Bhadas ब्लाग में पुराना कहा-सुना-लिखा कुछ खोजें.......................

28.1.23

ABP Majha’s ‘Majha Maharashtra Majha Vision’ sheds light on state matters

 

Mumbai, January 27, 2023: ABP Majha, Maharashtra’s leading news channel, successfully concluded its highly anticipated event, Majha Maharashtra Majha Vision, at BKC Trident, Mumbai. This one-of-a-kind event saw eminent leaders of Maharashtra present their vision for the state. It was an insightful platform to understand Maharashtra’s potential and the way forward. 

24.1.23

पंजाब की आप सरकार और अफसरशाही में फिर ठन गई

अमरीक-

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और अफसरशाही में एकबारगी फिर जबरदस्त ढंग से ठन गई है। इस बार भी वजह 'दिल्ली वाले' हैं। इस बार मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आला अफसरों के इसलिए आनन-फानन में तबादले कर दिए कि उन्होंने विभागीय राशि को 'प्रचार' के लिए इस्तेमाल करने से साफ इनकार कर दिया और सरकार को कतिपय ईमानदार अफसरों का यह रवैया पसंद नहीं आया। दो दिन के भीतर हुए कुछ तबादले बेहद चर्चा में हैं। इनमें से तो एक रविवार यानी छुट्टी के दिन किया गया। अफसरशाही में जबरदस्त खलबली है और सुगबुगाहट है कि मुख्यमंत्री ने 'ऊपर' के इशारे से मुख्य सचिव को मौखिक आदेश दिए जो मुख्य सचिव की मेज पर पहुंचते ही लिखित में बदल गए। पूरा घटनाक्रम बताता है कि अब राज्य सरकार को तर्क करने वाले और ईमानदारी के साथ फर्ज निभाने वाले आला अधिकारी रत्ती भर भी पसंद नहीं। नीचे के अफसरों को भी रोज ताश के पत्तों की मानिंद फेंटा जा रहा है। सरकार के पक्षधर अधिकारी इसे अपरिहार्य सख्ती बताते हैं, जबकि 'पीड़ित' अफसरों के हमदर्द (सूबे में जो कुछ इन दिनों हो रहा है) इसे अपने किस्म का सरकारी भ्रष्टाचार! चंद दिन पहले ही पीसीएस और आईएएस अफसरों तथा सरकार के बीच तनातनी बढ़ी थी और मुख्यमंत्री के संवैधानिक दबाव में आकर अफसर झुक गए थे। इसकी एक वजह और भी थी कि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और उनके किचन कैबिनेट के सदस्य मीडिया तथा अन्य मंचों से प्रचार करने लगे थे कि सरकार से नाराज हुए अफसर दरअसल दागी अधिकारियों को बचाना चाहते हैं और खुद भी बचना चाहते हैं। लेकिन इस बार मामला दूसरा है। तब जिला स्तरीय अधिकारियों में अपने एक साथी की विजिलेंस द्वारा की गई गिरफ्तारी को लेकर रोष था और वे पांच दिन की सामूहिक हड़ताल पर चले गए थे लेकिन सरकार के दबाव का डंडा उन पर चल पड़ गया और वे काम पर लौट आए। मुख्यमंत्री ने खुद सामने आकर उन्हें नियमानुसार निलंबित करने की धमकी दी थी।         




 फोटो परिचय: मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ,  आईएएस अधिकारी अजोय शर्मा और वीरेंद कुमार शर्मा। 

बसंत का यह 'खूनी' चेहरा भी देखिए!

अमरीक-

शेष देश की मानिंद पंजाब में भी बसंत पंचमी का पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। नए साल के आगाज के साथ ही बसंत का आगमन भी शुरू हो जाता है। जिस दिन आकाश साफ होता है, उस दिन चौतरफा पतंगे ही पतंगे दिखाई देती हैं। गोया बादलों की जगह पतंगों ने ले ली हो। इस बार भी ऐसा ही आलम है। वैसे, बसंत पंचमी 26 जनवरी को है लेकिन इसकी धूम अभी से है। इधर के कुछ सालों में बसंत पंचमी खुशियां ही नहीं, मातम भी दे रही है। पतंगबाजी के लिए होने वाले प्लास्टिक डोर ने कहर बरपा रखा है। प्लास्टिक डोर को पंजाब में 'चीनी मांझा' भी कहा जाता है और इस पर कानूनन सरकारी प्रतिबंध है। लेकिन फिर भी इसका आतंक समूचे सूबे के चप्पे-चप्पे में तारी है। अपने आप में यह आतंकवाद की शक्ल अख्तियार कर चुका है। प्लास्टिक डोर अथवा चीनी मांझे की की चपेट में जो भी आता है, वह गंभीर रूप से जख्मी एवं लहूलुहान हो जाता है। ऐसे-जैसे उस पर नुकीले या तीखे खंजर से बदस्तूर सैकड़ों वार किए गए हों।     









 

22.1.23

दैनिक जागरण के पत्रकार की शिक्षक ने प्रेस काउंसिल में की शिकायत

   

 

 अमृत विचार की टीम ने अखबार वितरकों की सेवा की





रहमान राही: खामोशी से गुजर गया कश्मीर का एक अहम युग

अमरीक-

कश्मीर अक्सर सियासी गतिविधियों और अन्य वजहों से सुर्खियों में रहता है। साल 2023 का पहला पखवाड़ा कश्मीर, कश्मीरियत और समूची अदबी  जमात के लिए बेहद नागवार साबित हुआ। कश्मीर और कश्मीरियत के दिग्गज एवं प्रतिनिधि/समकालीन प्रथम पुरुष साहित्यकार रहमान राही साहब जिस्मानी तौर पर दुनिया से रुखसत हो गए। एक ऐसा खजाना बल्कि बेशुमार खजानें दुनिया को देकर, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी उन्हें तथा कश्मीरियत और उर्दू जबान को हमेशा-हमेशा के लिए जिंदा रखेगा। प्रोफेसर रहमान राही के किए काम के जिक्र के बगैर कश्मीरियत की बाबत कोई भी संदर्भ निहायत अधूरा अथवा बेबुनियाद होगा। कश्मीरी और उर्दू भाषा की ऐसी ही अजीम शख्सियत थे रहमान राही, जिनसे पूरा मुल्क और समूची दुनिया का विशाल साहित्यिक दायरा बखूबी वाकिफ था।  






 

सुब्रत राय की बुद्धि शुद्धि हेतु सुंदर काण्ड पाठ

 2023 में सुब्रत राय सहारा से निवेशकों का भुगतान कराओ... हर तीसरा घर है प्रभावित.... भारत वर्ष की आधी आबादी परेशान...

 

थाली, चम्मच शंख घन्टा बजाकर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया

सीतापुर। संयुक्त किसान मोर्चा के साथ सहारा इंडिया के विरुद्ध निवेशकों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन में आज ग्यारहवें दिन जागरूकता अभियान के तहत ताली थाली और शंख बजाकर दोपहर दो बजे जुलूस यात्रा निकाल कर संगठन की तरफ से विरोध प्रदर्शन किया गया।संयोजक पिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कोरौना महामारी के समय, ताली,थाली व शंख अभियान चलाकर कोरौना पर विजय पाई थी.

 पत्रकारिता की आड़ ले रहा भू माफिया दीपक गुप्ता


Abhishek Shukla
abhidipm.com@gmail.com


खुद को india watch चैनल का बाँदा जनपद का रिपोर्टर बताने वाला दीपक गुप्ता असल में अवैध प्लॉटिंग का कार्य करता है दीपक गुप्ता की शहर में लगभग दर्जन भर साइट हैं जिनमें 6 साइट पर विकास प्राधिकरण नोटिस दे चुका है  और एक साइट का ध्वस्टिकरण कर चुका है। जिस प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया है वहां के ग्राहक अब अपने आप को ढगा हुआ पा रहें हैं

