भड़ास की सदस्य संख्या 355 होने पर बधाई। इस महीने हर रोज दो से लेकर चार अनुरोध भड़ास की सदस्यता के लिए आते रहे और इनमें से जिन लोगों ने अपने मोबाइल नंबर, पता और काम-धाम के बारे में जानकारी दी, उन्हें सदस्य बनने के लिए निमंत्रण भेजा गया। नए लोग न सिर्फ भड़ास से तेजी से जुड़ रहे हैं बल्कि आनलाइन कैसे हिंदी लिखना सीख कर टूटी फूटी जुबान में अपनी बात कहने की कोशिश भी कह रहे हैं। हिंदी ब्लागिंग के लिए यह बेहद शुभ है। एक तरफ जहां ढेर सारे ब्लागर अपने ब्लाग को एकला चलो रे के नारे के तहत चला रहे हैं और कई कम्युनिटी ब्लाग अपने कथित वैचारिक दीवारों के चलते नए लोगों को बाहर से ही दर्शक के रूप में बनाए रखने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं, ऐसे में भड़ास जैसा दुनिया का सबसे बड़ा ब्लाग खुले दिल दिमाग से नए लोगों को हिंदी ब्लागिंग का क ख ग सिखा रहा है और उन्हें गलत सही कुछ भी लिखने के लिए, सीखने के लिए, पोस्ट करने के लिए प्रेरित कर रहा है। उम्मीद है भड़ास के जरिए ब्लागिंग सीखने वाले हिंदी भाषी आगे चलकर आनलाइन दुनिया में हिंदी को सम्मान दिलाने के साथ साथ खुद भी आनलाइन माध्यम में अपनी सक्रियता से विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे।
भड़ास संचालन समिति की तरफ से सभी नए भड़ासियों का दिल खोलकर स्वागत करता हूं और उनसे अनुरोध करता हूं कि अगर ब्लागिंग करने में किसी भी तरह की तकनीकी दिक्कत आ रही हो तो कृपया वे पोस्ट डालकर या किसी पोस्ट पर कमेंट करके पूछ सकते हैं।
कृपया कोई समाधान बताए?
मुझे खुद एक दिक्कत आ रही है जिसका समाधान दूसरे वरिष्ठ ब्लागर बताने की कृपा करें। भड़ास पर पोस्ट करते समय अक्सर पोस्ट तुरंत पब्लिश नहीं होता और इरर आ जाता है। बाद में दुबारा कोशिश करने पर वह पोस्ट दो या तीन बार भड़ास पर पब्लिश हो जाती है। ऐसा क्यों होता है, समझ में नहीं आता। इसी तरह कई बार पोस्ट करते समय सर्वर इरर शो करता है। क्या यह दिक्कतें भड़ास पर ज्यादा पोस्टें होने के चलते तो नहीं आ रही? कृपया इस बारे में कोई गाइड करे।
आभार के साथ
जय भड़ास
यशवंत
27.6.08
सदस्य संख्या पहुंची 355, जय हिंदी, जय ब्लागिंग, जय भड़ास
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यशवंत सिंह yashwant singh
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13.6.08
भड़ास संचालक मंडल भंग, अब संचालन समिति
भड़ास अब जिस ऊंचाई पर है, उसे संचालित करने के लिए एक छोटी, सक्रिय और मजबूत टीम की जरूरत महसूस की जा रही थी। भड़ास संचालक मंडल ने अपनी उपयोगिता अब तक साबित की पर नई स्थितियों में एक ऐसी संचालन समिति की जरूरत महसूस की जा रही थी जो छोटी हो, लगातार सक्रिय हो, लगातार टच में हो और किसी मसले पर तुरंत निर्णय लेने के लिए हर वक्त मौजूद हो। तो इस पैमाने पर खरे तो ढेर सारे लोग उतरे पर उसमें से भी हमें छांटकर एक बेहद छोटी टीम बनानी थी इसलिए चाहते हुए भी हमें कई ऐसे वरिष्ठ और सक्रिय साथियों को टीम में न रख सके जिन्हें हम संचालक मंडल में रखे हुए थे। उम्मीद है, वे कतई बुरा नहीं मानेंगे क्योंकि ये जो कुछ किया जा रहा है, ब्राडर पर्सपेक्टिव में इसके पीछे भड़ास का स्मूथ संचालन है, किन्हीं भी विषम स्थितियों से उबरने और आगे बढ़ने की रणनीति है और साथ में है संचालन करने में स्मूथनेस रखने की आकांक्षा।
अब जो संचालन समिति बनाई गई है, उसमें किसी का कोई पद नहीं है। सभी सिर्फ संचालन समिति के सदस्य हैं। इनकी संख्या 7 है और इनके नाम इस प्रकार हैं...
