Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

Loading...

: जय भड़ास : दुनिया के सबसे बड़े हिंदी ब्लाग में आपका स्वागत है : 888 सदस्यों वाले इस कम्युनिटी ब्लाग पर प्रकाशित किसी रचना के लिए उसका लेखक स्वयं जिम्मेदार होगा : आप भी सदस्यता चाहते हैं तो मोबाइल नंबर, पता और प्रोफाइल yashwantdelhi@gmail.com पर मेल करें : जय भड़ास :

6.2.09

शब्द छोड़ गया शिल्पी

"आओ, तमाम दुनिया के
साफ़ दिल और दिमाग वाले लोगों,
प्यार की करोड़ मेगाटन ताकत से
घोषणा करो-
कि चमड़ी के रंगों
और पूजा के ढंगों से
इंसान बँट नहीं सकता।"
आइये हम सब मिलकर इन शब्दों के शिल्पी राजेंद्र अनुरागी को अपनी श्रद्धांजली दें.मुझे आज ही ख़बर मिली कि अब वे नहीं रहे.पर क्या वास्तव में ऐसे लोग हमारे बीच में से जा सकते हैं?शब्दों की अमरता उन्हें हमेशा हमारे बीच जीवित रखेगी.आख़िर इन्हीं राजेन्द्रजी ने तो वे कालजयी पंक्तियाँ लिखी थीं-
"आज अपना देश सारा लाम पर है,
जो जहाँ भी है ,वतन के काम पर है...."

No comments: