Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

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4.5.08

जाना पड़ा ठाकुर को

----Bhadas Breaking News----

दैनिक जागरण, लुधियाना के संपादकीय प्रभारी प्रदीप ठाकुर से इस्तीफा ले लिया गया है। प्रदीप ठाकुर की जिन कुछ खासियतों के चलते दैनिक जागरण, लुधियाना में उनकी तूती बोलती थी उसमें उनका जबर्दस्त बिजनेस लिंक है। लुधियाना कई बड़ी राष्ट्रीय कंपनियों का मुख्यालय है जिनके जरिए प्रदीप ठाकुर ने दैनिक जागरण को बड़े स्तर पर विज्ञापन और बिजनेस दिए। बाद में उन पर कई तरह के आरोप लगे और इन्हीं आरोपों के चलते उन्हें जाना पड़ा।

3.5.08

यशवंत सिंह ने भड़ास पर खबर में खेल किया है : गुजरात सरकार

मोदी के लिए नई दिल्ली में समारोह के दौरान मीडियाकर्मियों से अभद्रता के बाद मीडिया ने कवरेज का जो बहिष्कार किया और इसकी खबर तुरंत भड़ास पर दिए जाने से मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भड़ास की खबर के आधार पर गुजरात ग्लोबल डाट काम ने भी इस खबर को फ्लैश किया। इसके बाद गुजरात प्रशासन हरकत में आ गया।

मोदी के असिस्टेंट पीआरओ ने बाकायदे लिखित पत्र के जरिये सफाई दी है कि कवरेज का मीडिया ने नहीं बल्कि केवल इलेक्ट्रानिक मीडिया ने ही बहिष्कार किया।

इस सफाई से यह प्रमाणित हो गया है कि मोदी के सामने मीडियाकर्मियों के साथ बदतमीजी की गई थी और मीडिया ने इसका बहिष्कार भी किया था।

हम भड़ासी एक बार फिर मोदी और उनके गुर्गों के आचरण की निंदा करते हैं और मीडियाकर्मियों से बदतमीजी करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग करते हैं।

पत्र में एपीआरओ ने लिखा है कि यशवंत सिंह ने भड़ास ब्लाग पर घटना की खबर में ट्विस्ट (खेल) किया है।

अब भाई को कौन समझाए कि आप लोगों ने तो बायकाट की खबर तक कहीं और नहीं चलने दी, अगर हम पत्रकार अपने मंच पर ऐसी खबरें लिखें तो इसमें भी आप चश्मा लगाकर ट्विस्टिंग और खेल देख रहे है..

..शर्मनाक है यह।

जय भड़ास
यशवंत सिंह
------------
भड़ास की खबर और इसके आधार पर गुजरात ग्लोबल डाट काम में दी गई खबर पर मोदी के एपीआरओ की लिखित प्रतिक्रिया कुछ यूं है...

Comment of APRO to CM Modi on Delhi Gujarati Samaj media coverage

Hitesh Pandya, Assistant PRO to CM Narendra Modi sent following mail within hours of the release of the last media newsletter.

I read the news, and the story of felicitaion of NARENDRA MODI at Gujarati Samaj, Delhi... THE MEDIA DID NOT BOYCOTT THE FUNCTION..only, electronic media did not COVER the proceedings..Yashwant Singh has in his blog just twisted the story..before giving credence to such Blog, at least you could have cross checked with NILESHBHAI SHUKLA or office bearer of the Samaj

from
Hitesh Pandya
Assistant PRO to CM Narendra Modi

to
yogesh sharma
gujralglobal.com

28.4.08

नौकरी अखबार की, बनिया-बक्काल की, जय कन्हैया लाल की...

--जेपी नारायण--

वह आज भी अपने शब्दों से सबको गाजर-मूली की तरह काट रहा है। उसी की डायरी से चुराए गए कुछ पन्ने आज यहां आप भी पढ़ लीजिए। जान जाएंगे कि हालात किस कदर संगीन हैं। भीतर कितनी बेचैनी और गुस्सा है। कैसे एक-एक जबड़े में बीस-बीस अंगुलियां घुसी हुई हैं। ....और उनके बीच से रिस-रिस कर बाहर आ रही है कविताओं के सुर में गालियों की चिंगारी....

1....
ढाई बजे रात को

खाता हूं पीता हूं ढाई बजे रात को।
जो जीवन जीता हूं ढाई बजे रात को।
परवरिश घर-परिवार की,
नौकरी अखबार की,
बनिया-बक्काल की,
सत्ता के दलाल दमड़ीलाल की,
धूर्त, चापलूस, चुगलखोर हैं संघाती,
घाती-प्रतिघाती,
उनके ऊपर बैठे हिटलर के नाती,
नौकरी जाये किसी की तो मुस्कराते हैं,
ठहाके लगाते हैं, तालियां बजाते हैं,
मालिक की खाते हैं,
मालिक की गाते हैं,
मालिक को देखते ही
खूब दुम हिलाते हैं,
बड़े-बड़े पत्रकार,
हू-ब-हू रंगे सियार,
इन्हीं के बीच कटी जा रही जिंदगी,
सरसों-सी छिंटी-बंटी जा रही जिंदगी,
अपनी गरीबी और मैं,
चार बच्चे, बीवी और मैं,
महंगी में कैसे जीऊं,
वही पैबंदी कैसे सीऊं,
रोज-रोज सीता हूं ढाई बजे रात को।
खाता हूं, पीता हूं ढाई बजे रात को।
बैठा है कमीशन तनख्वाह बढ़ाएगा,
सात साल हो गए
लगता है फिर मालिक पट्टी पढ़ा़एगा,
दो सौ किलो मीटर प्रतिघंटा महंगाई की चाल,
जेब ठनठन गोपाल।
मकान का किराया
और दुकान की उधारी,
रूखी-सूखी सब्जी
और रोटी की मारामारी,
साल भर से एक किलो दूध का तकादा,
इसी में फट गया कुर्ता हरामजादा,
दिमाग में गोबर, आंख में रोशनाई
फूटी कौड़ी नहीं, आज सब्जी कैसे आई,
सोचता सुभीता हूं, ढाई बजे रात को।
खाता हूं, पीता हूं, ढाई बजे रात को।


----

2.....
सुनो कालीचरन!

पत्रकारिता तो अब
जूते की नोक पर होगी कालीचरन!
क्योंकि मिशन गया तेल लेने
और कलम गयी गदहिया की गां.... में।
आगया तो आ ही गया
कंप्यूटर,
उसी पर रात-दिन छींको-पादो,
आंख फोड़ो
हाथ जोड़ो
चार पैसा कमाओ,
घर जाओ,
बाल-बच्चों का पेट पालो।
वरना ....की....चू.....
पत्रकारिता का भूत
कहीं का नहीं रहने देगा तुम्हें,
रोओगे-रिरिआओगे,
एक अदद अंडरवियर के लिए
रिक्शे के पायदान पर
हांफते नजर आओगे,
कहां धरी है नौकरी
नहीं करना तो क्यों करी?
करना है तो कर,
जूते की नोक पर,
संभाल अपना पेट, अपना घर।
कुंए में भांग पड़ी है
विदेशी पूंजी सामने खड़ी है।
वो देख,
उधर ब...न के लं...वी-सेट
आ गया इंटरनेट
गेटअप, मेकअप अप-टू-डेट,
चकाचक्क, भकाभक्क,
विश्वसुंदरी पत्रकारिता के उन्नत ...तड़ों से
झड़तीं एक से एक गोबड़उला खबरें धक्कामार
सात समुंदर आरपार,
सर्रसर्र, फर्रफर्र शेयर बाजार,
कहीं चढ़ाव, कहीं उतार,
और पूंजी की रेलमपेल
देख-देख ....दरचो....
अखबारी खेल,
मिशन गया लेने तेल
खबर गयी कलम के भो...ड़े में
स्साला भाड़
फट गयी गां....
छींक-पाद,
हरामी की औलाद
पराड़कर का च.......ओ...द्दा।
पत्रकारिता होगी अब कलम की नोक पर.............


3......
अंडू वन-डे का फोरमैन

घूर-घूर कर मुस्कराता है
छापेखाने का फोरमैन,
सनसनीखेज खबरों से अंटे अखबार की तरह
लाल-लाल डोरोंवाली एक जोड़ी आंखें...
आंखों के बीच से झांकतीं
अधपकी मूंछों तक
निरंतर तनी नासिका
और पान की जर्दीली पीक से
पपड़ाये होठों पर बार-बार
चक्कर लगाता रक्ताभ-जिह्वाग्र....
घूरते हुए मुस्काना
मुस्काते हुए डांटना,
फिर डांट-डपट, गाली-गलौज
और हाथापाई पर उतर आना फोरमैन की
बेमियादी बीमारी है।
अखबार के दफ्तर में
इकत्तीस साल से डोल रहे हैं बूढ़ी मशीनों पर
उसके जवान हाथ
जिसकी जुबान खबरचियों की खबर लेने के
सारे गुर आजमा चुकी है।
अपनी इकत्तीस साल की दुनिया का
खबरदार पन्ना है बूढ़ा फोरमैन,
जिसके होशो-हवास पर तीन दशकों का
अखबारी अतीत दर्ज है।
संपादकों, संवाददाताओं, चपरासियों, आपरेटरों, मशीनमैनों की
भीड़ जुटने से, अखबारी सुबह होने तक
इस-उस से
अथ-इति होने तक
क्या कुछ नहीं कह डालता है
अंडू वन-डे का फोरमैन...

नौसिखिये संपादकों को नहीं मालूम
कि कैसे भागती हैं खबरें,
उन्हें पकड़ना होता है पाठकों की सुबह
और सेठ की तिजोरी
एक साथ!

----------
(साभार : http://behaya.blogspot.com)

27.4.08

पत्रकारिता तो गई गदहिया के उसमें ए रामू!

जेपी नारायण

पूंजी लूटने का इस समय सबसे मजबूत मोहरा मीडिया। बातें क्रमशः सौ (प्रतिदिन दस) काल्पनिक पात्रों के माध्यम से। पत्रकारों ही नहीं, पूरे सिस्टम के मन की गांठें खुद-ब-खुद खुलती जा रही हैं....कितने धूर्त और लंपट हैं मीडिया के भारतीय आकाश पर चमकते कुछ चांद-सितारे, एक-एक चेहरे पर कई-कई चेहरे चढ़ाये हुए, कर्मचारियों को हुरपेटते हुए और अपने हुजूरों के सामने दुम दुबकाए हुए, कैसे-कैसे खोखलेजी दर्शन और राजनीति के महामहोपाध्याय बने डोल रहे हैं, और अंदर खाने मचा हुआ है हाहाकार। हर अखबार या चैनल का हर तीसरा आदमी अपने हालात से उकताया हुआ कहीं और नौकरी पाने की जुगाड़ या ताक में। यानी भीतर-ही-भीतर पानी खदबदा रहा है।

1. विनोद मदहोशी जी देश के सबसे बड़े अखबार के सबसे बड़े संपादक हैं। अपनी लखटकिया नौकरी बरकरार रखने के लिए रोजमर्रा के अखबारी कुकर्म निपटाते हुए, हर किसी को हूल-पट्टी पढ़ाते हुए, अपने ऊपर वाले से रिरियाते, नीचे वाले से खिखियाते हुए, स्वदेशी से विदेशी पूंजी तक के गुणा-भाग लगाते हुए, सपने में भी एनसीआर-एनसीआर गुनगुनाते हुए हर हफ्ते अपने अखबार में चोंतभर बस्सैनी लीद फिर देते हैं। लफ्फाजी फिरना उनका पुराना शगल है। इसके बाद शुरू होता है दूसरे पायदान पर यानी दूसरे नंबर के मातहत का लाजवाब अल्हैती-गायन। वाह्ह-वाह्ह, वाह्ह-वाह्ह। आज तो आपने कलम तोड़कर रख दी। आपका लेख पढ़के अब तक सीएम-पीएम गश खा चुके होंगे। हीहीहीहीहीहीही....

2. मदहोशी जी होश-हुनर के पूरे हैं, पक्के पहाड़ी घूरे हैं। आज कल मैदानी क्षेत्रों में मैदान किए जा रहे हैं। उनके अखबार में नौकरी की पहली शर्त है पहाड़ी होना। आप पहाड़ के नहीं तो किसी काम के नहीं। उनकी लालटेन सिर्फ पहाड़ पर जलती है। मैदानी के नाम पर भुकभुकाने लगती है। मीडिया में ये खफ्तुलहवासी किस्म का क्षेत्रीयतावाद कहा जा सकता है। उनके इर्द-गिर्द पल रहे मैदानी भाई-बंधु मन-ही-मन कलपते रहते हैं, मसोसते रहते हैं कि काश हम भी होते पहाड़ के डब्लू-बब्लू ....। सालो से पहाड़ी दर्रे में बेमतलब दरकचा रहे हैं। न कोई इंक्रीमेंट, न प्रमोशन। ऐसे लोग धीरे-धीरे या तो इधर-उधर, अगल-बगल के ठिकानों की ओर लपक रहे हैं, खिसक रहे हैं या झक्क में शाम को तीन-चार पैग सूत कर पट्ट हो ले रहे हैं।

3. एक हैं मिहिर जी। देश के धक्काड़ जर्नलिस्ट। तीन दशक से दिल्ली के चुनिंदा मठाधीशों में एक। उनका एक अदद मकसद होता है सत्ता के चरणों में लार पौटाते रहना। लार पौटाते-पौटाते फूलकर गैंडा हो चुके हैं। सियासत और मीडिया के विविध आयामों के साथ इन दिनों करोड़ों में खेल रहे हैं। उनकी पत्रकारिता से भौचक्के कई और वनगैंडे ताल-में-ताल मिलाकर वैसा ही हो लेने के लिए सालो से बेकरार हैं, लेकिन किल्ली-कांटा बैठ नहीं रहा। सो, यदा-कदा मिहिर जी के साथ मय-मेहमानी के दौरान कसीदे पढ़ते रहते हैं, अभिभूत होते रहते हैं, देश-विदेश की राजनीति पर अपनी पंडिताई झाड़ते रहते हैं। इन अट्ठों-पट्ठों की नब्ज से पूरी तरह वाकिफ मिहिर जी उनकी बातों पर भंगेड़ी धृटराष्ट्र की तरह मंद-मंद मुस्काते रहते हैं। खुदा-न-खास्ता किसी पर मेहरबान हुए तो किसी विदेशी थैलीचोर से दो-चार करोड़ का सौदा कराते हुए कहते हैं, जाओ वत्स! अपने स्वामी के चरणों में लोट जाओ....!!