भड़ास संचालन समितिः हरे प्रकाश उपाध्याय, सुरेश नीरव, डा. रूपेश श्रीवास्तव, यशवंत सिंह, रजनीश के झा, मनीष राज और हृदयेंद्र प्रताप सिंह।
(इनमें से सिर्फ मनीष राज ऐसे हैं जो बहुत दिनों से भड़ास पर कुछ लिख नहीं पा रहे हैं पर उनके बारे में एक जानकारी दे दूं कि वे भड़ास के लिए पूरा वक्त देने के लिए इस समय दिल्ली में ही मौजूद हैं और भड़ास4मीडिया में सक्रिय हैं। उनकी पूरी सक्रियता भड़ास और भड़ास4मीडिया की भावी योजनाओं के लिए है।)
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एक खुशखबरी
अपने भड़ासी साथियों को सूचित करना चाहता हूं कि भड़ास पर लगे विज्ञापनों से मिले पैसे का चेक गूगल ने भेज दिया है और मुझ तक पहुंच भी गया है। यह रकम पांच हजार रुपये से कुछ कम है। इसे भजाने के लिए चेक बैंक में डाल दिया है। आप सबकी पार्टी भड़ास संचालन समिति की तरफ से हरे भइया पर बकाया है:)
अगर कभी दिल्ली आना तो समझो भड़ास की तरफ से अद्धे-पव्वे का इंतजाम पक्का हो गया। अगर ये न लेते हों तो मुसम्मी का जूस तो पिलवा ही दिया जाएगा क्योंकि पांच हजार रुपये में जितने भड़ासी सदस्य हैं, उन्हें एक-एक पव्वा (बिना चिखना के) भी खरीदकर भेंट करेंगे तो वो रकम दिल्ली में दारू के रेट के हिसाब से पहुंचेगी पंद्रह हजार रुपये। इसलिए ज्यादा अच्छा है कि कुछ लोग केवल एक गिलास मुसम्मी के जूस से मान जायें :)
दूसरी सूचना
भड़ास की सदस्य संख्या नित बढ़ रही है। अब भड़ासियों की संख्या हो गई 320। उम्मीद करते हैं कि इस साल के अंत तक यह संख्या 500 के करीब पहुंच जायेगी। ये 320 लोग ऐसे हैं जिनके मोबाइल नंबर, पते और प्रोफाइल भड़ास संचालन समिति के पास उपलब्ध है। मतलब, इनमें अनाम, बेनाम या अनजान टाइप के प्राणी नहीं हैं और हम हमेशा भड़ास पर लोगों को अपनी पहचान के साथ आने के लिए प्रोत्साहित करेंगे क्योंकि दुनिया में कुछ भी नया करने के लिए आपको साहस के साथ, अपनी पहचान के साथ आगे आना ही पड़ेगा, आज नहीं तो कल, भड़ास पर नहीं तो संडास पर ही सही, आपको खुलना तो होगा ही।
अंत में सभी साथियों से विनम्र विनती के साथ कि वे भड़ास पर किसी दूसरे व्यक्ति को काटने, निगेट करने में ऊर्जा लगाने के बजाय अपनी भड़ास निकालने के सार्थक काम करें जिससे आपकी पर्सनाल्टी के दोष दूर हों और आप लीडर की भांति जीवन में आगे बढ़ सकें।
फिलहाल इतना ही, उम्मीद है आप का प्यार और विश्वास हम लोगों पर यूं ही बना रहेगा और दिन ब दिन बढ़ता रहेगा।
जय भड़ास
यशवंत
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यशवंत सिंह yashwant singh
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14.5.08
भड़ास दुनिया का सबसे बड़ा हिंदी ब्लाग
भड़ास के मुख्य संरक्षक हरे प्रकाश उपाध्याय, मुख्य माडरेटर डा। रूपेश श्रीवास्तव और भड़ास संचालक मंडल के अन्य साथियों की तरफ से बतौर प्रतिनिधि, मैं, यशवंत सिंह, कुछ बातें कहना चाह रहा हूं....