 दादा लखमी- मन पर गहरी लकीर छोड़ती एक फ़िल्म

पंकज सुबीर-

भोपाल के केपिटल मॉल के आईनॉक्स में प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता यशपाल शर्मा द्वारा निर्देशित राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हरयाणवी फ़िल्म 'दादा लखमी' के विशेष शो को  देखने का अवसर मिला। सबसे पहले तो यह कि फ़िल्म भले ही हरयाणवी है लेकिन बहुत अच्छे से भाषा समझ में आ रही थी। इतनी हरयाणवी तो हम दंगल जैसी फ़िल्मों में सुन चुके हैं। फ़िल्म के बारे में क्या कहूँ, ज़्यादा कहूँगा तो लगेगा कि अपने मित्र की प्रशंसा कर रहा हूँ। लेकिन सच कह रहा हूँ कि मैंने बरसों बाद कोई ऐसी फ़िल्म देखी जो पूरे समय बाँध के रखती हो। इतना कसा हुआ निर्देशन, संपादन कि कुर्सी से हिलने का अवसर भी न मिले। यशपाल शर्मा ने अपनी पहली ही फ़िल्म से बहुत बड़ी लकीर खींच दी है। उनके अभिनय का तो मैं हमेशा कायल रहा लेकिन इस फ़िल्म को देख कर मुझे लगा कि उनके अंदर का निर्देशक शायद उनके अंदर के अभिनेता से कहीं ज़्यादा अच्छा है। बहुत चुनौतीपूर्ण है इस तरह की फ़िल्म बनाना और ऐसी बनाना कि दर्शकों को बाँध कर रख ले। आज के दर्शक को, जो कुछ ज़्यादा ही व्यस्त हो गया है। यशपाल शर्मा ने न केवल इस चुनौती को स्वीकार किया है, बल्कि उसे पूरा भी कर के दिखाया है। मेरा बस चले तो इस वर्ष के सारे पुरस्कार इस निर्देशक के नाम लिख दूँ। पिछले वर्ष हिन्दी फ़िल्म उद्योग का सबसे असफल वर्ष रहा है, हिन्दी फ़िल्में एक के बाद एक फ्लाप हुई हैं। हिन्दी फ़िल्म वालों को दादा लखमी देखना चाहिए, उनको समझ आएगा कि दर्शक क्या चाहता है। फ़िल्म हरयाणा में लगातार हाउसफुल चल रही है, जबकि रिलीज़ हुए दो माह से भी ज़्यादा हो चुका है।

 मैनेजमेंट गुरु और पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा बोले- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी विवेक की जगह नहीं ले सकती

मैनेजमेंट गुरु और यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री अभिषेक मिश्रा ने KCCILHE दीक्षांत में छात्रों को बताए सफलता के सही मायने

ग्रेटर नोएडा । हर क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दखल और भविष्य में इससे पैदा होने वाली बेरोजगारी की आशंकाओं के बीच यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री और मैनेजमेंट स्कॉलर अभिषेक मिश्रा ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धि कभी इंसानी विवेक की जगह नहीं ले पाएगी और मेधावी लोगों के लिए यह कभी भी चुनौती नहीं बन सकेगी.

13.1.23

 लोहड़ी का महानायक दूल्हा भट्टी

अमरीक-

लोहड़ी समूह पंजाबी लोकाचार का सबसे बड़ा पर्व है। पंजाबीयत की सांझा विरासत का सशक्त प्रतीक भी। माना जाता है कि लोहड़ी की रात के बाद कड़कड़ती ठंड का सफर ढलान की ओर जाने लगता है। हालांकि यह पक्ष अब ऋतु--चक्र के मिजाज पर ज्यादा निर्भर करने लगा है। फिर भी मान्यता यही है कि लोहड़ी की रात पूरे रस्मों रिवाज के साथ, अग्नि का अतिरिक्त सम्मान करते हुए ठंड को विदाई दी जाती है। पंजाबी पूरे उमंग से इसे मनाते हैं और यह कहकर लोहड़ी की रात खुशहाली की कामना करते हैं कि "इशर (खुशहाली) आए, दलिद्दर जाए/दलिद्दर दी जड़ चूल्हे पाए।" यानी बदहाली पूरी तरह से स्वाहा हो जाए। हर पर्व की तरह लोहड़ी से जुड़े मिथकों के भी कई आयाम हैंं और बदलते युग में खड़ी कुछ पुरातन विसंगतियां भी, जो नवचेतना अथवा वैज्ञानिक चेतना के साथ-साथ रफ्ता-रफ्ता बदल भी रही हैं। इनमें से एक अहम यह कि लोहड़ी पुत्र-जन्म और पुत्र-विवाह का प्रतिनिधि उत्सव भी है। अब पंजाब और इसके आसपास के इलाकों में 'धीओं (यानी बेटियों) की लोहड़ी' के बढ़ते प्रचलन ने इस त्योहार को यकीनन नया अक्स दिया है। इसे बेहतर समझने के लिए लोहड़ी पर्व के लगभग सर्वमान्य इतिहास की तहों में एकबारगी फिर से जाना गैर वाजिब नहीं।

11.1.23

 छेड़छाड़ का आरोपी प्रोफेसर बना एंटी रैगिंग केमेटी का सदस्य

कार्रवाई की जगह बचाने की जद्दोजहद में जुटा विश्वविद्यालय प्रशासन

रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में एक एसोसिएट प्रोफेसर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत की। इसकी शिकायत किए करीब 18 दिनों का समय बीत चुका है। लेकिन आरोपी प्रोफेसर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दूसरी तरफ अपने साथ हुई घिनौनी हरकत से परेशान स्टूडेंट ने अब कॉलेज जाना बंद कर दिया है।

10.1.23

 अवैध संबंधों के चलते बच्चों का पुराना खेल लूडो हुआ बदनाम

अजय कुमार,लखनऊ

मानवता जब भी शर्मसार होती है तो ‘वह’ अपने को बेगुनाह साबित करने के लिए मासूमियत का लबादा ओढ़ लेती है। सभी को याद होगा कि महाभारत काल में जुए में युधिष्ठिर द्रोपदी को हार गए थे! अब  कलयुग में एक महिला अपनी मर्जी से अपने आशिक से लूडो में खुद को हार गई! उसने कृष्ण भगवान को बुलाने के बजाय पति को ही धमकी दी कि वह उसे भूल जाए वरना उस पर पत्नी उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराएगी! दरअसल,उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में भी सामाजिक सरोकारों को बदनाम करने वाली ऐसी ही एक कहानी सामने आई है। जहां एक मकान मालिक और महिला किरायेदार ने अपने नाजायज संबंधों को छिपाने के लिए ऐसा कुचक्र रचा की सदियों से बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय खेल "लूडो"बदनाम हो गया। इस घटना के बाद से घर के बुजुर्गो ने बच्चों को लूडो नहीं खेलने तक की नसीहत देना शुरू कद दी है।

2.1.23

 कितना गिर गया पत्रकारिता का स्तर


भरतपुर । समाज की सेवा तथा समाज और सरकार के बीच सेतु का काम करने वाली पत्रकारिता का स्तर इतना गिर जाएगा शायद ही कभी किसी ने सोचा होगा । जब पत्रकार सड़क पर अपने कंधे पर थैला लटका कर और जेब में कलम लगाकर निकलता था तब लोग उन्हें सलाम करते थे और उनसे अपनी पीड़ा बयां कर मलहम लगाने की आस करते थे । पत्रकार भी उन्हें पूरा सम्मान देते और उनकी समस्या को अपनी कलम के माध्यम से  सरकार तक पहुंचाने में महत्ती भूमिका निभाते थे  ।

1.1.23

OPEN LETTER TO YOGI ADITYANATH : WHY DOES YOUR GOVERNMENT AND POLICE FEEL INSECURE?

 

Respected Yogi Maharaj,

 We were to take out a padyatra during 24-27 December, 2022 from Varanasi to Manduri, Azamgarh in support of a farmers’ movement going on at Manduri since 13 October against a proposed international airport which would involve taking over of 670 acres of land belonging to 8 villages uprooting close to ten thousand people. This padyatra was to mark the completion of 75 days of the daily sit-in observed by mainly women at Khiriya Bagh, an open space in Manduri.

26.12.22

संविधान की मूल आत्मा मानवतावादी: संजय सिंह

 



अंबेडकर नगर।  जलालपुर तहसील अंतर्गत ग्राम हुसैनपुर में सेंटर फॉर हारमोनी एंड पीस द्वारा राइज एंड एक्ट के तहत राष्ट्रीय एकता, शान्ति, सद्भाव एवं न्याय के लिए "भारत की परिकल्पना " विषयक परिचर्चा आयोजित की गई। इस अवसर पर समता मूलक समाज निर्माण का संकल्प लिया गया।

सहारा निवेशकों का शीघ्र भुगतान कराया जाए

 


सीतापुर आज माननीय सांसद व उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी रेखा अरुण वर्मा जी को उत्पीड़ित सहारा निवेशक संघर्ष सीतापुर के अध्यक्ष व संयोजक नवल किशोर मिश्रा द्वारा ज्ञापन सौंपा गया । ज्ञापन में मुख्य मांगे हैं सहारा निवेशकों का शीघ्र भुगतान कराया जाए।

 मैथिली - हिंदी पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए निशांत सम्मानित।



हयाघाट : सामाजिक कार्यों और मैथिली - हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय योगदान के लिए निशांत झा को भाजपा के वरिष्ठ नेता सह पूर्व राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने पाग दोपटा व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

1.12.22

पार्टी विद ए डिफरेन्स से चुनावी उन्माद की गिरफ्त तक का भाजपा का सफर

 Krishan pal Singh-

मैनपुरी लोकसभा सीट  के उपचुनाव के लिये भाजपा ने तगडी व्यूह रचना की थी ताकि सपा की इस पुश्तैनी सीट पर अपनी जीत का परिचम लहराकर करिश्मा स्थापित किया जा सके। अगर ऐसा हो जाता तो विधानसभा के हाल में हुये आम चुनाव में सत्ता छीनने की कोशिश में विफल होने के बाबजूद सीटें बढने से सपा के हौंसले जिस तरह बुलन्द हुये थे उन पर पानी फिर जाता गो कि आजम खांन के गढ रामपुर की लोकसभा सीट न बचा पाने से उसे एक झटका तो लग ही चुका था , मैनपुरी में झटका और लग जाये तो उसकी जो फिजा बन रही थी उसका पूरी तरह सत्यानाश हो जाता ।

