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23.6.11

भगवान पर किसका काबू ........!

क्या भगवान परफेक्ट हैं .....!


कुछ दिनों से विचार चल रहा था कि ये संसार अपने आप बन गया क्या , या

इसका कोई बनाने वाला या वाले हैं .

पहले तो अपने आप की संभावना के बारे में कुछ मित्रों से चर्चा की.

तो आस्तिक मित्रों ने कहा कि पगला गए हो क्या , ये तो सब धर्मों में लिखा है कि उसे बनाने वाला कोई है

उस कोई का नाम ही गौड अल्लाह भगवान है

नास्तिक लोग कोई तार्किक उत्तर नहीं दे पाए , आखिर सर्वप्रथम जीवन की शुरुआत कैसे हुई, इसका जबाव ही नहीं है.

डार्विन बिचारे का बन्दर से बंदे का सिधान्त इंडिया के अलावा कहीं मान्य नहीं है .

फिर विकल्प ही क्या रहा .

चलो माना भगवान है ...! तब तो बाबा बरा ग्रेट है , क्या हर चीज सेट बनाई है , चाँद तारे सूरज , निश्चित गर्मी सर्दी , मनुष्य तो क्या एक एक पेर पोधा भी खूबसूरती कि मिसाल . बच्चे के आने के पहले उसके खाने का बंदोबस्त , हर चीज बाबा परफेक्ट बनाई है .

अगर कुछ कमी छोरी है तो मेरी किस्मत में. सबके साथ इन्साफ , मेरे साथ नाइंसाफी ,

क्या करूँ , जब भगवान ही नाइंसाफ हो जाये तो किसको रिपोर्ट करें . ये तो ऐसा ही हुआ कि चोर से ही कानून लिखवाया जाये. या सरकार से ही लोकपाल बिल बनवाया जाये. बरा धर्म संकट है बाबा .

अभी एक अंग्रेजी फिल्म देखि : आइस एज , उसमें डाइलोग था . why should i trust you ?

यदि पसंद आयी हो तो ,( भरास की स्पेस बचाने के लिए ) कहानी लिंक पर :