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26.2.08

धन्य हो लोकतंत्र, धन्य हो बाजार

दिल्ली-मथुरा रोड पर ठीक अगल बगल दो विज्ञापनों के मजमून..

...यहां शराब पीने के लिए हाल में बैठने की व्यवस्था है
(शराब की दुकान के ठीक सामने काफी मोटे मोटे अक्षरों में लिखा हुआ)

...पापा, शराब पीना छोड़े दो, बच्चों से नाता जोड़ लो
(मद्यनिषेध विभाग द्वारा जनहित में प्रसारित)

---अपन का तो यही कहना है कि भइया पहले बिठाकर पिलाते हो, फिर बच्चों की दुहाई देकर, इमोशनली ब्लैकमेल करके छुड़वाते हो...धन्य हो अपन देश का लोकतंत्र...
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दिल्ली-मथुरा रोड पर ही दो और विज्ञापनों के मजमून

....खूब बातें करें, बातें खत्म कर देती है फासलों की दीवार, जीभर करें बातें

....अनचाही काल को रोक दें, बस कुछ रुपये महीने में यह सविधा उपलब्ध है


----अपन का तो कहना है भइया पहले तो खूब बातें करवाकर पैसे बटोरे, और जब इस दौरान फासलों की दीवार टूटने पर लड़ाई हो जाए तो पैसे लेकर उसकी काल रोक दो...धन्य हो इस लोकतंत्र का बाजार...
जय भड़ास
यशवंत