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28.2.08

लड़की का नाम रुचिका, लड़के का नाम नासिर....संदर्भ वो पतिता फिर भाग गई ...पार्ट टू

पिछले दिनों पतिता सीरिज में दो पार्ट में मैंने दो स्त्रियों की सच्ची कहानी लिखी, दूसरी कहानी मेरठ के जिस लड़की की थी, जिसने एक मुस्लिम लड़के से प्रेम विवाह किया था और घर से भाग गई थी.......लंबी कहानी, उसका इंटरव्यू दैनिक जागरण मेरठ संस्करण में प्रकाशित किया था उस वक्त। उस बारे में मेरे अनन्य मित्र और दैनिक जागरण मेरठ की शोध व लाइब्रेरी टीम के इंचार्ज राकेश जुयाल ने मुझे मेल से जानकारी दी कि उस लड़की का नाम रुचिका था, और वो लड़का नासिर नाम का था। बाद में हाईकोर्ट ने उन दोनों को एक साथ रहने व समाज के ठेकेदारों को उनकी जिंदगी से दूर रहने का निर्णय सुनाया था।

साथी राकेश जुयाल का दिल से आभार जो उन्होंने यह महत्वपूर्ण तथ्य मेल के जरिए मुझे भेजा। मैं उनके पत्र को यहां हू ब हू प्रकाशित कर रहा हूं ताकि जिन लोगों ने उस स्टोरी को पढ़ी होगी, वे ये तथ्य भी जान लें। जिन लोगों ने वो स्टोरी नहीं पढ़ी होगी वो.....वो पतिता फिर भाग गई...पार्ट टू....शीर्षक से पिछले दिनों भड़ास में प्रकाशित पोस्ट जरूर पढ़ें।
जय भड़ास
यशवंत
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RJuyal to me
show details 23 Feb (5 days ago)

यशवंत जी वो लड़की रुचिका जिसे आपने क्फ्.फ्.भ् को पहले पेज पर बाई लाइन अपने नाम से छापा था ,दुविधा के दोराहे पर खड़ी हुई जिंदगानी , शीर्षक से प्रकाशित किया था । ख्फ् मई को रुचिका फिर नासिर के साथ भाग गई
ख्� मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट की हां के बाद चले महानगर के प्रेम दीवाने
जाति-धर्म से ऊपर प्रेम की जीत हुई जिसे कोर्ट ने भी स्वीकार किया ।

राकेश जुयाल


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1 comment:

Unknown said...

आबाद रहे रुचिका और नासिर की मोहब्बत।