4. बकचोद जी किसी टाइम्स-फाइम्स के कलमगीर रहे हैं। देश के नामी सटायरबाज हैं। अपने और अपने संस्थान को छोड़ पूरी दुनिया पर अपनी कुंद-कलम के बंदूक चलाते फिरते रहे हैं। कहा जाता है कि उनके पीछे सीख-पढ़कर पास दो-तीन दर्जन कुख्यात पत्रकारों का गिरोह बटमारी करता रहता है। यूपी के माफियाओं के साथ उनकी अच्छी ऊठक-बैठकी है। उनके साथ तूतक-तूतक तूतिया करते-करते बकचोद जी खुद को ही एक समय में तो पत्रकारिता का सबसे बड़ा माफिया मानने लगे। अपनी इज्जत-बेइज्जत से बेफिक्र, मान-सम्मान से परे संतई मुद्रा में कुछ दिनों से इतने आभाहीन और पिनकी हो चुके हैं कि अपने अखबार समूह के पुरखों को भद्दी-भद्दी गालियां देते रहते हैं। कहते हैं...कितना-कुछ किया हरामखोरों के लिए, झुंड-के-झुंड पत्रकार कौड़ियों में टांग लाये, पन्ना-का-पन्ना विज्ञापनों के अंबार लगा दिए और आज मुझे ये दिन देखने पड़ रहे हैं। कभी सिर्फ विदेशों में पिकनिक किया करते थे, आजकल मोहल्ले वालों से पान मसाला के पैसे मांगने पड़ते हैं।

5. प्रणामी जी, अभी कुछ ही दिन हुए प्रधान संपादक पद से सेवा निवृत्त हुए हैं। सारा खून अपने अखबार को पिलाकर पूरा देह ठठरी भर बचा है। रिटायरमेंट के दो ही महीने में चेहरा आरके लक्ष्मणन का कार्टून हो चला है। पत्रकारिता पर किताबें लिखते रहे हैं। उनके पढ़े शिष्य कभी-कभार दिलासा देते रहते हैं कि अफसोस मत करो गुरू जी, अंत में सबकी यही गत होती है। आपको कंधा देने वालों की लाइन लग जाएगी। क्या खूब हेडिंग लगाते थे आप, क्या खूब संपादकीय लिखते थे। ...और आज आपका कोई नामलेवा नहीं। अगर आप अपने आखिरी दिनों में बौरा नहीं गए होते तो आज ये दिन नहीं देखने पड़ते। आपसे मिलने आना चाहता हूं, लेकिन आपकी कटखनी बीवी से बड़ा डर लगता है, अब तो वह और सठिया गई होगी।

6. बिरजू प्रधान मीडिया में लच्छू घराने से आये हैं। लच्छू घराना पत्रकारिता के लक्ष्योन्मुखी मिशन के लिए मशहूर रहा है। सबसे पहले पराड़कर जी ने इस घराने को दीक्षित किया था। आजकल इस घराने के ज्यादातर लोग कटहल छील रहे हैं। बिरजू प्रधान की कटहली-पत्रकारिता से अभिभूत एक भूतपूर्व सीएम ने उन्हें उनके घर पहुंचकर एक लाख की कट्टू उपाधि से नवाजा था। बिरजू प्रधान का मझला बेटा कुछ दिनो पहले ब्लू फिल्मो की सीडी सप्लाई करते हुए पकड़ा गया है।

7. मीडिया जगत में दिगंबर दादा के नाम से प्रसिद्ध दिग्गू जी रिटायर होने के बाद भी कर्मचारियों का खून पी रहे हैं। चंदन-टीका लगाकर ठीक दस बजे दफ्तर में आकर बैठ जाते हैं। दिन भर भीतर मालिक से तीया-पांचा भिड़ाते रहते हैं, बाहर संपादकीय कर्मियों में से किसी घर की बिजली ठीक कराने, किसी को मोहल्ले की सड़क पर डामर डलवाने, किसी को अपनी खटारा (जो कभी मालिक की थी ) की सर्विस कराने तो किसी को लादकर घर पहुंचाने का हुकुम सुनाते रहते हैं। सबसे ज्यादा आजिज तो दफ्तर का चपरासी रामभरोसे। भुनभुनाता रहता है....लगता है मुझे ही चार डंडा बजाकर इसे निपटाना पड़ेगा, नौकरी रहे चाहे जाय। साला बात-बात पर तू-तड़ाक करता है, दिन भर में पचास गिलास पानी पीता है, आधा थूकदान में गुड़गुड़ा देता है।

8. महासंपादक भुवनचंद्र आज कल इस बात से बहुत हैरान-परेशान हैं कि हर कर्मचारी उनके पीठ पीछे उन्हें गाली क्यों देता है? गाली भी कोई हल्की-फुल्की नहीं कि पीछे से डालकर आगे से निकाल लूंगा। क्यों? .....कि मालिक के चेंबर में बैठकर हम लोगों की चारपाई बुनता रहता है। अब बहुत हो गया। बुनो चारपाई, हम तो इकट्ठे खाट खड़ी करने वाले हैं। तब न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी। बहुत हो गई नौकरी....पीछे से डालकर आगे से निकाल लूंगा। ...ऐं...सच्ची....ऐसा क्या? आखिर इतने गुस्से की कोई खास वजह? हां-हां, है ना। दफ्तर की लड़कियों से पेंच लड़ाता रहता है। वे भी सब समझती हैं। कहीं लड़कियां ही न किसी दिन बीच दफ्तर बीन बजा दें।

9. मीडिया की आंखों में सुर्ख डोरे उभर आए हैं। टुंडा ने अपने चैनल की टीआरपी बढ़ाने के लिए जो तरकीबें इजाद की हैं, बाकी सभी चैनल पीछे-पीछे उसी राह पर चल पड़े हैं। वेश्याओं का स्टिंग आपरेशन करो। हिरोइनो को चड्ढी-चोली में कैटवाक कराओ। नई पीढ़ी के साथ कोकशास्त्र पर डिबेट करो। एकरिंग के लिए पहली शर्त होगी बार गर्ल होना या जेंट्स है तो एक झटके में नीड अद्धा सुड़ुक जाना। नारी उत्थान कार्यक्रम में सहवास की दशा-दिशा से दर्शकों को रू-ब-रू कराना। नुस्खे कामयाब रहे। टीआरपी धांय-धांय बढ़ रही है। कोठों पर मुर्दनी छायी हुई है। ब्ल्यू सीडी का धंधा करने वालों को सांप सूंघ गया है। टुंडा मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं। अब वे सीडी के बजाय डाइरेक्ट इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सरकार से लाइसेंस मांगने वाले हैं। कोठा तो कोठा, एक कोठा और सही।

10. आइए आखिर में स्तंभकार जोगिंदर जी की चार लाइनें आपको भी सुनवाइ देते हैं.....

नाचो खूब नचाओ रंभा....
चोंथो-चोंथो चौथा खंभा....
पत्रकारिता तो गई गदहिया के उसमें ए रामू!

सभी नाम काल्पनिक, बाकी सब सही-सही
((पत्रकारिता की कोख में कैसे-कैसे पापः भाग चार : साभार : बेहया http://behaya.blogspot.com))

16.4.08

यशवंत और डॉ.रूपेश ने मुहिम छेड़ दी है : गाधीगिरी बनाम गांडूगिरी

गांडीवर लात मारुन बाहेर काढ़ुन टाक या दोघा आई झवाड़्याना आले मोठे पत्रकार... (गांड पर लात मारकर बाहर निकाल दो इन दोनो मादरचो॑** को बड़े आए पत्रकार....)........। क्या आप यकीन करेंगे कि ये किसी गुंडे या मवाली के शब्द नहीं बल्कि एक ऊंचे सरकारी ओहदे पर बैठे अधिकारी के हैं। जरा ये भी जान लीजिये कि ऐसी ही दसियों गन्दी-गन्दी बातें कही किसके लिये गयी हैं। भड़ास परिवार के लिये आदरणीय माने जाने वाले तीखे तेवरों के लिये पहचाने जाने वाले आपके भड़ास के मॉडरेटर डॉ.रूपेश श्रीवास्तव के लिये और उनके साथ में था मैं नाचीज़(आप लोगों की मुनव्वर आपा का बाप हूं मैं) जो अपने जमाने का बड़ा रंगबाज हुआ करता था लेकिन अब सचमुच बूढ़ा हो गया हूं। बात भड़ास के मॉडरेटर डॉ.रूपेश श्रीवास्तव के द्वारा चलाए जा रहे सरकारी कामों में अनियमितता के खिलाफ़ R.T.I.(सूचना प्राप्ति के अधिकार) की है। उन्होंने तमाम सरकारी घपलों की पोल खोल कर रख दी है लेकिन धन्य हैं मुंबई और नई मुंबई के पत्रकार जो सिर्फ भड़वागिरी के अलावा कुछ नहीं करते हैं,पत्रकारिता के तमाम उसूल उन्होंने बेंच कर खा लिये हैं। सूचना प्राप्ति के अधिकार के अंतर्गत जो दस्तावेज कार्यालयों ने रो-रोकर दिये उन्हें हाथ में लेकर जब भड़ास के मॉडरेटर डॉ.रूपेश श्रीवास्तव हमारे क्षेत्र की नगर परिषद के चीफ़ आफ़िसर के पास लेकर गये तो उसने जो न सिर्फ़ गाली-गलौच करी बल्कि धक्का-मुक्की करते हुए कहा कि जो उखाड़ सकता है उखाड़ ले तुम पत्रकारों में इतनी भी ताकत भी नहीं है कि मेरी झांट का एक बाल भी टेढ़ा कर सको। इस अधिकारी ने कहा कि तुझे क्यों चाहिये ये सब जानकारी ? लोगों को ब्लैकमेल करता है साले....... पता नही कहां-कहां से मादरचो** हिन्दी बोलने वाले आकर हमें चो * ना सिखा रहे हैं..... । भड़ास के मॉडरेटर डॉ.रूपेश श्रीवास्तव ने इतना अपमान सहकर भी अपना आपा नहीं खोया बिना किसी नाराजगी के उन्होंने उस नीच अधिकारी से माफ़ी मांगी कि मेरी वजह से आपको तकलीफ़ हुई इसके लिये माफ़ करें। मेरे सामने उन्होंने तुरंत ही बाहर आकर भड़ास के दूसरे मॉडरेटर श्री यशवंत सिंह को फोन करके घटना की जानकारी दी और मशविरा किया कि ये लड़ाई कैसे लड़ेंगे हम सारे भड़ासी। उन्होंने मुझे अभी बताया कि भड़ास के दिग्गजों ने निर्धारित किया है कि इस लड़ाई को गांधीगिरी से लड़ना है। मुझे निजी तौर पर नहीं मालुम कि लड़ाई का ये कौन सा तरीका है? मेरे लिये तो ये एक बिलकुल नया अनुभव होने वाला है क्योंकि मैंने तो मामले पिस्टल से सुलझाए हैं अबतक। डॉ.रूपेश श्रीवास्तव ने मुझे बताया कि भड़ास के दूसरे मॉडरेटर श्री यशवंत सिंह ने तो ये मुहिम छेड़ भी दी है और उस अधिकारी से सीधे बात भी करी है कि आपने जो भी किया वो बड़ा अच्छा किया हम लोगों के साथ ऐसा ही किया जाना चाहिये क्योंकि हम हैं धरती ग्रह के हिन्दी के सबसे बड़े हिन्दी कम्युनिटी ब्लाग से जुड़े लोग, जिसमें हिन्दी मीडिया से जुड़े कथित महान-महान लोग जुड़े हैं। अब मैं देखना चाहता हूं कि बाकी भड़ासी क्या करते हैं मैं इस पोस्ट को लिख कर मूक दर्शक रहूंगा देखने के लिये कि भड़ास की ताकत क्या है और कितनी है?
उस सुअर अधिकारी का नाम, पता और टेलीफोन नं. लिखने को कहा है कि अगर हो सके तो उसे गांधीगिरी करते हुए फूल और गिफ़्ट भेजिये उसके कमीनेपन के व्यवहार के लिये धन्यवाद करिये-------
नाम : ए.के.देसाई
पद : चीफ़ आफ़िसर(मुख्याधिकारी),
पता: पनवेल नगर परिषद,जिला रायगढ़(नई मुंबई)-४१०२०६
फोन: ०२२-२७४५५७५१(आफ़िस)
०२२-२७४५२२०६(निवास)
०९३२४९८३३४४(मोबाईल)

27.2.07

हिन्दी मीडिया: हलचल-हालचाल.... पार्ट एक

अभिषेक गुप्ता ने दैनिक जागरण, नोएडा को टाटा बाय बाय बोल दिया है। अब वे दैनिक हिंदुस्तान, कानपुर संग हेलो हाय कर रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक अपने गृह जनपद कानपुर पहुंच गए हैं। उन्होंने हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कापी एडीटर ज्वाइन किया है। उन्हें भड़ास की ओर से ढेर सारी बधाइयां और शुभकामनाएं।

दैनिक भास्‍कर अपना जो हिंदी बिजनेस अखबार ला रहा है, उसके लिए भर्ती अभियान तेज कर दिया गया है। रविवार 4 मई 08 को दैनिक भास्‍कर ने जयपुर में रिपोर्टरों के लिए विज्ञापन छापा है। उधर, टाइम्‍स ऑफ इंडिया ने सोमवार 5 मई 08 से अपना जयपुर एडिशन शुरू कर दिया है।

ईटीवी हैदराबाद में मध्य प्रदेश चैनल के प्रभारी योगेश जोशी ने ईटीवी को अलविदा कह दिया है। कई सालों तक ईटीवी एमपी चैनल के सफल प्रभारी रहे योगेश जोशी ने अब वायस आफ इंडिया में नई जिम्मेवारियां संभाल ली है। मई के प्रथम सप्ताह में ईटीवी के कई पत्रकारों ने दिल्ली का रूख किया है।

कुमार राकेश ने हमार टीवी में बतौर वाइस प्रेसीडेंट (कंटेंट एंड डेवलपमेंट) ज्वाइन किया है। वे इसके पहले राज एक्सप्रेस में रेजीडेंट एडीटर पद पर कार्यरत थे। उससे भी पहले वे दैनिक भास्कर और हिंदुस्तार जैसे अखबारों में बड़े पदों पर कार्य कर चुके हैं। नए चुनौतीपूर्ण काम के लिए राकेश भाई को भड़ास की ओर से दिली शुभकामनाएं।

भड़ास को मेल के जरिए सूचना दी गई है कि ईटीवी उत्तर प्रदेश के रिपोर्टर अक्षत सक्सेना की त्रिवेणी के आने वाले नए चैनल वायस आफ इंडिया में बात चल रही है और उनकी ज्वायनिंग लगभग पक्की है।

दैनिक जागरण, नोएडा ने अपने कई ब्यूरो चीफों को इधर-उधर किया है। फरीदाबाद में लंबे समय से बैटिंग कर रहे दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ जगन्नाथ गौतम को सिरसा का प्रभार संभालने को कह दिया गया है। सिरसा के ब्यूरो चीफ सुरेंद्र भाटिया को कुरूक्षेत्र में युद्ध लड़ने के लिए भेज दिया गया है और कुरुक्षेत्र में अब तक जंग लड़ रहे ब्यूरो चीफ राकेश शर्मा को फरीदाबाद के लिए रवाना कर दिया गया। तबादले की इस खबर की पुष्टि कई स्तरों से की जा चुकी है।