संविधान की प्रासंगिकता का मोदी राग

केपी सिंह-

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का न्यूज सेन्स कमाल का है। उन्हें पता है कि भाषण में किस समय क्या बात कहनी चाहिये जो मीडिया की सुर्खी बन जाये और सम्पादक उसी की लीड बनाने के लिये मजबूर हो जायें। फिर भले ही उन्होंने जो कहा उसके लिये खुद ही बहुत गम्भीर न हों। संविधान दिवस के दिन सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश का संविधान आज और भी ज्यादा प्रासंगिक हो गया है। प्रधानमंत्री ने अवसर के अनुकूल संविधान का जो महिमा मण्डन किया उसमें कोई अतिश्योक्ति भी नहीं है। लेकिन इसकी सार्थकता तब है जब उनकी पार्टी और उनके अनुयायी भी इससे सहमत हों। अफसोस के साथ कहना पडता है कि इस मामले में वास्तविकता के धरातल पर स्थिति कुछ और ही नजर आती है।

1.11.22

A strong third quarter lifts gold demand to pre-pandemic levels

The World Gold Council’s latest Gold Demand Trends report reveals that gold demand (excluding OTC) in the third quarter of 2022 hit 1,181 tonnes, up 28% year-on-year. Strong demand pushed the year-to-date total to its pre-COVID levels. Gold demand was bolstered by consumers and central banks, although there was a notable contraction in investment demand.

40% of Indians surveyed have been targeted by a scam when shopping online during the festive season


 

• Over 4 in 5 Indian adults surveyed (85%) admit to risking their personal information or privacy in several ways during the festive season
• 74% of Indian adults surveyed say that spending time online via their connected devices helps their mental well-being during the holiday season

 

India, Delhi – November 1, 2022 – Norton, a global leader in consumer Cyber Safety, today published Indian findings from a global study conducted online in August 2022 among 1,001 Indian adults aged 18+ by The Harris Poll on behalf of NortonLifeLock that explored attitudes towards Cyber Safety and online shopping during the festive season. The report highlights the importance of taking precautions with your personal information online. The findings reveal that all (100%) of those planning to shop during the 2022 festive season expect to do so online, with 61% saying that they expect to do more than half of their festive season shopping online.

The festive season is often a time when many people buy gifts for their family and friends. This holiday season, Indian adults surveyed expect tech-based gifts including smartphones (64%), smart watches (55%), and smart home devices (47%) to be the most sought out gifts. Though only a small minority of adults in India surveyed(8%) plan to buy fewer technology gifts this festive season compared to years past, over 4 in 5 of those planning to buy less tech gifts (84%) say this is due to concerns of rising costs of living and inflation. To help with inflation/the rising cost of living, most Indians surveyed (91%) are likely to take cost cutting measures of some kind this festive season,  which for some includes clicking on a questionable link offering them a good deal on technology products (36%) or a reduced energy bill (29%).

27.10.22

गुजरात चुनाव-2022

शंभु चौधरी-

आगामी माह  गुजरात व हिमाचल प्रदेश  की विधान सभाअसें के चुनाव होने जा रहें हैं। इस बार के चुनाव में इस बार इन दोनों राज्यों में चुनाव त्रिकोणीय  चुनाव होने जा रहा है। मेरे इस लेख को गुजरात चुनाव तक केंद्रित कर लिखने का प्रयास कर रहा हूँ।  जैसा कि आप सभी जानते हैं कि बंगाल में वामपंथी  दलों को शासन 35 साल चलां, लोगों को लगता था कि इनकी जड़ें इतनी मजबूत है कि इसे बंगाल से उखाड़ फैंकना नामुमकिन ही नहीं असंभव भी प्रतित होता है। इसके बावजूद ममता के नये संगठन ने उसे मिट्टी में मिला दिया। आज बंगाल में वामपंथियों को राजनीतिक रूप से नई जमीन तलाशनी पड़ रही है।

6 गुणा अधिक प्रदूषित हुई काशी की आबोहवा

 



जम कर फूटे पटाखों ने फिर बिगाड़ी बनारस की आबोहवा, एक बार फिर जुमला साबित हुआ ग्रीन पटाखा

इंग्लिशिया लाइन, पांडेयपुर, सारनाथ, लहुराबीर बने गैस चेंबर, महमूरगंज और सिगरा रहे तुलनात्मक रूप से साफ़

क्लाइमेट एजेंडा की ओर से हर वर्ष की तरह सातवीं बार इस वर्ष भी दिवाली पर वाराणसी में वायु प्रदूषण की एक विस्तृत रिपोर्ट आज 26 अक्टूबर 2022 को दिन में 1 बजे जारी की गयी. इस रिपोर्ट के अनुसार, बनारस में ग्रीन पटाखे और जिला प्रशासन की ओर से हुई अपील इस बार पुनः बेअसर साबित हुई. कोविड 19 के साथ साथ अन्य श्वसन सम्बन्धी संक्रमण के खतरों के मद्देनजर, बनारस में वायु गुणवत्ता ठीक रखने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष के लिए जारी NGT के दिशा निर्देशों की खुल कर अवहेलना हुई और जिला प्रशासन हर वर्ष की तरह इस बार भी मूकदर्शक बना रहा. रात्री दस बजे के बाद पूर्ण रूप से पटाखा प्रतिबन्ध के लिए जारी आदेश को ताक पर रखते हुए काशीवासियों ने जहां एक तरफ जम कर पटाखे बजाये, वहीं दूसरी ओर इन पटाखों से शहर में पी  एम 2.5, पी एम 10 और वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू एच ओ) , दोनों के ही मानकों की तुलना में काफी खराब हो गया.

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2023 में शामिल होंगे दुनिया के कुछ श्रेष्ठ कहानीकार

कथा लेखन में वो ताकत होती है, जो पाठकों को तुरंत ही एक काल्पनिक जगत में ले जाती है| ये ताकत वास्तव में कहानी कहने की कला में ही निहित है| जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 16वें संस्करण में शामिल होने वाले दुनिया के श्रेष्ठ कहानीकार आपको इसी कला से रुबरु करायेंगे|

14.10.22

इल्तुतमिश ने तोड़ा, मोदी ने संवारा ! महाकाल शिवलिंग की वीरगाथा !!

के. विक्रम राव-

        खोरासान के बटमार मुहिउद्दीन मोहम्मद गोरी के गुलाम कुतुबुद्दीन ऐबक के ही गुलाम शम्सुद्दीन इल्तुतमिश ने करीब नौ सदियां बीते धर्मनगरी उज्जैन को खण्डित किया था, लूटा था। स्वयंभू दक्षिणामूर्ति शिवलिंग को क्षिप्रा नदी में फेंक दिया था। ऐसा ही फरगना के डाकू जहीरूद्दीन बाबर द्वारा श्रीराम जन्मस्थल पर जघन्य प्रहार हुआ था। आलमगीर औरंगजेब के वहशियानापन का शिकार बने विश्वनाथ मंदिर को तो मोदी ने विभूषित किया। भारत ऋणी है। राजा भोज द्वारा पूजित, कालिदास द्वारा महिमा मंडित, बारह लिंगों में से एक शंकर भगवान का यह देवालय जंबुद्वीप में प्राचीन ज्ञान का भण्डार रहा, मेधा का पर्याय और आस्था केन्द्र की धुरी। हिन्दुओं के धैर्य और शौर्य की सीमा अपार थी। अत: स्वाधीनता के बाद दशकों तक वे शांति से सुधार हेतु प्रतीक्षारत रहा। पराधीन प्रजा तो बेबस ही रही थी। आजादी के सात दशकों बाद वोट के लुटेरे, मजहब के दलालों की उदासीनता से ही शासन में लोकास्था डिगी। इस बीच अयोध्या का भी समाधान हो गया है। सोमनाथ को तो सरदार वल्लभभाई पटेल ने पहले ही संवार दिया था, जवाहरलाल नेहरु के जोरधार प्रतिरोध के बावजूद। अत: भला हो नरेन्द्र दामोदरदास मोदी का कि अपने सहप्रदेशीय सरदार पटेल की भांति वे भी तत्पर हुये राष्ट्र गौरव को संजोने के लिये।

इसका नाम मुलायम है जिसका जलवा कायम है!!

