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27.8.09

मोहब्बत में त्याग ये भी


एक अंधी लडकी थी। उसे उसके एक दोस्त के अलावा सबने ठुकरा दिया था। पर वो दोस्त उससे बहुत प्यार करता था। लडकी रोज़ उससे यह कहती कि अगर वह उसे देख पाती तो उसी से शादी करती। एक दिन किसी ने उस लडकी को अपनी आंखे दान दे दीं। जब वह देख सकने लगी तो उसने देखा की उसका वह दोस्त अंधा था। दोस्त ने उससे पूछा की क्या अब वो उससे शादी करेगी? लडकी ने साफ़ इनकार कर दिया। इस पर उसका दोस्त मुस्कुराया और चुप चाप उसे एक कागज़ का टुकडा देकर चला गया। उस पर लिखा था- "मे तुमसे बहुत प्यार करता था मैंने खुद को अँधा कर अपनी आंखे तम्हें दान दे दी बस अब मेरी आखों का ख्याल रखना..... तब उस लड़की की झोली मे आंसुओ के सिवा कुछ नहीं बचा था. ******नितिन सबरंगी *****

4 comments:

स्वप्न मञ्जूषा said...

bahut hi jyada khoobsurat kahani..
prem ki aisi parakashtha !!!
adbhut !!

Unknown said...

उम्दा !
बहुत उम्दा !
बधाई !

Unknown said...

Aesi vednamayi baaten kyon likhte ho bhai!

nilay singh said...

bhauk kar diya aapne...
sach me rona hi aa gaya

jawanideewani.blogspot.com