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17.6.10

वैभव के ब्याह की अग्रिम मनुहार

प्रियजन;



ईश्वर और अलसी मैया की असीम अनुकम्पा से हमारे पुत्र कुंवर वैभव के शुभ-विवाह की अग्रिम मनुहार पत्रिका प्रेषित करते हुए असीम प्रसन्नता हो रही है। हर्ष का विषय है कि कोटा के सम्मानित तथा प्रतिष्ठित अभियंता और व्यवसाई श्रीमान चन्द्रशेखर जी चौधरी एवं श्रीमती सुमन चौधरी जी की प्राणों से प्यारी, रूपवती, फूलों की मलिका और विदुषी बिटिया सौ.कां. स्नेहा, जो उषा ओम में एक वर्ष से एच. आर. मेनेजर के पद पर कार्यरत है, से हमारे चिरंजीव कुंवर वैभव को प्यार हो गया है। चाँद सितारों के इस पारलौकिक प्रेम को हमारी आत्माएं एक वर्ष से अनुभव कर रही थी और प्रतीक्षा में थी कि कब वैभव स्नेहा के समक्ष प्रणय-निवेदन करते हैं?







अब मिलन की वो वेला आ गई है, गंगा जमुना का संगम होने को है और खींची परिवार ने सौ.का. स्नेहा को कुंवर वैभव की जीवन संगिनी और परिवार की पुत्रवधू के रूप में चुन लिया है। वैभव जैसे होनहार, मेघावी, आकर्षक, सरल, मृदुभाषी और सफल आई.टी. व्यवसायी को दामाद के रूप में पाकर पूरा चौधरी परिवार खुशी से फूला नहीं समा रहा है। उनके लिए निश्चित रूप से यह प्रसन्नता की घड़ी है कि उनकी बिटिया एक सुसंकृत परिवार की पुत्रवधू बनने जा रही है। पिछले पूरे वर्ष में इस प्रेमी युगल ने मुहब्बत के साथ-साथ कड़ी मेहनत करके उषा ओम को इस मुकाम तक पहुंचाया है कि आज उषा ओम शहर के युवाओं के लिए ड्रीम डेस्टिनेशन बन गया है।


 हमारे मन में समाई खु़शी की इस ख़बर को आपके साथ बाँटते हुए ऐसा लग रहा है जैसे हर तरफ बहारों का मौसम हो, पुरवाई चल रही हो, घटाएं छा रही हों, दरख़्त गा रहे हों, हर दिशा से रूमानी संगीत सुनाई दे रहा हो, घर-आँगन के हर कौने में शहनाई के स्वर अभी से गूँज रहे हों। पूरा चौधरी परिवार विवाह की तैयारियों में जुट गया है। वस्त्र, आभूषण और अन्य विवाह संबन्धी सामान खरीदे जा रहे हैं, अनुभवी चौधरी सा. टेंट हाउस, बिजली, डेकोरेटर्स से मिल रहे हैं, उन्हें दिशा निर्देश दे रहे हैं और हलवाईयों से विवाह में बनने वाले व्यंजन डिसकस कर रहे हैं। पूरा चौधरी परिवार नाच रहा है, गा रहा है और सांस्कृतिक संध्या के लिए नृत्य और संगीत की प्रेक्टिस कर रहा है। अक्सर मुझे उनके घर की ओर से यह नगमा सुनाई देता है...........


दो सितारों का जमीं पर है मिलन आज की रात,
मुस्कुराता है उम्मीदों चमन आज की रात ,
रंग लाई है मेरे दिल की लगन आज की रात,
सारी दुनियाँ नजर आती है दुल्हन आज की रात।

हुस्न वाले तेरी दुनियाँ में कोई आया है,
तेरे दीदार की हसरत भी कोई लाया है,
तोड़ दे तोड़ दे परदे का चलन आज की रात।

जिनसे मिलने की तमन्ना थी वही आते हैं,
चाँद तारे मेरी राहों में बिछे जाते हैं,
चूमता है मेरे कदमों को को गगन आज की रात।


आप तक यह शुभ समाचार इसलिये भी प्रेषित कर रहा हूँ कि कृपापूर्वक अभी से आप अपने व्यावसायिक और पारिवारिक कार्यक्रमों को 9 जुलाई, 2010 के अनुसार सुनिश्चित कर लें। शुभ शगुन एक दिन पूर्व ही प्रारंभ हो जाएंगे। आप अभी से ही वायुयान या विद्युत चलित लोहपथ वाहन के वातानुकूलित यान में अपने आरक्षण करवा लें ताकि बिना किसी कठिनाई के आप पूरी ऊर्जा और प्रसन्नता के साथ कोटा साड़ी, कचौरी और कोचिंग की इस कोटा नगरी तक सहजता से पहुँचे। आपको आना है....दुल्हे राजा को बधाई देना है......काम-काज सम्हालना है, पुत्रवधू के आगमन तक साथ रहना है, सांस्कृतिक संध्या में जम कर ठुमके लगाने हैं और पूरे समारोह को गरिमामय बनाना है। आप पास में रहे तो हमें जन्नत सा सुख मिलेगा, थोड़ा ही लिख पाया हूँ पूरा जानना। आपके कोटा प्रवास कार्यक्रम की पुष्टि से यहाँ सुचारु प्रबंध हो सकेंगे। कोटा का एक एक गुंचा, एक एक पत्ता और खींची परिवार का एक एक बंदा आपके स्वागत में पलकें बिछाये बैठा है।


परिवार में बुज़ुर्गों को हमारा वंदन और छोटों को दुलार।


आपके अपने...

डॉ. ओ.पी. वर्मा एवं श्रीमती उषा वर्मा,









तो आप पूरे परिवार को साथ आ ही रहे हैं न.....?

2 comments:

EKTA said...

first of all congratulations to would be couple n whole family..
thanks 4 such a humble invitation,,my wishes r always wid the couple n hope the best 4 their future..

radheshyam said...

aare sir kisi kone m mera b nam likh dete to kya bigd jata isme mera bhi to yogdan tha

tanabana and rd