Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

9.6.08

पति की शामत आई

राजस्थान विश्वविद्यालय की लक्ष्मीबाई छात्रावास की लडकियां आजकल वास्तव में अपने हास्टल के नाम को सार्थक करते हुए लक्षमीबाई बनी हुई है। मीडिया को इनका सपोर्ट मिल गया है। बस क्या था आजकल जयपुर के अखबारों में छाई हुई है।
वार्डन ने घर पर ताला लगाने पर लडकियों के खिलाफ शिकायत क्या की। इन लडकियों ने इसका जीना हराम कर दिया। बस फिर क्या था वार्डन के पति की शामत आ गई। छात्राओं ने आरोप लगा दिया कि वार्डन के पति रात को अघोवस्त्र में घूमते रहते है। नशा करते है। पति-पत्नी रात को झगड़ा करते है जिससे छात्राओं की पढ़ाई नहीं हो पाती है।
अब वार्डन के पति बेचारे सफाई देते फिर रहे है। लड़कियां है कि मानती नहीं।
पत्नी जब वार्डन बन कर आई थी तो काफी खुश थे कि कृष्ण कन्हैया बन कर गोपियों में रहेंगे पर अब ये ही गोपियां उनके लिए झांसी की रानी लक्ष्मीबाई बनी हुई है उन्हें अपने बचाव का तरीका भी नहीं मिल पा रहा है।

एक पाठक
जयपुर से भडास के लिए

2 comments:

हरे प्रकाश उपाध्याय said...

bahut khoob

Anonymous said...

दद्दा,
बेहतरीन, अभी तक तो पतियों की शामत पत्नियों से हुआ करती थी मगर इतनी सारी दुर्गा ओर काली बेचारे को अब भोले नाथ ही बचा सकते हैं। लाजवाब है ये।

जय जय भडास