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25.4.11

क्या तुम गीता सीखना चाहते हो ?

क्या हम गीता सीख सकते हैं , इस उम्र में भी ,

प्यारे भाइयो,

हिन्दुओ / हिंदुस्तानियों , क्या तुम गीता सीखना चाहते हो ?

हम हिंदू हैं या हिन्दुस्तानी हैं , पढ़ें लिखे हैं . हमें दुनिया का असीम ज्ञान है ,

फिर हम ये दकियानूसी किताब क्यों पढ़ें ?

मैं ये तो नहीं कह सकता कि क्यों पढ़ें ?

पर बाई चांस यदि आपके मन में जिज्ञासा हो तो मैं आपको गीता क्लास मैं प्रवेश दिलवा सकता हूँ. क्योंकि मैं कई साल से एक ही क्लास में परा हूँ और इसलिए मुझे बहुत से गुर मालूम हैं.

पर यह स्कूल पास वोही कर पायेगा जिसके पास भक्ति का जैक होगा.

मैं केवल वही जैक खोज रहा हूँ. जो मेरे पास नहीं है. बरा भ्रष्टाचार है भाई यहाँ भी.

वास्तव में हम कुछ मित्र एक ओन-लाईन गीता क्लब बना रहे हैं जहाँ हम कभी भी लाग-इन करके गीता प्रेमियों से गीता विषय पर चर्चा कर सकें. आपस में जो जाना , वो शेयर कर सकें. केवल इतना ही .

यदि शौक / जिज्ञासा हो तो संपर्क करें.

कोई फीस / एहसान नहीं. आपको जैक मिल जाये तो मेरा भी लगवा दें , बस यही फीस है.

आप दुनिया मैं कहीं भी हों , हम याहू , स्काईप वगेरह से ऑन-लायीन , फेस टू फेस एक घंटा रोज , या एक हफ्ते में , पढ़ सकते हैं.

सैम्पल / सुझाव के लिए संपर्क करें.

ashok.gupta4@gmail.com

skype : ashok.gupta004

phone : +91 - 98108 90743
delhi

3 comments:

sks_the_warrior said...

great.. i think sabko samne na chahiye...

vishwajeetsingh said...

गीता जीवन जीने की कला सिखाती हैं , इसकी शिक्षा किसी एक धर्म - मत - सम्प्रदाय के लिए न होकर सम्पूर्ण मानव जाति के लिए है ।
आप ऑनलाईन गीता क्लब बना रहे है जानकर प्रसन्नता हुई ...... हार्दिक शुभकामनाएँ ।
www.vishwajeetsingh1008.blogspot.com

I and god said...

काम्मेंट्स के लिए धन्यवाद

सुझाव दें व एक्सपेरिमेंट के लिए ही सही, इससे जुरें व प्रचारित कर सहयोग दें.

यह कोई कम्मित्मेंट नहीं है.

जय श्री कृष्ण