आखिर कौन हैं ये हीरालाल जी जिनको याद कर रहा है जबलपुर...?
इस पोस्ट में भड़ास जैसी बात क्या है...?
भई...?
हीरा लाल जी जैसे सरस्वती पुत्र काम ही पाए जाते हैं जो कि ता उम्र सहज,सरल,सामान्य होकर भी महान होतें हैं ।उनकी स्मृति में आयोजित अब तक के सम्मान समारोहों में मुझे क्या समूचे जबलपुर को लगा अब वो दौर शायद ही लौटे .....!
किन्तु निराश नहीं हैं हम सभी ...."
"जय - भड़ास "
24.12.07
Posted by
Girish Billore Mukul
Labels: जबलपुर, पत्रकारिता, प्रचार-माध्यम, समाचार
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