के. विक्रम राव-

एक गुत्थी उलझी है, मुलायम सिंह यादव के दिवंगत होने के बाद से। कभी खुलनी चाहिये। सार्वजनिक दर्शन तथा श्रद्धांजलि देने हेतु इस जननायक की शव यात्रा दिल्ली और लखनऊ पार्टी कार्यालय तथा दोनों आवासों से होते हुये जा सकती थी। हजारों चाहनेवाले वंचित रह गये। मेदांता (हरियाणा) से सैफई गांव सीधे ले जाने की तुलना में कुछ समय शायद ज्यादा लग जाता। यूं तो पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हाराव का शव सोनिया गांधी ने कांग्रेस पार्टी मुख्यालय के फाटक के बाहर फुटपाथ पर ही  रखवा कर सीधे हैदराबाद रवना कर डाला था। मुलायम सिंह यादव तो जनप्रिय नायक रहे। फिर आधुनिक युग में तो इतने रसायन उपयोग में हैं कि लम्बे अरसे तक शव को परिरक्षित रखा जा सकता है। अब आमजन जिसके अत्यंत अजीज यह लोहियावादी नेता रहे को महरूम कर दिया गया। अक्षम्य है। गमगीन अधिक कर दिया गया।

12.10.22

औसत से भी नीचे चरित्र की पायदान पर खड़े भारतीय कैसे हों दुनिया के लिए रोल माडल, क्या संघ प्रमुख इसे विचारेंगे

केपी सिंह-

हाल ही में कोलकता में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के दो वयोवृद्ध प्रचारकों की याद में आयोजित कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने देश के प्रत्येक हिन्दू का पूरी दुनिया के लिए रोल माडल के रूप में अपने को तराशने का आवाहन पूरे हिन्दू समाज की गौरव ग्रन्थि को छू गया। किसी कोम के चारित्रिक उत्थान में ऐसे उपक्रम का बड़ा योगदान हो सकता है इसलिए संघ प्रमुख का हिन्दू समाज के सकारात्मक मनोबल बढ़ाने का यह तरीका फलदायक है।

पूंजीवाद का विकल्प हासिल करने के लिए मेहनतकशों के राजनीतिक आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान

विद्यानंद चौधरी-
समाज में जब एक समुदाय की नागरिकता पर हमला होता है और बहुमत इसका समर्थन करता है तो वह खुद अपनी नागरिकता हारने की भी सहमति दे देता है। सवाल वह भी नहीं कर सकता। अधिकार वह भी नहीं मांग सकता। शिक्षा, स्वास्थ, रोजगार, किसानी, मजदूरी, महिलाओं, बच्चों, युवाओं आदि के नागरिक अधिकारों का क्या हाल है? किसने क्या खोया? बहुमत ने कुछ पाया क्या? नागरिकता संपूर्णता में हासिल होती है और संपूर्णता में खत्म भी हो जाती है। विभाजन केवल संपूर्णता में नागरिक अधिकारों को छीनने के लिए, उनके आंदोलनों के अधिकारों को कुचलने के लिए इस्तेमाल में लाए जाते हैं। वास्तविकता यह है कि कट्टरता और उन्माद पूंजीवाद द्वारा एक स्मोक स्क्रीन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। अपने छिनते अधिकारों को न देख नागरिक केवल नफरत और कट्टरता के अंधकार में गुम हो गया है। नशे में वह नफरत के नालियों में गिरा कीड़े की तरह गंदगी में लिपटा खुद को खो चुका है। चेतनाविहीनता की यह स्थिति बहुत खतरनाक है। वह पूंजीवादी अधिनायक को सर्वशक्तिमान समझ खुद निर्बल निरीह जीव बन समर्पण भाव में नतमस्तक खड़ा है। वह नफरती उन्मादी अधिनायक का हथियार बन गया है।

सहायक नगर आयुक्त मथुरा (sdm) राजकुमार मित्तल द्वारा दीपक पत्रकार के साथ मारपीट, गाली गलौज, अभद्रता

दीपक चौधरी- 

सरकारी गाड़ी में पालतू कुत्ते की सैर, फोटो खींचने पर पत्रकार से ही भिड़ गए 'SDM'

मथुरा - सरकारी गाड़ियों का दुरुपयोग कर रहे हैं अधिकारी ,सहायक नगर आयुक्त सरकारी गाड़ी में घूमा रहे थे पालतू कुत्ता , फोटो खींचने पर सहायक नगर आयुक्त ने पत्रकार के साथ जमकर की बदसलूकी ओर गाली गलौज ,किया हाई वोल्टेज ड्रामा

सामाजिक लोकतंत्र को पूर्व शर्त मानने वाले बाबा साहब और डा लोहिया के इरादे क्यों नहीं हुए कामयाब

केपी सिंह-

भारतीय लोकतंत्र की गुत्थियों में बहुत उलझाव है जिन्हें सुलझाना आसान नहीं है। पश्चिम की लोकतांत्रिक महाशक्तियों में इसकी प्रेक्टिस को लगभग पांच दशक का समय व्यतीत हो चुका है तब वहां परिपक्व लोकतंत्र बन सका, जबकि भारत में अभी सत्तर वर्ष से कुछ ही ज्यादा समय गुजरा है लेकिन तब दुनिया एक गांव में नहीं बदली थी। आज संचार की रफ्तार  वैश्विक विमर्श की सघनता कहां से कहां पहुंच चुकी है ऐसे में बदलाव के लिए सत्तर वर्ष का समय भी बहुत होता है। हालांकि भारतीय लोकतंत्र ने कई उत्कृष्ट सोपान भी चढ़े हैं लेकिन कई पहलुओं में यह इतनी विडम्बना का शिकार है कि स्थिति शोचनीय नजर आने लगती है।

बांसवाड़ा में साजिशन दर्ज किए जाते हैं पत्रकारों के खिलाफ मुकदमें

किशन सेन-

जब खेत ही बाढ़ को खाने लगे तो खेत का क्या कसूर यही हाल है वर्तमान में बांसवाड़ा के पत्रकारों का?

देश के  दो बड़े  अखबार के पत्रकारों कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी  क्या अन्य सस्थान के पत्रकारों के लिए मौका देखते है ये आखिर मजबूरी या फिर किसी साजिश का हिस्सा।

गांधी और लोहिया में उतना ही भेद देखता हूँ जितना कि राम और कृष्ण में!

-जयराम शुक्ल

 डा.लोहिया ने गांधी को पढ़ा भगत सिंह को जिया

राजनीति ऐसा तिलस्म है कभी सपनों को यथार्थ में बदल देता है तो कभी यथार्थ को काँच की तरह चूर चूर कर देता है। काँग्रेसमुक्त भारत की सोच डाक्टर राममनोहर लोहिया की थी। 12 अक्टूबर को डा. लोहिया की पुण्यतिथि पड़ती है। एक दिन पहले 11 अक्टूबर को जेपी और नाना जी पैदा हुए थे। आज देश लगभग कांग्रेस मुक्त है पर लोहिया मुखपृष्ठ पर नहीं हैं। 1967 में उत्तरप्रदेश में चरण सिंह चौधरी की सरकार के जरिये लोहिया ने गैरकांग्रेस सरकार की ओर पहला कदम बढाया था जिसे  दस साल बाद 77 में जयप्रकाश नारायण और नाना जी ने परिणति तक पहुँचाया।

समाचार प्रकाशन पर मुझे गलत कांड में फंसाने के संबंध में

 सेवा में,

पुलिस महानिदेशक,
बिहार, पटना

विषय :- समाचार प्रकाशन पर मुझे गलत कांड में फंसाने के संबंध में

हाईटेक पत्रकारिता में बिजनेस प्रोडक्ट हुई खबरें

सुधीर अवस्थी परदेसी-

पत्रकारिता महज एक काम नहीं बल्कि मिशन रही है। इस क्षेत्र में आने वाला शख्स अपना सब कुछ दांव पर लगा कर पत्रकार कहलाता है। बिल्कुल इस बात को कहने में संकोच नहीं कि वर्तमान समय में हाईटेक पत्रकारिता में साधन सुविधाएं बढ़ीं पत्रकारिता आसान हुई लेकिन पत्रकारिता का स्तर गिरता नजर आ रहा है।

बधाई हो! भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले शतक बना सकता है

पैट्रोलियम पदार्थ जनवरी के बाद 85 डॉलर से नीचे, फिर भी महंगाई बढ़ेगी क्योंकि रुपया कमजोर हो रहा है
अडाणी-अम्बानी की खुशियां भारतीयों के कंधों पर बोझ

10.10.22

संघ प्रमुख का संबोधन हिन्दू समाज के रूढ़िवादी तबके को झकझोरने वाला है!

केपी सिंह-
जातिगत भेदभाव से खंडित होते रहे हिन्दू समाज की हाल में कायम हुई जोरदार राजनैतिक एकता को बनाये रखने के क्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दलितों के तिरस्कार को खतम करने को लेकर एक बार फिर क्रांतिकारी स्तर का वक्तव्य जारी किया है। नागपुर में एक पुस्तक के विमोचन समारोह के अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जाति व्यवस्था और वर्ण व्यवस्था अतीत की बातें हो चुकी हैं। अब इन अवधारणाओं को खारिज करना ही बेहतर होगा। उन्होंने ब्राह्मणों से उनके पूर्वजों द्वारा दलितों के साथ किये गये व्यवहार के लिए माफी मांगने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे उनके नीचे देखने का सवाल नहीं है क्योंकि सभी के पूर्वजों ने अतीत में गल्तियां की हैं जिनका प्रायश्चित होना चाहिए।

न्यूज चैनल में ऐसी गलती प्रसारित हो जाने पर दर्शक दांतों तले उंगलियां दबा लेते हैं..

