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28.3.08

जय जय भड़ास..

जय हो भड़ास की.इसी भड़ास के कारन सचमुच पुरी देश दुनिया ग्लोबल विल्लेज में सिमट गई है.हम सभी को इसके लिए यशवंत जी का सुख्रिया अदा करना होगा.अब भड़ास के लेआउट को बदला जाना जरुरी है.जय जय भड़ास.

2 comments:

अंकित माथुर said...

आपके पास यदि कोई सुझाव हो तो कृपया सभी के
साथ डिस्कस करें।
धन्यवाद

डा०रूपेश श्रीवास्तव said...

दिलीप भाईसाहब, जैसे जैसे बच्चा बड़ा होता है तो समय के साथ उसके लुक्स कुदरती तौर पर बदलते जाते हैं बच्चे को मूंछ लगाने से वो बड़ा नहीं हो जाता और सींग कटवा कर सांड बछड़ा नही बन जाता। अभी जो भी लीला भड़ास की हुई है वो तो बाललीला हैं कि उसने दुनिया समेट दी है आगे आगे देखिये कि लोगों को सारा ब्रह्माण्ड आप भड़ासियों के मुंह में नजर आयेगा। जम कर पिल पड़िये मेरे भाई बहुतों की बजानी है कई तो साले वैसे ही दुनिया की तरह अपनी सिकोड़ कर खड़े हो गये हैं कि कहीं भड़ासियों ने देखी तो साले सब एक साथ पिल पड़ते हैं। जो विचार हैं उन्हें बिना सोचे समझे बांटते रहिये दिल लगाइये दिमाग नहीं...
जय जय भड़ास