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प्यारे दोस्तों,
अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...
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Markand Dave
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Markand Dave
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बिहार से इस समय मुख्य रूप से ६ हिंदी दैनिक समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं. इनमें से पांच के संपादक ब्राह्मण हैं. इन छह समाचार पत्रों में ब्यूरो प्रमुख के पदों पर काबिज लोगों में ४ ब्राह्मण १ भुमिहार व एक राजपूत हैं. यही हाल टीवी चैनलों का भी है. बिहार में हिंदी, अंग्रेजी समाचार पत्रों, टीवी चैनलों में शीर्ष पदों पर १०० फीसदी हिंदुओं का कब्जा है. इनमें ९९ प्रतिशत द्विज हैं. पिछड़ी जाति का कोई भी पत्रकार फैसला लेने वाले पद पर नहीं है. इन पदों पर दलित, मुसलमान व महिलाओं की उपस्थिति शून्य है. अब सवाल यह उठता है कि बिहार की इस द्विज पत्रकारिता ने किसका हित साधा है? किसने इसका उपयोग किया है? इसके अपने राग-द्वेष क्या हैं?
(बिहार के एक पत्रकार साथी ने मेल कर मुझसे ये सवाल पूछा है। क्या कोई इसका जवाब दे सकता है?....यशवंत)
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यशवंत सिंह yashwant singh
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to
yashwantdelhi@gmail.com
cc
info@bhadas4media.com
date
11 Jun 2008 09:37
subject
सही क्या है?
mailed-by
gmail.com
महोदय,
आपका कहना है (कई दूसे ब्लॉग्स का भी यही मत है) कि श्री आलोक मेहता आउटलुक छोड़कर दैनिक नवदुनिया में चले गये हैं। लेकिन कल रात को एनडीटीवी इंडिया के कार्यक्रम खबरदार में तो प्रस्तोता विनोद दुआ ने उनके ही सामने उनका परिचय आउटलुक के संपादक के तौर पर करवाया। सच क्या है?
(हो सकता है उन्होने आउटलुक छोड़कर नवदुनिया में जाने का मन पक्का कर लिया हो लेकिन ये बात कागज़ों पर अभी ना उतर सकी हो)
आपका
एक शुभेच्छु
(भड़ास और भड़ास4मीडिया के लिए प्रेषित मेल)
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यशवंत सिंह yashwant singh
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Labels: आलोक मेहता, मीडिया हलचल, मेल, सवाल
Hi yashwant ji,
nice to see u r blog. plz abuseing language se bache.
i am realy big fan of u r blog bhadas. hindi karna mushkil hain phir bhi koshish kar raha hoon. ummid hain mere eas sawal ko aap apne blog me jarur jagah denge.
mera parichay aap media guru se hi karwaye. i am also a teacher..
sir ji mera sawal hain ki kya imandari se jina journalism me koi gunah hain? ummid hain aap se jawab bhi milega.... to sawal hain ... journalism me dhire dhire jo kala dhan (black money) kamane ki prvatti (nature) bad rahi hain usko kya roka jaa sakta hain? ho sake to blog me jagah de..
aur eak jaankari aap ke blog ke liye plz mera name hide rakhe ....( ये जानकारी हटा दी गई है )
.. dhanywad
Media Guru
(भाई मीडिया गुरु, आपकी तारीफ के लिए धन्यवाद। गालियां हम नहीं देना चाहते पर शहर के कुछ चिल्लर टाइप हिप्पोक्रेट लोग उंगली करते हैं तो गरियाना पड़ता है, आगे से ध्यान रखा जाएगा। आपने जो सवाल किए हैं वो काफी बड़े सवाल हैं और इसका जवाब तुरत फुरत नहीं दिया जा सकता। वैसे, इस सवाल का ठीक ठीक जवाब अपने फायरब्रांड नेता डा. रूपेश दे सकते हैं। आप चिंता न करें, आप का असली नाम कभी नहीं खोला जाएगा, ये मेरा वादा है।.....यशवंत)
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यशवंत सिंह yashwant singh
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(भड़ासियों के डाक्टर और आयुर्वेद के मास्टर मुंबई के डाक्टर रूपेश श्रीवास्तव के जनहिताय मेडिकल एडवाइजरी ब्लाग पर जाकर मैंने उनसे खुद के बारे में एक संभावित रोग के बारे में पूछा तो डाक्टर साहब ने बिना देर किये जो मुझे इलाज बताए वो इस तरह है.....यशवंत)
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डा.साहब, शायद change of water या ऐसे ही किसी संभावित कारण से मुझे ऐसा लग रहा है कि कहीं मुझे पीलिया तो नहीं हो गया है क्योंकि मूत्र का रंग एकदम पीला आ रहा है। मैं कभी-कभी शराब का सेवन कर लेता हूं और मांसाहार भी करता हूं। मेरी नौकरी के कारण मुझे अकसर टूर पर रहना पड़ता है। उपाय बताएं।
यशवंत सिंह,दिल्ली
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भाईसाहब, आपने जो संभावना बतायी है उस आधार पर और आपसे फोन पर जो बाते हुईं है बहुत संभव है कि आपको पीलिया की शुरूआत है। इसे अगर नजरअंदाज करा तो संभव है कि बीमारी गंभीर रूप ले ले। कुछ उपचार लिख रहा हूं अविलंब ले लीजिये---
१ . नवायस लौह ३-३ रत्ती दिन में दो बार मट्ठे या शहद के साथ लें।
२ . पुनर्नवादि मंडूर की १-१ गोली दिन में तीन बार मट्ठे या गो मूत्र के साथ लें।
३ . लोहासव २-२ चम्मच सुबह शाम बराबर मात्रा जल के साथ लें।
अगर ये शास्त्रोक्त औषधियां न मिल सकें तो एक सफेद फिटकरी को तवे पर भून लीजिये ध्यान रहे कि जलने न पाए, फिर दो ग्राम भुनी हुई फिटकरी को २० ग्राम दही के साथ लीजिये अथवा कलमी शोरा १० ग्राम और ५० ग्राम मिश्री(खड़ी शक्कर) बारीक पीस लें ये मिश्रण ३-३ ग्राम जल से लीजिये। अगर ये कुछ भी न मिले तो मूली के हरे पत्तों शक्कर मिला कर मीठा कर लें और दिन में इसी तरह बनाया रस २-२ कप तीन बार पियें। आपकी बीमारी गायब हो गयी आपको दो-चार दिनों में ही समझ आ जाएगा।
-डा. रूपेश श्रीवास्तव
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(साभारः आयुषवेद)
((आप भी अपनी किसी दिक्कत, समस्या, परेशानी, बीमारी के बारे में बिना साइडइफेक्ट वाली आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज चाहते हैं तो डाक्टर रूपेश श्रीवास्तव के आयुषवेद ब्लाग पर पहुंचे। यूआरएल है http://aayushved.blogspot.com))
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यशवंत सिंह yashwant singh
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