Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

8.7.08

गाँधी जी के बारे में

तमाम ब्लॉग की यात्रा करते-करते कई बार गाँधी जी के दर्शन हुए. कहीं जुआघर में खड़े, कहीं हत्यारे के रूप में. क्या हैं गाँधी? क्या है उनकी प्रासंगिकता? कोई बताएगा, बिना भेद-भाव के. बिना ये परवाह किए की वह सबके सामने बोल रहा है, क्योंकि सबके सामने बताने पर तो गाँधी अच्छे हैं पर अकेले में दे मारते हैं सैकडों गलियां. क्यों सही है?

1 comment:

Anonymous said...

mitra,

surya ko gaali deen yaa naa den, pooja karen yaa na karen. surya ki kirnon ko maane ya naa maane, ye surya hamare beech jeevan sanchaar karta hai.... so kahne ki jaroorat hi nahi ki baapu ko kon kya paribhashit kar raha hai.

jay jay bhadas