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26.5.08

कालिया अविनाश, ले पढ़ अपनी दास्तान....देवघर में किए कितने राक्षसी कुकृत्य !!!

यशवंत जी


कालिया जब देवघर में प्रभात खबर का संपादक था तो इसने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए अपनी बहन को एक स्कूल में, बाप को दूसरे स्कूल में और पत्नी को एक एनजीओ में रखवा दिया था। सब जगह से पैसे की कमाई होती थी।



देवघर में ही रहते हुए उसने (जबकि उसकी पत्नी साथ थीं) रांची प्रभात खबर की एक लड़की से प्यार का नाटक किया। उसके साथ प्रेम के नाम पर भावुक बातें करके उसकी मर्जी के बिना सेक्स (बलात्कार) किया। बाद में इस आरोप में वहा से उसे लतियाकर निकाला गया, केवल आठ महीनों में।


देवघर में रहते हुए इसने अपने साथी श्यामलाल के खिलाफ साजिश भी की। हार मानकर हरिवंश ने उसे नौकरी से निकाल दिया।


देवघर में ही अविनाश ने अपने मार्केटिंग विभाग में काम करने वाली एक शादीशुदा महिला के साथ पहले बलात्कार, फिर ब्लैकमेलिंग और बाद में लगातार सेक्स का खेल किया।

ऐसे एक दो नहीं, बल्कि दर्जनों किस्से अविनाश के बारे में देवघर के लोग खूब सुनाते हैं।


((उपरोक्त पोस्ट देवघर के एक साथी के आए ई-मेल, कमेंट और फोन पर हुई बातचीत पर आधारित है । उनका मेल अनाम नाम से कमेंट कालिया पर नीचे लिखी एक पोस्ट पर भी प्रकाशित हुई पड़ी है))



भड़ासी कमेंट....

वो छोटा शहर था, कस्बा था, दिल्ली आकर तुम देश के बुद्धिजीवियों के मसीहा बनने का नाटक कर रहे हो, यह सोचकर कि लोग सब भूल जाएंगे, पर ऐसा नहीं है, आज की दुनिया ग्लोबल दुनिया है, सूचनाएं अब हर क्षण हर जगह पहुंचती हैं। तुम सबको निगेट करके खुद को एकमात्र बौद्धिक शहंशाह और बादशाह बनने का जो नाटक खेल रहे हो, उसका पर्दाफाश अब जल्द होगा। बहुत जल्द तुम्हारे पापों को घड़ा वाकई में फूटने वाला है। अपने पापों के घड़े को फूटने का दिन तुम उंगलियों पर गिनते रहो।



अगर तुम्हें तनिक भी अपने किए पर शर्म है तो तुम ब्लागिंग और नौकरी छोड़कर, उन स्त्रियों-लड़कियों से जाकर माफी मांगो, जिनके साथ तुमने गलत काम किया जिससे तुम्हारा मुंह वाकई काला हो गया।




जय भड़ास
यशवंत

6 comments:

डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) said...

दादा,ई ससुर कलुआ के बहुतई किस्सा मसहूर है,ई सरऊ तो मुंबई में अपना मोहल्ला सजाना चाहिये और नाम होना चाहिये "कमाठीपुरा नं.२"....

हिज(ड़ा) हाईनेस मनीषा said...

अरे भाई अब जिन्हें नहीं पता कि कमाठीपुरा नामक मोहल्ला क्या और कहां है तो वो आपके इस कमेंट को समझ ही न पाएंगे। ये वो मोहल्ला है जिसपर बहुत से मुंबई वालों(जैसे राज ठाकरे,बाल ठाकरे आदि) को बहुत गर्व है,ये है एशिया का सबसे बड़ा मुंबई स्थित वेश्याबाजार और यहीं होना चाहिये अविनाश को आवाज लगाते हुए उसके मोहल्ले में.....

Anonymous said...

avinash ki wife mukta ke kisse bhi kuch kam nahi hain. avinash se pyar aur shadi ke pahle uske kisse-kisse sambandh rahe hain, mukta se puchhiye. esi taraH kalia se pucho ki ye anupama kaun hai.

Anonymous said...

avinash se pucho anupama kaun hai aor uski patni se mukta se pucho patna me uske kitne yaar rahe. jyada jankari shyamal se lo. unka number hai-09450955978. shyamal abhi jagran banaras me city incharge hain.

Anonymous said...

अविनाश के बारे में कुछ और जानकारी-चंद्रशेखर की 75वीं सालगिरह पर निकल रही किताबों के प्रकाशन के सिलसिले में अविनाश दिल्ली पहली बार आया। इस प्रोजेक्ट में हेरफेर किया तो नौकरी से निकाला गया। बाद में अनुपम मिश्र की सिफारिश से पानी वाले राजेंद्र जी के पास अलवर में प्रकाशन कार्य देखने की नौकरी मिली। वहां भी हेराफेरी से बाज नहीं आया। इसकी जानकारी दोनों जगहों से पाई जा सकती है।

रजनीश के झा said...

दादा,
जिस दोजख के कुत्ते को अपनी बहु-बेटी, माँ-बाप की इज्ज़त से कोई सरोकार नहीं उसके बारे में क्या कहना, अपनी करनी से ये कमाठीपुरा वालों के दलाल बनने लायक भी नहीं रहे हैं. देखते हैं एन. डी. टी. वी. की दलाली कब तक कर पाते हैं.
जय जय भडास