प्रदीप ठाकुर से दैनिक जागरण प्रबंधन ने इस्तीफा ले लिया है। कई मामलों में फंसे प्रदीप ठाकुर दैनिक जागरण, लुधियाना के संपादकीय प्रभारी के रूप में कार्यरत थे। इस खबर की पुष्टि ढेर सारे स्रोतों से की जा चुकी है।

नवभारत टाइम्स, नई दिल्ली के सीनियर कापी एडीटर नदीम अख्तर ने इस्तीफा देकर धनबाद में हिंदुस्तान अखबार ज्वाइन कर लिया है। वे वहां बतौर डिप्टी न्यूज एडीटर दैनिक हिंदुस्तान के संपादकीय प्रभारी के रूप में काम देखेंगे। नदीम झारखंड के धनबाद जिले के ही रहने वाले हैं। नदीम को इस जिम्मेदारी भरी बड़ी पारी के लिए भड़ास की तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं। उम्मीद है वे अपने दायित्वों को बखूबी निभा पाएंगे।

दैनिक जागरण, मेरठ के सीनियर और तेवरदार फोटोग्राफर मदन मौर्य एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए हैं। अपनी ईमानदारी, मेहनत और खरी-खरी बात कहने के लिए चर्चित इस साहसी फोटोग्राफर की बाइक रात में घर जाते समय फिसल गई। इससे हाथ और पैर दोनों में काफी चोटें आई हैं। 22 दिन तक इलाज के बाद अब वे स्वस्थ महसूस करने लगे हैं। आप उनका हालचाल 09837099512 पर फोन करके ले सकते हैं।

विख्यात पत्रकार एमजे अकबर अपनी नई मैग्जीन कवर्ट (Covert) को 15 मई को लांच कर रहे हैं। अंग्रेजी भाषा की इस पाक्षिक मैग्जीन की संपादक सीमा मुस्तफा हैं। दाम 20 रुपये रखा गया है।

नवभारत टाइम्स, नई दिल्ली के महानगर डेस्क पर कार्यरत वैभव सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। वे कहां जा रहे हैं, अभी पता नहीं चल पाया है।

नवभारत टाइम्स की रजनी ने नवभारत टाइम्स से इस्तीफा देकर अब नवभारत टाइम्स डाट काम ज्वाइन कर लिया है।

समाचार एजेंसी पीटीआई, लखनऊ के रिपोर्टर संजय पांडेय ने 8 साल तक पीटीआई में काम करने के बाद अब उसे अलविदा कह दिया है। वे डेक्कन हेराल्ड, हैदराबाद के यूपी करेस्पांडेंट बन गये हैं। पीटीआई, लखनऊ में संजय की जगह पर आने के लिए यूएनआई के रिपोर्टर संजय भटनागर जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं। इनकी दावेदारी काफी तगड़ी मानी जा रही है। हालांकि पायनियर, लखनऊ के अभिषेक बाजपेयी और एचटी, कानपुर के हैदर नकवी भी इसी पद के लिए लाइन में लगे बताए जाते हैं।

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने जी न्यूज़ ज्वाइन कर लिया है। वे कंसल्टिंग एडिटर के पद पर गए हैं। आज तक से त्रिवेणी और त्रिवेणी से आज तक तक फिर आज तक से सहारा की यात्रा करने के बाद और कुछ दिन आराम फरमाने के बाद अब जी न्यूज के साथ गलबहियां कर ली है। बताया जा रहा है कि प्रसून पिछले कई दिनों से फिर से त्रिवेणी के वायस ऑफ़ इंडिया के आमंत्रण का इंतजार कर रहे थे।

लोकमत समाचार के शंभू सिंह और राजीव मिश्रा ने राजस्थान पत्रिका, बेंगलौर को ज्वाइन किया है। इन दो ने ज्वाइऩ किया है तो पत्रिका, बेंगलोर से दो लोगों ने इस्तीफा भी दे दिया है। इस्तीफा देने वाले हैं पवन राणा और धर्मेंद्र गौर। पवन राणा के बारे में सूचना है कि वे दैनिक जागरण, जयपुर को ज्वाइन कर सकते हैं। धर्मेंद्र गौर ने भास्कर में जाने के संकेत दिए हैं। एक हफ्ते के भीतर ये दूसरी बार है जब पत्रिका, बेंगलोर से दो लोगों ने छोड़ा है।

सहारा समय टीवी, कानपुर के ब्यूरो चीफ विकास बाजपेयी का ट्रासफर नोएडा के लिए कर दिया गया है। सहारा टीवी कानपुर में अभी कोई नया ब्यूरो चीफ नहीं आया है। सहारा टीवी कानपुर में ही काम करने वाले अनिरूद्ध सिंह और राजीव तिवारी दोनों ही इस पोस्ट के लिए अपना अपना जुगाड़ लगा रहे हैं। देखिए, इन दोनों में से कौन बाजी मारता है या फिर कोई बाहर से लाकर बिठा दिया जाता है।

सहारा इंडिया मास कम्युनिकेशन ने अपने अंग्रेजी साप्ताहिक समाचार पत्र सहारा टाइम को रेगुलर मैग्जीन में तब्दील कर दिया है। पहले यह ब्राडशीट फार्म में निकल रहा था। मैग्जीन के संपादक उदय सिन्हा हैं। उदय जी देश के ऐसे प्रतिष्ठित व शीर्षस्थ संपादकों में से एक हैं जिन्होंने हिंदी और अंग्रेजी दोनों तरह के बड़े-बड़े अखबारों में संपादक के पद पर विभिन्न जगहों पर कार्य किया है। वे इससे पहले दैनिक भास्कर (नई दिल्ली), द पायनियर (लखनऊ और नई दिल्ली), स्वतंत्र भारत (लखनऊ), नार्थ इस्ट टाइम्स (गुवाहाटी) जैसे कई हिंदी-अंग्रेजी अखबारों में संपादक के पद पर कार्य कर चुके हैं। वे द हिंदू अखबार में रोविंग करेस्पांडेंट और संडे मेल में कोलकाता के एडीटर भी रह चुके हैं। सहारा टाइम को ब्राडशीट से मैग्जीन में तब्दील करने की सोच उदय जी ने दी और उन्हीं के नेतृत्व में इस चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम तक पहुंचाया गया। इस दौरान उन्होंने डिजायनिंग से लेकर कंटेंट तक हर सेक्शन को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड तक पहुंचाने के लिए पूरी टीम के साथ काफी मशक्कत की। इसी के चलते नए लुक और नई प्रोफाइल में सहारा टाइम किसी अंतरराष्ट्रीय मैग्जीन की तरह है। लेआउट, कंटेंट, डिजायन, ग्राफिक....सभी सेक्शन बेहद मजबूत बन पड़े हैं। सहारा टाइम के नए लुक और कलेवर के लिए आप इसके संपादक उदय सिन्हा को बधाई दे सकते हैं, उनकी मेल आईडी udaysinha1@gmail.com पर मेल करके या उनके मोबाइल नंबर 09818394401 पर फोन करके। भड़ास भी उदय जी और उनकी पूरी टीम को सहारा टाइम को बेहद यंग और डायनमिक बनाने के लिए बधाई देता है।

भास्कर ग्रुप ने अपने नये लांच किए जाने वाले हिंदी बिजनेस डेली अखबार के लिए संपादक खोज लिया है। इनका नाम है यतीश राजावत । यतीश जी बिजनेसवर्ल्ड अखबार के एडीटर रह चुके हैं और इन दिनों बिजनेसवर्ल्ड के दिल्ली ब्यूरो के प्रमुख के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने इकानामिक टाइम्स के लिए मुंबई से नौ साल तक काम किया है। हिंदू बिजनेस लाइन के लिए भी वे पांच साल तक काम कर चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि भास्कर का नया बिजनेस अखबार पहले ही दिन दो लाख कापियों के साथ बाजार में प्रवेश करेगा। यतीश जी को भड़ास की तरफ से नई चुनौती के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।

वरिष्ठ पत्रकार भानु प्रताप सिंह ने अपने प्रयासों से हिंदी और हिंदीवालों का नाम रोशन किया है। उन्होंने प्रबंधन में एक ऐसा शोध किया है जिसका आधार हिंदी है। दैनिक हिंदुस्तान, अलीगढ़ के प्रभारी भानु प्रताप सिंह ने आगरा के डा. बीआर अंबेडकर विवि में प्रबंधन विषय के अंतर्गत उत्तर प्रदेश प्रशासन में मानव संसाधन की उन्नत प्रवृत्तियों का एक विश्लेषणात्मक अध्ययन- आगरा मंडल के संदर्भ में विषय पर शोध किया। रिसर्च डिग्री कमेटी (आरडीसी) से हिंदी में लिखी सिनोप्सिस पास कराने में खासी दिक्कतें आईं। शोध में बताया गया कि 16 राज्यों में हिंदी ही प्रमुख भाषा है, देश के 34.65 करोड़ लोगों की मातृभाषा हिंदी है, 41.80 करोड़ लोगों की दूसरी भाषा हिंदी है। उन्होंने 18 साल तक प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली के जो अनुभव पाए थे, उसे शोध प्रबंध का हिस्सा बनाया। भड़ास की तरफ से भानु जी को पत्रकारिता के साथ साथ पढ़ाई लिखाई जारी रखने और हिंदी के भले के लिए काम करने पर ढेरों साधुवाद। साथ ही शोध पूरा होने पर बधाई।

नार्थ इस्ट चैनल के हमार टीवी और फोकस टीवी के साथ कई बड़े नाम जुड़ने की खबर है। एनडीटीवी के कुमार संजय सिंह ने इस ग्रुप में बतौर एमडी ज्वाइन किया है। कुमार संजय सिंह एनडीटीवी से पहले आजतक, जनसत्ता, इंडिया और रविवार जैसे इलेक्ट्रानिक-प्रिंट माध्यमों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं। वे वर्ष 1983 से पत्रकारिता में हैं। दूसरी खबर है कि कुमार संजय सिंह के साथ-साथ मनोरंजन भारती भी इसी चैनल में पहुंच गए हैं लेकिन किसी ऐसे वैसे पद पर नहीं, सीधे सीधे चैनल हेड बनकर। तीसरी खबर है कि चंदन प्रताप सिंह भी यहां पहुंचे है, वे भी किसी ऐसे वैसे पद पर नहीं बल्कि सीधे सीईओ बनकर। चंदन स्टार न्यूज, जी न्यूज, जनमत आदि माध्यमों में कार्य कर चुके हैं। ये सूचनाएं भड़ास को एक मेल के जरिए दी गई हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अगर आपको इस बारे में कोई खबर हो तो भड़ास तक पहुंचाएं।

दो बड़ी खबरें आजकल चर्चा में हैं। नंबर एक यह कि इकोनॉमिक टाइम्स और बिजनेस स्टैंडर्ड की तर्ज पर भास्कर समूह का अखबार डीएनए मनी भी हिंदी भाषा में निकालने की तैयारी की जा रही है। इसका प्रकाशन दिल्ली से किए जाने की चर्चा है। दूसरी खबर यह है कि नई दुनिया जल्द ही यूपी और बिहार से भी अपने एडीशन लांच करने की तैयारी कर रहा है। इसके एक दो नहीं बल्कि पूरे हिंदी बेल्ट में 12 नए संस्करण शुरू करने की चर्चा है। इन खबरों की आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।

दैनिक जागरण, जालंधर में उप संपादक ओजस्कर पांडेय के बारे में सूचना मिली है कि उन्होंने अमर उजाला, लखनऊ में बतौर सीनियर सब एडीटर ज्वाइन कर लिया है। वे दैनिक जागरण, जालंधर में वर्ष 2003 से कार्यरत थे। पांडेय जी को नई पारी के लिए भड़ास की तरफ से शुभकामनाएं।

हिंदी की एक नई मैग्जीन शुक्रवार नाम से लांच करने की तैयारी चल रही है। ये मैग्जीन मई के पहले हफ्ते में लांच हो जाएगी। यह मैग्जीन पर्ल मीडिया ग्रुप लांच कर रहा है। यह ग्रुप तीन अन्य मैग्जीन भी ला रहा है। वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत त्रिपाठी मैग्जीन के संपादक होंगे। श्रीकांत जी और उनकी पूरी टीम को नई मैग्जीन के लिए भड़ास की तरफ से शुभकामनाएं।

प्रदीप कुमार पांडेय जो दैनिक भास्कर में कारपोरेट डेस्क पर उप संपादक के रूप में कार्यरत थे, ने अब इस संस्थान को बाय-बाय कहकर आई-नेक्स्ट के साथ गलबहियां कर ली है। वे इसी पद पर आई-नेक्स्ट, कानपुर में सेंट्रल डेस्क पर कार्य करेंगे।

बिजनेस अखबार फाइनेशियल टाइम्स के प्रकाशक पीयर्सन समूह ने भारतीय कारोबारी जगत में नेटवर्क 18 के साथ गठजोड़ कर अंग्रेजी में दैनिक बिजनेस अखबार शुरू करने की योजना बनाई है।

बीटीवी, भोपाल के रिपोर्टर पवन वर्मा ने पत्रिका, भोपाल ज्वाइन कर लिया है।

दैनिक जागरण, रीवा के जनरल मैनेजर दशरथ झा ने हरिभूमि ज्वाइन कर लिया है। जागरण के पहले वे नवभारत, सतना के यूनिट प्रभारी रह चुके हैं।

अविनाश दीक्षित ने दैनिक भास्कर, भोपाल से इस्तीफा देकर पत्रिका का दामन थाम लिया है।

विख्यात पत्रकार एम जे अकबर जल्द ही एक पाक्षिक मैग्जीन लांच करने वाले हैं। इसके लिए काम शुरू कर दिया है। यह मैग्जीन मुख्यतया इनवेस्टीगेटिव होगी और राजनीतिक सवालों को फोकस करेगी। अकबर के पास मैग्जीन सफल करने के ढेर सारे नुस्खे हैं जिस उन्होंने पहले इलेस्ट्रेटेड वीकली और बाद में संडे के जरिए साबित भी किया। आप सभी को मालूह ही होगा कि द एशियन एज का इंपायर क्रिएट करने वाले एमजे अकबर को इसी अखबार से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। उसके बाद अकबर ने मैग्जीन शुरू करने की घोषणा की। जल्द ही कई बड़े नाम इस मैग्जीन से जुड़े पाए जाएंगे।

Darshan Desai now back in Lucknow. He has been appointed editor north India by the Indo Asian News Service. UP and Chhatisgadh are in the command area of Desai who was RE Indian Express Lucknow before he joined Tahalka late last year. Darshan joined IANS in Delhi last week and says that he would start functioning from Lucknow from next week. (साभारः गुजरातग्लोबल.काम)

