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21.8.11

क्या करें ! जन्माष्टमी भी तीन तीन ! ! ! चलो फिर भी बधायीयाँ ही बधाईयां


तीन तीन जन्माष्टमी ! ! !

जन्माष्टमी की हार्दिक बधाइयाँ 


कृपया जन्माष्टमी के शुभ दिवस पर सभी ब्लोगी भाई बहन 


मेरी तीन तीन शुभकामनायें स्वीकार करें. 

खबर : 

इस वर्ष तीन दिन मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी

देहरादून, , अगस्त 18, 2011 16:11

  
देश में इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी तीन दिनों तक मनाई जाएगी जबकि आम तौर पर तिथि और नक्षत्र को लेकर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव दो दिनों तक मनाया जाता है. विक्रम संवत 2068 के अनुसार इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी आगामी 21, 22 और 23 तारीखों को तिथि और नक्षत्र के आधार पर मनाई जाएगी. इस सिलसिले में उत्तराखंड विद्वत सभा के उपाध्यक्ष भरत राम तिवारी ने बताया कि उपासक अपने अपने योग के अनुसार इस पर्व को मना सकते हैं.
  
तिथि के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी आगामी 21 तारीख को पड़ रही है क्योंकि उसी दिन अष्टमी है जबकि नक्षत्र के अनुसार 22 तारीख को लोग यह पर्व मनाएंगे. अष्टमी की तिथि तो 21 तारीख को पड़ रही है लेकिन रोहिणी नक्षत्र 22 अगस्त से शुरू होकर 23 तारीख तक रहेगा.
  
पंचाग के अनुसार 21 अगस्त को लगभग सवा दो बजे से अष्टमी शुरू हो जाएगी जो 22 तारीख को अपराह्न चार बजे तक रहेगी लेकिन रोहिणी नक्षत्र 22 को दिन में दो बजकर आठ मिनट पर शुरू होगा और 23 तारीख मंगलवार को अपराह्न चार बजकर आठ मिनट तक रहेगा. इसके कारण कुछ श्रद्धालु 23 तारीख को जन्माष्टमी मनाएंगे.
 
 अयोध्या स्थित मणिराम छावनी के श्रीमहांत नृत्यगोपालदास के आदेश पत्र के अनुसार इस वर्ष वैरागी कैंप के श्रद्धालु 23 तारीख को कृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे. वैरागी शिविर के श्रद्धालुओं को पहले ही इस संबंध में बताया जा चुका है. एजेंसी

मेरी व्याख्या : 

कैसा है ये हिंदू धर्म ! 

त्यौहार भी एक नहीं !

मुझे याद है , कुछ साल पहले जब उमा भारती चीफ मिनिस्टर थी , तब भी कोई त्यौहार दो तिथि में आये थे ,  और बड़ा शोर शराबा मचा था .

उनसे टी वी पर पत्रकार ने पूछा , कि ऐसा क्यों ? 

उन्होंने जो जबाब दिया वो आज तक मुझे याद है : 

"इसमें क्या दिक्कत है "

भगवान के भक्तों की हर बात निराली है 

हर दिन दशहरा है , हर रात दिवाली है  


खुशी के मौके तो जितने बढ़ जाएँ उतना ही अच्छा ,

इसलिए ,  

कृपया जन्माष्टमी के शुभ दिवस पर सभी ब्लोगी भाई बहन मेरी तीन तीन शुभकामनायें स्वीकार करें. 

     
  

जब जब होती धर्म की हानि , 

लेता में अवतार , विभिन्न रूपों में 

इसलिए मत भूलो उनको जो तुम्हारे लिए शहीद होने जा रहे हैं : 

    

1 comment:

Dr Dwijendra vallabh sharma said...

bandhu ! ye duniya hai aur vaicharik freedom hai. kuchh log tab janmaashtami manaate hain jab raat 12 baje ke samay ashtami hoti hai jaise aaj 21 ko raat ko ashtami hai . aaj sooryoday ke samay saptami thi.kal 22 ko ashtami hai. kuchh log sooryoday ke samay jab ashtami hoti hai to ashtami manaate hain. lekin 22 ki raat ko ashtami nahi hai. jabki krishn janm ashtami hai.