देखिए इंडिया न्यूज का कमाल... क्या सोचकर ऐसे न्यूज बनाते हैं इंडिया न्यूज के कर्णधार ?? देखें स्क्रीनशाट...

ज्ञानवापी सहित जिन 40 हजार मंदिरों को कानूनी लड़ाई लड़कर वापस लेंगे और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाएंगे : हरिशंकर जैन

सुरेश गांधी

वाराणसी। हिन्दुस्तान के सीनियर अधिवक्ता एवं बाबा विशेश्वरनाथ को पुनः स्थापित करने की लड़ाई लड़ रहे हरिशंकर जैन ने बिना किसी लाग-लपेट के खुलेअंदाज में कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है।  इसके लिए हम हर लड़ाई लड़ रहे हैं। खासकर देश के जिन 40 हजार मंदिरों को तोड़कर उन पर कब्जा किया गया है उन्हें कानूनी लड़ाई लड़कर वापस लेना भी है असल मकसद। यह बातें वे शनिवार को होटल कैस्टीलो में आयोजित पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं विचारक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ, कश्मीरी पंडित सुशील पंडीत, पूर्व कर्नल आरएसएन सिंह व ट्रस्ट इंडिया फाउंडेशन के अनिल यादव आदि मौजूद रहे। बता दें, ये प्रखर राष्ट्रवादी विचारक 9 अक्टूबर को ट्रस्ट इंडिया फाउंडेशन व रोटरी क्लब आफ वाराणसी नार्थ के तत्वावधान में रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर में आयोजित भारत राष्ट्र के सामने चुनौतियां और समाधान विषयक संगोष्ठी में भाग लेने वाराणसी आएं हैं। संगोष्ठी का मकसद देश की संस्कृति और सभ्यता को लेकर आ रही चुनौतियों पर चर्चा व उसका समाधान निकालना है।

3.10.22

ABP News-CVoter opinion poll on caste factor in upcoming Gujarat polls

 
• What is the mood of caste in this upcoming Gujarat polls?
• What does the Patidar of Gujarat has to say?
• Which way will the Hindu voters swing?
• Are the muslim votes getting divided?

 

New Delhi, October 3rd, 2022: According to the ABP News-CVoter (Centre for Voting Opinion & Trends in Election Research) opinion poll, the ruling BJP (BharatiyaJanata Party) is predicted to win the elections for a record seventh time since 1995, in Gujarat. The BJP is anticipated to win between 135-143 seats, which would represent a significant gain from its 2017 total tally of 99 seats.

"हिंद स्वराज" का विमोचन किया एक गरीब मूर्तिकार ने

 



महात्मा गांधी की 153 वीं जयंती के ऐतिहासिक मौके पर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नगर कोरबा में पत्रकार संपादक सुरेशचंद्र रोहरा के संयोजन में महात्मा गांधी दर्शन, मानिकपुर संस्थान द्वारा गांधी जी की 122 साल पहले लिखी गई बहुचर्चित पुस्तक "हिंद स्वराज" का प्रकाशन किया गया था जिसका विमोचन  एक गांधी जी की मूर्तियां बनाने में समर्पित मूर्तिकार कृष्णा सहिस और छत्तीसगढ़ के गांधी कहे जाने वाले वयोवृद्ध गांधीवादी बोध राम कंवर पूर्व विधायक द्वारा किया गया।

25.9.22

योगीराज में निष्पक्ष पत्रकार के साथ ये कैसा सलूक?

 रदोई के पत्रकार हरिश्याम बाजपेई को सच लिखने की बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है

16.9.22

वीपी सिंह को खलनायक मानने वाले चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया की नियुक्ति पर चुप क्यों है?

सौरभ सिंह सोमवंशी, लखनऊ।

मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने के बाद अर्थात अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 फ़ीसदी आरक्षण का प्रावधान करने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजा मांडा विश्वनाथ प्रताप सिंह जब दोबारा1991 में फतेहपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए गए तब वहां के तमाम सारे क्षत्रिय समुदाय के लोग उनसे नाराज बताए गये, तब विश्वनाथ प्रताप सिंह ने अपने लोगों से एक संदेश भिजवाया और कहा कि मुझे वोट दें या ना दें परंतु मैं एक बार अपने भाइयों से मुलाकात करना चाहता हूं।

13.9.22

कवि केवल देता है कुछ लेता नहीं- कहानीकार राजेन्द्र राव

अवनीश यादव-

काव्य संग्रह अंतिम विकल्प से पहले के लोकार्पण समारोह में बोले, दिल्ली से आये कवि ओम निश्चल बोले नया प्रयोग हैं आस्था की कविताएं        


बिल्हौर। प्रेस क्लब बिल्हौर के तत्वाधान में राम सहाय इंटर कालेज, बैरी शिवराजपुर की प्रधानाचार्य श्रीमती आरती "आस्था" के काव्य संग्रह "अंतिम विकल्प से पहले" का लोकार्पण कानपुर के नवीन नगर काकादेव स्थित एक गेस्ट हाउस में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ उपन्यासकार राजेंद्र राव ने की। मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली से आए वरिष्ठ आलोचक व कवि डा0 ओम निश्चल, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कथाकार,कवि व लेखक श्री कृष्ण बिहारी और वी0एस0एस0डी0 कालेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष वरिष्ठ कवि डा0 पंकज चतुर्वेदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अनीता मिश्रा ने किया।

पद्मश्री दिलीप वेंगसरकर ने स्कूली क्रिकेटरों के लिए 'इंडियन स्कूल्स बोर्ड फॉर क्रिकेट' की विधिवत घोषणा की

हैदराबाद: एक नए नेशनल क्रिकेट बोर्ड 'इंडियन स्कूल्स बोर्ड फॉर क्रिकेट'(आईएसबीसी)(ISBC )की शुरुआत की गई।आईएसबीसी एक गैर-लाभकारी संगठन है,जोकि पूरे भारत में युवा क्रिकेट प्रतिभाओं की तलाश और प्रशिक्षित करेगी,खास करके ग्रामीण इलाकों में छुपी और होनहार प्रतिभाओं को नया भविष्य और मौका देगी। जिसकी घोषणा के लिए हैदराबाद के होटल ताज कृष्णा में सोमवार १२ सितंबर २०२२ को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। जिसकी घोषणा और बोर्ड की जानकारी भारतीय क्रिकेट के दिग्गज, पूर्व कप्तान,मुख्य चयनकर्ता तथा इस बोर्ड के मुख्य सलाहकार पदमश्री दिलीप वेंगसरकर द्वारा किया गया। इस अवसर पर बोर्ड के फाउंडर व सीईओ सुनील बाबू कोलनपाका,अध्यक्ष अंकेश राठौर, सेक्रेटरी पदम राज पारख तथा बोर्ड के सभी पदाधिकारी व सदस्यों ने उपस्थित रहकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और कार्यक्रम को सफल बनाया।

हिन्दी बने राष्ट्र भाषा

डॉ. सौरभ मालवीय-

“हिन्दी संस्कृत की बेटियों में सबसे अच्छी और शिरोमणि है।“

ये शब्द बहुभाषाविद और आधुनिक भारत में भाषाओं का सर्वेक्षण करने वाले पहले भाषा वैज्ञानिक जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन के हैं। नि:संदेह हिन्दी देश के एक बड़े भू-भाग की भाषा है। महात्मा गांधी ने हिन्दी को जनमानस की भाषा कहा था। वह कहते थे कि राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है।

स्विगी ने अपने डिलिवरी एग्ज़ीक्यूटिव्‍स और उनके बच्चों की शिक्षा एवं विकास के लिए लॉन्च की "स्विगी स्किल्स एकेडमी"


•    यह ऑनलाइन एकेडमी डिलिवरी पार्टनर ऐप पर उपलब्ध होगी, जिसमें अंग्रेज़ी बोलने, आईटी, पर्सनल फाइनेंस, और कंप्यूटर स्किल्स से जुड़े जरूरी कोर्स उपलब्ध होंगे

•    यह कार्यक्रम डिलिवरी पार्टनर्स की पढ़ाई पूरी करने में मदद करेगी

•    डिलिवरी पार्टनर्स के 24,000 से ज़्यादा बच्चे बेहतर गुणवत्ता वाले ऑनलाइन शैक्षणिक कॉन्टेंट के लिए पहले से साइन अप कर चुके हैं

•    स्विगी ने शिक्षा और विकास संबंधी इस अवसर को उपलब्ध कराने के लिए ‘ रीड अलॉन्ग बाई गूगल’ और ‘ खान एकेडमी’ से साझेदारी की है

मुकेश अंबानी ने जगदीश चंद्रा के नए लांच नेशनल हिंदी न्यूज चैनल ‘भारत24’ में 33 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी!