एक मेल के जरिए भड़ास को सूचना दी गई है कि अमर उजाला प्रबंधन ने अपने सभी समाचार संपादकों (न्यूज एडीटर) को लोकलुभावन तोहफा दिया है। इन लोगों को प्रबंधन की तरफ से एक लग्जरी कार, लैपटाप और मोबाइल देने का फैसला किया है। ऐसा करने के पीछे दो कारण बताए जाते हैं- एक तो संपादकों की खोई प्रतिष्ठा वापस लाना। दूसरा- कहीं दूसरी जगह जाने से रोकना। इसी तरह अमर उजाला में संपादकीय कर्मियों के लिए नया सेलरी पैकेज तैयार किया गया है, जिसको लागू करने के बारे में प्रबंधन में विचार विमर्श चल रहाहै। इन सूचनाओं की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

अभिनव सिन्हा, उप-संपादक, राजस्थान पत्रिका ने इस्तीफा देकर अब दैनिक हिंदुस्तान, चंडीगढ़ में ज्वाइन किया है। बेंगलोर में राजस्थान पत्रिका के अभी कई और लोग जल्द ही इधर-उधर जाने वाले हैं

दैनिक जागरण, बरेली में कार्यरत उप संपादक डा. पंकज मिश्रा ने अब इसी शहर में 24 अप्रैल 08 को अमर उजाला का दामन थाम लिया है। नई जगह के लिए डाक्टर साहब को शुभकामनाएं।

अमर उजाला, जालंधर में कार्यरत सीनियर सब एडीटर सत्येंद्र त्रिपाठी और सब एडीटर सुबीर शर्मा का तबादला अमर उजाला की नई खुलने वाली यूनिट लखनऊ के लिए कर दिया गया है। दोनों लोग संभवतया एक मई से वहां ज्वाइन करेंगे। दोनों को ढेर सारी शुभकामनाएं। सुबीर शर्मा लखनऊ के रहने वाले हैं, जबकि सत्येंद्र त्रिपाठी मूल रूप से देवरिया जिले के हैं लेकिन पत्रकारिता उन्होंने लखनऊ में ही की है।

न्यूज टुडे, इंदौर में सिटी रिपोर्टर नितिन त्रिपाठी का प्रमोशन पत्रिका, भोपाल के लिए कर दिया गया है। नितिन 25 अप्रैल को भोपाल ज्वाइन करेंगे।

ऋषि आचार्य ने नवभारत टाइम्स, नई दिल्ली में बतौर सब एडीटर ज्वाइन किया है। इसके पहले वे लोकमत, नागपुर में काम कर रहे थे।

राष्ट्रीय सहारा, पटना संस्करण के स्थानीय संपादक ओंकारेश्वर पांडेय ने सहारा से इस्तीफा देकर 'द संडे इंडियन' के हिंदी और भोजपुरी संस्करण में बतौर संपादक ज्वाइन किया है। द संडे इंडियन प्रोफेसर अरिंदम चौधरी की प्लानमैन मीडिया द्वारा प्रकाशित की जाती है।

राजस्थान पत्रिका, जयपुर में उप संपादक आलोक मिश्रा और प्रसून मिश्रा का ट्रांसफर भोपाल पत्रिका में कर दिया गया है। न्यूज टुडे इंदौर में कार्यरत नितिन त्रिपाठी का ट्रांसफर भोपाल पत्रिका के लिए कर दिया गया है।

लंबे समय तक भास्कर से जुड़े़ रहने वाले ग्राफिक्स आर्टिस्ट डी श्रीनिवास राव ने भास्कर छोड़ दिया है। उन्होंने हिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया है।

हिंदुस्तान, आगरा से वरिष्ठ पत्रकार भानु प्रताप सिंह का तबादला हिंदुस्तान, अलीगढ़ के लिए कर दिया गया है। भानु प्रताप सिंह वहां हिंदुस्तान के प्रभारी के रूप में कार्य करेंगे। इससे पहले वो आगरा में ही अमर उजाला और दैनिक जागरण में लंबे समय तक काम कर चुके हैं।

अमर उजाला, कानपुर से दो और लोगों का तबादला नई लांच होने वाली लखनऊ यूनिट के लिए कर दिया गया है। अजय कश्यप सिटी डेस्क इंचार्ज और अक्षय प्रताप सिंह सब एडीटर वहां भेजे गए हैं। इनके अलावा अमर उजाला, कानपुर से चार लोगों का तबादला अमर उजाला, देहरादून किए जाने की खबर भी है। इनमें से तीन के नाम पता चले हैं जो इस प्रकार हैं.... आरके पांडेय, सागर पाटिल और रवि।

अमर उजाला, कानपुर के दो रिपोर्टरों का तबादला नई लांच होने वाली अमर उजाला की लखनऊ यूनिट में कर दिया गया है। इन दोनों रिपोर्टरों के नाम हैं- ऋषि मिश्रा और धीरेंद्र प्रताप सिंह। ऋषि खेल बीट देखते हैं और धीरेंद्र वित्तीय अपराध बीट कवर करते हैं। ये दोनों पहली मई को अमर उजाला, लखनऊ यूनिट में रिपोर्ट करेंगे।

भड़ास को एक खबर मिली है कि हिंदुस्तान अखबार इसी सोमवार (21 अप्रैल 08) से अपनी स्टाइलशीट में बदलाव कर रहा है। इसके लिए काम जोरों से चल रहा है। एक विदेशी लेआउट डिजायनर हिंदुस्तान की नई स्टाइलशीट तैयार कर रहा है। हिंदुस्तान का प्रबंधन फिलहाल जिस एजेंडे पर चल रहा है उसमें इस अखबार को 2 साल के अंदर देश का नंबर दो अखबार बनाने का है। इससे पहले भी हिंदुस्तान समय समय पर अपने लेआउट व स्टाइलशीट में आमूलचूल बदलाव करता रहा है।

एक अपुष्ट खबर के मुताबिक लोकमत समाचार, नागपुर के संपादक गिरीश मिश्र जल्द ही भोपाल से प्रकाशित होने जा रहे पत्रिका (राजस्थान पत्रिका का मध्य प्रदेश संस्करण) के संपादक बनने वाले हैं। बताया जा रहा है कि गिरीश मिश्र पत्रिका में एक मई को ज्‍वाइन करेंगे।

वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार यशवंत व्यास को केके बिड़ला फाउंडेशन की ओर से 17 अप्रैल, 08 को श्री बिहारी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जयपुर में आयोजित एक समारोह में राजस्थान के राज्यपाल एसके सिंह ने उन्हें लाख रुपए नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया। यह पुरस्कार व्यास को उनके उपन्यास कामरेड गोडसे के लिए दिया गया है। उपन्यास पत्रकारिता के अनुभवों के आधार पर व्यंग्य-रूपक शैली में लिखा गया है। यशवंत व्यास दैनिक भास्कर समूह की पत्रिका अहा जिंदगी के संपादक हैं। पुरस्कार के लिए भड़ास की तरफ से ढेर सारी बधाइयां।

मराठी अखबार देशोन्‍नति नागपुर से निकलने वाले हिंदी अखबारों को टक्कर देने के लिए अपना हिंदी संस्‍करण प्रारंभ करने की तैयारी की थी, जिसे अब टाल दिया गया है। बताया जा रहा है कि हिंदी संस्करण का प्रकाशन अब अक्तूबर तक हो सकेगा। खबर है कि देशोन्‍नति अपने हिंदी अखबार की लांचिंग लोकमत समाचार के पहले संपादक एसएन विनोद के नेतृत्व में करना चाहता है।

दैनिक भास्कर, भोपाल के चीफ क्राइम रिपोर्टर धर्मेंद्र ने पत्रिका ज्वाइन कर लिया है। इसी तरह दैनिक भास्कर, भोपाल के सिटी चीफ सुधीर निगम, सीनियर रिपोर्टर राहुल शर्मा, संजय दुबे ने भी पत्रिका ज्वाइन कर लिया है। भास्कर के पोलिटिकल रिपोर्टर ऋषि पांडेय न्यूज कोआर्डिनेटर पद पर पत्रिका ज्वाइन कर रहे हैं।

बेंगलूर राजस्‍थान पत्रिका में रिपोर्टर अभिनव सिन्‍हा ने इस्‍तीफा देकर चंडीगढ में हिंदुस्‍तान ज्‍वाइन किया है।

राजेश शर्मा को न्‍यूज टुडे जयपुर का संपादकीय प्रभारी बनाया गया है। अब तक वहां कार्यरत हरेंद्र सिंह बगवाडा को राजस्‍थान पत्रिका जयपुर का चीफ रिपोर्टर बनाया गया है।

दैनिक भास्‍कर, जयपुर छोडकर वर्षा पारीक ने राजस्‍थान पत्रिका का सिटी सप्‍लीमेंट जस्‍ट जयपुर ज्‍वाइन किया है।

टाइम्‍स नाऊ, जयपुर के रिपोर्टर विशाल बैरिस्टो अब नाइन एक्स चैनल ज्‍वाइन किया है। इससे पहले वे सहारा समय में ही जयपुर में थे।

हिंदुस्‍तान टाइम्‍स, जयपुर छोडकर संदीपन शर्मा ने डीएनए जयपुर ज्‍वाइन किया है।

दैनिक जागरण, मेरठ में सिटी डेस्क इंचार्ज के रूप में कार्यरत सौरभ शर्मा 'निर्भय' की पुस्तक सबसे प्यारी मेरी मां का विमोचन दैनिक जागरण के वरिष्ठ निदेशक धीरेंद्र मोहन गुप्ता ने एक समारोह में किया। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में तीन दिनी अंतरराष्ट्रीय समारोह के अंतिम दिन इस पुस्तक का विमोचन किया गया। युवा कहानीकार सौरभ शर्मा 'निर्भय' की इस पुस्तक में कुल 21 कहानियां हैं जिनमें 17 कहानियां आठ साल से लेकर 14 साल तक के बच्चों के लिए है। सभी कहानियां बाल मनोविज्ञान का विश्लेषण करती हैं। कहानीकार ने कहानियां बच्चों के लिए लिखी हैं, परंतु सीख उनके अभिभावकों को भी दी है। कहानियों में हर उम्र के व्यक्ति को अपना बचपन दिखाई देता है। विनम्र व सरल व्यक्तित्व के स्वामी सौरभ को इस कहानी संग्रह के लिए भड़ास की तरफ से ढेर सारी बधाइयां और शुभकामनाएं। आप भी चाहें तो सौरभ को उनके मोबाइल 09927004324 पर फोन करके इस कृति के लिए बधाई दे सकते हैं।

जम्मू से जल्द ही निकलने वाले एक अंग्रेजी अखबार को डेस्क के लिए अनुभवी लोग चाहिए। अगर कोई इच्छुक हो तो manushrivatsa@gmail.com पर अपना बायोडाटा मेल कर सकता है।

दैनिक जागरण, रीवा में बतौर एडीटर रहे अजीत सिंह ने राजस्थान पत्रिका में न्यूज एडीटर के तौर पर ज्वाइन कर लिया है. पता यह भी चला है कि जागरण, रीवा में ही रिपोर्टर रहे बृजेन्द्र मिश्रा भी शीघ्र ही पत्रिका का दामन थामने वाले हैं.

मेरठ प्रेस क्लब के चुनाव में राजेंद्र सिंह को अध्यक्ष, लोकेश पंडित को महामंत्री निर्वाचित घोषित किया गया है। इसी तरह राजकुमार गर्ग को उपाध्यक्ष, सुनील तनेजा को कोषाध्यक्ष, रवि कुमार विश्नोई को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजीव वशिष्ठ को संयुक्त मंत्री, जगमोहन सकाल को उपमंत्री चुना गया है। इनके अलावा आठ कार्यकारिणी सदस्य भी निवार्चित हुए हैं। मेरठ प्रेस क्लब के अध्यक्ष चुने गए राजेंद्र सिंह फिलहाल अमर उजाला, मेरठ के वरिष्ठतम पत्रकारों में से हैं और इस वक्त सिटी चीफ हैं। वे स्वभाव से बेहद सरल, सहज व ईमानदार पत्रकार हैं। इसी कारण पत्रकारों में बेहद लोकप्रिय भी हैं। महामंत्री पद पर निर्वाचित लोकेश पंडित फिलहाल हिंदुस्तान, मेरठ में वरिष्ठ क्राइम रिपोर्टर पद पर कार्यरत हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोकेश ने पत्रकारिता में सफलता के पायदान पर चढ़ने के लिए अतीत में ढेर सारे पापड़ बेले हैं और खूब सारा संघर्ष किया है। अपने विनम्र स्वभाव और जुझारू व्यक्तित्व के कारण लोकेश हमेशा लीडिंग पोजीशन में रहते हैं। राजेंद्र जी और लोकेश को ढेर सारी बधाइयां। साथ ही, सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को भी भड़ास की तरफ से ढेर सारी बधाइयां और शुभकामनाएं।

दैनिक हिंदुस्तान, देहरादून में ढेर सारे पत्रकारों ने अच्छे खासे पैकेज और पद पर ज्वाइन किया है। भड़ास के एक साथी ने इन पत्रकारों के नाम भेजे हैं, जो इस प्रकार हैं....दैनिक जागरण, देहरादून से नवीन थेलड़ी (ब्यूरो), संजय घिल्डियाल (जनरल डेस्क), प्रमोद पांडेय, राजेश पांडेय, सुशील रावत, देवेंद्र सती (सभी ब्यूरो में), गौरव मिश्रा, अनिल भट्ट और मनोहर काला। इसी तरह आईनेक्स्ट, देहरादून से हिंदुस्तान, देहरादून जाने वालों के नाम इस प्रकार हैं...रोहित वर्मा और मनीष भट्ट। अमर उजाला से जाने वालों के नाम....सुशील उपाध्याय (ब्यूरो), ओपी बेंजवाल, मनीष अली, रवि बीएस नेगी, सुदीप पंचभैया और शैलेंद्र सेमवाला। सहारा से जाने वालों के नाम इस प्रकार हैं....हरीश जोशी (ब्यूरो), अर्जुन सिंह बिष्ट और हिमांशु बहुगुणा। बताया जा रहा है कि अभी कई और लोग भी उपरोक्त अखबारों से टूटकर हिंदुस्तान का दामन थाम सकते हैं। फिलहाल जिन लोगों ने हिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया है, उन सभी को भड़ास की तरफ से दिली शुभकामनाएं। अगर किसी सज्जन का नाम लिखने में कोई त्रुटि हुई हो या किसी का नाम छूट गया हो तो वो yashwantdelhi@gmail.com पर मेल के जरिए इसे सुधरवा/जुड़वा सकते हैं।

राकेश श्रीवास्‍तव ने अमर उजाला, बनारस को अलविदा कर बतौर सीनियर कॉपी एडिटर हिंदुस्‍तान, चंडीगढ ज्‍वाइन किया है।