सबसे पहले तो यह कि 300 भड़ासियों के साथ भड़ास दुनिया का सबसे बड़ा हिंदी ब्लाग बन चुका है।
आप सभी जोर से कह सकते हैं--जय भड़ास
भड़ास की सदस्य संख्या 300 हो गई है। अब भी 20 ओपन इनविटेशन हैं। मतलब, 20 लोगों के पास न्योता पड़ा हुआ है, भड़ासी बनने का, वो अगर बन जाते हैं तो सदस्य संख्या 320 हो जाएगी।
सबसे बड़ी बात, कि इन सभी 300 लोगों के पते, मोबाइल नंबर, नाम और काम के बारे में डाटा भड़ास के पास उपलब्ध है। ये बताने का आशय यह है कि भड़ास के सदस्य कोई छिपे लोग नहीं है जिनका सिर्फ जीमेल आईडी हमें पता हो।
हमें अपने 300 साथियों के नाम पते व फोन नंबर तक पता है।
तो इस कैटगरी में यह सदस्य संख्या काफी बड़ी व महत्वपूर्ण हो जाती है।
हम भड़ासी अब यह दावा करना चाहते हैं कि सदस्य संख्या (नाम, पता और मोबाइल नंबर के साथ), रोजाना की हिट्स, पेज व्यू, पोस्टों की संख्या, इन चारों कैटगरी में या इन चारों में से किसी एक कैटगरी में, भड़ास दुनिया का सबसे बड़ा हिंदी ब्लाग है।
यह दावा खारिज हो सकता है, जब कोई दूसरा हिंदी ब्लागर यह दावा करे या जानकारी दे कि उसका ब्लाग या फलां का ब्लाग सदस्य संख्या, हिट्स व पेज व्यू, पोस्टों की संख्या चारों मामले में भड़ास से उपर है।
हम दावा करके वाकई यह जानना चाहते हैं कि हिंदी का सबसे बड़ा ब्लाग कौन है। किस कैटगरी में कौन सा ब्लाग ज्यादा बड़ा है, यह भी जानना चाहते हैं।
अगर इस पर किसी भी ब्लागर को कुछ कहना हो तो उनका स्वागत है क्योंकि उनकी बात से हम भी सीखना व जानना चाहते हैं।
फिलहाल तो हम भड़ासी खुश हो लें...कि भड़ास दुनिया का सबसे बड़ा हिंदी ब्लाग है।
यह दावा कितना सच या झूठ है, यह बताने के लिए हम सभी हिंदी ब्लागरों और ब्लाग विश्लेषकों से अनुरोध करते हैं कि वो जरूर कमेंट कर अपनी बात रखें।
जय भड़ास
यशवंत
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यशवंत सिंह yashwant singh
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19.4.08
नरेंद्र मोदी के कवरेज का पत्रकारों ने बहिष्कार किया
यह एक ऐसी खबर है जो शायद ही कहीं छपे क्योंकि अब किसी भी मीडिया हाउस का प्रबंधन भाजपा के सुपर स्टार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से पंगा नहीं ले सकता। हाल में हुए गुजरात चुनावों में फिर जीत हासिल करके असीम ताकत के प्रतीक बने मोदी आजकल दिल्ली में हैं।
यहां सिविल लाइंस में गुजराती समाज की तरफ से आज मोदी के अभिनंदन का कार्यक्रम था। समारोह के कवरेज के लिए बाकायदा पत्रकारों को निमंत्रण पत्र भेजे गए। वहां जब पत्रकार पहुंचे तो उनसे निमंत्रण पत्र मांगा गया लेकिन कई पत्रकार साथी बिना निमंत्रण पत्र पहुंचे थे क्योंकि ये वो पत्रकार थे जो लगातार बीजेपी बीट को कवर करते हैं। इन पत्रकारों ने बीजेपी नेताओं को फोन कर किसी तरह अंदर जाने का जुगाड़ किया। वहां कैमरे वगैरह लगाए।
इसी बीच नरेंद्र मोदी पहुंच गए। समारोह में मौजूद कुछ लोगों ने एकाएक चिल्लाना शुरू कर दिया कि इन मीडिया वालों को किसने यहां बुलाया, इन्हें यहां से भगाओ। इतना सुनते ही समारोह में मौजूद 20-25 लोगों ने मीडिया वालों को भगाने के लिए नारेबाजी व बदतमीजी शुरू कर दी। इस पूरी परिघटना के दौरान नरेंद्र मोदी चुप बैठे रहे। अंततः पानी सिर से उपर निकलता देख और बदतमीजी की हद पार होते देख टीवी पत्रकारों ने कवरेज के बहिष्कार का फैसला किया और समारोह से बाहर निकल गए।
सभी प्रमुख टीवी न्यूज चैनलों एनडीटीवी, आजतक, जी न्यूज, आईबीएन7....आदि के पत्रकारों ने पत्रकारों से बदतमीजी की घटना की निंदा की और इसे मीडिया के प्रति नेताओं के असहिष्णु रवैये का परिचायक बताया। भड़ास इस घटना की निंदा करता है और सभी पत्रकार बंधुओं से अपील करता है कि वो अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए ऐसे कार्यक्रमों का बहिष्कार भविष्य में भी करते रहें जहां उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया जाता।
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दो सूचनाएं भड़ास से संबंधित ...
1- भड़ास पर कुल पोस्ट की संख्या 2025 हो गई है, जो अपने आप में एक रिकार्ड है।
2- भड़ास की सदस्य संख्या 260 से बढ़कर 272 तक पहुंच गई है, ये भी एक नया रिकार्ड है।
जय भड़ास
यशवंत सिंह
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यशवंत सिंह yashwant singh
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