मित्रो अगर हमें भारत को वास्तव भ्रस्टाचार से मुक्त बनाना है तो केवल दूसरो के भ्रष्टाचार के खिलाफ चीखने चिल्लाने और कानून बनवाने भर से यह कार्य पूरा नहीं हो सकता जब तक सबसे पहले इसकी शुरुवात हम अपने आप से नहीं करते है, आत्मिक रूप से स्वयं को इसके लिए तैयार नहीं करते है.. ।
तो क्यों ना सबसे पहले स्वयं शपथ लीजिये कि....
हम आज से अपने जीवन में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार में ना तो शामिल होंगे ना हीं उसका कारण बनेगे । भले ही उससे हमारा किसी भी प्रकार का हित क्यों न प्रभावित होता हो....।
मै शपथ पूर्वक पूरी तरह से तैयार हूँ......।
पर क्या आप सचमुच पूरी तरह तैयार है ?
या सिर्फ टाइम पास करने के लिए, दूसरो पर रोब डालने के लिए "पर उपदेश कुशल बहुतेरे की तरह से बस " हम अन्ना अन्ना चिल्ला रहे है ।


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