दैनिक भास्कर, भोपाल के रिपोर्टर जितेंद्र चौरसिया ने नव दुनिया, भोपाल ज्वाइन कर लिया है।

भड़ास को मिली एक अपुष्ट खबर के मुताबिक अमर उजाला, मेरठ के वरिष्ठ रिपोर्टर द्वय शेषमणि और अजय चौहान का तबादला अमर उजाला, देहरादून कर दिया गया है। अगर यह खबर अपुष्ट है तो अनुरोध है कि yashwantdelhi@gmail.com पर मेल कर दें।

राजस्‍थान पत्रिका, जयपुर के ब्‍यूरो चीफ हरीशचंद्र सिंह ने डीएनए ज्‍वाइन किया है। डीएनए ज्‍वाइन करने वालों में पत्रिका के उप संपादक मुस्‍तफा भी हैं। एचटी जयपुर के इजतेशाब अली ने भी डीएनए ज्‍वाइन किया है। भास्‍कर समूह डीएनए के नाम पर हिंदी और अंग्रेजी के बहुत सारे पत्रकारों को इकटठा कर चुका है।

दैनिक भास्‍कर, कोटा की रिपोर्टर प्रीति जोशी ने डेली न्‍यूज, जयपुर ज्‍वाइन किया है।

आशीष चौरसिया ने दैनिक जागरण, हिसार को बाय बाय करके दैनिक भास्कर, पानीपत का दामन थाम लिया है। वे भास्कर में बतौर सब एडीटर काम करेंगे। आशीष जागरण मास मीडिया इंस्टीट्यूट के प्रोडक्ट हैं।

न्यूज टुडे, इंदौर में उप संपादक अनिल पांडेय ने दैनिक भास्कर, इंदौर ज्वाइन कर लिया है।

वेबदुनिया डॉट कॉम, इंदौर में कार्यरत मिथिलेश कुमार ने भी दैनिक भास्कर, इंदौर ज्वाइन कर लिया है। वे फीचर डेस्क में उप संपादक हो गए हैं।

वेबदुनिया डॉट कॉम, इंदौर में उपसंपादक अंकित श्रीवास्तव ने दैनिक भास्कर, भोपाल ज्वाइन कर लिया है। वे वहां सुपर सेंट्रल डेस्क में काम करेंगे।

जयपुर से दैनिक भास्‍कर समूह का अंग्रेजी दैनिक डीएनए जल्‍द शुरू होने वाला है। दीपायन बॉस रेजिडेंट एडिटर होंगे। इंडियन एक्‍सप्रेस वाले संदीपन शर्मा ब्‍यूरो चीफ होंगे। राजस्‍थान पत्रिका समूह से तीन फोटो जर्नलिस्‍ट सुमन सरकार, संतोष शर्मा व पदम सैनी और दो रिपोर्टर्स रिचा शुक्‍ला और संदीप दहिया ने यहां ज्‍वाइन किया है। पीटीआई का दामन छोड अशीष मेहता ने भी डीएनए ज्‍वाइन किया है, वे पहले एचटी में थे।

उत्तर प्रदेश सरकार के उ. प्र. हिंदी संस्थान ने वरिष्ठ पत्रकार अमी आधार 'निडर' को उनकी पुस्तक समाचार संकल्पना और अनुवाद के लिए बाबूराव विष्णु पराड़कर पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया है। उन्हें भारत सरकार द्वारा भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार से पहले ही नवाजा जा चुका है। उन्हें अब तक पत्रकारिता और हिंदी लेखन के लिए सात पुरस्कार मिल चुके हैं। मेरठ, मथुरा, अलीगढ़ समेत कई जगहों पर पत्रकारिता के दायित्वों का निर्वाह कर चुके 'निडर' वर्तमान में बतौर चीफ सब एडीटर आगरा में दैनिक जागरण के बच्चा अखबार आईनेक्स्ट में कार्यरत हैं। वे सिटी रिपोर्टिंग के इंचार्ज हैं। इस सम्मान पर भड़ास की तरफ से 'निडर' को ढेर सारी बधाइयां।

अमर उजाला के बच्चा अखबार कांपैक्ट के गाजियाबाद संस्करण में पदस्थ पत्रकार दिनेश चंद्र मिश्रा का ट्रांसफर हो गया है। उन्हें अमर उजाला के लखनऊ ब्यूरो में भेज दिया गया है। वे लखनऊ में राज्य स्तरीय रिपोर्टिंग का दायित्व निभायेंगे। गाजियाबाद में दिनेश रिपोर्टिंग चीफ का कार्यभार संभाल रहे थे।

भड़ास को मिली एक प्राथमिक खबर के मुताबिक दैनिक हिंदुस्तान, देहरादून ने देहरादून के ही दूसरों अखबारों के कई कई विकेट गिराने की तैयारी कर ली है। अपुष्ट खबर के अनुसार दैनिक जागरण के 9 पत्रकार, अमर उजाला के 7 पत्रकार और राष्ट्रीय सहारा के भी कई पत्रकार अपने अपने संस्थानों को अलविदा टाटा बायबाय कहने वाले हैं। भड़ास को अभी तक इन पत्रकारों के नाम नहीं मिल पाए हैं। अगर आपको पता हो तो भड़ास को भी बताएं, yashwantdelhi@gmail.com पर मेल करके। उल्लेखनीय है कि देहरादून में दैनिक हिंदुस्तान जल्द ही अपना नया संस्करण लांच करने वाला है।

ऐसी खबर है कि राज एक्सप्रेस भोपाल छत्तीसगढ़ से भी लांच करने की तैयारी की जा रही है।

अरुण सूर्यवंशी ने आईनेक्स्ट, मेरठ को अलविदा कह दिया है। वे डेली न्यूज, भोपाल में बतौर सीनियर सब एडीटर ज्वाइन करेंगे। इससे पहले वे हिंदुस्तान, अमर उजाला, हरिभूमि जैसे अखबारों में काम कर चुके हैं। अरुण को इस नई पारी के लिए शुभकामनाएं।

अमर उजाला, मथुरा से आठ लोगों के जाने के बाद आगरा आफिस से रिपोर्टर अजय शर्मा, पीयूष मिश्रा, शरद शर्मा, आशीष कुलश्रेष्ठ का ट्रांसफर मथुरा किया गया है।

टैबलायड हिंदी अखबार डीएलए का अब झांसी से भी प्रकाशन शुरू हो चुका है। आगरा, गाजियाबाद, मेरठ के बाद झांसी चौथा पड़ाव है। दोपहर दैनिक यह टैबलायड अखबार बेहद नियोजित तरीके से अपने महाभियान पर लगातार बढ़ता जा रहा है। अमर उजाला समूह से अलग हुए अजय अग्रवाल के नेतृत्व में शुरू हुआ यह अखबार प्रिंट मीडिया के इतिहास में धीरे धीरे मील का पत्थर बनता जा रहा है और कई तरह के कीर्तिमान अपने खाते में अर्जित किए हैं। डीएलए, झांसी की टीम को भड़ास की तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं और लांचिंग पर बधाई।

भड़ास को मिली सूचना के मुताबिक दैनिक भास्कर, भोपाल के रवींद्र भजनी इस्तीफा देकर अब राज्य की नई दुनिया यानि नव दुनिया ज्वाइन करेंगे। दैनिक भास्कर, भोपाल से ही कई लोग इधर उधर जा चुके हैं या जाने की तैयारी में हैं। सिटी चीफ सुधीर निगम इसी हफ्ते भास्कर छोड़कर राजस्थान पत्रिका, भोपाल में सिटी चीफ का पद संभालेंगे, रिपोर्टर राहुल शर्मा और संजय दुबे भी राजस्थान पत्रिका, भोपाल में ज्वाइन करने वाले हैं। रिपोर्टर जितेंद्र चौरसिया के पास तो दो आफर हैं, एक पत्रिका, भोपाल का और दूसरा नव दुनिया, भोपाल का। वे जल्द ही तय करेंगे कि किसका दामन थामा जाए। दैनिक भास्कर, भोपाल से चार सब एडीटरों ने भी पत्रिका, भोपाल ज्वाइन करने की तैयारी कर ली है। खबर है कि इन चारों ने पत्रिका में अपनी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है और बस घोषणा बाकी है। ये सारी सूचनाएं भड़ास को एक मेल के जरिए उपलब्ध कराई गई है।

भोपाल में सीटीवी के रिपोर्टर जुगल शर्मा ने बीटीवी ज्वाइन कर लिया है। वे क्राइम रिपोर्टिंग का काम देख रहे हैं।

भड़ास के खबर मिलल बा कि विद्युत प्रकाश मौर्य जे अब तक लाइव इंडिया टीवी चैनल में काम करत रहलन ह, उ अब ए चैनल के अलविदा कह देले बाड़न। आठ अप्रैल से विद्युत भाई नई जगह नोकरी करिहन। उ नई जगह क नाम बा भोजपुरी चैनल महुआ। महुआ में उनकर पद बा प्रोड्यूसर क। इ चैनल क आफिस बा फिल्म सिटी नोयडा में। चैनल जल्दिये शुरू होवे वाला बा। अगर रउवा लोगन में से केहू उहां काम वाम के बारे में जानकारी चाहत बा त विद्युत से उनकरे मेल vidyutp@gmail.com पर संपर्क करल जा। विद्युत के नई नोकरी पर भड़सियन की ओर से जी खोल के बधाई। जुग जुग जिया राजा, खूब बढ़ा, फूला फला अउर मोटा।

ताजा जानकारी के अनुसार दैनिक जागरण, लुधियाना में बतौर उपसंपादक कार्यरत नीरज सिंह ने दिल्ली स्थित भाषा समाचार एजेंसी ज्वाइन कर लिया है। नीरज ने लुधियाना के पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में कुछ दिनों तक अच्छी रिपोर्टिंग भी की थी। वह भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से टीवी पत्रकारिता के विद्यार्थी रहे हैं। उनको इस नई पारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

एक दुखद सूचना है कि इलाहाबाद में एक हिंदी दैनिक के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय से 48 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार श्यामेंद्र कुशवाहा शनिवार देर रात से लापता हैं। पुलिस के मुताबिक श्यामेंद्र को रात 12.55 बजे ऑफिस में एक फोन आया। वे 1.15 बजे नीचे गए। फिर लौटे नहीं। उनकी चाभी लगी बाइक वहीं खड़ी थी। मोबाइल बंद बता रहा है। बेहद सरल-सहज श्यामेंद्र इलाहाबाद प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष भी हैं। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भड़ास श्यामेंद्र की बेहतरी की उम्मीद करते हुए उनके जल्द सकुशल लौट आने की कामना करता है।

देशबंधु अखबार का राष्ट्रीय संस्करण नई दिल्ली के होटल हयात में एक भव्य समारोह के दौरान 7 अप्रैल को लांच कर दिया गया। इस अखबार में दिल्ली लोकल ब्यूरो का हेड अनिल सागर को बनाया गया है। उन्होंने बतौर चीफ रिपोर्टर ज्वाइन किया है। इससे पहले वे दैनिक भास्कर, नई दिल्ली में थे। देशबंधु की सफलता की हम कामना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि यह अखबार बाजार के दबावों से थोड़ा मुक्त होकर पत्रकारिता के तेवर को जिंदा करने का प्रयास करेगा। इस अखबार की लांचिंग से जुड़े सभी पत्रकार-गैरपत्रकार साथियों की तरक्की के लिए भड़ास की तरफ से ढेरों शुभकामनाएं।

सुमंत पांडेय ने बतौर डीएनई आईनेक्स्ट, इलाहाबाद में ज्वाइन किया है। इससे पहले सुमंत हिंदुस्तान, लखनऊ में सीनियर कापी एडीटर हुआ करते थे। सुमंत को इस नई नौकरी और नई जिम्मेदारी के लिए भड़ास की तरफ से शुभकामनाएं व बधाई।

भड़ास को मिली एक धमाकेदार खबर के मुताबिक अमर उजाला, चंडीगढ़ में इन दिनों भागमभाग मच गई है। इसके चलते इन दिनों डेस्‍क पर लोगों की काफी कमी हो गई है। आप अगर नौकरी बदलना चाहते हैं तो यहां ट्राइ मार सकते हैं। फिलहाल जो सूचना है उसके मुताबिक अमर उजाला, चंडीगढ़ को छोड़कर धीरेंद्र सिंह राजपूत ने दैनिक भाष्‍कर, फरीदाबाद ज्वाइन किया है, बतौर ब्‍यूरो इंचार्ज बनकर। यहीं से रतन शेखावत ने राष्‍ट्रीय सहारा, नई दिल्‍ली का दामन थामा है। गौरव त्रिपाठी ने हिन्‍दुस्‍तान, आगरा में बतौर कॉपी एडीटर ज्‍वाइन किया है। उमेश शुक्‍ला ने भी अमर उजाला का साथ छोड़ दिया है। वे कई वर्षों से इस संस्‍थान में कार्यरत थे। शशिकांत दीक्षित ने पानीपत दैनिक भाष्‍कर का दामन थामा है। वे वहां बतौर मुख्‍य उप संपादक गये हैं। यहीं पर जनरल डेस्‍क पर बतौर उप संपादक कार्य कर रहे अनवर मजीद ने भी दैनिक भाष्‍कर, नई दिल्‍ली का साथ पकड़ा है। इसी तरह फीचर डेस्‍क के इंचार्ज अमित गुप्‍ता ने दैनिक भाष्‍कर, नई दिल्‍ली में बतौर डीएनई ज्‍वाइन किया है। अटल तिवारी ने हिन्‍दुस्‍तान, लखनऊ में बतौर कॉपी एडीटर ज्‍वाइन किया है। रामकृष्‍ण उपाध्‍याय ने भी अमर उजाला, चंडीगढ़ का साथ छोड़कर हिन्‍दुस्‍तान के नये संस्‍करण चंडीगढ़ का दामन थाम लिया है। कई और लोग भी विभिन्‍न संस्‍थानों में जाने को प्रयासरत हैं। सुनने में यह भी आ रहा है कि इस भगदड़ को रोकने के लिये अमर उजाला ने उप संपादक व रिपोर्टर की न्‍यूनतम सेलेरी 18 हजार रुपये करने का फैसला लिया है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

दैनिक हिंदुस्तान, आगरा से तीन खबरें हैं। नंबर एक- गौरव त्रिपाठी ने हिन्‍दुस्‍तान, आगरा संस्‍करण में बतौर कॉपी एडीटर ज्‍वाइन किया है। वे इससे पहले अमर उजाला, चंडीगढ़ में कार्यरत थे। नंबर दो- संदीप तिवारी ने बतौर सीनियर कॉपी एडीटर हिन्‍दुस्‍तान, आगरा का दामन थामा है। वे दैनिक भाष्‍कर, जालंधर में काम कर चुके हैं। और नंबर तीन- राकेश सिंह ने दैनिक जागरण का साथ छोड़कर अब हिन्‍दुस्‍तान, आगरा में बतौर चीफ कॉपी एडीटर कार्यभार संभाला है। इन तीनों साथियों को भड़ास की तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं।

मुकेश बालयोगी ने अमर उजाला, मुरादाबाद का दामन छोड़ कर आईनेक्‍स्‍ट, कानपुर में बतौर चीफ कॉपी एडीटर ज्‍वाइन किया है। इनको भड़ास की तरफ से ढेरों शुभकामनाएं।

जमील कुरैशी ने दैनिक भास्‍कर, जयपुर से इस्‍तीफा देकर राजस्‍थान पत्रिका समूह ज्‍वाइन किया है। वे अमर उजाला, चंडीगढ में भी काम कर चुके हैं।

ब्रजेश कुमार दुबे ने दैनिक भास्‍कर, अजमेर को अलविदा कहकर अब बतौर सीनियर सब एडिटर हिंदुस्‍तान, चंडीगढ ज्‍वाइन किया है। वे आईनेक्‍सट, कानपुर में भी काम कर चुके हैं

खबर है कि दैनिक जागरण, कानपुर से जनरल डेस्क पर कार्यरत सब एडीटर ऋषि शुक्ला ने अमर उजाला, लखनऊ में बतौर सीनियर सब एडीटर ज्वाइन कर लिया है।

अमर उजाला, कानपुर से शक्ति शर्मा का तबादला अमर उजाला, नोएडा के लिए कर दिया गया है।

हिंदी के एक बड़े अखबार को पंजाब में रिपोर्टिंग व डेस्क के लिए महिला पत्रकारों की जरूरत है। अगर किसी को इंट्रेस्ट हो तो वो अपना बायोडाटा yashwantdelhi@gmail.com पर भेज सकती हैं। ये बायोडाटा उपयुक्त जगह पहुंचा दिए जाएंगे।

पुष्‍पेंद्र कुमार ने ईटी हिंदी में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर ज्‍वाइन किया है। वे इससे पहले भाषा में थे। वे अमर उजाला और जागरण में भी काम कर चुके हैं।

पिछले दो साल मुंबई में नेटवर्क 18 का साथ निभाने के बाद अब आशीष महर्षि भोपाल का रुख करने वाले हैं। भोपाल में आशीष दैनिक भास्‍कर में सीनियर सब एडीटर के पद पर कार्य करेंगे। आशीष महर्षि माखन लाल पत्रकारिता विश्‍वविघालय के पत्रकारिता विभाग के छात्र रहे चुके हैं।

आकाश शर्मा ने आईनेक्स्ट, मेरठ से मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव के पद से इस्तीफा देकर एनडीटीवी ज्वाइन कर लिया है। उन्हें नई पारी के लिए बधाई।

ओमप्रकाश वशिष्ठ ने हरिभूमि, रोहतक को बाय बाय बोल दिया है। उन्होंने रोहतक में ही दैनिक भास्कर के साथ गलबहियां कर ली है। ओपी हरिभूमि में क्राइम रिपोर्टिंग का काम देखत थे। भड़ास की तरफ से ओपी को नए संस्थान में बेहतरी के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।

राजेश नैन ने दैनिक जागरण, हिसार को अलविदा कह दिया है। अब वो दैनिक भास्कर, पानीपत में बतौर चीफ सब एडीटर काम देखेंगे। राजेश को भड़ास की तरफ से नए दायित्व के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।

पश्चिम बंगाल में एक रेडियो स्टेशन को हिन्दी प्रोड्यूसर और प्रोग्ग्रमिंग हेड की जरुरत है. भड़ास के साथी इस सूचना का उपयोग कर सकते है. आप इस नम्बर पर बात कर सकते है 09800301111.

आशुतोष त्रिपाठी, सीनियर रिपोर्टर, अमर उजाला, बनारस ने अब दैनिक हिंदुस्तान के नए लांच होने वाले चंडीगढ़ संस्करण में बतौर चीफ रिपोर्टर ज्वाइन कर लिया है। उन्हें भड़ास की ओर से नई नौकरी के लिए मुबारकबाद।

योगेश यादव और गंगेश श्रीवास्तव, सब एडीटर, अमर उजाला, बनारस ने अपने पद से इस्तीफा देकर अब दैनिक हिंदुस्तान के नए लांच होने वाले चंडीगढ़ संस्करण में बतौर सीनियर कापी एडीटर ज्वाइन कर लिया है। इन दोनों को भड़ास की तरफ से शुभकामनाएं।

कुछ पत्रकारों ने भड़ास को मेल कर दैनिक हिंदुस्तान, चंडीगढ़ के नए लांच होने वाले संस्करण के स्थानीय संपादक अकू श्रीवास्तव की मेल आईडी मांगी थी। उन सभी को अकू जी की मेल आईडी srivastavaaaku@gmail.com दी जा रही है। इस पर मेल कर आप अपना बायोडाटा अकू जी तक पहुंचा सकते हैं।

अमिताभ अग्निहोत्री को देशबंधु अखबार के नए लांच होने वाले नई दिल्ली संस्करण का स्थानीय संपादक बनाया गया है। अमिताभ इससे पहले दैनिक भास्कर के नई दिल्ली स्थित नेशनल ब्यूरो में प्रिंसिपल करेस्पांडेंट के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने कुछ ही दिनों पहले दैनिक भास्कर से इस्तीफा देकर देशबंधु में अपनी नई पारी शुरू की। भड़ास की तरफ से उन्हें शुभकामनाएं।

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हिन्दी मीडिया: हलचल-हालचाल.... पार्ट दो

25.2.07

हिंदी मीडियाः हलचल-हालचाल

अमर उजाला, आगरा में कार्यरत डिप्टी न्यूज एडीटर जेपी त्रिपाठी ने इस संस्थान को बाय बाय कह दिया है। सूत्रों का कहना है कि ऐसा उन्होंने अमर उजाला की अंदरूनी राजनीति से तंग आकर किया। उन्होंने अभी तक कहीं ज्वाइन नहीं किया है। श्री त्रिपाठी इससे पहले दैनिक जागरण, मेरठ में कार्यरत थे।

भोपाल में पत्रिका की धमाकेदार लांचिंग करने वाली टीम के मुखिया संपादक भुवनेश जैन और समाचार संपादक दिनेश रामावत इस बात का श्रेय ले सकते हैं कि उन्होंने भोपाल में दैनिक भास्कर को काफी चिंता में डाल दिया है, जो इन लोगों की प्राथमिक सफलता मानी जाएगी। पत्रिका के जवाब में अगले ही दिन मार्केट में 16 रंगीन पन्नों का टैबलायड डीबी स्टार लांच करने वाले दैनिक भास्कर प्रबंधन को अपने इस टैबलायड की शक्ल सूरत भा नहीं रही है। सूत्र बताते हैं कि डीबी स्टार उस स्तर का प्रोडक्ट नहीं बन पाया, जो पत्रिका से मुकाबला कर सके। इसीलिए नई रणनीति बनाने और नए विजन से काम करने के लिए भास्कर प्रबंधन ने अपने संकटमोचकों ग्रुप एडीटर श्रवण गर्ग और राजस्थान हेड कल्पेश याज्ञनिक को भोपाल बुला लिया है। ये लोग अब अपने प्रोडक्ट को स्तरीय बनाने के लिए मशक्कत करेंगे।

दो साल से नौकरी के लिये भटक रहे मध्य प्रदेश के युवा पत्रकार सत्येश भट्ट को आखिरकार नौकरी मिल गई है। दिल्ली के खबरिया चैनल स्टार न्यूज ने उनको ट्रेनी के तौर पर रख लिया है। उम्मीद है सत्येंद्र अपनी प्रतिभा के बल पर वो मुकाम हासिल कर लेंगे, जिसके वो हकदार हैं। बधाई।

कानपुर, दैनिक जागरण ने वरिष्‍ठ उप सम्‍पादक व वरिष्‍ठ रिर्पोटर के पद हेतु आवेदन आमन्त्रित कियें है। वरिष्‍ठ उप सम्‍पादक हेतु किसी प्रतिष्ठित समाचार पत्र में जनरल डेस्‍क पर कम से कम 5 से 7 वर्ष कार्य करने का अनुभव हो। इसके साथ ही अभ्‍यर्थी को अंग्रेजी से हिन्‍दी में अनुवाद करने तथा कम्‍प्‍यूटर पर कार्य करने का सक्षम हो। किसी प्रतिष्ठित समाचार पत्र में रिपोर्टिग में कम से कम 5 से 7 वर्ष कार्य करने का अनुभव हो। इसके साथ ही अभ्‍यर्थी को अंग्रेजी का ज्ञान तथा कम्‍प्‍यूटर पर कार्य करने में सक्षम हो। आप अपना बायोडाटा... संपादक, दैनिक जागरण, जागरण बिल्डिंग, 2, सर्वोदय नगर, कानपुर-5 पर भेज सकते हैं।

खबर मिली है कि दैनिक जागरण, मेरठ में तैनात ओमप्रकाश सक्सेना ने दैनिक हिंदुस्तान, मेरठ में ज्वाइन कर लिया है। वरिष्ठ पत्रकार ओपी सक्सेना लंबे समय से मुजफ्फरनगर में तैनात थे। पिछले महीनों उनका तबादला दैनिक जागरण के मेरठ स्थित मुख्यालय कर दिया गया था। बताया जाता है कि इस तबादले की वजह से वे प्रबंधन से नाराज चल रहे थे। उनके दैनिक हिंदुस्तान, ज्वाइन करने की खबर की अभी अधिकृत रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। एक मेल के जरिए मिली सूचना के मुताबिक अकिंचन भारत में मथुरा डेस्क पर कार्यरत उप संपादक केपी त्रिपाठी ने अब इस संस्थान से नाता तोड़कर अब क्रांतिकारी भूमि मेरठ से नाता जोड़ लिया है। मेरठ में वे दैनिक प्रभात में बतौर सीनियर सब एडीटर ज्वाइन कर रहे हैं। उन्हें शुभकामनाएं।

यूपी के बाहर भी आई-नेक्स्ट की शुरुवात हो गई। पटना में आज इस हिंदी टैबलायड का पहला अंक बाजार में आ गया। हालांकि लांचिंग के ठीक एक दिन पहले आई-नेक्स्ट समूह के वरिष्ठ सदस्य अनिल सिन्हा के निधन से पूरी टीम दुखी हो गई थी। पर आई-नेक्स्ट प्रबंधन ने अपने साथी को सही मायने में श्रद्धांजलि देने के लिए पटना में लांचिंग को यथावत रखा। इसी के तहत आज 27 मई को आई-नेक्स्ट पटना के मार्केट में आ गया। पिछले कई महीनों से यहां लांचिंग की तैयारियां चल रही थीं। संपादकीय समेत सभी विभागों में नियुक्तियों से लेकर उनकी ट्रेनिंग तक का सिलसिला चलता रहा। अखबार की डमी भी कई रोज से छप रही थी। लांचिंग विधि विधान से और आई-नेक्स्ट व दैनिक जागरण प्रबंधन की मौजूदगी में की गई। उत्तर प्रदेश के कई केंद्रों से सफल प्रकाशन के बाद आई-नेक्स्ट का यूपी के बाहर यह पहला कदम है। जानकारों का कहना है कि कम कीमत और आकर्षक लेआउट के चलते यह टैबलायड देखते ही देखते हर शहर में हर उम्र के पाठकों का पसंदीदा अखबार बन गया है। इस टैबलायड के जवाब में अमर उजाला समूह ने कांपैक्ट नामक टैबलायड का प्रकाशन ताबड़तोड़ तरीके से कई केंद्रों से किया पर यह अखबार आई-नेक्स्ट को चुनौती नहीं दे पाया। अब देखना है कि क्या कांपैक्ट भी यूपी से बाहर कदम रखेगा?

देश के सबसे बड़े हिंदी टैबलायड आई-नेक्स्ट के मार्केटिंग कम्युनिकेशन के हेड और सबसे बड़े हिंदी ब्लाग भड़ास के संचालक मंडल के सदस्य अनिल सिन्हा का हृदयाघात से कानपुर में निधन हो गया। अटैक तब पड़ा जब वो आई-नेक्स्ट आफिस के लिए लिफ्ट पर चढ़ रहे थे। उन्होंने आई-नेक्स्ट की शुरुवाती लांचिंग से लेकर उसके कई केंद्रों पर प्रकाशन तक के काम में शीर्ष भूमिका का निर्वाह किया। भाषा, ब्लाग, लेआउट, कंटेंट, विजुवलाइजेशन, विजन, न्यूज सेंस....हर फील्ड में गहरी पकड़ रखने वाले और जीवन को हमेशा साहस के साथ जीने वाले श्री सिन्हा के निधन से हिंदी पत्रकारिता जगत को एक बड़ा झटका लगा है। भड़ास इस साहसी साथी के असामयिक निधन पर खुद को बेहद कमजोर महसूस कर रहा है। उम्मीद है ईश्वर सिन्हा जी के परिजनों को इस गम को सहने की ताकत देंगे। श्री सिन्हा लखनऊ में सपिरवार रह रहे थे। आई-नेक्स्ट के मुख्यालय, कानपुर में पदस्थ होने के नाते वे लखनऊ-कानपुर की दूरी अक्सर नापा करते थे। वे मूलतः उन्नाव के रहने वाले है। इससे पहले उन्हें एक बार और हार्ट अटैक पड़ा था, तब वे आई-नेक्स्ट, मेरठ लांच करने के लिए मेरठ आए हुए थे। तब आई-नेक्स्ट के संपादक और सीईओ आलोक सांवल ने खुद उन्हें जबरन 20 दिन तक बेड रेस्ट कराया पर अपनी औघड़ प्रवृत्ति के चलते अनिल सिन्हा जी कुछ ही दिनों बाद पर सक्रिय हो गए। श्री आलोक सांवल ने अनिल सिन्हा के निधन को खुद के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

भोपाल में राजस्थान पत्रिका ने आखिरकार अपने अखबार की लांचिंग कर ही दी। पिछले कई महीनों से लगातार भर्तियों और तैयारियों के बाद पत्रिका का अखबार भोपाल के मार्केट में 25 मई को आ गया। वैसे, ये लांचिंग गुपचुप तरीके से की गई है क्योंकि मार्केट में ये चर्चा थी कि पत्रिका का प्रकाशन भोपाल में अगस्त महीने से होगा। ऐसी अफवाह या चर्चा राजस्थान पत्रिका ग्रुप ने रणनीतिक तरीके से फैलाई थी ताकि प्रतिद्वंद्वी अखबारों को मात दिया जा सका और उन्हें रक्षात्मक पारी खेलने का भी मौका न मिले। मजेदार तथ्य यह है कि पत्रिका ने भोपाल में लांचिंग के पहले ही दिन भोपाल के दूसरे नंबर का अखबार होने की पोजीशन राज एक्सप्रेस से छीन ली है। राजस्थान पत्रिका के आने से राज एक्सप्रेस का सर्कुलेशन दो ही दिनों में 10 हजार गोता लगाने की खबर है। पत्रिका के आने की खबर के कारण हाल ही में दैनिक जागरण और नवभारत, दोनों ने भोपाल में खुद को री-लांच किया है ताकि वे अपने पाठकों के आधार को बनाये रख सकें। उधर नव दुनिया का सर्कुलेशन काफी कम हो गया है। पत्रिका अब भोपाल में लांचिंग के बाद अब ग्वालियर और इंदौर में अपना अखबार लांच करने की तैयारी में जुट गया है। जानकारों का मानना है कि पत्रिका भास्कर से उसी तरह बदला लेने के मूड में है जिस तरह भास्कर ने राजस्थान में जाकर किया था।


