Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

20.8.11

अकेला चना भाड नहीं फोड सकता


अकेला चना भाड नहीं फोड सकता .................लेकिन भड्भुजे की आन्ख जरुर फोड सकता है



हमारे गांव में इक कहावत मशहुर है अकेला चना भाड नही फोड सकता .  लेकिन पूरी कहावत है
अकेला चना भाड नही फोड सकता .................लेकिन भड्भुजे की आन्ख जरुर फोड सकता है
शायद यही बात लागु होती है अण्णा हजारे के ऊपर काग्रेस ने उन्हे हल्के मे लिया और मूह की खायी काग्रेस के बडे बडे सुरमाओ की क्या
कपिल सिब्बल या बेहुदा दिग्विजय उफ्र दिग्गी राजा , और तो और मनीश तिवारी को तो जैसे सांप ही सूंघ गया , अण्णा की आन्धी में सभी
अन्धे हो गये य बहरे न कुछ सुनाई पड रहा है ना दिखाई दे रहा है देश का भविष्य क्या होगा ये कोई बता नही पा रहा है शायद अण्णा के
अनशन के बाद पता चले की क्या होगा तब तक के लिये.......................

1 comment:

त्यागी said...

अन्ना हजारे जी का आन्दोलन! फायेदा किसका-किसका ??
यदि आन्दोलन की टाइमिंग पर विचार किया जाये तो बहुत से तथ्य स्वम ही स्पष्ट हो जायेंगे. सर्वप्रथम आते है की इस आन्दोलन से लाभान्वित कौन कौन होगा
http://parshuram27.blogspot.com/2011/08/blog-post_20.html