 

एक बड़ी चर्चा मीडिया मार्केट में है. डाक्टर जगदीश चंद्रा के नेतृत्व में लांच हुए नए नेशनल न्यूज चैनल भारत24 में अंबानी ने इनवेस्टमेंट किया है. बताया जा रहा है कि 33 प्रतिशत स्टेक मुकेश अंबानी ने लिया है और अब वे इस चैनल के सबसे बड़े हिस्सेदार हैं.

9.9.22

पार्शियल नी-रिप्लेसमेंट अर्थराइटिस मरीजों के लिए बना वरदान


 वाराणसी. जोड़ों और हड्डियों की समस्याओं में ऑस्टियोअर्थराइटिस दूसरी सबसे कॉमन प्रॉब्लम है. सिर्फ जोड़ों से जुड़ी दिक्कतों की बात की जाए तो भारत में ऑस्टियोअर्थराइटिस बहुत ही आम समस्या है और 40 फीसदी लोग इससे पीड़ित होते हैं. ऑस्टियोअर्थराइटिस भी अर्थराइटिस का ही एक रूप है जिसमें एक या उससे ज्यादा ज्वॉइंट्स के कार्टिलेज को अचानक नुकसान पहुंचता है. कार्टिलेज, प्रोटीन की तरह का एक पदार्थ होता है, जो हड्डियों के जोड़ों के बीच कुशन यानी तकिये का काम करता है. ऑस्टियोअर्थराइटिस एक ऐसी समस्या है जो किसी भी ज्वॉइंट को प्रभावित कर सकता है और ये आमतौर पर हाथों, घुटनों, कूल्हों और रीढ़ में होता है. जोड़ों के दर्द की समस्या कोई हल्की नहीं है, इसके कारण इंसान को ठीक से चल पाने में कठिनाई होती है, सीढ़ियां चढ़ने में मुश्किल होती है, साथ ही घुटनों को मोड़ना भी दर्दनाक बन जाता है. घुटनों पर सूजन भी आ जाती है.

4.9.22

हर निजी संस्थान में श्रमिक संगठनों को जिंदा कैसे करें

श्रम विभाग में संगठन न होने और हर माह बैठक न होने की करें शिकायत

प्राइवेट संस्थानों में शोषण का मुख्य कारण है श्रमिक संगठनों का न होना। वैसे कागजों में हर उद्योग में श्रमिक संगठन होता है और उसकी नियमित बैठक भी होती है लेकिन यह फर्जी होता है। यह मालिक का एक कूटरचित संगठन होता है।

गुरु बिन ज्ञान न उपजै

-डॉ. सौरभ मालवीय

हमारे जीवन में गुरु अथवा शिक्षक का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। गुरु ज्ञान का भंडार होता है। वह हमें ज्ञान देता है, हमारा पाठ आलोकित करता है। ज्ञान वह अमूल्य वस्तु है, जिसे कोई चुरा नहीं सकता। ज्ञान ऐसा कोश है, जिसमें से जितना व्यय करो वह उतना ही बढ़ता जाता है। गुरु ही हमारे जीवन का मार्गदर्शन करता है। हमारे जीवन को दिशा प्रदान करता है। हमारी प्राचीन गौरवशाली भारतीय संस्कृति में गुरु को अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान प्रदान किया गया है। हमारे वेदों, पुराणों, उपनिषदों, रामायण एवं गीता आदि में गुरु की महिमा का गुणगान किया गया है। भारतीय संस्कृति में गुरु को भगवान के समान पूज्य माना गया है।    

गोर्बाचोव नायक या खलनायक

Krishan pal Singh-

अमर उजाला में पिछले कुछ समय से रविवार को न्यूयार्क टाइम्स के किसी एक लेख को अनुदित करके प्रकाशित करने का जो क्रम चलाया है वह हिन्दी समाज के जिज्ञासु वर्ग के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है। इससे बाहर की दुनिया के घटनाक्रम और समाज के कई अछूते तथ्यों से अवगत होने का अवसर अमर उजाला के प्रसार क्षेत्र के हिन्दी पाठकों को मिला जाता है। जिन्हें प्राय हिन्दी अखबार बौद्धिक तौर पर कुएं के मेढ़क की नियति में धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

हरि रूठे गुरु ठौर है,गुरु रूठे नहीं ठौर!

डॉ. शंकर सुवन सिंह

शिक्षक समाज का दर्पण होता है। समाज में व्याप्त बुराइयों को कुचलने में शिक्षक की अहम् भूमिका होती है। एक आदर्श शिक्षक अपनी लेखनी द्वारा समाज को जाग्रत करता है। एक शिक्षक को भिन्न भिन्न नामो से जाना जाता है। जैसे- टीचर, अध्यापक, गुरु, आचार्य,आदि। भविष्य की नई राह दिखाने वाले को शिक्षक कहते हैं। शिक्षक संकटों से उबारता है। शिक्षक के अंदर क्षमा करने का गुण होता है। गुरु शिष्य परंपरा में गुरु विद्यार्थियों की कमजोरियों को दूर कर उनको सफलता के चरम शिखर पर पहुँचाता है। तभी तो  कृष्ण और अर्जुन जैसी गुरु शिष्य परम्परा को जीवंत रखने वाला भारत विश्व गुरु कहलाया।

1.9.22

कराटे में चीन और ब्राजिल को हराने वाली गोल्डन विजेता बेटी का पिता भाजपाई साहूकार से हारा

Ramkishore Dayaram Pawar

 

अमानत के बतौर रखी 55 क्विंटल सोयाबीन बेचने के बाद कर्ज के ब्याज न देने पर दी किसान को धमकी

बैतूल : वर्ष 2016 में 45 क्विंटल सोयाबीन को गिरवी (अमानत) रख कर एक लाख 20 हजार का 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याजदर से कर्जा लेने वाले किसान ओमकार चोपडे को साहुकार एवं भाजपा नेता  प्रवीण गुगनानी ने जान से मारने की धमकी दी है। मां - बहन की गंदी - गंदी गालिया देने वाले भाजपा नेता प्रवीण गुगनानी ने उस किसान की उसके वेयर हाऊस में रखी 45 क्विंटल सोयाबीन को भी बिना उसकी मर्जी के बेच दिया। अपनी कराते की खिलाडी बेटी को आगरा में हुई अंतराष्ट्रीय चैम्पीयनशीफ में भाग लेने के लिए साहुकार से कर्जा लिया। बेटी ने ब्राजील और चीन को हरा कर देश के लिए गोल्ड मैडल तक जीत लिया। गोल्डन गर्ल का किसान पिता आज तक साहुकार के दंश से ऊबर नहीं पाया और उसे जब साहुकार जरूरत से ज्यादा परेशाान करने लगा तो उसने इस माह 20 अगस्त 2022 को प्रवीण गुगनानी पिता दातारात गुगनानी के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को जान माल की सुरक्षा के लिए एक आवेदन पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई।

23.8.22

आबकारी नीति से हुआ था 24 हजार करोड़ का नुकसान, ठंडे बस्ते में रिपोर्ट

Gagan mishra-


लखनऊ: दिल्ली में नई आबकारी नीति में हुए कथित भ्र्ष्टाचार को लेकर हंगामा बरपा हुआ है. सीबीआई ने तेजी दिखाते हुए इस मामलें में एफआईआर दर्ज करने से लेकर छापेमारी तक की है. लेकिन यूपी में आबकारी नीति में जानबूझ कर अनदेखी करने के चलते 24 हजार करोड़ से ज्यादा के नुकसान पर आई कैग की रिपोर्ट के 3 साल बाद भी मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है. जबकि रिपोर्ट में साफ कहा गया था कि सरकार इस नुकसान की जांच करा कर उनकी जिम्मेदारी तय करें जिन्होंने शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाया था. 3 साल से रिपोर्ट के ठंडे बस्ते में पड़े होने पर विपक्ष सवाल उठा रहा है.

