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17.7.08

अब बैंडिट टूरिज्म

राजस्थान की सरकार में बैठे कुछ ज्ञानियों की चली तो जल्द ही बीहड़ डरने की नहीं देखने और सैर सपाटे की जगह होगी। अकेली राजस्थान सरकार ही क्यों मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सरकार भी इससे लगभग सहमत ही है। मसला यह है कि राजस्थान सरकार ने चंबल के बीहड़ो में टूरिज्म को बढ़ावा देने की पूरी रुपरेखा भी तैयार कर ली है। इस योजना के तहत पर्यटकों को उन स्थानों पर घूमाया जाएगा जहां कभी डकैत रहा करते थे या फिर जिन जगहों पर मशहूर मुठभेड़ हुई या कोई डकैत मारा गया। इसके साथ ही बीहड़ में डकैत किस तरह रहते हैं और उनकी दिनचर्या क्या रहती है यह भी बताया जाएगा। इस सबके लिए गाइड का काम करेंगे आत्मसमर्पण कर चुके डकैत। इन डकैतों को इसके लिए तैयार भी किया जा रहा है। राजस्थान डांग एरिया डवलपमेंट बोर्ड के चैयरमेन का कहना है कि करौली, भरतपुर, धौलपुर, कोटा के बीहड़ों में इसके लिए काम शुरू भी कर दिया गया है। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश सरकार से भी इस मुद्दे पर बातचीत जारी है। इनकी सहमति मिलते ही तीनों सरकारें सम्मिलित तौर पर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाएंगी। यानी अब बीहड़ से सीधा पैसा बनाया जाएगा। भइया इस तरह तो सरकार मेरे ब्लॉग के पीछे पड़ गई है। जब वही यह काम करेगी तो हम क्या करेंगे।

2 comments:

डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) said...

भाई,सरकार को जिस तरह से हरी-हरी सूझ रही है न वो तब उतर जाएगी जब कोई बागी पूरी पर्यटक बस को अपहरण कर लेगा और ये तब होगा जब चुनाव नजदीक होंगे और इसके पीछे १००% किसी राजनेता का हाथ होगा वरना दस्यु समस्या जीवित ही न रहती....... मानो दस्यु न हुए डायनासोर की तरह कोई लुप्त होती प्रजाति के जानवर हैं...
ये जानकारी डा.अंबिका पटेल(ठोकिया डाकू) तक भी पहुंचा दीजिये उनका खाना खर्चा निकल आयेगा.....
जय जय भड़ास

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) said...

Yogesh Bhaai,
beehad to sada se kamau raha hai, haan ye vishay hai ki kiske liye :-P, daaku kamau rahe hain magar kiske liye, chaliye sarkaar or netaoun ko apna purana kamaugaah yaad aa gaya waisai dakait banaye bhi sarkaar ne or ab hatane ki jugat bhi magar baagi ka koi kya kare.....
prashn to hai or tab aayegee jab beehad se bas gayab....

jay jay bhadas