पत्रिका के अखबार के भोपाल मार्केट में गुपचुप तरीके से लांच होते ही आनन-फानन में भोपाल के सबसे बड़े अखबार दैनिक भास्कर ने रातोंरात एक टैबलायड का प्रकाशन शुरू कर दिया। इस अखबार का नाम डीबी स्टार रखा गया है। इसका पहला अंक पत्रिका की लांचिंग के एक दिन बाद आज 26 मई को मार्केट में आया है। 16 पन्नों के इस टैबलायड अखबार के सभी पन्ने रंगीन हैं। इस अखबार को दैनिक भास्कर अपने पाठकों को मुफ्त दे रहा है। जो दैनिक भास्कर के पाठक नहीं हैं उन्हें इस टैबलायड अखबार के लिए कीमत एक रुपये चुकानी पड़ेगी। जानकारों का कहना है कि पत्रिका जिस कलेवर, अंदाज और कंटेंट में इन दिनों निकल रहा है, अगर वैसा ही निकलता रहा तो आगे चलकर इसका प्रभाव दैनिक भास्कर पर भी पड़ना तय है। वैसे भी, पत्रिका ने भास्कर को बड़ा झटका लांच होने से पहले ही दे दिया है। उसने भास्कर के 35 से ज्यादा संपादकीय सहयोगियों को तोड़कर अपने बैनर तले कर लिया है। इसी तरह राज एक्सप्रेस के 42 लोग टूटे जिनमें 30 लोग पत्रिका में गए, 3 भास्कर में गए और बाकी 9 नवदुनिया में पहुंचे। उधर, ग्वालियर और इंदौर से पत्रिका की प्रकाशन की तैयारियों से लगता है कि वो मध्य प्रदेश में भास्कर के गढ़ को भेदने की गहरी रणनीति बनाकर आया है। कुल मिलाकर भोपाल के पाठकों को अखबारों के युद्ध से अच्छा खासा फायदा हो रहा है।

हिंदी पत्रकारों और हिंदी मीडिया हाउसों से जुड़ी सूचनाओं और नौकरियों के लिए हिंदी का पहला आनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है। यह पोर्टल भड़ास ब्लाग का ही प्रोफेशनल एक्सटेंशन है। इसका नाम है भड़ास4मीडिया.काम bhadas4media.com। यह पोर्टल उन हिंदी पत्रकारों के लिए खासतौर पर वरदान साबित होगा जो कोई संबंध संपर्क न होने की वजह से कहीं पर भी नौकरी पाने में नाकाम रहते हैं। ऐसे पत्रकारों को यह पोर्टल मामूली रजिस्ट्रेशन और परामर्श शुल्क लेकर ढेर सारे फायदे पहुंचाएगा। इसमें व्यक्तित्व विकास से लेकर तकनीकी व संपादकीय दक्षता का आकलन और मीडिया हाउसों में नौकरी दिलाने का प्रयास करना भी शामिल है। पोर्टल का दावा है कि वह हर शुरुआत में हर महीने कम से कम 15 हिंदी पत्रकारों का प्लेसमेंट कराएगा। अगर आप भी चाहते हैं इस पोर्टल की सवाओं का लाभ लेना तो अपना बायोडाटा hindi.media.job@gmail.com पर भेज सकते हैं।

खबर है कि वायस आफ इंडिया, लखनऊ
आफिस के लिए कई मीडिया हाउसों के पत्रकारों ने नियुक्ति पत्र ले लिया है। इनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं-यूपी चैनल हेड - अश्विनी भटनागर (द ट्रिब्यून, चंडीगढ़ से), ब्यूरो चीफ - राजकुमार सिंह (न्यूज 24 से), प्रिंसिपल करेस्पांडेंट - अनुराग शुक्ला (इंडिया टीवी से) और तरूण सुभाष (एचटी, लखनऊ से), सीनियर रिपोर्टर - अनुपमा त्रिपाठी (आईएएनएस से)। इनके अलावा ईटीवी से हरिकेश कुमार, दैनिक हिंदुस्तान, लखनऊ से अंशू मिश्रा, यहीं से अभिषेक मिश्रा और मीनल व जाफरी ने भी वीओआई ज्वाइन किया है। इन सभी को नई पारी के लिए भड़ास की तरफ से शुभकामनाएं।

दैनिक हिंदुस्तान, मुजफ्फरपुर में सीनियर कापी एडीटर विवेक श्रीवास्तव ने पटना से प्रकाशित होने जा रहे आई-नेक्स्ट में सिटी इंचार्ज के पोस्ट पर ज्वाइन कर लिया है। वहीं प्रभात खबर, पटना के चीफ रिपोर्टर ने अपने इस घर को अलविदा कह कर आई-नेक्स्ट ज्वाइन किया है। पटना से आई-नेक्स्ट का प्रकाश मई लास्ट में होने जा रहा है। आई-नेक्स्ट में जाने वालों में प्रभात खबर, पटना के फोटोग्राफर मनीष कुमार भी शामिल हैं।

त्रिवेणी मीडिया ने अपने Journalism Institute ISMS (International School of Media Studies) के सभी 28 स्टूडेंट्स को पंद्रह हजार महीने की नौकरी पर अपने चैनल वॉयस ऑफ इंडिया में नौकरी दे दी है। इनमें से कुछ को National चैनल और बाकी को Regional चैनल में डाला गया है. तीन महीने की मुफ्त ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत त्रिवेणी ने दिसंबर में चालीस लोगों का चयन किया था. इसमें से 12 ने बीच में ही ट्रेनिंग छोड़ दी थी. इन्हें टीवी टुडे इंस्टीट्यूट के सुमित सिंघल और आलोक वर्मा सहित किशोर मालवीय, अनुप सिन्हा, रोहित लाल और मुकेश कुमार ने ट्रेनिंग दी थी. त्रिवेणी के HR का दावा है कि वे आने वाले समय में भी अपन इंस्टीट्यूट के सभी छात्रों को नौकरी देंते रहेंगे

ज़ी बिजनेस में इन दिनों पलायन का दौर शुरू हो गया है। पिछले 15 दिनों में ही चार लोगों ने ज़ी बिज़नेस को टाटा बाय-बाय कर दिया है। रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे दीपक उपाध्याय ने भास्कर के आगामी बिजनेस अख़बार से नाता जोड़ लिया है। मंडी लाइव टीम में काम कर रहे शमशेर सिंह ने भी इसी अख़बार में संवाददाता के रूप में ज्वाइन किया है। रन डाउन पर काम कर रहीं योगश्री दिवेकर अंग्रेजी के बिज़नेस अखबार फाइनेंसियल एक्सप्रेस से जुड़ गयी हैं। मंडी लाइव टीम के ही एक अन्य सदस्य आशीष ने इस्तीफा दे दिया है और वह डब्ल्यूएनएस यानी वर्ल्ड न्यूज़ सर्विस की ओर रूख कर रहे हैं। ज़ी बिज़नेस की मंडी लाइव टीम में अब केवल टीम लीडर और एंकर अमीष देवगुन रह गए हैं। कमोडिटी में रुचि रखने वाले पत्रकार बंधु अगर कोशिश करना चाहें तो लोहा गर्म है।

भड़ास को एक मेल के जरिए खबर पहुंचाई गई है कि ईटीवी नेटवर्क से करीब चालीस लोगों ने एक साथ पलायन कर दिया है और वायस आफ इंडिया (त्रिवेणी ग्रुप) का दामन थाम लिया है। इधर लोग गए नहीं कि उधर ईटीवी ने हमेशा की तरह चालीस की जगह सत्तर लोगों की भर्ती भी कर ली है।

वीर अर्जुन, नई दिल्ली से डिजायनर और पेजीनेटर तरबेज खान ने इस्तीफा दे दिया है। अब वे अपने हुनर का जौहर नई दिल्ली के ही आज समाज अखबार में दिखाएंगे।

सुरेंद्र सिंह यादव ने दैनिक जागरण, कुरुक्षेत्र में बतौर चीफ करेस्पांडेंट 17 मई को कार्यभार संभाल लिया है। वे इससे पहले दैनिक जागरण, लुधियाना में कार्यरत थे। उससे भी पहले वे दैनिक जागरण, नोएडा में सेंट्रल डेस्क पर थे।

लाइव इंडिया के बहुचर्चित रिपोर्टर प्रकाश सिंह ने वॉयस ऑफ इंडिया (त्रिवेणी) ज्वायन किया है। बताया जाता है कि प्रकाश ने यहां पहुंचने के लिए जुगाड़ों की झड़ी लगा दी थी। अंदर की खबर है कि प्रकाश को चैनल में लेने से कुछ लोगों की भावनाएं भी आहत हुई हैं।

दैनिक जागरण, नोएडा में कार्यरत आईटी मैनेजर करनवीर सिंह को संस्थान जर्मनी भेज रहा है। वे वहां सीटीपी मशीन की ट्रेनिंग लेने जा रहे हैं। इन दिनों सभी प्रिंट मीडिया समूह अपने संस्थानों को फुली कंप्यूटराइज्ड और मशीनीकृत कर रहे हैं। ऐसी मशीनों को आपरेट करना-कराना एक नया काम होगा, जिसके लिए शिक्षण-प्रशिक्षण अनिर्वाय तौर पर जरूरी होगा। करनवीर जी को शुभकामनाएं।

देशबंधु अखबार के राष्ट्रीय संस्करण में कई नई नियुक्तियां हुई हैं। आगरा से छपने वाले अकिंचन भारत अखबार में फिरोजाबाद डेस्क पर काम कर रहे वैभव पांडेय ने अपने संस्थान को टाटा बाय बाय कहते हुए देशबंधु की सेवा शुरू कर दी है। उन्होंने बतौर सब एडीटर ज्वाइन किया है। इसी तरह दिल्ली के फ्रीलांस जर्नलिस्ट और पुस्तक समीक्षक निशांत भारद्वाज ने भी बतौर सब एडीटर देशबंधु में अपनी सेवा देनी शुरू कर दी है। वे देशबंधु में संपादकीय पेज और विचार पेज पर अपनी प्रतिभा का जलवा दिखा रहे हैं। पूनम सिंघल भी देशबंधु के राष्ट्रीय संस्करण से जुड़ गई हैं। वे इससे पहले प्रभात खबर के दिल्ली कार्यालय में कुछ समय तक कार्यरत थीं। इन सभी साथियों को नई नौकरी के लिए शुभकामनाएं।

संडे पोस्ट अखबार में पिछले चार साल से बतौर सब एडीटर काम कर रहीं प्रीति सिंह परिहार ने देशबंधु में केवल चार दिन काटे और इतने ही समय में जाने क्या हुआ कि यह संस्थान उन्हें रास आता नहीं लगा और फिर से वे अपने पुराने संस्थान लौट गईं। सूत्रों का कहना है कि उन्हें देशबंधु ने जितने पैसे पर ज्वाइन कराया था, उतना उनके पुराने संस्थान ने आफर किया तो वो इस आफर को ठुकरा न सकीं और घर लौट गईं।

प्रीति तो संडे पोस्ट में फिर गईं हीं, देशबंधु के राष्ट्रीय संस्करण में कार्यरत एक और महिला पत्रकार उनके नक्शेकदम पर हो लीं। इनका नाम है गीता कंठोला। गीता ने भी देशबंधु को बाय बाय कहकर संडे पोस्ट ज्वाइन कर लिया है। इससे पहले गीता राष्ट्रीय सहारा के फीचर सेक्शन से जुड़ी रही हैं। प्रीति और गीता, दोनों को भड़ास की तरफ से करियर की बेहतरी की शुभकामनाएं।

शैलेंद्र तिवारी का तबादला ग्वालियर कर दिया गया है। वे वहां राजस्थान पत्रिका के ब्यूरो चीफ के रूप में काम देखेंगे। उन्होंने राजस्थान पत्रिका के दूसरे अखबार न्यूज टुडे, जयपुर में भी काम किया हुआ है। उल्लेखनीय है कि पत्रिका का भोपाल संस्करण जल्द ही शुरू होने वाला है। इसके बाद मध्य प्रदेश में एक और एडीशन पत्रिका लांच करेगा। इस एडीशन के इंदौर या ग्वालियर से शुरू होने की चर्चाएं हैं। इसी के तहत पत्रिका अपने लोगों को ग्वालियर और इंदौर में भेजना शुरू कर दिया है। अब देखना है कि इन दोनों जगहों में से पहले कहां पर एडीशन शुरू होता है।

दैनिक भास्कर, मुंबई के एडीटोरियल डेस्क और वेब एडीशन में कार्यरत गुरुदत्त तिवारी ने अब इस संस्थान को टाटा बाय बाय बोल दिया है। उन्होंने बतौर सीनियर सब एडीटर बिजनेस स्टैंडर्ड ज्वाइन कर लिया है। गरुदत्त पत्रकारिता में पिछले आठ वर्षों से हैं। उनके ज्यादा समय भोपाल में गुजरा है लेकिन पिछले दो वर्षों से वे मुंबई में जमे हुए हैं। गुरुदत्त इसी तरह तरक्की और समृद्धि की राह पर कुलांचे भरते रहें, भड़ास ऐसी कामना करता है।

अमर उजाला, मेरठ में कार्यरत अजीत तिवारी ने अब दिल्ली की राह पकड़ ली है। वे इकानामिक टाइम्स (हिंदी), नई दिल्ली का साथ हो लिए हैं। नई नौकरी के लिए अजीत को बधाई।

दैनिक जागरण, नोएडा के डिप्टी न्यूज एडीटर और जनरल डेस्क के इंचार्ज अवधेश गुप्ता का तबादला दैनिक जागरण, कानपुर के लिए हो गया है। ऐसा उनकी सहमति से किया गया है। अवधेश मूलतः कानपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने अपना करियर भी कानपुर से ही अमर उजाला अखबार के साथ की थी। बाद में वे दिल्ली आए और दैनिक जागरण के साथ ही बने रहे। यहीं वे अपने शानदार काम से लगातार तरक्की की सीढ़ियां चढ़ते रहे। पारिवारिक वजहों से कानपुर वापसी की इच्छा काफी दिनों से वे जता रहे थे। भड़ास अवधेश के उज्जवल भविष्य की कामना करता है।

