Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

16.11.07

नीरज के परिवार को मदद देने के लिए आगे बढ़े कई हाथ

pankajshuklaa@gmail.com: नीरज के परिवार की सहायता के लिए मैं कुछ अर्थदान करना चाहता हूं। कैसे करना होगा, बता सकेंगे तो मेहरबानी होगी।
-------------------------
आशीष said...
यशवंत जी नीरज जी वाली न्यूज़ काफी दुखी करने वाली न्यूज़ है.. आपका प्रस्ताव काबिले तारीफ है..मेरे लिए कोई आदेश हो तो कहें.

-------------------------
आशीष महर्षि और पंकज शुक्ल, इन दो लोगों ने नीरज के परिजन को मदद करने का इरादा जताया है। मुझे लगता है कि ऐसी ही सोच कई और लोगों में भी है। मैं खुद करना चाहता हूं। ऐसे में इसे किस तरह किया जाए, मुझे ठीक ठीक नहीं पता। एक आइडिया आ रहा है, रियाज हाशमी या अंकित माथुर जो नीरज के मित्र भी रहे हैं और सहारनपुर के निवासी भी हैं, इसे कोआर्डिनेट करें। रियाज व अंकित से अनुरोध है कि वे कृपया मदद इकट्ठा करने के लिए तरीका बताएं। या तो एकाउंट पेयी चेक नीरज की पत्नी के नाम दिया जा सकता है या फिर कुछ और....मैं शायद सोच नहीं पा रहा इस वक्त। लेकिन हम सभी पत्रकार लोगों को कुछ न कुछ जरूर करना चाहिए, इतना समझ में आ रहा है। शायद भड़ास के जरिए एक सार्थक काम हो सके। तो सबसे पहले रियाज और अंकित से चाहूंगा कि वो कृपया अपनी पहल के बारे में अवगत कराएं।

yashwant

5 comments:

यशवंत सिंह said...

pankaj shukla जी की सलाह है कि ...
अपन एक फंड बना सकते हैं। जो परमानेंट रहेगा। बैंक में एक एकाउंट खोलते हैं। जो कुछ गिने चुने लोगों की देख रेख में चला सकते हैं। जिस भी भाई की मदद करनी हो. उसका केस मेल पर या फोन पर डिस्कस करके अपन उसके घरवालों को या उसे चेक भेज सकते हैं। सारा चंदा इस फंड के नाम से जमा करते हैं। कुछ लोग जो नियमित रूप से दान देना चाहते हैं, वो साल भर के पोस्ट डेटेड चेक्स दे सकते हैं।

अगर किसी और भाई के पास कोई सुझाव हो तो बता सकते हैं।
यशवंत

आशीष said...

यशवंत जी पंकज जी का आइडिया मुझे सही लग रहा है..हमें तुरंत एक ऐसे बैंक में अकाउंट खोलना चाहिए जो ओन लाइन की सुविधा देता हो...जिससे कोई भी कहीं से पैसे जमा कर सकता हैं.

अंकित माथुर said...

प्रस्ताव वाकई काबिले तारीफ़ है
लेकिन फ़ंड कैसे और किस के माध्यम से
बनाया जाये?

Rachna Singh said...

Please open two accouts one major and one minor , one in the name of neerajs wife and other his child . in minor account the mother should be able to draw a limited amount for childs welfare . most banks have a withdrawl limit . also the account should be with a bank where there is an auto invest facilty so that the minors account money can grow by itself . we need to rationalize things to protect the interest of the child for a longer period till the age of eighteen . make all things public like the name of the account holder and bank so that we can make online transactions

Jitendra Chaudhary said...

नीरज जी के देहांत का दु:खद समाचार सुना, मन काफी व्यथित है। मेरा उनसे कोई सीधा सम्पर्क तो नही है, लेकिन अप्रत्यक्ष रुप से उनके बारे मे जानकारी मिलती रहती थी। मै ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि इस दु:ख की घड़ी मे, उनके परिवार को इस गम को सहन करने की शक्ति दे।

उनके परिवार के लिए किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता का प्रस्ताव सराहनीय है, मुझे इस प्रकार के सहयोग मे शामिल समझें। यशवंत जी मुझे मेरे इमेल के पते पर सम्पर्क करके, एकाउन्ट नम्बर बताने का कष्ट करें, अति कृपा होगी।

मेरा सभी चिट्ठाकारों से निवेदन है कि इस सहयोग मे बढचढ कर भाग लें।