भूल न जाना अन्ना तुम अपना कारावास ,
पंद्रह दिन गर्दन दबा; भ्रष्टों की रोको साँस ,
मैं भी साथ तुम्हारे हूँ; कर लो अब विश्वास ,
सच का देता साथ मैं; सत्ता न हो जब पास .
शिखा kaushik
अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...
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2 comments:
असल में भाजपा की हालत बडी खराब है, उसे सबसे बडा अफसोस तो ये होगा कि आज जब कि कांग्रेस बुरी तरह से बदनाम हो चुकी है, वह आंदोलन को अपने हाथ में नहीं ले पाई और अन्ना के साथ लोग हो लिए, वह भी गांधीवाद के नाम, जिससे कि भजपा को शुरू से नफरत रही है
thanks tejvani ji for right comment .
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