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27.11.08

कल का ताज और आज का ताजमहल होटल

धधकता ताज महल होटल। आतंकियों ने इस पुराने होटल को अपना निशाना बनाया है।



कुछ माह पूर्व जब मैं मुंबई गया तो ताज में कुछ ऐसी थी रौनक। पर कुछ भी हो ये आतंकी सिर्फ़ जान ले सकते हैं हमारे हौसलों का खून नही कर सकते। उसके लिए अभी और प्रशिक्षण लेने की ज़रूरत है। जय मुंबई जय भारत।

1 comment:

Unknown said...

भाई अमित,
सत्य कहा आपने, हमारे जज्बे को कोई ख़तम नही कर सकता,
जय हिंद
वंदे मातरम्