दैनिक भास्कर, नोएडा से डिजायनर और पेजीनेटर रवि कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। अब वे अपने हुनर का जौहर नई दिल्ली के ही आज समाज अखबार में दिखाएंगे। भड़ास की तरफ से शुभकामनाएं।

लोकेश त्रिपाठी ने इंडिया टीवी का दामन छोड़कर अब दैनिक हिंदुस्तान, लखनऊ के साथ गलबहियां कर ली है। चर्चा है कि वे काफी अच्छे पैकेज पर नए संस्थान में गए हैं। उन्हें शुभकामनाएं।

दैनिक आज, लखनऊ में कार्यरत नरेश शर्मा ने इस संस्थान को बाय-बाय कह दिया है। अब वे भी लखनऊ में ही अमर उजाला के साथ हो लिए हैं। नरेश ने अमर उजाला में बतौर रिपोर्टर कम सब एडीटर इंट्री मारी है। नरेश जी नई पारी में अच्छी बैटिंग करें, इसके लिए भड़ास की तरफ से शुभकामनाएं। अगर आप भी उन्हें कांग्रेट्स बोलना चाहते हैं तो उनके मोबाइल नंबर 09415578193 पर घंटी मार सकते हैं।

डा. सुबोध कुमार ने अमर उजाला, लखनऊ ज्वाइन किया है। इससे पहले वह लखनऊ में ही दैनिक हिंदुस्तान में सब एडीटर पद पर कार्यरत थे। वे अमर उजाला में बतौर सीनियर सब एडीटर नियुक्त हुए हैं। हिंदुस्तान, लखनऊ से पहले डा. सुबोध अमर उजाला, नोएडा में उप संपादक हुआ करते थे। भड़ास डा. सुबोध के करियर और जीवन की बेहतरी के लिए शुभकामनाएं देता है और आप भी उन्हें उनके मोबाइल नंबर 09919939807 पर फोन करके इस नई पारी के लिए विश कर सकते हैं।

न्यूज टुडे, इंदौर में कार्यरत ऋतु मिश्रा का ट्रांसफर भोपाल कर दिया गया है। वो वहां फीचर सेक्शन देखेंगी। उन्हें शुभकामनाएं।

पुण्य प्रसून वाजपेयी के जी न्यूज ज्वाइन करते ही जी न्यूज के तेवर बदलने शुरू हो गए हैं। अब पहले से ज्यादा धारधार दिखने लगा है यह चैनल। इसी के तहत जी न्यूज ने अपनी पंचलाइन भी बदल दी है। इस चैनल का नया पंचलाइन जरा सोचिए हो गया है।

दैनिक जागरण, नोएडा के सीनियर जर्नलिस्ट आलोक त्रिपाठी का तबादला दैनिक जागरण, लखनऊ के लिए कर दिया गया है। आलोक ने अपना करियर दैनिक जागरण, लखनऊ से ही शुरू किया था। इसके बाद वे ईटीवी, हैदराबाद चले गए थे। अपने घर पहुंचने के लिए आलोक को ढेर सारी शुभकामनाएं।

एक मेल के जरिए दुखद सूचना दी गई है कि अमर उजाला, बरेली की सीनियर जर्नलिस्ट अनामिका आर्या का देहांत लखनऊ में हो गया है। भड़ास परिवार अनामिका को श्रद्धांजलि अर्पित करता है और ईश्वर से प्रार्थना करता है कि वो दुख की इस घड़ी में अनामिका के परिजनों को ताकत व हौसला प्रदान करें।

दैनिक भास्कर, नई दिल्ली के संपादक अवनीश मिश्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बेहद मृदुभाषी और सहज व्यक्तित्व के धनी अवनीश डेढ़ महीने के लिए लंदन जा रहे हैं। वे वहां एक नए वेंचर की तरफ से मिले असाइनमेंट के तहत जा रहे हैं। यह नया वेंचर मीडिया से ही जुड़ा है। अवनीश जी के जाने के बाद उनके पद पर नया संपादक कौन आएगा, इसको लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वैसे दैनिक भास्कर, पानीपत के संपादक दिनेश चंद मिश्र का भी नाम लिया जा रहा है कि वे दिल्ली बुलाएं जा सकते हैं पर कहा यह भी जा रहा है कि मैनेजमेंट बाहर से किसी डायनमिक और तेज तर्रार को ज्वायन कराने को इच्छुक है।

दैनिक जागरण, लुधियाना के चार पत्रकारों का तबादला चंडीगढ़ के लिए कर दिया गया है। ये तबादले मोहाली यूनिट लांच करने के क्रम में किया गये हैं। बताया जाता है कि अभी कई और पत्रकारों का तबादला किया जाएगा। फिलहाल जिन चार लोगों का तबादला हुआ है, उनके नाम इस प्रकार हैं- सुशील खन्ना (डीएनई), सुरेंद्र सिंह यादव (चीफ सब), चंद्रशेखर (चीफ सब) और गौरव तंवर (सीनियर सब) । इन चारों साथियों को नई जगह पर ढेर सारी सफलताएं मिलें, इसके लिए भड़ास की तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं।

दैनिक जागरण, लुधियाना में प्रदीप ठाकुर के करीबी माने जाने वाले पत्रकार मोहिंदर सिंह अमृत से भी मैनेजमेंट ने इस्तीफा ले लिया है। इससे पूर्व कई लोगों का तबादला विभिन्न जगहों पर किया गया और संपादकीय प्रभारी प्रदीप ठाकुर से इस्तीफा लेकर उनकी जगह पर कमलेश रघुवंशी को भेजा गया।

बृजेश कुमार झा ने दैनिक जागरण, कानपुर में लंबी पारी खेलने के बाद अब इसे अलविदा कह दिया है। उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, चंडीगढ़ में अच्छे पद और पैकेज पर ज्वाइन किया है। बृजेश लेआउट और डिजायनिंग के मास्टर माने जाते हैं। उन्होंने दैनिक जागरण के सभी फीचर पेजों को अपनी खास स्टाइल से तराशा, सजाया और संवारा है। अपने काम के धनी बृजेश बेहद सरल, सहज और यारबाज किस्म के मस्तमौला आदमी हैं। भड़ास उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता है और उनको नई जाब प्रोफाइल में सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करता है।

खबर है कि राजस्थान पत्रिका के चेन्नई संस्करण से दो पत्रकारों ने इस्तीफा दिया है। इनके नाम हैं अजय पोद्दार (चीफ सब एडीटर) और पवन मित्तल (सब एडीटर)। पवन मित्तल के बारे में बताया जा रहा है कि उन्होंने अमर उजाला, बरेली ज्वाइन कर लिया है।

दैनिक हिंदुस्तान, लखनऊ में पिछले पांच वर्षों से स्पोर्ट्स डेस्क पर बतौर खेल पत्रकार अपनी सेवाएं दे रहे अरुण सक्सेना ने अब इस संस्थान को टाटा-बाय-बाय बोल दिया है। वे अब अमर उजाला, लखनऊ के झंडे तले आ गए हैं। उन्होंने इस संस्थान में बतौर वरिष्ठ उप संपादक ज्वाइन किया है। हिंदुस्तान से पहले अरुण राष्ट्रीय सहारा, लखनऊ में खेल पत्रकार हुआ करते थे। अरुण को नए संस्थान में खूब तरक्की मिले, इसके लिए भड़ास की तरफ से अग्रिम शुभकामनाएं।

दैनिक जागरण, लुधियाना से प्रदीप ठाकुर से इस्तीफा लेने के बाद भी दैनिक जागरण मैनेजमेंट शांत नहीं हुआ है। कई और लोगों पर गाज गिरी है। खबर मिली है कि चीफ रिपोर्टर गौतम जालंधरी को मैनेजमेंट ने सिटी चीफ पद से हटा कर उनका तबादला रोहतक कर दिया है। सीनियर रिपोर्टर नितिन धीमान को भी लुधियाना की रिपोर्टिंग टीम से अलग कर दिया गया है। उनका तबादला अबोहर कर दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि अभी कुछ और लोग कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।

दैनिक जागरण, चंडीगढ़ के स्पोर्ट्स रिपोर्टर जितेंद्र सिंह यादव ने हरियाणा सरकार के डिपार्टमेंट आफ पब्लिक रिलेशन में एपीआरओ पद पर ज्वाइन कर लिया है। जितेंद्र जी को पक्की नौकरी मिलने पर भड़ास की तरफ से ढेर सारी बधाई।

सहारा समय के छतरपुर के रिपोर्टर रवींद्र अरजरिया का जबलपुर ट्रांसफर कर दिया गया है। इससे नाराज रवींद्र जी ने सहारा समय को अपना इस्तीफा भेज दिया और त्रिवेणी के नए लांच होने वाले चैनल वायस आफ इंडिया को ज्वाइन कर लिया है। वे वायस आफ इंडिया के सागर प्रतिनिधि होंगे।

टीकमगढ़ में जनसत्ता के रिपोर्टर सुरेश शर्मा ने एक नई पत्रिका शुरू की है। पत्रिका का नाम है भविष्य की चुनौती। सुरेश जी को इस नई पहल पर भड़ास की तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं।

मंतोष कुमार सिंह ने दैनिक हरिभूमि को अलविदा कह दिया है। वे हरिभूमि में चार साल तक सेंट्रल डेस्क पर कार्यरत रहे। उन्होंने एक मई से पत्रिका, भोपाल ज्वाइन कर लिया है। यहां भी वे सेंट्रल डेस्क पर सेवाएं दे रहे हैं। वरिष्ठ भड़ासी साथी मंतोष को भड़ास की पूरी टीम की तरफ से नई नौकरी में सफलता के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।

दैनिक जागरण, लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार अनेहस शाश्वत इन दिनों स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। पिछले दिनों एक दुर्घटना में उनके घुटने की एक हड्डी टूट गई थी। आपरेशन के बाद वे फिलहाल कंप्लीट बेड रेस्ट पर हैं। अपने उदात्त व्यक्तित्व, सहज-सरल अंदाज, परोपकारी स्वभाव के चलते बेहद लोकप्रिय शाश्वत जी पत्रकारिता में खोजी और शोध वृत्ति के लिए जाने जाते हैं। लखनऊ पर उनकी ऐतिहासिक शोध रिपोर्टों को काफी सराहना मिली है। प्राचीन अवध और आधुनिक अवध के ढेर सारे पहलुओं पर विभिन्न आयामों को छूते हुए उन्होंने जो शोधपरक रिपोर्टें लिखीं, वो दस्तावेज की तरह हैं। शाश्वत जी से उनका हालचाल 09452268389 पर फोन करके ले सकते हैं और उन्हें जल्द स्वस्थ होने के लिए शुभकामनाएं दे सकते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार और हर किसी के सुख दुख में हर समय खडे रहने वाले साथी अनिल भारद्वाज डायरिया की चपेट में हैं और सिविल अस्पताल लुधियाना में भर्ती हैं। उनकी तबियत बिगडने पर उन्हें सिविल में भर्ती करवाया गया। बुधवार को उनकी सेहत में थोडा सुधार आया। कोई साथी अगर उनकी सकुशलता जानना चाहते हों तो उनके मोबाईल नंबर 09417487280 पर फोन कर सकते हैं।

भड़ास को खबर मिली है कि जयपुर में सिटी भास्कर के प्रभारी और न्यूज टुडे के एक्जीक्यूटिव एडीटर रह चुके सुमंत भट्टाचार्या ने अब त्रिवेणी के नए न्यूज चैनल में बड़े पद की जिम्मेदारी संभाल ली है।

दैनिक भास्कर ने अपने नए लांच होने वाले बिजनेस अखबार के लिए नई दिल्ली में नया आफिस बनाया है। इस आफिस का पता है दैनिक भास्कर, 132, त्रिभुवन कांप्लेक्स, ईश्वर नगर, न्यू फ्रेंड्स कालोनी, नई दिल्ली। इस आफिस में संपादक यतीश राजावत और उनकी नई टीम के कुछ वरिष्ठ सदस्य बैठने लगे हैं। यहां की सक्रियता देखकर लगता है कि अखबार जल्द ही मार्केट में लाने की तैयारी है।

सूचना है कि नागेश शर्मा ने दैनिक जागरण, मेरठ छोड़कर अमर उजाला, अलीगढ़ ज्वाइन करके घर वापसी कर ली है।

दैनिक हिंदुस्तान, नई दिल्ली में विशेष संवाददाता ह‍रवीर सिंह ने दैनिक भास्कर का बिजनेस अखबार डीएनए मनी, नई दिल्ली ज्वाइन किया है।

मलय कुमार मिश्रा जो लखनउ में ईटीवी के प्रोग्रामिंग में कार्यरत थे ने महुआ टीवी के प्रोग्रामिंग में ज्वाइन किया है। मलय गोरखपुर के रहने वाले हैं और कुछ भोजपुरी फिल्मों में एक्टिंग भी कर चुके हैं...उनका भोजपुरी में कार्यक्रम निर्माण का अच्छा खासा अनुभव है।

जयपुर के क्राइम रिपोर्टर अभिषेक आढ़ा ने त्रिवेणी समूह के नये न्यज चैनल वॉयस ऑफ इंडिया में लंबे-चौड़े आर्थिक पैकेज के साथ बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर ज्वाइन किया है। अभिषेक दैनिक जागरण-दिल्ली, राजस्थान पत्रिका- जयपुर और दैनिक भास्कर-जयपुर में बतौर क्राइम रिपोर्टर काम कर चुके हैं।

दैनिक जागरण, चंडीगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार केके कुलश्रेष्ठ ने डीएनई पद पर नई दिल्ली में दैनिक भास्कर के नए लांच होने वाले बिजनेस अखबार में ज्वाइन किया है।

कमलेश रघुवंशी को दैनिक जागरण, लुधियाना का भी प्रभारी बना दिया गया है। यह अंतरिम व्यवस्था के तहत किया गया है। इससे पहले दैनिक जागरण, लुधियाना के संपादकीय प्रभारी प्रदीप ठाकुर को कई आरोपों के चलते बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है। इसी के चलते खाली पड़े पद पर दैनिक जागरण, जालंधर के प्रभारी कमलेश रघुवंशी को अतिरिक्त प्रभार के तहत बिठाया गया है।

नई दुनिया, रायपुर के सब एडीटर जितेंद्र सूर्यवंशी ने एमपी पत्रिका, भोपाल ज्वाइन कर लिया है। वेलकम बैक टू भोपाल....।

दैनिक हिंदुस्तान, कानपुर के सीनियर कामर्स करेस्पांडेंट आलोक तिवारी को नया और बड़ा ब्रेक मिला है। वे दैनिक भास्कर के नए लांच होने वाले बिजनेस अखबार (डीएनए मनी, नई दिल्ली) में बतौर डिप्टी न्यूज एडीटर काम करेंगे। आईनेक्स्ट, कानपुर से अनिरूद्ध यादव और पुलक भी यहां ज्वाइन कर रहे हैं। इन सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं।

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