--- चुटकी ---
नवजोत सिद्धू जरुरत से
कुछ ज्यादा ही हँसता है,
अन्दर का जख्म
बहुत गहरा लगता है।
---गोविन्द गोयल श्रीगंगानगर
अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...
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गोविंद गोयल, श्रीगंगानगर
Labels: जख्म गहरा
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