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30.12.08

अमेरिका के सामने कब तक रोओगे ?

पैदा होने के चाँद महीने बाद बच्चा हाथ -पैर चलाना शुरू कर देता है । कुछ दिन बाद बैठना और फिर कुछ महीनो बाद चलना । जब वह २०- २२ साल हो जाने के बाद इतना परिपक्व हो जाता है, वो फैसले ख़ुद लेने लगता है, लेकिन यहाँ आजादी के इतने बरसो बाद भी हम अपने फैसले ख़ुद नही ले सकते । हमारे पास सबूत होने के बाद भी हम पकिस्तान के उपर करवाई नही कर सकते है । हमारे पास ढेर सारे सबूत होने के बाद भी हम पाकिस्तान पर कारवाई करने से एक बच्चे जैसे डर रहे है ,और अमेरिका की आखों में टकटकी लगाए देख रहे है ,और इस उम्मीद में है की अमेरिका हमारा पालन हार बनकर हमारी रक्षा करेगा ।आतंकी अजमल कसाब उसके मरे हुए साथीयों की लाशें , जो पाकिस्तानी नागरिक है । और साथ ही पाकिस्तानी चीजे और पाकिस्तानी हथियार । हमलो के दौरान फ़ोन काल्स के रिकॉर्ड ,फ़ोन सेट्स की लोकेशन और आतंकी द्बारा प्रयोग की गई बोट कुबेर । इन सब चीजों के बाद भी हम अमेरिका की तरफ़ उम्मीद लगा कर बैठे है । लेकिन अमेरिका भारत- पाकिस्तान को सिर्फ़ दिखवा शान्ति के रूप में देखना चाहता है । इसलिए अमेरिका की विदेश मंत्री कभी हर बार अलग बयान देती नज़र आती है। पाकिस्तान सिर्फ़ वक्त काट रहा है से कहा की वो अपने यहाँ आतंकवादियों ठेकानो बंद करेगा . साथी ही साथ की वो भारत द्वारा दी गई २० आतंकवादिओं की देगा ,जो पकिस्तान में बैठे है ।उसने कहा की अजहर मसूद को उसके घर में नजरबंद किया है ,लेकिन ये बात किसी के गले नही उतरती है ।लेकिन पाकिस्तान को भी पता ये सब चीजे भारत के नेता ख़ुद -ब - ख़ुद समय बीतने के साथ भूल जायेंगे । इसलिए वो भी अलग अलग तरीके के बयान दे रहे है ,कभी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री आसिफ अली जरदारी साहब कहते है जो भी जिम्मेदार तत्व होगे , उनके खिलाफ कारवाई की जायेगी , और दूसरी तरफ़ पकिस्तान के दुसरे मंत्री द्वारा ये कहा जाता है की वो लखी को भारत के सुरक्षा अधिकारीयों से पूछताछ नही करने देंगे ।

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