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28.8.11

जीत के बाद का सन्नाटा ,


जीत गए अन्ना ! अब क्या करें !

   

हम तो अन्ना को देखने के आदि हो गए थे , 


अन्ना के अनशन तोड़ने से तो खुशी हुई है , पर अब उन्हें उतना नहीं देख पाएंगे इसका दुःख भी रहेगा. 


 गांव गांव में, शहरों में हर ब्लाक में हर कालोनी में,  अन्ना संगर्ष समितियां बननी चाहिए, 


योग वाले , रामदेव संघर्ष समिति बनायें .  


भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ , अच्छे लोग खड़े होने चाहिए , पर मुश्किल ये है की चुनावों में जो पैसा खर्च होता है , वो अच्छे आदमी के पास कहाँ से आएगा . इसलिए अच्छे व पैसे वालों को मुकाबले में उतरना चाहिए . 


और ये समितियां उस व्यक्ति को सपोर्ट करें  . 


बिना संगठन , कोई बदलाव नहीं आता . आता है तो छनिक  होता है . 

      

1 comment:

Dr Om Prakash Pandey said...

sahee sujhaaw, dhanywaad!