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20.12.07

आजकल यूं दिखते हैं स्वामी भड़ासानंद !



(तस्वीर अविनाश जी के सौजन्य से। श्रावणी दीदी को देखने के लिए बीते रविवार को अपने कुनबे के साथ पहुंचा था उनके मोहल्ले में। इसी दौरान अविनाश जी ने स्टिंग शुरू कर दिया। मोबाइल फोन के कैमरे में मेरा पूरा कुनबा आ गया लेकिन मुझे सबसे अलग तस्वीर खुद की दिखी। यूं भी, आत्ममुग्ध आदमी को खुद की ही तस्वीर हर जगह दिखती है। तो लगा, कि यह तस्वीर तो भड़ास के भड़ासानंद जैसी लग रही है। फिर स्वामी भी जोड़ दिया, जब डेवोशन और स्प्रिचुवलिज्म के फील्ड में आफिसियल काम कर रहा हूं तो निजी जीवन को भी इससे अलग क्यों रखा जाए। तो चलिेए, स्वामी भड़ासानंद के दर्शन कीजिए और अगर मन में कोई शक, शुबहा, परेशानी, दिक्कत, तकलीफ, द्वेष, ईर्ष्या...किसी तरह के कोई भाव हों तो कमेंट के रूप में या मेल के रूप में या रिंग करके जरूर जाहिर करें। अब क्या करें, जब कोई बाबा की जय नहीं कर रहा तो खुद ही बोल देते हैं,,,स्वामी भड़ासानंद की जय....स्वामी भड़ासानंद जिंदाबाद....

जय भड़ास
यशवंत

3 comments:

सचिन लुधियानवी said...

स्वामी जी वो सब तो ठीक है, लेकिन ये बालों का क्या कर दिये हैं. वैसे घर की खेती है आ ही जाएंगे. लेकिन फिलहाल तो लग रहा कि दिल्ली की सर्दी भी बाल उडा देती है.

आशीष said...

तस्‍वीर तो जानदार और शानदार दोनो ही है

शशिकान्‍त अवस्‍थी said...

यशवत भाई आपके लिये बस यही कहा जा सकता है -
क्‍या खूब लगते हो बडे सुन्‍दर दिखते हो ।