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14.7.20

दैनिक जागरण का प्रशांत मिश्र नामक पालतू गुलाम केवल कांग्रेस से ही सवाल करता है...

दैनिक जागरण में एक कथित रूप से बड़े पत्रकार हैं। नाम है प्रशांत मिश्र। दिल्ली में बैठकर लिखते पढ़ते हैं। उनकी समीक्षा पढ़ता रहता हूँ। वह पत्रकार कम मोदी के पालतू गुलाम ज्यादा नजर आते हैं। मेरी निगाह में वह पत्रकार तो कत्तई नहीं हैं। केवल और केवल गुलाम। दलाल। मालिक के सामने दुम हिलाकर वफादारी का संकेत देने वाला जानवर।

देश में बहुत सारे संकट हैं। उन संकटों पर इस व्यक्ति ने कभी कलम की स्याही खर्च नहीं की। सरकार भाजपा की है और यह मूढ़ व्यक्ति सवाल कॉंग्रेस से पूछता है। अक्ल मारी गई और गुलामी को "त्वरित टिप्पणी" का रूप देकर जग जाहिर करता है। ऐसे गुलामों की वजह से ही फील्ड में काम करने वाले पत्रकारों को गालियां मिलती हैं।

सुरेश मिश्र
औरैया
यूपी

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