भारतीयता मनुष्‍य बनाने की है प्रक्रिया : प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल

‘भारतीय ज्ञानपरंपरा और विचारक’ पर पुस्तक-वार्ता का आयोजन

वर्धा : भारतीयता मनुष्‍य बनाने की प्रक्रिया है। भारतीयता पश्‍चाताप जैसी अवधारणा को स्‍वीकार नहीं करती है। भारतीय परंपराएं प्रायश्चित की बात करती है। हमें भावी पीढ़ी को जीने लायक धरती देनी है तो वर्तमान पीढ़ी को इस विकास की अंधी दौड़ से अलग होकर आवश्‍यक प्रायश्चित करने पड़ेंगे। उक्‍त विचार कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने व्‍यक्‍त किये। वे महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में प्रकाशन एकक द्वारा विश्‍वविद्यालय के रजत जयंती वर्ष में ‘पुस्तक-वार्ता श्रृंखला’ के अंतर्गत 18 अगस्त को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ द्वारा ‘हजारी प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार’ से सम्मानित कृति ‘भारतीय ज्ञानपरंपरा और विचारक’ पर आयोजित पुस्तक-वार्ता कार्यक्रम के दौरान अध्‍यक्षीय वक्‍तव्‍य देते हुए बोल रहे थे।

22.8.22

नगर निगम के वाटर एटीम बने सफेद हाथी, आखिर क्यों साहब की नज़र यहां नहीं जाती

 



अलीगढ़ । नगर निगम अलीगढ़ के प्रवेश द्वार (दीवानी न्यायालय ) के ठीक सामने लगी  वाटर ATM  मशीन लम्बे समय से खराब है और नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी व मेयर आंखों पर पट्टी बांधे बैठे हैं।आज राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व जिला मीडिया प्रभारी व पूर्व महापौर प्रत्याशी अलीगढ़ रहे प्रतीक चौधरी एडवोकेट ने अलीगढ़ के मंडल अध्यक्ष डॉ इरफान खान के साथ वाटर एटीएम मशीन का निरीक्षक करने पहुंचे ।

Can society prohibit unmarried people from renting a house?

 Adv. Sanjay Pandey-

In many places, bachelors are found to be very cordial. Also, renting to bachelors is more beneficial to the flat owner as they are willing to pay more by splitting the expenses among themselves. But housing societies in cities often rule that no landlord can give a house to an unmarried man or woman on the pretexts – 'Bachelors have a bad experience, bring girls or boys, drink alcohol, party late into the night or argue with security guards, may be criminals, etc.' are made. Flat owners generally have a perception that if a family lives in the flat, they will take better care of the flat. Moreover, there will be no complaints from society and neighbors

फ़िरोज़ाबाद में चल रही है 'इंडिया टीवी ट्रैवल्स'

फिरोजाबाद जिले में दर्जनों चार पहिया गाड़ियां हैं जिन पर इंडिया टीवी का स्टीकर लगा हुआ है. लेकिन यह सभी गाड़ियां ट्रैवल एजेंसी पर चलती हैं.

18.8.22

छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों की पाती मुख्यमंत्री के नाम

आदरणीय मुख्यमंत्री जी..

सवाल डीए एचआरए का नहीं है, सवाल है जनतांत्रिक मूल्यों का। आप जिस तरह से सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं यह लोकतंत्र में चिंताजनक है आप अकेले नहीं हैं इस व्यवस्था में बल्कि विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका मिलकर आप पूर्ण होते हैं और किसी भी जनतांत्रिक व्यवस्था में अंतिम अधिकार जनता के पास ही सुरक्षित है।वर्तमान परिदृश्य में अगर बात करें तो आप मनमानी करने की कोशिश कर रहे हैं जो कहीं से भी लोकतांत्रिक नहीं है मैं नहीं जानता कि आपके सलाहकार कौन हैं पर संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को इतना तो अवश्य पता होना चाहिए कि संविधान की आत्मा "हम भारत के लोग'' आत्मार्पित और अंगीकृत किए हुए हैं वहाँ मनमानी करने की गुँजाइश नहीं है।

15.8.22

हाय उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था

 राहुल अवस्थी:- उन्नाव उत्तर प्रदेश

उन्नाव:- शिक्षा के सार्वभौमिक विकास का सपना देखने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी यदि आज जीवित होते तो सरकारी स्कूलों में कक्षा ६ में पढ़ाई जाने वाली इस इतिहास की किताब को देखकर अवश्य रो रहे होते २००१ में सर्व शिक्षा अभियान की शुरुआत हुई थी, जिसमें भारत भर में व्यापक पैमाने पर प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्रथमिक विद्यालय खोले गए थे उद्देश्य था भारत में जन्म लेने वाले हर बच्चे को शिक्षित बनाना इसलिए संविधान में 86 वां संशोधन भी किया गया.....लेकिन आज की मौजूदा स्थिति कुछ और ही बयां कर रही हैं. 

10.8.22

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ: एक वर्षीय डिग्री पर बन गए प्रोफेसर

वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शारीरिक शिक्षा विभाग एवं योग के विभागाध्यक्ष एवम् शिक्षा संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो0 सुशील कुमार गौतम की नियुक्ति महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ द्वारा निर्गत विज्ञापन संख्या- 1/2002 के माध्यम से शारीरिक शिक्षा विभाग एवम् योग में प्राध्यापक पद पर की गई।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी की परिनियमावली के अनुसार प्राध्यापक पद पर नियुक्ति हेतु न्यूनतम अर्हता द्विवर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम का होना अनिवार्य था।

दबंगों ने निर्धन दलित की बाटी चोखा की दुकान तोड़ी!

 






असहाय महिला समेत बच्चों को जातिसूचक गालियां दी...

शिकायतकर्ता को दी जान से मारने की धमकी..

लखनऊ । दबंगों द्वारा निर्धन हरिजन की दुकान तोड़ने व हाथापाई करने का मामला प्रकाश में आया है। मिली जानकारी के अनुसार फिनिक्स मॉल गेट नंबर 3 ,नागिया प्लॉट सेक्टर बी , एलडीए कॉलोनी में कई वर्षों से एक गरीब हरिजन परिवार द्वारा बाटी चोखा की दुकान का संचालन किया जा रहा था। नगर निगम द्वारा उक्त दुकान के स्वामी कमलेश को दुकान चलाने के संबंध में एक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। रविवार के दिन 1:00 बजे भूमाफिया अनूप मिश्रा व उसके दर्जनों गुर्गो द्वारा कमलेश की दुकान पर धावा बोल दिया गया। इसी दौरान जब कमलेश की पत्नी ने दबंग अनूप मिश्रा व उसके बहनोई को दुकान तोड़ने से मना किया तब वह असहाय महिला को भद्दी- भद्दी जातिसूचक गालियां देने लगा, और उसके तीन मासूम बच्चों व उसके पति के साथ हाथापाई करने लगा। और बेसहारा हरिजन की दुकान का सामान, कुछ नकदी व मोबाइल लेकर फरार हो गए।  कमलेश द्वारा उक्त गुंडों की वीडियो भी उसी मोबाइल में कैद हो गई है।

KAPIL SIBAL’S STATEMENT ABOUT INDIAN JUDICIARY IS "CONTEMPTUOUS" : DR ADISH C AGGARWALA



 
New Delhi  : All India Bar Association (AIBA) has termed "contemptuous" the statement of former Union Minister for Law & Justice Kapil Sibal lamenting that he has lost hope in the Indian judiciary.

इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल-2022 के विरुद्ध देशव्यापी आंदोलन का वर्कर्स फ्रंट ने किया समर्थन

 लखनऊ ।  

        इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल-2022 के विरोध में बिजली कामगारों के देशव्यापी आंदोलन का वर्कर्स फ्रंट ने समर्थन किया है। सोनभद्र में वर्कर्स फ्रंट अध्यक्ष दिनकर कपूर,  युवा मंच संयोजक राजेश सचान और फिरोजाबाद में वर्कर्स फ्रंट के उपाध्यक्ष इंजीनियर दुर्गा प्रसाद बिजली कामगारों के आंदोलन व कार्य बहिष्कार में शरीक हुए। प्रेस को जारी बयान में वर्कर्स फ्रंट प्रदेश अध्यक्ष दिनकर कपूर ने कहा कि विधेयक के पारित होने से न सिर्फ बिजली दरों में बेहताशा बढ़ोत्तरी तय है बल्कि देश में लाखों कर्मचारियों की नौकरी को भी खतरे में डाला जा रहा है। 
 
वास्तव में विधेयक का मकसद पब्लिक सेक्टर के डिस्कॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को मुफ्त में ही कारपोरेट कंपनियों के हवाले करने और मुनाफाखोरी व लूट को सुगम बनाने के अलावा अन्य कुछ नहीं है। इसीलिए विधेयक के औचित्य को सही ठहराने के लिए सरकार द्वारा दिया जा रहा तर्क कि टेलीकॉम कंपनियों की तरह  च्वॉइस का विकल्प मिलने से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलेगी पूरी तरह से गुमराह करने वाला है। दरअसल टेलीकॉम नेटवर्क की तरह बिजली नेटवर्क संभव नहीं है क्योंकि इसमें सभी कंपनियों द्वारा एक ही उपलब्ध नेटवर्क का ही उपयोग किया जायेगा। 

3.8.22

अंग्रेजी हुकूमत का झंडा फाड़ने और थाना फूंकने की सज़ा भोगनी पड़ी थी धौलाना के क्रांतिकारियों को

