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21.4.11

नेता जी का खुलासा



                                    
खुले में हँसते है और अन्दर रोते हैं ,
राजनीति के खेल बड़े गंदे होते हैं ,
जो गले मिलते हैं गला भी काट लेते हैं ,
काम पड़ता है तो तलवा भी चाट लेते हैं .
                                     शिखा कौशिक 

4 comments:

शालिनी कौशिक said...

bilkul sahi aaklan.

निर्मला कपिला said...

सटीक । ऐसे ही होता है।

तीसरी आंख said...

वाह क्या बात है
काम पड़ता है तो तलवा भी चाट लेते हैं

Tamanna.. said...

waah! bht khoob...