अगर कोई बात गले में अटक गई हो तो उगल दीजिये, मन हल्का हो जाएगा...
काश ! सभी भेड़ बकरियों की तरह ही निरीह होते । आपस में दौड़ नही होती । कोई किसी को नही मारता । कोई किसी को कुचलता नही । सोचो ! कितना अच्छा होता ।
Sapne dekhna buri baat nahin hai...SKGSD>>>
Post a Comment
Bhadas4media
Enter your email address:
Delivered by FeedBurner
1 comment:
Sapne dekhna buri baat nahin hai...
SKGSD>>>
Post a Comment