 चेतन आनंद-

आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष लेख-

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान फिरंगियों का यूनियन जैक झंडा फाड़ने और सरकारी थाना फूंकने की सज़ा भोगनी पड़ी थी धौलाना कस्बे के क्रांतिकारियों को। गुस्साये फिरंगियों ने 14 क्रांतिकारियों को सरेआम पीपल के पेड़ पर लटकाकर फांसी दे दी थी और पूरा कस्बा ज़ब्त कर उसे आर्थिक संकट की भट्टी में झोंक दिया था। आज भी धौलाना कस्बे में क्षतिग्रस्त हालात में मौजूद सरकारी थाना और शहीद स्मारक क्रांतिकारियों के हौसलों की याद ताज़ा किए हुए हैं। चित्तौड़ में बप्पा रावल का राज्य स्थिर व विस्तृत हो चला था तो अजमेर में चौहान व दिल्ली में तोमर राजपूतों ने पैर पसार लिए थे। ऐसे में चित्तौड़ के रावल खुम्मान तृतीय के दो छोटे पौत्र हस्तराज सिंह और बच्छराज सिंह अपनी सेना समेत सन् 903 ई. में चित्तौड़ छोड़कर दिल्ली आए और फिर ग़ाज़ियाबाद के देहरा गांव के निकट अपना डेरा जमा लिया। बच्छराज सिंह की सातवीं पीढ़ी में तीन भाई हुए राणा सहजपाल सिंह, राणा जसपाल सिंह व राणा भंवरपाल सिंह। राणा जसपाल सिंह के चार पुत्र हुए मदनपाल सिंह, राणा चांद, राणा गंधर्वसेन व राणा सीध सिंह। मदनपाल सिंह ने देहरा गांव से चलकर धौलाना कस्बा आबाद किया, जिसमें 11 गांव ठाकुरों के निकाले गए। बताते हैं कि मेवाड़ से राजपूत यहां इसलिए आकर रहे कि यहां पशुओं के लिए पर्याप्त चारा-पानी था। यहां ‘रेत’ का जंगल भी बताया जाता है। यहां अक्सर धूल भरी आंधियां चला करती थीं। संभव है कि धूल भरी आंधियां चलने से ही इसका नाम धौलाना पड़ा है। एक ज़माने में धौलाना मुगलों की तहसील भी रहा है।

30.7.22

अस्पताल की खबर बनाने पर पत्रकार के खिलाफ मुकदमा

 
-पीड़ित पत्रकार ने पीसीआई अध्यक्ष को भेजी लिखित शिकायत
-पीसीआई सदस्य श्याम सिंह पंवार ने खबरों के आधार पर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर न्यायसंगत कार्यवाही करने की बात कही
-पीड़ित पत्रकार विशाल सिंह ने आईजी से मिलकर न्याय की लगाई गुहार

28.7.22

सहारा इंडिया की नेटफ्लिक्स गाथा

 प्रवीण झा-

सहारा इंडिया की नेटफ्लिक्स गाथा में एक बहुत ही स्पष्ट बात जो कही है, वो यह कि सुब्रत रॉय लोगों के दिल से जुड़ गए थे। वह गरीबों के विवाह में मदद कराते थे, सभी इम्प्लॉई का खयाल रखते थे, दानवीर थे आदि। यह बात ग़लत भी नहीं है। सहारा का नाम अमीर भले न लें, गरीब जरूर लेंगे। एक पीढ़ी को पढ़ाने-लिखाने से नौकरी तक पहुँचवाने में सहारा का सहारा मिला है। यह बात वे नहीं जानते, जिनके पास कागज-पत्तर है, या निवेश के तमाम साधन हैं। सहारा पर शोध करने वाले तक ने कहा कि आज तक सहारा का एक भी चेक बाउंस नहीं किया।

17.7.22

भास्कर में छप रही एक-दो साल पुरानी खबरें


राजस्थान में दैनिक भास्कर की टीम मॉनसून के बादलों का पीछा कर रही है। लगता है देश में नंबर वन आने की होड़ में भास्कर के पास खबरों का अकाल पड़ गया है। तभी तो अखबार में लगातार पुरानी खबरें छप रही है। इसी खबर को देख लो। राजस्थान के ब्यावर संस्करण में यह खबर 14 जुलाई 2022 को छपी है। केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की यही खबर 9 फरवरी, 2021 को अमर उजाला छाप चुका है। इसी दिन भदैनी मिरर वेबसाइट पर भी यह खबर लग चुकी है। भड़ास के जागरूक पाठक ने हमें खबरों के लिंक भी भेजे हैं।

9.6.22

सतीश पेडणेकरः स्मृति शेष - एक राष्ट्रवादी पत्रकार का यूं चले जाना!

  -निरंजन परिहार

 

आईएसआईएस की कुत्सित कामवृत्ति, दुर्दांत दानवी दीवानगी और बर्बर बंदिशों की बखिया उधेड़ता इस्लामिक स्टेट की असलियत से अंतर्मन को उद्वेलित कर देने वाला  लेखा-जोखा दुनिया के सामने रखनेवाले पत्रकार सतीश पेडणेकर संसार को सदा के लिए छोडकर निकल गए। तीन दशक तक जनसत्ता में रहे सतीशजी का अचानक चले जाना यूं तो कोई बहुत बड़ी खबर नहीं, लेकिन स्मृतियों की मीमांसा और मंजुषा कहे जाने वाले मनुष्य की मौत जब स्मृति के ही खो जाने से हो जाए, तो वह किसी खबर से भी बहुत ज्यादा बड़ी बात होती है। याददाश्त उनकी बहुत गजब थी, सदियों पुरानी विवेचना से लेकर दशकों पुराने विश्लेषण को वे पल भर में तथ्यों के साथ सामने रख देते थे। वही स्मृति आखिरी दिनों में दगा दे गई थी और 6 जून 2022 को ले गई सतीशजी को अपने साथ। लगभग तीन दशक तक वे जनसत्ता में रहे, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय ख्याति मिली उन्हें इस्लामिक आतंकवाद पर लिखी पुस्तक से।  सन 2017 में आई सतीश पेडणेकर की बहुचर्चित पुस्तक आइएसआइएस और इस्लाम में सिविल वार ने इस्लामिक कट्टरता की जिस तर्ज पर बखिया उधेड़ी, वह हिम्मत उनसे पहले और कोई नहीं कर सका। इसी पुस्तक ने सतीशजी को अपने साथ काम कर चुके कई स्वयंभू दिग्गजों व संपादकों से भी अचानक बहुत बड़ा बना दिया। राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रखर पत्रकार के रूप में सतीश पेडणेकर की छाप सबके दिलों पर अमिट है। ग्वालियर में जन्मे और दिल्ली में इस लोक से विदा हुए सतीश पेडणेकर को शुरुआत में नाम संघ परिवार के अखबार पांचजन्य से मिला और बाकी जिंदगी जनसत्ता में गुजारकर खुद भी गुजर गए। 


 

काफी दिलचस्प हो गया है आजगढ-रामपुर लोकसभा उप-चुनाव

अजय कुमार, लखनऊ

योगी, अखिलेश, माया और आजम की प्रतिष्ठा पर बड़ा दांव

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से चुनावी बयार बहने लगी है। राज्यसभा से लेकर विधान परिषद की रिक्त सीटों के लिए तो चुनाव हो ही रहा है,इसके अलावा आजम और अखिलेश यादव के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा पर भी चुनाव होना है। यह दोनों सीटें आजम और अखिलेश के हाल ही में सम्पन्न विधान सभा चुनाव में विधायक चुने के बाद खाली हुई हैं,विधान सभा का चुनाव जीतने के बाद दोनों नेताओं ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। दोनों सीटों पर होने वाले उप-चुनाव के नतीजों से केन्द्र की सियासत पर तो कोई बदलाव नजर नहीं आएगा,लेकिन जो भी दल यह चुनाव जीतेगा,उसके लिए यह जीत 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए बूस्टर डोज का काम करेगी। इसी लिए भाजपा और सपा ने दोनों ही सीटों पर पूरा दमखम लगा रखा है,वहीं बात बसपा और कांग्रेस की कि जाए तो बसपा ने आजम खान करीबी प्रत्याशी के समर्थन में रामपुर से अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है,जबकि कांग्रेस चुनाव लड़ ही नहीं रही है,जो चुनावी तस्वीर उभरती नजर आ रही है उसके अनुसार आजमगढ़ में बसपा, भाजपा-सपा प्रत्याशियों को कड़ी चुनौती देते नजर आ सकते हैं। वहीं रामपुर में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सीधी टक्कर होगी। कहने को तो यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से सिर्फ दो सीटों पर ही चुनाव हो रहे हैं,लेकिन इन चुनावों ने भी एक बार फिर तमाम सियासी दलों के नेताओं और राजनैतिक पंडितों के दिलों की धड़कने तेज कर दी हैं।खास बात यह है कि आजमगढ़ और रामपुर दोनों ही मुस्लिम बाहुल्य सीटे हैं,जिसका अक्सर फायदा समाजवादी पार्टी को ही मिलता है,लेकिन मायावती ने आजमगढ़ में मुस्लिम प्रत्याशी खड़ा करके चुनावी बिसात पर अपनी चाल चल दी है।