
इसी पन्ने पर छपे ऐक्जित पोल में कहा गया कि क्लिंटन की जीत में औरतों में जबरदस्त उत्साह देखा गया और आज की जीत में औरतों के हाथ रह है। अख़बार की दुसरी बड़ी खबर बुश का मिडिल ईस्ट यानी इसराइल और फिलिस्तीन का दौरा है। वे एक सप्ताह के दौरे पर जाने वाले हैं।
इरान की खबर भी छपी गयी है, जिसमे विडियो औए जहाज के मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट है।इंटरनेट संस्करण में ब्लाग में छपी खबरों के लिए अलग बाक्स बनाया गया है और कई मनोरंजक और ख़बरों का पिटारा है।
बच्चों को खाने से होने वाला एलर्जी पर अक खबर है, जो जानकारी से परिपूर्ण है।
विशेष...हिलेरी क्लिंटन के राष्ट्रपति की दौड़ में शामिल होने पर ओपैद पेज पर ग्लोरिया स्तेनेम का लेख छापा है जिसका शीर्षक है, औरत कभी भी अग्रिम मोर्चे पर नही डटी । इसे आलेख पर विस्तृत चर्चा अगले चिठे में करूँगा।
विदेशों के अख़बारों मी छपने वाली ख़बरों के लिए क्लिक करें मीडिया हंगामा
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विनीत उत्पल
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7.1.08
अब तो जग जाओ बावा
मुझे आज भी याद है जब दैनिक जागरण के लिए उनसे इंटरव्यू लिया था और उन्होने कहा था कुछ नया करो। नयी दिशा में काम करो। लेकिन कई महीनों से उनका कोमा मी रहना क्या कहलाता है। क्या मैं सोचूँ बावा नया कर रहें हैं, कुछ नया सोच रहे हैं। बस अब उठ कर बैठेंगे और नयी कलाकृति पेश कर एक नयी कृति को जन्म देंगे।
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विनीत उत्पल
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3.1.08
It is not really true democracy...Taslima
तसलीमा से बात करना और अरसे बाद उसे फिर से सुनना एक अलग ही मजा और सोचने के लिए मजबूर करता है। जहाँ वह अपने आसपास की घटनाओं पर जमकर बोलती हैं, वहीं भारत, पाकिस्तान, बंगलादेश सहित तुर्की पर भी समान अधिकार और आत्मविश्वास के साथ सिर्फ गरजती ही नही बरसती भी हैं। अमेरिका के खिलाफ मुहँ खोलने में भी तसलीमा को गुरेज नही है। लोकतंत्र की जम कर वकालत करती हैं। गुजरे हुए पल को याद करती है। लज्जा और द्विखान्दिता पर भी बात करती हैं.
करीब पौने घंटे बात हुई थी। करीब पन्द्रह सवाल पूछने का मौका मिला था। और जबाब भी मुझे मिला था। मजेदार बातें हुई थी। इंटरव्यू के बाद हंसी के फव्वारे भी छूटे थे। क्यों न अंगरेजी में हुई बातचीत को पढा जाय। भड़ास के अलावा विनीत उत्पल पर भी इसे पढ़ सकते हैं।
मेरे अंगरेजी उतनी अच्छी नही है, इस कारन जहाँ गलती हो, सही कर पढ़ने का कष्ट करेंगे...विनीत उत्पल
It is not really true democracy...Taslima
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1.1.08
मैं तसलीमा बोल रही हूँ
कुछ अरसा पहले मैंने अपने ब्लाग पर तसलीमा के बारे में और उनसे इंटरव्यू के बारे में लिखा था। अपनी छोटी सी लाइब्रेरी से रिकार्ड इंटरव्यू को लिपि में बदल तो दिया लेकिन पूरी बातचीत अंगरेजी में है। मैंने सोचा बातचीत हुबहू पढा जाये तो मजा आ जाएगा।
तमाम हिन्दी प्रेमी के लिए बात में उसका अनुवाद आपके सामने हो गा। इंटरव्यू को कल आप भड़ास, विनीत उत्पल और पीस 4 आल पर पढ़ सकते हैं।
बताते चलें यह पूरी बातचीत छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के होटल पिकेद्ली में हुई थी जो कई मायने में प्रासंगिक है।
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विनीत उत्पल
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30.12.07
पृथ्वी पर गहराता जलवायु संकट
जलवायु परिवर्तन से जुडे कई मसलों को लेकर इंडोनेशिया के बली में तीन दिसम्बर को पूरी दुनिया के बडे-बडे दिग्गजों ने बैठक की। विभिन्न मामलों पर जमकर बहस हुई, मतभेद भी उभरकर सामने आये। बातचीत हुई, सहमती बनी, कई मुद्दे अनछुए भी रहे। बैठक में जिन मामलों पर बातचीत हुई और सहमति हुई, उन पर विचार-विमर्श अभी भी चल रह है। लेकिन इससे इतर, बैठक के ठीक छः दिन पहले २७ नवंबर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा पूरी दुनिया में जरी ह्यूमन डेवलपमेंट रिपोर्ट २००७--०८ की रिपोर्ट काफी चौकाने वाली हैं। इस रिपोर्ट को ब्राजील में एक भव्य समारोह में वाहन के राष्ट्र पति इनको लूला द सिल्वा और सपन के इंटर नेशनल कोर्पोरेशन के राज्य सव्हिब लेयर पेजिन ने जारी किया।
जारी....
आभार- अकिंचन भारत, आगरा
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विनीत उत्पल
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