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22.12.11

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मैं आज घुट घुट के जी रही हूं मेरे कारण ही मेरे माता पिता का एक परिवार ने मजाक बना दिया। मेरी ही गलती है लेकिन मैं सबक सिखाना चाहती हूं..

मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा मुझे बुरा इस बात का नहीं है कि ये मेरे साथ हुआ मुझे बुरा इस बात का लगा कि मेरे माता पिता का मजाक बना। मैं नहीं चाहती कि ये वाकया और किसी लड़की के साथ हो।

दरअसल एक लड़के ने मुझे इतना विश्वास दिलाया कहा मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं। उसने अपने घर में बात भी की। मेरे पापा भी उनके घर मिलने गए तब लड़के के घर वालों ने यह कहा कि हां जब लड़का और लड़की एक दूसरे को पसंद करते हैं तो हम उनकी शादी कर देंगे। चाहे कुछ भी हो।

इधर लड़के के मामा मामी मेरी मां, और मुझसे मिलने आए उन्होंने यह कहा कि ये शादी नहीं हो सकती, लड़के के सबकुछ हम ही हैं और हम नहीं चाहते कि ये शादी हो। दरअसल मैं उस लड़के से उम्र में बड़ी हूं, दूसरी जात की हूं ये बात मैंने लड़के को कही भी थी. . एक बार नहीं कई बार लेकिन हर बार उसने कहा कि मैं तुम्हारा साथ दूंगा।

लेकिन जब समय आया और उसके मामा ने शादी ना करने की बात की तो उसने कहा मैं अपने घर में बात करूगा और सब ठीक कर दूंगा। लेकिन वो ठीक नहीं कर पाया साथ ही जब पापा दोबारा मिलने गए तो लड़के के पापा ने मेरे पापा को मना कर दिया कि यह शादी नहीं हो सकती। मेरा सवाल ये हैं कि पहले इस शादी के लिए हां कह कर उम्मीद क्यों जगाई।

जब मैं उसके साथ आगे आ चुकी हूं तो लड़के का कहना है कि तुम शादी के लिए मुझपर दबाव नहीं डाल सकती। मैं अपने घर वालों को फेस भी नहीं कर पा रही क्योंकि उन्होंने मेरा विश्वास किया और अपना मजाक बनवा लिया। और लड़के ने मेरा विश्वास तोड दिया। मैं बहुत परेशानी में हूं। मैं कभी भी उस लड़के से खुद आगे बढ़ कर नहीं कहा कि तुम प्लीज मुझसे शादी कर लो हर बार उस लड़के ने ही कहा। और जब मैने यह कहा कि ये समस्या आएगी जाति, उम्र की तो उसने कहा मैं सम्भाल लूंगा।

मुझे कुछ भी नहीं समझ आ रहा कि मैं आगे किस राह जाउं, क्या करूं बताएं... मैं क्या करूं कि कोई भी परिवार एक लड़की के परिवार का मजाक ना बना सके। खास तौर पर किसी की जिंदगी का कसूर मेरे बस इतना है कि मैने विश्वास किया... और लड़का डरपोक..... मेरा सवाल है अब उन उम्मीदों का क्या करूं मैने प्यार किया था मजाक नहीं...मैं निराश हो चुकी हूं...

4 comments:

sm said...

only 2 options
forget the boy or file a police complaint against the boy, if you will go to police be ready to face the society which will support the boy.
i will suggest forge the boy and move ahead.

babul said...

जी.... आपको पढ़ा। आपके और आपके परिवार के साथ जो छल किया गया वह वाकई में क्षमा के काबिल नहीं है। खैर आप निराशावादी विचार त्याग दें , और अपनी मदद खुद करें । जो हो गया उसे बुरे सपने की तरह भुला दें, आसां नहीं है लेकिन कोशिश तो करनी ही होगी? यकीन मानियेगा आपका भविष्य बेहतर होगा।
वैसे भी ईश्वर सदैव अच्छा करता है। क्षणिक वह हमें बुरा लगता है, लेकिन यह सुखद होता है भविष्य के लिये।
ईश्वर से आपके सुखद भविष्य का आकांक्षी।

रविकुमार बाबुल

HAMARI AAWAZ said...

KAHTE HAI ESHWER HI DUNIA ME JODIYAN BANATA HAI.HO SAKTA HAI ESHWER AISE BUJDIL KO AAPKA SAATHI NAA BANANA CHAHTA HO..DUNIA ME AUR BHI HONGE.ESSE BEHTAR AAPKO JIWAN SAATHI MILE.YEHI TO JIWAN HAI..AISE LOG AAP DUNIA ME AKELE NAHI HAI.KAYEE HAI.FIR
KOSHISH KER
HIMMAT NAA HAAR
MILEGI MANZIL
EK DIN YAAR....

HAMARI AAWAZ said...

KAHTE HAI ESHWER HI DUNIA ME JODIYAN BANATA HAI.HO SAKTA HAI ESHWER AISE BUJDIL KO AAPKA SAATHI NAA BANANA CHAHTA HO..DUNIA ME AUR BHI HONGE.ESSE BEHTAR AAPKO JIWAN SAATHI MILE.YEHI TO JIWAN HAI..AISE LOG AAP DUNIA ME AKELE NAHI HAI.KAYEE HAI.FIR
KOSHISH KER
HIMMAT NAA HAAR
MILEGI MANZIL
EK DIN YAAR....